31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती है। प्रधानमंत्री कार्यालय की 29 अक्टूबर की सूचना के अनुसार गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री की भागीदारी निर्धारित है। इस वर्ष समारोह की व्यापक थीम “वंदे मातरम्” रखी गई है। 30 अक्टूबर की सुबह तक यह घोषित कार्यक्रम है; समारोह अभी संपन्न नहीं हुआ है।

मुख्य तथ्य एक नज़र में

दिवस राष्ट्रीय एकता दिवस — Rashtriya Ekta Diwas
वार्षिक तारीख 31 अक्टूबर
पहला आयोजन 2014
2026 का संदर्भ सरदार पटेल की 151वीं जयंती
प्रमुख कार्यक्रम स्थल एकता नगर, गुजरात

2026 के कार्यक्रम में क्या प्रस्तावित है?

PMO के कार्यक्रम में 31 अक्टूबर को Statue of Unity पर पुष्पांजलि और एकता दिवस समारोह का उल्लेख है। परेड में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों की उपलब्धियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। 30 अक्टूबर को भारत पर्व और एकता प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रम भी निर्धारित हैं। घोषित समय-सारणी को आयोजन संपन्न होने की रिपोर्ट से अलग पढ़ना चाहिए।

राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत सरकार ने 2014 में सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। सरकारी घोषणा में एकता की शपथ और जनभागीदारी वाली गतिविधियों का महत्व भी सामने आता है। यह दिवस केवल किसी व्यक्ति का जीवन परिचय याद करने तक सीमित नहीं है; इसका संबंध नागरिक जिम्मेदारी से भी है।

सरदार पटेल: Static GK

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। स्वतंत्र भारत में उन्होंने प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। स्वतंत्रता के समय देशी रियासतों के राजनीतिक एकीकरण में उनकी केंद्रीय भूमिका रही। इसी संदर्भ में उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है।

परीक्षा में स्वतंत्रता प्राप्ति और उसके बाद राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अंतर समझना उपयोगी है। आजादी ने औपनिवेशिक शासन समाप्त किया, जबकि एकीकरण का उद्देश्य विविध प्रशासनिक इकाइयों को एक राजनीतिक व्यवस्था में जोड़ना था। इस प्रक्रिया में संवाद, प्रशासनिक निर्णय और साझा संवैधानिक भविष्य महत्वपूर्ण थे।

एकता और विविधता का संबंध

राष्ट्रीय एकता का अर्थ सभी भाषाओं, संस्कृतियों या स्थानीय परंपराओं का एक जैसा होना नहीं है। नागरिकों के समान अधिकार, परस्पर सम्मान और साझा संस्थाओं में विश्वास विविधता के बीच सहयोग का आधार बन सकते हैं। विद्यालय में विभिन्न पृष्ठभूमियों के विद्यार्थियों का साथ काम करना इसका सरल उदाहरण है। निबंध या मुख्य परीक्षा के उत्तर में इस विचार को संघवाद और नागरिक कर्तव्यों से जोड़ सकते हैं।

151वीं जयंती की गणना

जन्म वर्ष 1875 को वर्ष 2026 से घटाने पर 151 प्राप्त होता है। इसलिए 2026 को 150वीं जयंती लिखना गलत होगा। तारीख, जन्म वर्ष, पहला एकता दिवस और पद—इन चार तथ्यों की छोटी तालिका बनाना पुनरावृत्ति में उपयोगी है। समारोह के परिणाम या उपस्थित लोगों की संख्या तभी जोड़ें जब आयोजन के बाद आधिकारिक विवरण उपलब्ध हो।

परीक्षा उपयोगी बिंदु

  • एकता दिवस: 31 अक्टूबर।
  • आरंभ: 2014।
  • 2026 − 1875 = 151 वर्ष।

आधिकारिक स्रोत

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