भारत और ऑस्ट्रेलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास AUSTRAHIND 2026 19 अक्टूबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ। यह अभ्यास का पाँचवाँ संस्करण है और 1 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसमें दोनों देशों की थलसेनाओं के लगभग 120-120 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। पहली बार न्यूज़ीलैंड का पर्यवेक्षक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य
इस वर्ष प्रशिक्षण का केंद्र द्वीपीय और तटीय परिस्थितियों में संयुक्त अभियान है। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं की साथ काम करने की क्षमता, समन्वय और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली की समझ बढ़ाना है।
भारतीय दल में गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों सहित अन्य अंगों और सेवाओं के कार्मिक हैं। ऑस्ट्रेलियाई दल में 13 ब्रिगेड के सैनिक शामिल हैं। प्रशिक्षण में संयुक्त योजना, निगरानी तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत से जुड़ी परिस्थितियाँ भी शामिल हैं।
AUSTRAHIND का राजस्थान से संबंध
इस अभ्यास का पहला संस्करण 2022 में राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था। उस समय घोषित कार्यक्रम 28 नवंबर से 11 दिसंबर 2022 तक था।
पहले संस्करण में भारत का प्रतिनिधित्व डोगरा रेजिमेंट के सैनिकों ने किया था। इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया में बारी-बारी से आयोजित होने वाले वार्षिक अभ्यास के रूप में घोषित किया गया था।
Interoperability का सरल अर्थ
Interoperability का अर्थ अलग-अलग देशों की सेनाओं का एक-दूसरे की प्रक्रियाएँ समझकर प्रभावी ढंग से साथ काम कर पाना है। उदाहरण के लिए, संयुक्त प्रशिक्षण में संचार, जिम्मेदारियों का विभाजन और सहायता पहुँचाने का तालमेल महत्वपूर्ण होता है।
विद्यार्थियों को अभ्यास के वर्तमान संस्करण और उसके इतिहास को अलग-अलग याद रखना चाहिए। 2026 का स्थान केरल है, जबकि 2022 का पहला संस्करण राजस्थान में हुआ था।
परीक्षा उपयोगी तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| अभ्यास | AUSTRAHIND 2026 |
| मुख्य भागीदार | भारत और ऑस्ट्रेलिया |
| संस्करण | पाँचवाँ |
| आयोजन स्थल | तिरुवनंतपुरम, केरल |
| अवधि | 19 अक्टूबर–1 नवंबर 2026 |
| पहला संस्करण | राजस्थान, 2022 |
यह विषय संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा सहयोग और भारत–ऑस्ट्रेलिया संबंधों के अध्ययन में महत्वपूर्ण है।