राजस्थान सरकार ने महिला एवं बालिका सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का शुभारंभ किया है।
18 अक्टूबर 2026 को जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन नई यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के लिए निश्चित मासिक यात्रा भत्ते की भी घोषणा की। यह कार्यक्रम राजस्थान में महिला सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग और अपराधों की रोकथाम के प्रयासों से संबंधित है।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट क्या है?
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट राजस्थान में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए संचालित विशेष पुलिस व्यवस्था है।
इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकना और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखना है।
इन यूनिट्स की भूमिका केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है। ये अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने के लिए भी कार्य करती हैं।
विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक परिवहन स्थल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी पुलिस निगरानी महिला सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
महिला सुरक्षा से संबंधित प्रमुख उपलब्धियाँ
राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय की 18 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में कई उपलब्धियों की जानकारी दी।
इनमें प्रमुख आँकड़े निम्नलिखित हैं:
- 55,000 से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स द्वारा कार्रवाई।
- लगभग 50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को कानून के प्रति जागरूक किया गया।
- 18 लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
- 16.70 लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
- महिला हेल्पलाइन 1090 के माध्यम से पिछले पौने तीन वर्षों में 28,000 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के मामलों में लगभग 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यह राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत तुलनात्मक आँकड़ा है।
सुरक्षा सखी और सामुदायिक पुलिसिंग
राजस्थान में महिला सुरक्षा के लिए पुलिस और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इसके अंतर्गत सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र और कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG) जैसी व्यवस्थाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्य सरकार के अनुसार लगभग 22,000 सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए 65 एंटी-रोमियो स्क्वॉड संचालित किए जा रहे हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और पुलिस के बीच संपर्क बढ़ाना तथा स्थानीय स्तर पर अपराध की रोकथाम में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का महत्व
महिला सुरक्षा किसी भी राज्य की सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।
नियमित पुलिस गश्त, महिलाओं को कानूनी जानकारी, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और समय पर शिकायतों का निस्तारण एक प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के आवश्यक घटक हैं।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स के विस्तार से राजस्थान में महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण बनाने के प्रयासों को और मजबूती मिलने की अपेक्षा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| महत्वपूर्ण तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नवीन यूनिट्स | 100 |
| शुभारंभ | 18 अक्टूबर 2026 |
| शुभारंभ करने वाले | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा |
| कार्यक्रम स्थल | जयपुर |
| संबंधित राज्य | राजस्थान |
| प्रमुख उद्देश्य | महिला एवं बालिका सुरक्षा |
| महिला हेल्पलाइन | 1090 |
| संबंधित व्यवस्था | राजस्थान पुलिस |
| विशेष घोषणा | महिला पुलिसकर्मियों के लिए निश्चित यात्रा भत्ता |
निष्कर्ष
राजस्थान में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का विस्तार महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह विषय राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और समसामयिक घटनाओं से संबंधित होने के कारण RAS, Rajasthan Police, CET, Patwari और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
Official Source: Chief Minister Office, Rajasthan – 18 October 2026