एशियाई पैरा खेल (Asian Para Games) एशिया के पैरा एथलीटों का बहु-खेल आयोजन है। इन विस्तृत परीक्षा नोट्स में संस्थागत ढाँचा, FESPIC से विकास, वर्गीकरण, संस्करण, भारत के ऐतिहासिक परिणाम और राजस्थान के खिलाड़ियों का योगदान समझें।
1. संस्थागत एवं प्रशासनिक ढांचा (Institutional & Administrative Setup)
A. एशियन पैरालंपिक कमेटी (APC - Asian Paralympic Committee)
स्थापना का इतिहास: 30 अक्टूबर 2002 को बुसान (दक्षिण कोरिया) में मलेशिया की पहल पर 'एशियन पैरालंपिक काउंसिल' (Asian Paralympic Council) का गठन किया गया था। वर्ष 2006 में अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) के निर्देशानुसार इसका नाम बदलकर 'एशियन पैरालंपिक कमेटी' (APC) कर दिया गया।
मुख्यालय (Headquarters): दुबई (संयुक्त अरब अमीरात — UAE)।
सदस्य देश: वर्तमान में इसके अंतर्गत 45 नेशनल पैरालंपिक कमेटियां (NPCs) आती हैं, जिन्हें 5 उप-क्षेत्रों (पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और पश्चिम एशिया) में बांटा गया है।
प्रमुख पदाधिकारी:
प्रथम अध्यक्ष: दातो ज़ैनाल अबू ज़ारिन (Dato Zainal Abu Zarin — मलेशिया)।
वर्तमान अध्यक्ष: माजिद रशीद (Majid Rashed - UAE)।
B. भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI - Paralympic Committee of India)
संस्थागत परिचय: PCI के आधिकारिक दस्तावेजों पर स्थापना वर्ष 1994 अंकित है। यह भारत में पैरा खेलों के विकास और भारतीय दलों की तैयारी से जुड़ी प्रमुख राष्ट्रीय संस्था है।
कार्यालय: पत्राचार कार्यालय नई दिल्ली; पंजीकृत कार्यालय बेंगलुरु।
प्रमुख कार्य: एशियाई पैरा खेलों और पैरालंपिक खेलों के लिए भारतीय दल का चयन और प्रशिक्षण। 2024–2028 के निर्वाचित कार्यकारिणी कार्यकाल में देवेंद्र झाझड़िया अध्यक्ष हैं।
2. ऐतिहासिक विकास क्रम (Detailed Chronological History)
एशियाई पैरा खेलों का इतिहास तीन चरणों में बांटा जा सकता है:
1. डॉ. युताका नाकामुरा (Dr. Yutaka Nakamura) का योगदान (1960–1974):
जापान के प्रसिद्ध सर्जन डॉ. युताका नाकामुरा ने इंग्लैंड के स्टोक मैंडेविल अस्पताल के डॉ. लुडविग गटमैन (पैरालंपिक के जनक) से प्रेरणा लेकर एशिया में दिव्यांग खेलों की नींव रखी।
2. FESPIC खेलों का युग (1975–2006):
पूरा नाम: Far East and South Pacific Games for the Disabled.
प्रथम संस्करण (1975): जापान के ओइता (Oita) और बेप्पू (Beppu) शहरों में आयोजित हुआ, जिसमें 18 देशों के 973 एथलीट शामिल हुए।
कुल संस्करण: 1975 से 2006 के बीच कुल 9 संस्करण आयोजित किए गए।
अंतिम संस्करण (9वां, 2006): 25 नवंबर से 1 दिसंबर 2006 तक कुआलालंपुर (मलेशिया) में आयोजित हुआ। इसी के समापन समारोह में FESPIC फेडरेशन को आधिकारिक रूप से भंग कर दिया गया।
3. एशियाई खेल और एशियाई पैरा खेल: मेजबानी का संबंध
दोनों आयोजन सामान्यतः एक ही मेजबान क्षेत्र में क्रम से होते हैं। लेकिन एशियाई पैरा खेलों को एशियाई खेलों के host-city contract का स्वचालित हिस्सा अथवा हमेशा 15 दिन के भीतर होने वाला आयोजन न मानें। दोनों के प्रशासनिक और आयोजन प्रबंध अलग हैं।
3. पैरा खेलों की वर्गीकरण प्रणाली (Para Sports Classification System)
प्रतियोगी परीक्षाओं में खिलाड़ियों के इवेंट के आगे लिखे कोड (जैसे- T64, F46, SH1, SL3) अक्सर पूछे जाते हैं। इनका अर्थ निम्नलिखित है:
| खेल (Sport) | श्रेणी कोड (Code) | कोड का तकनीकी अर्थ (Technical Meaning) |
|---|---|---|
| पैरा एथलेटिक्स | T (Track) & F (Field) | T = दौड़ और कूद (Jumping) स्पर्धाएं; F = फेंकने वाली (Throwing - भाला, चक्का, गोला) स्पर्धाएं। |
| एथलेटिक्स नंबर | 11 से 13 | दृष्टिबाधित (Visual Impairment) — 11 से 13 अलग sport classes हैं; पात्रता और सहायता के नियम संबंधित स्पर्धा पर निर्भर करते हैं। |
| एथलेटिक्स नंबर | 20 | बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Impairment)। |
| एथलेटिक्स नंबर | 31 से 38 | सेरेब्रल पाल्सी / समन्वय संबंधी विकार (Co-ordination impairments) — T32–34 (व्हीलचेयर रेसिंग), F31–34 (बैठकर थ्रो), T/F35–38 (दौड़/खड़े होकर संबंधित स्पर्धाएँ)। |
| एथलेटिक्स नंबर | 40 से 41 | छोटा कद / बौनापन (Short Stature)। |
| एथलेटिक्स नंबर | T42–47 / F42–46 | 42–44: निचले अंगों से संबंधित, प्रोस्थेसिस के बिना; T45–47/F45–46: ऊपरी अंगों से संबंधित वर्ग। |
| एथलेटिक्स नंबर | T51–54 / F51–57 | T51–54 व्हीलचेयर रेसिंग; F51–57 बैठकर थ्रो। पात्रता कई प्रकार की शारीरिक अक्षमताओं पर आधारित हो सकती है। |
| एथलेटिक्स नंबर | 61 से 64 | कृत्रिम पैर/ब्लेड (Prosthetic Limb) का उपयोग करने वाले एथलीट (जैसे सुमित अंतिल - F64)। |
| पैरा बैडमिंटन | WH1, WH2 | व्हीलचेयर श्रेणी (Wheelchair)। |
| पैरा बैडमिंटन | SL3, SL4 | Standing Lower (निचले अंगों में विकलांगता - खड़े होकर खेलना, जैसे प्रमोद भगत व सुहास यतिराज)। |
| पैरा बैडमिंटन | SU5 | Standing Upper (ऊपरी अंग/हाथ में विकलांगता)। |
| पैरा बैडमिंटन | SH6 | Short Stature (छोटा कद, जैसे कृष्णा नागर)। |
| पैरा शूटिंग | SH1 | खिलाड़ी बिना किसी स्टैंड के स्वयं बंदूक/पिस्तौल का भार उठा सकते हैं (जैसे अवनि लेखरा)। |
| पैरा शूटिंग | SH2 | हाथों में कमजोरी के कारण बंदूक को संभालने के लिए शूटिंग स्टैंड (Spring Stand) की आवश्यकता होती है। |
| पैरा तैराकी | S1–S10 / SB1–SB9 (शारीरिक); S/SB11–13 (दृष्टिबाधित); S/SB14 (बौद्धिक) | S = फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक, बटरफ्लाई; SB = ब्रेस्टस्ट्रोक; SM = इंडिविजुअल मेडले। |
4. संस्करण-वार गहन विवरण (Edition-wise Deep Analysis)
1. प्रथम एशियाई पैरा खेल — 2010 (ग्वांगझोउ, चीन)
तिथि: 12 से 19 दिसंबर 2010।
सहभागिता: 41 देश, 2,405 एथलीट, 19 खेल।
उद्घाटनकर्ता: तत्कालीन चीनी उप-प्रधानमंत्री ली केकियांग (Li Keqiang)।
भारत का प्रदर्शन: 1 स्वर्ण, 4 रजत, 9 कांस्य (कुल 14 पदक, 15वां स्थान)।
एकमात्र स्वर्ण: जगसीर सिंह (पुरुष ट्रिपल जंप - F46 श्रेणी)।
2. द्वितीय एशियाई पैरा खेल — 2014 (इंचियोन, दक्षिण कोरिया)
तिथि: 18 से 24 अक्टूबर 2014।
सहभागिता: 41 देश, 2,497 एथलीट, 23 खेल।
शुभंकर: जियोनोपी (Jeonopi) और ड्नोपी (Dnopi) — ये काले चेहरे वाले स्पूनबिल पक्षी (Black-faced Spoonbill) के जोड़े थे।
भारत का प्रदर्शन: 3 स्वर्ण, 14 रजत, 16 कांस्य (कुल 33 पदक, 15वां स्थान)।
3 स्वर्ण विजेता: अमित कुमार सरोहा (क्लब थ्रो F51), शरद कुमार (हाई जंप T42) और संदीप सिंह मान (400 मीटर दौड़)।
3. तृतीय एशियाई पैरा खेल — 2018 (जकार्ता, इंडोनेशिया)
तिथि: 6 से 13 अक्टूबर 2018।
सहभागिता: 43 देश, 2,757 एथलीट, 18 खेल (इसमें शतरंज को पहली बार शामिल किया गया)।
शुभंकर: 'मोमो' (Momo) — जकार्ता का स्थानीय पक्षी ब्राह्मणी काइट (चिल), जो प्रेरणा और गतिशीलता का प्रतीक था।
भारत का प्रदर्शन: 15 स्वर्ण, 24 रजत, 33 कांस्य (कुल 72 पदक, 9वां स्थान)।
प्रमुख भारतीय सितारे: तैराक सुयश नारायण जाधव ने भारत के लिए तैराकी में पहला स्वर्ण जीता। भाला फेंक में संदीप चौधरी ने विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता। प्रमोद भगत ने पैरा बैडमिंटन में स्वर्ण जीता।
4. चतुर्थ एशियाई पैरा खेल — 2022/2023 (हांगझोउ, चीन)
तिथि: 22 से 28 अक्टूबर 2023 (कोविड-19 के कारण 1 वर्ष स्थगित)।
सहभागिता: 44 NPCs, 22 खेल। IPC की समापन रिपोर्ट के अनुसार 3,020 एथलीटों ने 502 पदक स्पर्धाओं में भाग लिया।
शुभंकर: 'फेईफेई' (Feifei) — लियांगझू संस्कृति की 'दैवीय चिड़िया' (Divine Bird) से प्रेरित।
मशाल (Official Torch): आधिकारिक अंग्रेजी नाम Laurels है। पदक का नाम Osmanthus Grace है; दोनों को अलग याद रखें।
कार्यक्रम में पैरा ताइक्वांडो, पैरा कैनोइंग और गो (Go) जैसे खेल शामिल थे।
हांगझोउ पैरा गेम्स (2022/23) की शीर्ष-5 पदक तालिका — 2023 के समापन पर प्रकाशित आँकड़े:
| रैंक | देश (Country) | स्वर्ण (Gold) | रजत (Silver) | कांस्य (Bronze) | कुल पदक (Total) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | चीन (China) | 214 | 167 | 140 | 521 |
| 2. | ईरान (Iran) | 44 | 46 | 41 | 131 |
| 3. | जापान (Japan) | 42 | 49 | 59 | 150 |
| 4. | दक्षिण कोरिया (South Korea) | 30 | 33 | 40 | 103 |
| 5. | भारत (India) | 29 | 31 | 51 | 111 |
5. चौथे एशियाई पैरा खेलों में भारत का सूक्ष्म विश्लेषण (India in 4th Asian Para Games)
भारतीय दल का आकार: भारत ने उस समय तक का अपना सबसे बड़ा दल भेजा, जिसमें 303 एथलीट (191 पुरुष और 112 महिलाएं) शामिल थे। भारतीय खिलाड़ियों ने 22 में से 17 खेलों में हिस्सा लिया।
ध्वजवाहक (Flag Bearers):
उद्घाटन समारोह: पारुल परमार (पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी) और अमित सरोहा (पैरा क्लब थ्रोअर)।
भारत का खेल-वार पदक वितरण (Sport-wise Medals - कुल 111 पदक):
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|
| एथलेटिक्स | 18 | 17 | 20 | 55 |
| बैडमिंटन | 4 | 4 | 13 | 21 |
| शतरंज | 2 | 1 | 5 | 8 |
| तीरंदाजी | 2 | 3 | 2 | 7 |
| शूटिंग | 2 | 2 | 2 | 6 |
| कैनोइंग | 1 | 1 | 2 | 4 |
| पावरलिफ्टिंग | 0 | 1 | 2 | 3 |
| टेबल टेनिस | 0 | 0 | 2 | 2 |
| जूडो | 0 | 1 | 1 | 2 |
| रोइंग | 0 | 1 | 0 | 1 |
| तैराकी | 0 | 0 | 1 | 1 |
| ताइक्वांडो | 0 | 0 | 1 | 1 |
| कुल | 29 | 31 | 51 | 111 |
भारत के ऐतिहासिक मील के पत्थर (Milestones in Hangzhou):
100वां पदक: भारत का 100वां ऐतिहासिक पदक दिलीप गावित (Dilip Gavit) ने पुरुषों की 400 मीटर (T47) दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर दिलाया।
अंतिम दिन की प्रमुख सफलता: पुरुषों की शतरंज टीम रैपिड VI-B1 स्पर्धा में स्वर्ण।
क्लीन स्वीप (Clean Sweep - तीनों पदक भारत को):
पुरुष क्लब थ्रो (F51): प्रणव सूरमा (स्वर्ण), धरमबीर (रजत), अमित कुमार सरोहा (कांस्य)।
पुरुष भाला फेंक F46: सुंदर सिंह गुर्जर (स्वर्ण), रिंकू (रजत), अजीत सिंह (कांस्य)।
हाई जंप T63 में शैलेश कुमार ने 1.82 मीटर से स्वर्ण और मरियप्पन थंगावेलु ने 1.80 मीटर से रजत जीता। परिणाम में तीसरी रैंक को स्वतः कांस्य पदक न समझें।
पुरुष डिस्कस थ्रो (F54/55/56): नीरज यादव (स्वर्ण), योगेश कथुनिया (रजत), मुथुराजा (कांस्य)।
अन्य प्रमुख रिकॉर्डधारी स्वर्ण पदक विजेता:
अंकुर धामा (Ankur Dhama): पूर्णतः दृष्टिबाधित धावक अंकुर धामा ने एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक (5000 मीटर T11 और 1500 मीटर T11) जीते।
दीप्ति जीवनजी (Deepthi Jeevanji): महिलाओं की 400 मीटर (T20) स्पर्धा में एशियाई पैरा रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता।
दर्पण इनानी (Darpan Inani): दृष्टिबाधित शतरंज (B1 श्रेणी) में व्यक्तिगत और टीम दोनों में स्वर्ण पदक जीता।
6. राजस्थान के खिलाड़ियों का विशेष योगदान (Special Focus: Rajasthan Players)
राजस्थान के पैरा एथलीटों ने एशियाई पैरा खेलों में भारत की पदक तालिका में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है:
1. अवनि लेखरा (Avani Lekhara - जयपुर):
खेल: पैरा शूटिंग।
उपलब्धि: 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग (SH1) में 249.6 अंकों के नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
2. सुंदर सिंह गुर्जर (Sundar Singh Gurjar - करौली):
खेल: भाला फेंक (Javelin Throw - F46)।
उपलब्धि: 68.60 मीटर का थ्रो करके नया विश्व रिकॉर्ड (World Record) बनाया और स्वर्ण पदक जीता। (इससे पहले 2018 जकार्ता में उन्होंने रजत और डिस्कस थ्रो में कांस्य जीता था)।
3. रुद्रांश खंडेलवाल (भरतपुर):
रुद्रांश खंडेलवाल: पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 और मिश्रित 50 मीटर पिस्टल SH1 में रजत पदक जीते। इसे एयर राइफल की स्पर्धा न लिखें।
4. अनीता और नारायण कोंगनापल्ले (अनीता - झुंझुनू):
खेल: पैरा रोइंग (Para Rowing - PR3 Mixed Double Sculls)।
उपलब्धि: झुंझुनू की अनीता ने नारायण के साथ मिलकर रजत पदक जीता।
5. कृष्णा नागर (Krishna Nagar - जयपुर):
खेल: पैरा बैडमिंटन (SH6 श्रेणी)।
उपलब्धि: पुरुष एकल में रजत पदक और पुरुष युगल SH6 (शिवराजन के साथ) में कांस्य पदक जीता।
6. संदीप चौधरी (झुंझुनू):
उपलब्धि: 2018 के जकार्ता एशियाई पैरा खेलों में भाला फेंक (F42-44/61-64) में विश्व रिकॉर्ड के साथ भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था।
7. रमन शर्मा (सीकर):
रमन शर्मा: पुरुषों की 1500 मीटर T38 दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
7. पंचम एशियाई पैरा खेल — 2026 (आइची-नागोया, जापान)
मेजबान शहर: आइची प्रान्त और नागोया शहर (जापान)।
तिथि: 18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026।
शुभंकर (Mascot): 'उज़ुमिन' (Uzumin) — यह जल और एकजुटता की भावना का प्रतीक है (मुख्य एशियाई खेलों के शुभंकर 'होनोमिन' का साथी)।
आदर्श वाक्य (Motto): Imagine One Heart (एक हृदय की कल्पना करें)।
खेल कार्यक्रम: 18 पैरा खेल। आयोजकों के पहले के अनुमान में 3,600–4,000 एथलीट और अधिकारी थे; इसे अंतिम वास्तविक प्रतिभागी संख्या न मानें।
विशेष तथ्य: Asian Para Games नाम से जापान की पहली मेजबानी। 1975 का पहला FESPIC भी जापान के ओइता में हुआ था; दोनों आयोजन-नामों को अलग पहचानें।
समय-संदर्भ: 23 अक्टूबर 2026 को 18–24 अक्टूबर का घोषित आयोजन काल चल रहा है। इस नोट में 2026 की अंतिम पदक तालिका नहीं दी गई है; ऊपर का 111 पदकों वाला विश्लेषण हांगझोउ 2023 का है।
परीक्षा से पहले त्वरित पुनरावृत्ति
APC का मुख्यालय दुबई है; PCI और APC अलग संस्थाएँ हैं।
FESPIC की शुरुआत 1975 में हुई; Asian Para Games का पहला संस्करण 2010 में ग्वांगझोउ में हुआ।
हांगझोउ 2022 नाम बरकरार रहा, लेकिन आयोजन 22–28 अक्टूबर 2023 को हुआ।
T एथलेटिक्स में दौड़/कूद और F थ्रो की श्रेणी दर्शाता है। अलग खेलों में एक जैसे अक्षरों का अर्थ अलग हो सकता है।
भारत का हांगझोउ समापन आँकड़ा: 29 स्वर्ण + 31 रजत + 51 कांस्य = 111 पदक; पदक तालिका में पाँचवाँ स्थान।
2026: आइची-नागोया, जापान; उज़ुमिन; IMAGINE ONE HEART; 18–24 अक्टूबर का आयोजन काल।