राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के 6 अक्टूबर 2026 के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव के पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। संबंधित कार्यक्रम में मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दिया गया है। यह लेख चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देता है; इसमें मतदान प्रतिशत अथवा परिणाम की घोषणा नहीं की गई है।
स्थानीय निकाय चुनाव की खबर पढ़ते समय पद और चुनाव चरण दोनों देखना जरूरी है। जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के मतदान की तारीखों को पंच और सरपंच के मतदान की तारीखों के साथ नहीं मिलाना चाहिए। आयोग के आदेश में इन प्रक्रियाओं की अलग-अलग पंक्तियाँ दी गई हैं।
संशोधित कार्यक्रम में क्या दिया गया है?
आदेश संख्या 10090 में पहले घोषित कार्यक्रम के संदर्भ में संशोधन किया गया है। नीचे की तालिका संबंधित आदेश में दिए शुरुआती तीन चरणों की तुलना प्रस्तुत करती है। किसी विशेष ग्राम पंचायत में लागू चरण और मतदान केंद्र की जानकारी के लिए आयोग तथा संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय की सूचना देखनी चाहिए।
| प्रक्रिया | प्रथम चरण | द्वितीय चरण | तृतीय चरण |
|---|---|---|---|
| जिला परिषद/पंचायत समिति मतदान | 22 अक्टूबर | 28 अक्टूबर | 3 नवंबर |
| पंच/सरपंच नामांकन | 23 अक्टूबर | 29 अक्टूबर | 4 नवंबर |
| पंच/सरपंच मतदान | 24 अक्टूबर | 30 अक्टूबर | 5 नवंबर |
तालिका की सभी तारीखें 2026 की हैं। यह पूरे राज्य के प्रत्येक क्षेत्र का अलग विवरण अथवा अंतिम परिणाम सूची नहीं है। आगे कोई संशोधन जारी होने पर नवीनतम आधिकारिक आदेश लागू होगा। मतदान, नामांकन और मतगणना अलग प्रक्रियाएँ हैं; एक की तारीख को दूसरे की तारीख समझना गलत होगा।
पंचायती राज की तीन स्तरीय व्यवस्था
पंचायती राज ग्रामीण स्थानीय स्वशासन का ढाँचा है। राजस्थान में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्रमशः ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर से संबंधित संस्थाएँ हैं। इनका अध्ययन लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के उदाहरण के रूप में किया जाता है। स्थानीय स्तर की भागीदारी का उद्देश्य लोगों के निकट निर्णय और विकास संबंधी संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
ग्राम सभा और ग्राम पंचायत समान शब्द नहीं हैं। ग्राम सभा संबंधित ग्राम क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तियों का निकाय है, जबकि ग्राम पंचायत निर्वाचित स्थानीय संस्था है। इसलिए परीक्षा में ग्राम सभा की सदस्यता और पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों के बारे में पूछे गए प्रश्न अलग ढंग से हल करने चाहिए।
73वाँ संशोधन और राज्य निर्वाचन आयोग
73वें संविधान संशोधन से संविधान में पंचायतों से संबंधित भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय हैं। अनुच्छेद 243K पंचायत चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के लिए राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक आधार है। राजस्थान में आयोग का गठन जुलाई 1994 में हुआ था।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
समाचार को तीन जोड़ों में याद करें: पंचायत चुनाव—राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायतों का संवैधानिक ढाँचा—73वाँ संशोधन, और पंचायत संबंधी अनुसूची—ग्यारहवीं अनुसूची। स्थानीय चुनाव का कार्यक्रम प्रशासनिक आदेश से आता है, जबकि संस्था का आधार संविधान में मिलता है। यह अंतर राजस्थान सामान्य ज्ञान और भारतीय राजव्यवस्था दोनों के प्रश्नों में उपयोगी है।