CEA ने विद्युत क्षेत्र हेतु साइबर सुरक्षा नियम अधिसूचित किए
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 16 अगस्त 2026
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (Central Electricity Authority – CEA) ने विद्युत अधिनियम, 2003 के अंतर्गत "केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा) विनियम, 2026" अधिसूचित किए हैं। ये विनियम भारतीय विद्युत क्षेत्र के लिए अनिवार्य साइबर सुरक्षा मानक स्थापित करते हैं तथा इनकी सामान्य प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2027 निर्धारित की गई है।
ये विनियम 50 मेगावाट या उससे अधिक स्थापित क्षमता वाली उत्पादन कंपनियों, कैप्टिव उत्पादन संयंत्रों एवं ऊर्जा भंडारण प्रणाली इकाइयों पर लागू होते हैं। इसके अतिरिक्त, बिजली के व्यापार हेतु उपयोग किए जाने वाले पावर एक्सचेंज एवं ओवर-द-काउंटर (OTC) प्लेटफॉर्म भी इनके दायरे में आते हैं। यह ढांचा स्वैच्छिक परामर्श-आधारित अनुपालन को एक सांविधिक साइबर सुरक्षा प्रशासन प्रणाली से प्रतिस्थापित करता है।
इन विनियमों के अंतर्गत विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा समन्वय हेतु "कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम – पावर" (CSIRT-Power) को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। CSIRT-Power की स्थापना अप्रैल 2023 में हुई थी। विद्युत क्षेत्र की इकाइयों को सामान्य साइबर सुरक्षा घटनाओं की सूचना पहचान के 6 घंटे के भीतर CSIRT-Power एवं CERT-In दोनों को देनी होगी, जबकि महत्वपूर्ण प्रणालियों की साइबर तोड़फोड़ (cyber sabotage) की सूचना 24 घंटे के भीतर देनी होगी।
विनियम, ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) प्रणालियों को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) प्रणालियों एवं इंटरनेट से कठोर तार्किक या भौतिक पृथक्करण की अनिवार्यता तय करते हैं। साथ ही, संवेदनशील परिचालन एवं ऐतिहासिक डेटा को एन्क्रिप्टेड एवं सुरक्षित वातावरण में पूर्णतः भारत के भीतर ही संग्रहीत करना आवश्यक है — यही शर्त डेटा संभालने वाले तृतीय-पक्ष क्लाउड सेवा प्रदाताओं पर भी लागू होती है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
- ◆ जारीकर्ता: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA); मूल कानून – विद्युत अधिनियम, 2003।
- ◆ विनियम: विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा विनियम, 2026; प्रभावी तिथि – 1 अप्रैल 2027।
- ◆ लागू: 50 मेगावाट+ इकाइयाँ, पावर एक्सचेंज एवं OTC ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म।
- ◆ नोडल एजेंसी: CSIRT-Power (स्थापना अप्रैल 2023)।
- ◆ घटना रिपोर्टिंग: सामान्य – 6 घंटे; साइबर तोड़फोड़ – 24 घंटे (CSIRT-Power व CERT-In को)।
- ◆ अनिवार्यता: OT-IT पृथक्करण एवं डेटा का भारत में ही (data residency) संग्रहण।
- ◆ CERT-In: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत राष्ट्रीय नोडल एजेंसी।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
मध्यम स्तर
प्रश्न 1. विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा विनियम, 2026 किस संस्था ने अधिसूचित किए?
(A) CERT-In (B) CEA (C) SEBI (D) TRAI
उत्तर देखें
(B) CEA
मध्यम स्तर
प्रश्न 2. ये विनियम किस मूल कानून के अंतर्गत जारी किए गए?
(A) IT अधिनियम, 2000 (B) विद्युत अधिनियम, 2003 (C) ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 (D) MMDR अधिनियम, 1957
उत्तर देखें
(B) विद्युत अधिनियम, 2003
मध्यम स्तर
प्रश्न 3. विनियमों की सामान्य प्रभावी तिथि क्या है?
(A) 1 अप्रैल 2026 (B) 1 जनवरी 2027 (C) 1 अप्रैल 2027 (D) 1 जुलाई 2027
उत्तर देखें
(C) 1 अप्रैल 2027
मध्यम स्तर
प्रश्न 4. विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा समन्वय हेतु नोडल एजेंसी कौन-सी है?
(A) CERT-In (B) NCIIPC (C) CSIRT-Power (D) CEA
उत्तर देखें
(C) CSIRT-Power
मध्यम स्तर
प्रश्न 5. सामान्य साइबर घटना की सूचना कितने घंटे में देनी होगी?
(A) 3 घंटे (B) 6 घंटे (C) 12 घंटे (D) 24 घंटे
उत्तर देखें
(B) 6 घंटे
मध्यम स्तर
प्रश्न 6. ये विनियम कितनी स्थापित क्षमता वाली इकाइयों पर लागू होते हैं?
(A) 10 मेगावाट+ (B) 25 मेगावाट+ (C) 50 मेगावाट+ (D) 100 मेगावाट+
उत्तर देखें
(C) 50 मेगावाट+
मध्यम स्तर
प्रश्न 7. CSIRT-Power की स्थापना कब हुई?
(A) अप्रैल 2021 (B) अप्रैल 2022 (C) अप्रैल 2023 (D) अप्रैल 2024
उत्तर देखें
(C) अप्रैल 2023
UPSC/RPSC
प्रश्न 8. OT (ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) प्रणाली मुख्यतः किसका नियंत्रण करती है?
(A) डेटा प्रोसेसिंग एवं व्यवसाय कार्य (B) भौतिक अवसंरचना एवं औद्योगिक प्रक्रियाएँ (C) केवल ईमेल सेवाएँ (D) वेब होस्टिंग
उत्तर देखें
(B) भौतिक अवसंरचना एवं औद्योगिक प्रक्रियाएँ
UPSC/RPSC
प्रश्न 9. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: (1) संवेदनशील परिचालन डेटा भारत के भीतर ही संग्रहीत करना अनिवार्य है। (2) यह शर्त तृतीय-पक्ष क्लाउड प्रदाताओं पर भी लागू होती है। सही कथन है/हैं:
(A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
(C) 1 और 2 दोनों
UPSC/RPSC
प्रश्न 10. CERT-In किस अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है?
(A) विद्युत अधिनियम, 2003 (B) IT अधिनियम, 2000 (C) दूरसंचार अधिनियम, 2023 (D) DPDP अधिनियम, 2023
उत्तर देखें
(B) IT अधिनियम, 2000
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रारंभिक परीक्षा: CEA, CSIRT-Power, CERT-In, विद्युत अधिनियम 2003, OT बनाम IT।
- ➜ मुख्य परीक्षा GS-III: महत्वपूर्ण अवसंरचना संरक्षण, साइबर सुरक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा।
- ➜ विज्ञान एवं तकनीक: पावर ग्रिड साइबर सुरक्षा, डेटा लोकलाइजेशन एवं घटना रिपोर्टिंग।
- ➜ आंतरिक सुरक्षा: क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले एवं संस्थागत प्रतिक्रिया तंत्र।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
भारत में विद्युत ग्रिड जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना पर बढ़ते साइबर खतरों के आलोक में, विद्युत क्षेत्र साइबर सुरक्षा विनियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों एवं CSIRT-Power व CERT-In की भूमिका की समीक्षा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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