- राजस्थान सरकार की 26 अक्टूबर 2026 की सूचना के अनुसार पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत राज्य के 9 शहरों के लिए 1150 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हैं। इनमें से 250 बसें राज्य को प्राप्त हो चुकी हैं। यह शहरी परिवहन से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट है, जिसे राजस्थान सामान्य ज्ञान, सरकारी योजनाओं और पर्यावरण के साथ पढ़ा जा सकता है।
स्वीकृति और प्राप्ति का अंतर
- 1150 स्वीकृत बसों की संख्या है, जबकि 250 प्राप्त बसों की संख्या है। इन दोनों आँकड़ों को एक समान नहीं समझना चाहिए। किसी शहर को बस मिलना और सभी निर्धारित मार्गों पर उसकी नियमित यात्री सेवा शुरू होना भी अलग अवस्थाएँ हैं। आधिकारिक सूचना से सभी स्वीकृत बसों के संचालन में आ जाने का निष्कर्ष नहीं निकलता।
- जयपुर के लिए 550 बसें स्वीकृत हैं और 103 बसें जेसीटीएसएल को प्राप्त हुई हैं। नौ शहरों का वितरण नीचे दिया गया है। यह तालिका स्वीकृत आवंटन बताती है, शहरवार वर्तमान परिचालन संख्या नहीं।
| शहर | स्वीकृत ई-बसें |
| जयपुर | 550 |
| जोधपुर | 125 |
| अजमेर और कोटा | 100–100 |
| बीकानेर | 75 |
| भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर और सीकर | 50–50 |
| कुल | 1150 |
पीएम ई-बस सेवा: योजना की पृष्ठभूमि
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 अगस्त 2023 को इस योजना को मंजूरी दी थी। मूल योजना में सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसों से शहरी बस सेवाओं का विस्तार प्रस्तावित था। अनुमानित कुल लागत ₹57,613 करोड़ और केंद्रीय सहायता ₹20,000 करोड़ रखी गई थी। बस परिचालन के लिए सहायता अवधि 10 वर्ष बताई गई थी।
- मूल स्वीकृति में ऐसे शहरों को प्राथमिकता दी गई जहाँ संगठित बस सेवा नहीं थी। डिपो और विद्युत अवसंरचना का विकास भी योजना से जुड़ा है। बस खरीदने के साथ चार्जिंग की व्यवस्था, रखरखाव, चालक प्रशिक्षण और भरोसेमंद समय-सारिणी आवश्यक हैं; इन्हीं के साथ यात्री सेवा का वास्तविक लाभ सामने आता है।
यात्रियों के लिए सुगम्यता क्यों जरूरी है?
- आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने योजना की बसों के लिए कम गतिशीलता वाले यात्रियों की प्राथमिकता सीटों, व्हीलचेयर स्थान के संकेत, प्रवेश पर हैंडरेल और यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया है। सुगम परिवहन का अर्थ केवल नए वाहन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना है।
- उदाहरण के लिए बस स्टॉप तक सुरक्षित पैदल मार्ग और स्पष्ट मार्ग सूचना यात्री की पूरी यात्रा में मदद करते हैं। इसलिए शहरी परिवहन को वाहन, सड़क, बस स्टॉप और अंतिम दूरी की कनेक्टिविटी के संयुक्त विषय के रूप में समझना उपयोगी है। यह नीति के उद्देश्य की व्याख्या है, राजस्थान के प्रत्येक स्टॉप पर इन सुविधाओं की उपलब्धता का दावा नहीं।
परीक्षा उपयोगी तथ्य
- राजस्थान अपडेट की तारीख 26 अक्टूबर 2026 और योजना की मूल केंद्रीय स्वीकृति 16 अगस्त 2023 है। PPP का पूरा नाम Public-Private Partnership है। शहरी परिवहन से जुड़े प्रश्नों में स्वीकृत संख्या, प्राप्त संख्या और संचालित संख्या का अंतर रखें। इस खबर में सर्वाधिक स्वीकृत आवंटन जयपुर का है।
आधिकारिक स्रोत
- राजस्थान CMO: ई-बस सेवा की प्रगति, 26 अक्टूबर 2026
- राजस्थान स्थानीय निकाय विभाग: 26 अक्टूबर की सूचना
- PIB: पीएम ई-बस सेवा की मूल स्वीकृति
- PIB: बसों की सुगम्यता सुविधाएँ