तथ्य-जाँच: 21 अक्टूबर 2026 | विषय: करेंट अफेयर्स
WWF-India EIACP ने 20 अक्टूबर से 8 नवंबर 2026 तक देशव्यापी Green Diwali Campaign शुरू किया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 20 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार अभियान नागरिकों को पटाखों से परहेज करके स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाने के लिए प्रेरित करता है।
अभियान स्कूलों, कॉलेजों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों, आवासीय कल्याण संघों और स्थानीय समुदायों तक पहुँचेगा। विशेष ध्यान National Clean Air Programme—NCAP के अंतर्गत बताए गए 130 शहरों पर है। यह संख्या इस अभियान की विज्ञप्ति के संदर्भ में है।
अभियान में किन आदतों पर जोर है?
नागरिकों से ग्रीन दिवाली संकल्प लेने, परिवार और पड़ोस को प्रेरित करने, दीयों एवं ऊर्जा दक्ष रोशनी का उपयोग करने, एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने, कचरा अलग करने और स्थानीय उत्पाद चुनने का आग्रह है। समुदाय स्तर पर सभा, कक्षा और अन्य गतिविधियों के माध्यम से भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है।
यह खबर केवल त्योहार की सजावट से संबंधित नहीं है। इसमें उपभोग के तरीके, ऊर्जा उपयोग और कचरा प्रबंधन को रोजमर्रा के निर्णयों से जोड़ा गया है। उदाहरण के लिए, सजावट का सामान कई वर्षों तक उपयोग करने और उसे एक बार इस्तेमाल करके फेंक देने के बीच संसाधन उपयोग का अंतर होता है।
Mission LiFE क्या है?
LiFE का पूरा नाम Lifestyle for Environment है। इसका विचार व्यक्तिगत और सामुदायिक व्यवहार को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ता है। आधिकारिक ढाँचे में तीन चरण हैं: मांग में बदलाव, आपूर्ति में बदलाव और नीति में बदलाव। जब उपभोक्ता टिकाऊ विकल्प मांगते हैं तो बाजार और व्यापक नीतियों में बदलाव की दिशा बन सकती है।
Mission LiFE की पुस्तिका सात विषयों के अंतर्गत 75 प्रमुख कार्यों का उल्लेख करती है। ऊर्जा और पानी बचाना, एकल उपयोग प्लास्टिक से बचना, ई-कचरा तथा सामान्य कचरा घटाना, टिकाऊ खाद्य प्रणालियाँ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना इनमें शामिल हैं। ग्रीन दिवाली को इन्हीं व्यवहारों का त्योहार से जुड़ा उदाहरण माना जा सकता है।
तथ्य तालिका
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| अभियान अवधि | 20 अक्टूबर–8 नवंबर 2026 |
| आयोजक इकाई | WWF-India EIACP |
| मुख्य संदेश | पटाखों से परहेज और स्वच्छ उत्सव |
| संबंधित विचार | Mission LiFE |
| LiFE के विषय | 7 |
| LiFE की प्रमुख कार्रवाइयाँ | 75 |
EIACP और जनभागीदारी
EIACP का विस्तार Environmental Information, Awareness, Capacity Building and Livelihood Programme है। पर्यावरण संबंधी जानकारी और जागरूकता को लोगों तक पहुँचाना इसके नाम और कार्यक्षेत्र का मुख्य हिस्सा है। किसी अभियान में छात्र और स्थानीय समूह जानकारी को घरों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एक शैक्षणिक गतिविधि के रूप में विद्यार्थी त्योहार से पहले और बाद में इस्तेमाल हुई सामग्री की सूची बना सकते हैं। कितनी वस्तुएँ दोबारा इस्तेमाल होंगी और कितना कचरा अलग किया गया, ऐसे प्रश्न व्यवहार में बदलाव समझने में मदद करते हैं। यह सुझाव शिक्षण के लिए है; इसे अभियान में अनिवार्य सरकारी शर्त नहीं समझें।
परीक्षा में खबर का उपयोग
तैयारी में जनभागीदारी, टिकाऊ उपभोग और पर्यावरण शिक्षा पर ध्यान दें। अभियान की घोषणा को किसी देशव्यापी कानूनी प्रतिबंध के बराबर न लिखें। खबर का मूल बिंदु जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन है।
आधिकारिक एवं प्राथमिक स्रोत
PIB: Green Diwali अभियान, 20 अक्टूबर 2026
पर्यावरण मंत्रालय: Mission LiFE