सुजस ई-बुलेटिन 20 अक्टूबर 2026 — राजस्थान करंट अफेयर्स। आज के अंक का प्रमुख परीक्षा उपयोगी विषय पीएम विश्वकर्मा योजना में राजस्थान की प्रगति है। नीचे पंजीकरण, प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और राष्ट्रीय लक्ष्य को पाँच अलग खंडों में समझाया गया है। सभी आँकड़ों को बुलेटिन में दिए समय-संदर्भ के साथ पढ़ें। यह विस्तृत सार RAS, RPSC, RSSB और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया है। प्रमुख खबरें पढ़कर अंत में 10 अभ्यास प्रश्न हल करें। हर प्रश्न के SHOW ANSWER में सही उत्तर और व्याख्या देखें।

1️⃣ पीएम विश्वकर्मा: पंजीकरण में राजस्थान का चौथा स्थान

मुख्य बात: पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत राजस्थान में 2 लाख 30 हजार से अधिक कारीगरों के पंजीकरण और इस श्रेणी में देश में चौथे स्थान का उल्लेख है।

➤ योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़कर आर्थिक सशक्तीकरण करना बताया गया है।

➤ बुलेटिन ने पंजीकरण, प्रशिक्षण और ऋण स्वीकृति को अलग उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया है। इसलिए 2.30 लाख से अधिक पंजीकरण को प्रशिक्षण पूरा कर चुके लाभार्थियों या ऋण प्राप्तकर्ताओं की संख्या न समझें।

➤ परीक्षा संबंध: राज्य—राजस्थान; योजना—पीएम विश्वकर्मा; पंजीकरण—2.30 लाख से अधिक; स्थान—चौथा। रैंकिंग का आधार पंजीकरण है, न कि सभी संकेतकों का संयुक्त मूल्यांकन।

स्रोत: सुजस 20 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 2

2️⃣ बेसिक प्रशिक्षण: 2,22,473 लाभार्थियों ने किया पूरा

मुख्य बात: राजस्थान में योजना के तहत 2 लाख 22 हजार 473 लाभार्थियों का बेसिक प्रशिक्षण पूरा होने की जानकारी दी गई है।

➤ प्रशिक्षण में पारंपरिक कौशल को निखारने, आधुनिक उपकरणों का उपयोग सीखने, कार्य की गुणवत्ता सुधारने और उद्यमशीलता की समझ विकसित करने पर जोर है। योजना में बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण का संदर्भ दिया गया है।

➤ राज्य में बढ़ई श्रेणी में 45,958 तथा राजमिस्त्री श्रेणी में 38,450 कारीगरों के पंजीकरण बताए गए हैं। ये व्यवसायवार पंजीकरण हैं; इन्हें उसी व्यवसाय में प्रशिक्षण पूरा करने वालों की संख्या न मानें।

➤ परीक्षा संबंध: 2,22,473 संख्या बेसिक प्रशिक्षण पूर्ण करने वालों की है। बढ़ई और राजमिस्त्री की संख्याओं को व्यवसायवार पंजीकरण के संदर्भ में पढ़ना आवश्यक है।

स्रोत: सुजस 20 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 2

3️⃣ टूलकिट सहायता: 2,17,084 ई-वाउचर जारी

मुख्य बात: राजस्थान में पात्र कारीगरों को टूलकिट सहायता उपलब्ध कराने के लिए 2 लाख 17 हजार 84 ई-वाउचर जारी किए जाने की जानकारी है।

➤ बुलेटिन में टूलकिट के लिए 15 हजार रुपये तक सहायता का प्रावधान बताया गया है। टूलकिट सहायता का उद्देश्य आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और काम की गुणवत्ता बेहतर करना है।

➤ आधुनिक उपकरणों की खरीद को कार्यकुशलता और उद्यम विस्तार से जोड़ा गया है। ई-वाउचर जारी होने का आँकड़ा एक प्रशासनिक उपलब्धि है; इसे सभी वाउचर खर्च हो जाने की पुष्टि न समझें।

➤ परीक्षा संबंध: राज्य के ई-वाउचर 2,17,084; सहायता सीमा 15,000 रुपये तक। टूलकिट सहायता और उद्यम ऋण अलग सहायता रूप हैं, इसलिए उनकी रकम और संख्या अलग रखें।

स्रोत: सुजस 20 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 2

4️⃣ वित्तीय सहायता: 62 हजार से अधिक ऋण स्वीकृत

मुख्य बात: पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत राजस्थान में 62 हजार से अधिक ऋण स्वीकृत किए जाने का उल्लेख है।

➤ पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 3 लाख रुपये तक ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। बुलेटिन में ऋण सुविधा को पारंपरिक व्यवसाय मजबूत करने और आगे बढ़ाने से जोड़ा गया है।

➤ ऋण का आँकड़ा “स्वीकृत” है। इसे सभी मामलों में ऋण की पूरी राशि वितरित होने या प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 3 लाख रुपये मिल जाने के अर्थ में न पढ़ें।

➤ परीक्षा संबंध: 62 हजार से अधिक—राजस्थान में स्वीकृत ऋण; 3 लाख रुपये तक—अधिकतम उल्लिखित ऋण सीमा; 15 हजार रुपये तक—अलग टूलकिट सहायता।

स्रोत: सुजस 20 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 2

5️⃣ राष्ट्रीय लक्ष्य: 2028 के 30 लाख पंजीकरण समय से पहले

मुख्य बात: देशभर में वर्ष 2028 तक 30 लाख कारीगरों और शिल्पकारों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले प्राप्त होने की जानकारी दी गई है।

➤ 30 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर 30 लाख 3 हजार 925 पंजीकरण बताए गए। इनमें 24.39 लाख से अधिक कारीगरों का बेसिक प्रशिक्षण पूरा होने का उल्लेख है।

➤ देशभर में लगभग 5 हजार 350 करोड़ रुपये के 6.23 लाख से अधिक ऋण स्वीकृत तथा 26.17 लाख से अधिक टूलकिट ई-वाउचर जारी बताए गए हैं। राष्ट्रीय आँकड़ों को राजस्थान के आँकड़ों से अलग रखें।

➤ बुलेटिन में आईआईटी भुवनेश्वर के समवर्ती मूल्यांकन के अनुसार सर्वे में शामिल लाभार्थियों में 93 प्रतिशत की आय में प्रशिक्षण के बाद उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख है। यह सर्वे में शामिल लाभार्थियों का परिणाम है; हर लाभार्थी की आय निश्चित रूप से बढ़ने की गारंटी नहीं।

स्रोत: सुजस 20 अक्टूबर 2026, पृष्ठ 2

📝 अभ्यास प्रश्न: 10 MCQ (सुजस 20 अक्टूबर 2026)

पहले स्वयं उत्तर चुनें। फिर “SHOW ANSWER” से सही उत्तर और विस्तृत स्पष्टीकरण देखें।

Q1. पीएम विश्वकर्मा पंजीकरण में राजस्थान का कौन-सा स्थान बताया गया?

A) पहला

B) दूसरा

C) चौथा

D) दसवाँ

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सही उत्तर: C) चौथा

व्याख्या: 2.30 लाख से अधिक पंजीकरण के साथ राजस्थान चौथे स्थान पर बताया गया है। रैंकिंग पंजीकरण श्रेणी की है।

Q2. राजस्थान में योजना के तहत कितने से अधिक कारीगर पंजीकृत बताए गए?

A) 2.30 लाख

B) 30.03 लाख

C) 26.17 लाख

D) 6.23 लाख

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सही उत्तर: A) 2.30 लाख

व्याख्या: राजस्थान का पंजीकरण आँकड़ा 2 लाख 30 हजार से अधिक है; शेष बड़ी संख्याएँ राष्ट्रीय संकेतकों से संबंधित हैं।

Q3. राजस्थान में बेसिक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले लाभार्थियों की संख्या है—

A) 2,17,084

B) 2,22,473

C) 45,958

D) 38,450

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सही उत्तर: B) 2,22,473

व्याख्या: 2,22,473 लाभार्थियों का बेसिक प्रशिक्षण पूरा बताया गया है; 2,17,084 ई-वाउचर संख्या है।

Q4. राजस्थान में बढ़ई और राजमिस्त्री पंजीकरण का सही क्रम कौन-सा है?

A) 38,450—45,958

B) 62,000—30,000

C) 2,17,084—2,22,473

D) 45,958—38,450

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सही उत्तर: D) 45,958—38,450

व्याख्या: बढ़ई श्रेणी में 45,958 और राजमिस्त्री श्रेणी में 38,450 पंजीकरण बताए गए हैं।

Q5. राजस्थान में जारी टूलकिट ई-वाउचर की संख्या है—

A) 2,22,473

B) 30,03,925

C) 2,17,084

D) 24,39,000

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सही उत्तर: C) 2,17,084

व्याख्या: राज्य में 2 लाख 17 हजार 84 टूलकिट ई-वाउचर जारी करने की जानकारी है।

Q6. टूलकिट के लिए कितनी सहायता का उल्लेख है?

A) 15 हजार रुपये तक

B) 3 लाख रुपये तक

C) 500 रुपये

D) 1 करोड़ रुपये

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सही उत्तर: A) 15 हजार रुपये तक

व्याख्या: टूलकिट सहायता 15 हजार रुपये तक है। 3 लाख रुपये तक की राशि ऋण सीमा से संबंधित है।

Q7. राजस्थान में स्वीकृत ऋणों की संख्या कितनी बताई गई?

A) 5 हजार

B) 62 हजार से अधिक

C) 2.30 लाख

D) 30 लाख

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सही उत्तर: B) 62 हजार से अधिक

व्याख्या: 62 हजार से अधिक ऋण स्वीकृत हैं। स्वीकृति का मतलब हर मामले में वितरण पूरा होना नहीं है।

Q8. पात्र लाभार्थियों के लिए अधिकतम ऋण सीमा कितनी उल्लिखित है?

A) 15 हजार रुपये

B) 50 हजार रुपये

C) 1 लाख रुपये

D) 3 लाख रुपये तक

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सही उत्तर: D) 3 लाख रुपये तक

व्याख्या: बुलेटिन में अधिकतम 3 लाख रुपये तक रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा का उल्लेख है।

Q9. देशभर में 2028 तक कितने पंजीकरण का लक्ष्य था?

A) 2 लाख

B) 5 लाख

C) 30 लाख

D) 1 करोड़

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सही उत्तर: C) 30 लाख

व्याख्या: 2028 तक 30 लाख कारीगरों एवं शिल्पकारों के पंजीकरण का लक्ष्य समय से पहले प्राप्त होने का उल्लेख है।

Q10. राष्ट्रीय आँकड़ों के लिए बुलेटिन में कौन-सी कटऑफ तारीख दी गई है?

A) 30 सितंबर 2026

B) 1 जनवरी 2026

C) 31 दिसंबर 2028

D) 15 अगस्त 2025

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सही उत्तर: A) 30 सितंबर 2026

व्याख्या: 30 सितंबर 2026 तक 30,03,925 पंजीकरण और 24.39 लाख से अधिक बेसिक प्रशिक्षण पूर्ण होने के राष्ट्रीय आँकड़े दिए गए हैं।

आधिकारिक स्रोत: DIPR राजस्थान — सुजस ई-बुलेटिन 20 अक्टूबर 2026 (मूल PDF)

तथ्य और आँकड़े संबंधित तिथि के आधिकारिक बुलेटिन पर आधारित हैं; परीक्षा उपयोगिता की व्याख्या अध्ययन सहायता के लिए दी गई है।

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