भारत में जहाज पुनर्चक्रण उद्योग
जहाज पुनर्चक्रण में उपयोगी आयु पूरी कर चुके जहाजों को तोड़कर स्टील, मशीनरी एवं मूल्यवान सामग्री पुनः प्राप्त की जाती है। भारत में यह उद्योग मुख्यतः गुजरात के अलंग में केंद्रित है, जो विश्व के सबसे बड़े जहाज पुनर्चक्रण केंद्रों में से एक है। आधुनिक तकनीक एवं बेहतर सुरक्षा मानकों के कारण अलंग की क्षमता व प्रतिष्ठा दोनों बढ़ी हैं। भारत ने यह उपलब्धि "मैरीटाइम इंडिया विजन 2030" के लक्ष्य से पहले ही हासिल कर ली।
कानूनी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय मानक
भारत में "रीसाइक्लिंग ऑफ शिप्स एक्ट, 2019" इस उद्योग को नियंत्रित करता है, जो भारतीय नियमों को सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल पुनर्चक्रण हेतु हांगकांग अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अनुरूप बनाता है। भारत ने इसे 2019 में अनुमोदित किया और 26 जून 2025 से इसके प्रावधान अनिवार्य हो गए। यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के ढाँचे के तहत अपनाया गया था और श्रमिक सुरक्षा, खतरनाक अपशिष्ट निपटान एवं पर्यावरण संरक्षण के मानक निर्धारित करता है।
क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण
बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने इस उद्योग को आधुनिक बनाने हेतु 53.5 करोड़ रुपये की सहायता दी, जिससे 115 पुनर्चक्रण सुविधाएँ हांगकांग सम्मेलन के मानकों के अनुरूप बनीं। सरकार अलंग यार्ड के विस्तार से देश की क्षमता लगभग 9 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन तक बढ़ाने पर कार्य कर रही है।
चुनौतियां और सुरक्षा संबंधी चिंताएं
सफलता के बावजूद श्रमिक सुरक्षा एवं पर्यावरणीय जोखिम महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। NGO शिपब्रेकिंग प्लेटफॉर्म की 2025 रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर तोड़े गए 321 जहाजों में से 214 दक्षिण एशिया पहुँचे; इसी अवधि में दक्षिण एशिया में 11 श्रमिकों की मृत्यु एवं 62 घायल हुए — यह सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता दर्शाता है।
शिप रीसाइक्लिंग से जुड़े आवश्यक तथ्य एवं अवधारणाएं
परीक्षा हेतु अतिरिक्त संदर्भ: ग्रॉस टनेज (GT) जहाज के आंतरिक आयतन का माप है, जबकि लाइट डिस्प्लेसमेंट टनेज (LDT) ईंधन/माल/यात्री रहित खाली जहाज का वजन है (शिप-ब्रेकिंग क्षमता LDT में मापी जाती है)। भारत, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान दक्षिण एशिया के प्रमुख पुनर्चक्रण देश हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से बेसल कन्वेंशन (खतरनाक अपशिष्ट के सीमा-पार संचलन पर) भी प्रासंगिक है। "मैरीटाइम इंडिया विजन 2030" तथा सागरमाला परियोजना भारत के समुद्री क्षेत्र के विकास हेतु प्रमुख पहलें हैं। शिप रीसाइक्लिंग परिपत्र अर्थव्यवस्था (circular economy) का उदाहरण है क्योंकि यह स्टील का पुनः उपयोग कर खनन एवं उत्सर्जन घटाता है।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- भारत 2025 में विश्व का सबसे बड़ा शिप रीसाइक्लिंग राष्ट्र (हिस्सेदारी 35.4%)।
- प्रमुख केंद्र: अलंग, गुजरात; कुल पुनर्चक्रण 2.99 मिलियन GT।
- कानून: रीसाइक्लिंग ऑफ शिप्स एक्ट, 2019; हांगकांग कन्वेंशन (IMO) 26 जून 2025 से लागू।
- मंत्रालय सहायता: 53.5 करोड़ रुपये; 115 सुविधाएँ अनुपालक।
- लक्ष्य: क्षमता 9 मिलियन LDT; "मैरीटाइम इंडिया विजन 2030"।
- दक्षिण एशिया के प्रमुख देश: भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1: शिप रीसाइक्लिंग उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था एवं परिपत्र अर्थव्यवस्था में किस प्रकार योगदान देता है? इससे जुड़े पर्यावरणीय जोखिमों पर भी चर्चा कीजिए।
उत्तर: यह उद्योग स्क्रैप स्टील की आपूर्ति कर इस्पात उद्योग की कच्चे-माल लागत घटाता है, रोजगार सृजित करता है तथा खनन-निर्भरता कम कर परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है। किंतु इसमें श्रमिक सुरक्षा, एस्बेस्टस/भारी धातु जैसे खतरनाक अपशिष्ट एवं तटीय प्रदूषण के जोखिम हैं, जिन्हें हांगकांग कन्वेंशन एवं 2019 अधिनियम के सख्त अनुपालन से नियंत्रित किया जाना आवश्यक है।
प्रश्न 2: हांगकांग अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रमुख प्रावधान एवं इसके महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: IMO द्वारा अपनाया गया यह सम्मेलन जहाजों के पूरे जीवन-चक्र में सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल पुनर्चक्रण सुनिश्चित करता है — इसमें खतरनाक सामग्री की सूची (IHM), अधिकृत पुनर्चक्रण सुविधाएँ एवं श्रमिक सुरक्षा मानक शामिल हैं। इसका अनुपालन भारत को वैश्विक बाजार में विश्वसनीय एवं जिम्मेदार पुनर्चक्रण गंतव्य बनाता है।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- 2025 में भारत की वैश्विक शिप रीसाइक्लिंग हिस्सेदारी कितनी रही?
(a) 30.1% (b) 35.4% (c) 40% (d) 25%
उत्तर: (b) 35.4% - भारत का प्रमुख शिप रीसाइक्लिंग केंद्र कहाँ है?
(a) कोचीन (b) अलंग, गुजरात (c) विशाखापत्तनम (d) मुंबई
उत्तर: (b) अलंग, गुजरात - शिप रीसाइक्लिंग को नियंत्रित करने वाला भारतीय कानून कौन-सा है?
(a) रीसाइक्लिंग ऑफ शिप्स एक्ट, 2019 (b) पर्यावरण अधिनियम 1986 (c) सीमा शुल्क अधिनियम (d) जल अधिनियम
उत्तर: (a) रीसाइक्लिंग ऑफ शिप्स एक्ट, 2019 - हांगकांग कन्वेंशन किस संगठन के तहत अपनाया गया?
(a) WTO (b) IMO (c) UNEP (d) WHO
उत्तर: (b) IMO - LDT का पूर्ण रूप क्या है?
(a) Light Displacement Tonnage (b) Load Deadweight Ton (c) Liquid Density Test (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) Light Displacement Tonnage