- भारत की संसद की मेजबानी में 12वाँ BRICS Parliamentary Forum 26 और 27 अक्टूबर 2026 को संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष, नई दिल्ली में निर्धारित है। लोकसभा सचिवालय की 22 अक्टूबर की सूचना में यह कार्यक्रम घोषित किया गया था। 26 अक्टूबर की सुबह तैयार इस लेख में बैठक को निर्धारित आयोजन बताया गया है; उद्घाटन या संयुक्त वक्तव्य को पूरा हो चुका नहीं माना गया है।
बैठक का एजेंडा क्या है?
- घोषित कार्यक्रम में जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों की भूमिका पर चर्चा प्रस्तावित है। चार प्रमुख विषय संस्थागत लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डिजिटल तकनीक का मानव-केंद्रित उपयोग, अधिक प्रतिनिधित्व वाली वैश्विक व्यवस्था और समावेशी विकास भी एजेंडे से जुड़े हैं।
| आयोजन | 12वाँ BRICS Parliamentary Forum |
| निर्धारित तारीखें | 26–27 अक्टूबर 2026 |
| मेजबान | भारत की संसद |
| स्थान | संविधान सदन का केंद्रीय कक्ष, नई दिल्ली |
| चार विषय | लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता |
| पहला BRIC शिखर सम्मेलन | 16 जून 2009, येकातेरिनबर्ग |
संसदीय मंच और शिखर सम्मेलन में अंतर
- संसदीय मंच में विधायिकाओं के प्रतिनिधि संवाद करते हैं। नेताओं का शिखर सम्मेलन अलग स्तर का आयोजन होता है। दोनों एक व्यापक सहयोग प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनके प्रतिनिधित्व और कार्यक्रम को समान नहीं मानना चाहिए। परीक्षा में संस्था, आयोजन के स्तर और मेजबान को अलग-अलग पहचानना उपयोगी है।
- संसदीय कूटनीति का अर्थ संसदों और उनके प्रतिनिधियों के बीच संवाद से अंतरराष्ट्रीय समझ बढ़ाना है। इसमें विधायी अनुभव साझा करना और समान चुनौतियों पर चर्चा करना शामिल हो सकता है। उदाहरण के लिए अलग देश डिजिटल तकनीक के उपयोग पर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं; इससे अपने देश का कानून अपने आप बदल नहीं जाता।
Static GK: BRIC से BRICS
- विदेश मंत्रालय के ऐतिहासिक परिचय के अनुसार पहला BRIC शिखर सम्मेलन 16 जून 2009 को येकातेरिनबर्ग, रूस में हुआ था। मूल नाम में ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन शामिल थे। दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में चीन के सान्या में आयोजित तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जिसके साथ BRICS नाम प्रचलित हुआ।
- समूह बाद में विस्तृत हुआ है। पुराने पाँच देशों की सूची को हर वर्तमान प्रश्न का पूर्ण उत्तर मानना गलत हो सकता है। सदस्य और भागीदार की स्थिति अलग होती है; वर्तमान सदस्यता पूछे जाने पर नवीनतम आधिकारिक सूची देखनी चाहिए। इस लेख का मुख्य विषय संसदीय मंच है, इसलिए बदलती सदस्यता का अप्रमाणित आँकड़ा नहीं जोड़ा गया है।
चार विषयों को कैसे समझें?
- लचीलापन संस्थाओं की संकट के समय काम जारी रखने की क्षमता से संबंधित है। नवाचार नई तकनीक या पद्धति के उपयोग से जुड़ता है। सहयोग साझा समस्या पर मिलकर काम करने को महत्व देता है। स्थिरता विकास के दीर्घकालिक आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पक्ष समझने में मदद करती है।
- इन शब्दों का उपयोग उत्तर लिखते समय उदाहरण के साथ करें। डिजिटल संसद का उदाहरण केवल नई स्क्रीन लगाना नहीं है; सूचना की पहुँच, प्रक्रिया की विश्वसनीयता और लोगों की भागीदारी जैसे प्रश्न भी उससे जुड़ते हैं। यह एजेंडे की शैक्षिक व्याख्या है, बैठक में पारित किसी निर्णय की सूचना नहीं।
परीक्षा उपयोगी तथ्य
- याद रखें: 12वाँ मंच, भारत की मेजबानी, संविधान सदन का केंद्रीय कक्ष और 26–27 अक्टूबर 2026। आयोजन से पहले का एजेंडा तथा आयोजन के बाद का परिणाम अलग प्रकार के तथ्य हैं। भविष्य के निर्णय को वर्तमान उपलब्धि के रूप में न लिखें।
आधिकारिक स्रोत
- PIB: 12वें BRICS संसदीय मंच का कार्यक्रम, 22 अक्टूबर 2026
- विदेश मंत्रालय: BRICS का इतिहास
- BRICS: आधिकारिक परिचय