पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने SBI के सहयोग से 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सहायता शिविर आयोजित किया। यह राष्ट्रव्यापी DLC अभियान 5 का हिस्सा है। अभियान में दो करोड़ से अधिक प्रमाणपत्रों का लक्ष्य रखा गया है और SBI 115 शहरों में विशेष शिविर चला रहा है।

मुख्य तथ्य एक नज़र में

DLC Digital Life Certificate
प्रमुख विभाग DoPPW
डिजिटल सेवा Jeevan Pramaan
सत्यापन का विकल्प स्मार्टफोन आधारित फेस ऑथेंटिकेशन
पेंशन भुगतान आदेश PPO

अभियान में क्या नया है?

  • NDCC Convention Centre में हुए शिविर में तकनीक के माध्यम से पेंशनरों की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया गया। फेस ऑथेंटिकेशन से उपयुक्त स्मार्टफोन पर प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा बुजुर्गों की शाखा तक बार-बार यात्रा की जरूरत कम करने में मदद कर सकती है।
  • इस समाचार को सरकारी सेवा वितरण और डिजिटल समावेशन से जोड़कर पढ़ें। केवल ऐप उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं; उसका उपयोग समझाने वाले सहायता केंद्र भी महत्वपूर्ण हैं। इससे तकनीक और मानवीय सहायता की संयुक्त भूमिका का अच्छा उदाहरण मिलता है।

Static GK: जीवन प्रमाण कैसे काम करता है?

  • आधिकारिक पोर्टल के अनुसार जीवन प्रमाण पेंशनरों के लिए बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है। पहचान सत्यापन सफल होने पर जीवन प्रमाणपत्र तैयार होकर डिजिटल भंडार में उपलब्ध होता है। संबंधित पेंशन वितरण संस्था इसे ऑनलाइन प्राप्त कर सकती है।
  • प्रक्रिया में पेंशन संबंधी विवरण, Pension Payment Order और पहचान संबंधी जानकारी की जरूरत होती है। प्रमाणपत्र तैयार होने पर प्राप्त पहचान संख्या को सुरक्षित रखना उपयोगी है। जीवन प्रमाणपत्र का उद्देश्य जीवित होने का प्रमाण देना है; यह नई पेंशन मंजूरी का आवेदन नहीं है।

फेस ऑथेंटिकेशन के लिए क्या चाहिए?

  • आधिकारिक डाउनलोड पृष्ठ में Android और iOS के लिए Jeevan Pramaan तथा AadhaarFaceRd ऐप का उल्लेख है। फेस ऑथेंटिकेशन में मोबाइल कैमरा इस्तेमाल होता है, इसलिए इसके लिए अलग फिंगरप्रिंट उपकरण आवश्यक नहीं है। Windows आधारित विकल्प की उपकरण जरूरतें अलग हो सकती हैं।
  • फोन की समर्थित प्रणाली और नवीनतम ऐप निर्देश आधिकारिक डाउनलोड पृष्ठ पर जाँचें। नाम, पेंशन प्राधिकरण या PPO जैसी जानकारी में गलती हो तो सहायता केंद्र या संबंधित भुगतान संस्था से सुधार की प्रक्रिया समझें। अपने प्रमाणपत्र की स्थिति देखना केवल प्रक्रिया शुरू करने से अलग कदम है।

परीक्षा में किन अवधारणाओं पर ध्यान दें?

  • डिजिटल समावेशन का प्रश्न केवल इंटरनेट की उपलब्धता तक सीमित नहीं होता। उदाहरण के लिए, किसी बुजुर्ग को सेवा उपलब्ध होने के बावजूद भाषा या प्रक्रिया में सहायता की जरूरत हो सकती है। इस स्थिति में शिविर और शाखा सहायता सेवा तक वास्तविक पहुँच बढ़ाने का माध्यम बनते हैं।
  • तैयारी के लिए सेवा का नाम, विभाग और तकनीक का मिलान करें। “बायोमेट्रिक पहचान”, “डिजिटल प्रमाणपत्र” और “पेंशन भुगतान” अलग चरण हैं; इन्हें एक ही कार्रवाई मानने से तथ्यात्मक भ्रम हो सकता है।

परीक्षा उपयोगी बिंदु

  • Jeevan Pramaan: पेंशनरों की डिजिटल जीवन प्रमाण सेवा।
  • PPO: Pension Payment Order।
  • फेस ऑथेंटिकेशन: मोबाइल कैमरे से पहचान सत्यापन।
  • परीक्षा विषय: ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन।

आधिकारिक स्रोत

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