• वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 24 अक्टूबर 2026 को पंजाब के अमृतसर और तरनतारन में धान की पराली के प्रबंधन की समीक्षा की। PIB के अनुसार समीक्षा में खेत के भीतर और बाहर पराली उपयोग की व्यवस्थाओं, किसानों तक मशीनों की समय पर पहुँच तथा उद्योगों में अवशेष के उपयोग पर जोर दिया गया।

समीक्षा में किन कार्यों पर जोर रहा?

  • आयोग ने पराली के उपयोग वाली इकाइयों और उपलब्ध बुनियादी ढाँचे की स्थिति देखी। अमृतसर में धान की पराली से बने पेलेट इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक बॉयलर का निरीक्षण भी किया गया। ताप विद्युत संयंत्रों, ईंट-भट्ठों और अन्य उपयुक्त उद्योगों में वास्तविक उपयोग की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों के समन्वय पर बल दिया गया।
  • केवल मशीन की उपलब्ध संख्या पर्याप्त संकेतक नहीं है। वह मशीन सही समय पर किसान तक पहुँचे, उसके उपयोग की व्यवस्था बने और अवशेष के आगे इस्तेमाल की कड़ी मौजूद हो—ये व्यावहारिक शर्तें भी महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण Custom Hiring Centres (CHCs), किसानों और सेवा प्रदाताओं के बीच समन्वय चर्चा का हिस्सा रहा।
संस्था CAQM
समीक्षा की तारीख 24 अक्टूबर 2026
मुख्य जिले अमृतसर और तरनतारन, पंजाब
इन-सीटू खेत के भीतर अवशेष प्रबंधन
एक्स-सीटू खेत से बाहर अवशेष का उपयोग
CHC Custom Hiring Centre

इन-सीटू और एक्स-सीटू में अंतर

  • इन-सीटू प्रबंधन का सरल अर्थ फसल अवशेष का उसी खेत में प्रबंधन या उपयोग करना है। एक्स-सीटू प्रबंधन में अवशेष को खेत से बाहर ले जाकर अन्य उपयोग के लिए तैयार किया जाता है। दोनों तरीकों के लिए अलग प्रकार की मशीन, समय, परिवहन और उपयोग व्यवस्था की जरूरत हो सकती है।
  • उदाहरण के तौर पर बाहर उपयोग के लिए पराली इकट्ठा करने पर संग्रह और परिवहन महत्वपूर्ण हो जाते हैं। आगे उसका भंडारण, प्रसंस्करण और उपयोग करने वाली इकाई से संपर्क जरूरी होता है। इसलिए केवल खेत से पराली हटा देना पूरी आपूर्ति शृंखला का अंतिम चरण नहीं है।

पेलेट और बायोमास का संबंध

  • फसल अवशेष जैसे जैविक पदार्थ बायोमास के उदाहरण हैं। पेलेट बनाने में सामग्री को अपेक्षाकृत छोटे, सघन रूप में तैयार किया जाता है, जिससे उपयुक्त औद्योगिक व्यवस्था में उसका उपयोग आसान हो सकता है। किसी ईंधन का उपयोग तभी उपयोगी समाधान बनता है जब संबंधित तकनीक, गुणवत्ता और उत्सर्जन संबंधी आवश्यकताओं का पालन हो।
  • पराली को संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना का अर्थ यह नहीं है कि हर उद्योग बिना तैयारी के कोई भी अवशेष जला सकता है। उपयोग की तकनीकी उपयुक्तता और प्रदूषण नियंत्रण को साथ पढ़ना चाहिए। यही खुले खेत में अवशेष जलाने और नियंत्रित औद्योगिक उपयोग के बीच महत्वपूर्ण अंतर समझने में मदद करता है।

पृष्ठभूमि: 22 अक्टूबर की बैठक

  • इससे पहले 22 अक्टूबर 2026 को CAQM ने पंजाब और हरियाणा के साथ प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की थी। उस बैठक में फसल अवशेष मशीनों का वास्तविक उपयोग, संग्रह और परिवहन की व्यवस्था तथा उपग्रह-आधारित आग संकेतों की जमीनी पुष्टि जैसे विषय सामने आए। नई जिला समीक्षा को इसी प्रशासनिक अनुवर्ती प्रक्रिया से जोड़कर पढ़ा जा सकता है।
  • किसी निगरानी प्रणाली में संकेत मिलना और जमीनी घटना की पुष्टि होना अलग कार्य हैं। इसी तरह मशीन खरीदना और उसका प्रभावी उपयोग होना अलग परिणाम हैं। सार्वजनिक नीति के प्रश्नों में संसाधन, क्रियान्वयन और परिणाम को अलग लिखने से उत्तर अधिक स्पष्ट बनता है।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • मुख्य बिंदु हैं: CAQM—वायु गुणवत्ता प्रबंधन, CHC—Custom Hiring Centre, इन-सीटू—खेत में प्रबंधन, और एक्स-सीटू—खेत से बाहर उपयोग। इस खबर में किसी अनुमानित आग-घटना संख्या या दिल्ली के प्रदूषण में पराली की अपुष्ट प्रतिशत हिस्सेदारी को नहीं जोड़ा गया है।

आधिकारिक स्रोत

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