IIT तिरुपति ने आयोजित की 5वीं BRICS भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी बैठक: तिरुपति सिफारिशें 2026

विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 21 जुलाई 2026

भारत ने वैश्विक विज्ञान कूटनीति में अपनी भूमिका मज़बूत की जब IIT तिरुपति ने भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों और उनके अनुप्रयोगों पर BRICS कार्य समूह की पाँचवीं बैठक अपने येरपेडु परिसर में 20 से 22 जुलाई 2026 तक आयोजित की। यह तीन-दिवसीय आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के तहत हुआ और हाइब्रिड मोड में BRICS व साझेदार देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया।

BRICS समूह — जिसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं — ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग लगातार बढ़ाया है। इस बैठक के केंद्र में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियाँ थीं, जो रिमोट सेंसिंग, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS), भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) और डिजिटल मैपिंग जैसे उपकरणों के माध्यम से स्थान-आधारित डेटा के संग्रह, विश्लेषण और उपयोग को कवर करती हैं।

बैठक का एजेंडा समृद्ध और भविष्योन्मुखी था। इसमें सतत विकास हेतु भू-स्थानिक अवसंरचना, जलवायु अनुकूलन, पोज़िशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग (PNT) प्रौद्योगिकियाँ, AI-आधारित भू-स्थानिक विश्लेषण और डेटा इंटरऑपरेबिलिटी पर ध्यान दिया गया। ये विषय राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति, आपदा प्रबंधन, परिवहन योजना, कृषि, शहरी सेवाओं और पर्यावरण निगरानी जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों से सीधे जुड़ते हैं।

इस आयोजन ने वरिष्ठ वैज्ञानिक नेतृत्व को आकर्षित किया। उद्घाटन सत्र में IIT तिरुपति निदेशक के. एन. सत्यनारायण, DST अवर सचिव गौतम गोविंद, और DST राष्ट्रीय भू-स्थानिक कार्यक्रम प्रभाग प्रमुख मनोरंजन मोहंती शामिल थे, साथ ही वैज्ञानिक शुभा पांडे और अरिंदम भट्टाचार्य। IIT तिरुपति के नवाविष्कार आई-हब फाउंडेशन (IITNiF) ने बैठक के आयोजन में भाग लिया।

बैठक से कई ठोस परिणाम अपेक्षित हैं। इनमें तिरुपति सिफारिशें (2026), BRICS कार्य समूह कार्य योजना (2026-2027), BRICS जियोडेसी एवं पोज़िशनिंग सहयोग ढाँचा, और इंटरऑपरेबल भू-स्थानिक डेटा अवसंरचना हेतु BRICS ढाँचा शामिल हैं। तकनीकी सत्रों में उभरती प्रौद्योगिकियों के भू-स्थानिक प्रणालियों के साथ एकीकरण को भी शामिल किया गया, जिसमें 'Translating Innovation into Impact' शीर्षक वाला एक विशेष सत्र था।

रणनीतिक रूप से इस बैठक की मेज़बानी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भू-स्थानिक क्षेत्र में भारत की अग्रणी स्थिति को मज़बूत करती है। उदारीकृत राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति और अंतरिक्ष व मैपिंग में मज़बूती के साथ भारत BRICS के भीतर डेटा इंटरऑपरेबिलिटी और PNT सहयोग हेतु साझा मानक तय कर सकता है, जिससे सदस्य देशों में आपदा तैयारी, जलवायु कार्रवाई और अवसंरचना योजना को बढ़ावा मिलता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

  • IIT तिरुपति ने 5वीं BRICS भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी कार्य समूह बैठक (येरपेडु परिसर, 20-22 जुलाई 2026) आयोजित की।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के तहत आयोजित; हाइब्रिड मोड में।
  • BRICS = ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका
  • भू-स्थानिक उपकरण: रिमोट सेंसिंग, GNSS, GIS और डिजिटल मैपिंग। GNSS में GPS, GLONASS, Galileo, BeiDou
  • विषय: सतत विकास हेतु भू-स्थानिक अवसंरचना, जलवायु अनुकूलन, PNT, AI विश्लेषण, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी।
  • अपेक्षित परिणाम: तिरुपति सिफारिशें (2026), BRICS WG कार्य योजना (2026-2027), जियोडेसी एवं पोज़िशनिंग सहयोग ढाँचा, इंटरऑपरेबल भू-स्थानिक डेटा अवसंरचना ढाँचा।
  • IIT तिरुपति के नवाविष्कार आई-हब फाउंडेशन (IITNiF) के साथ आयोजित; निदेशक के. एन. सत्यनारायण

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।

मध्यम स्तर

प्र1. 5वीं BRICS भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी कार्य समूह बैठक की मेज़बानी किस संस्थान ने की?

A. IIT मद्रास
B. IIT तिरुपति
C. IISc बेंगलुरु
D. IIT हैदराबाद
उत्तर देखें

उत्तर: B – IIT तिरुपति

व्याख्या: IIT तिरुपति ने अपने येरपेडु परिसर में 20 से 22 जुलाई 2026 तक पाँचवीं बैठक आयोजित की।

मध्यम स्तर

प्र2. बैठक किस विभाग के तहत आयोजित हुई?

A. विदेश मंत्रालय
B. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
C. ISRO
D. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
उत्तर देखें

उत्तर: B – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)

व्याख्या: आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के तहत हुआ।

मध्यम स्तर

प्र3. BRICS समूह में कौन-से देश शामिल हैं?

A. ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका
B. ब्राज़ील, रूस, इंडोनेशिया, चीन, स्पेन
C. ब्रिटेन, रूस, भारत, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका
D. ब्राज़ील, रोमानिया, भारत, चीन, सऊदी अरब
उत्तर देखें

उत्तर: A – ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका

व्याख्या: BRICS समूह में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

मध्यम स्तर

प्र4. निम्न में से कौन एक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है?

A. GIS
B. GLONASS
C. GDP
D. GST
उत्तर देखें

उत्तर: B – GLONASS

व्याख्या: GNSS में GPS, GLONASS, Galileo और BeiDou शामिल हैं; GLONASS रूस की प्रणाली है।

मध्यम स्तर

प्र5. GIS का पूर्ण रूप क्या है?

A. Global Internet System
B. Geographic Information System
C. Government Information Service
D. Geo Imaging Sensor
उत्तर देखें

उत्तर: B – Geographic Information System

व्याख्या: GIS एक कंप्यूटर-आधारित प्रणाली है जो स्थानिक डेटा को कैप्चर, संग्रहीत, विश्लेषित व प्रदर्शित करती है।

मध्यम स्तर

प्र6. बैठक IIT तिरुपति के किस परिसर में हुई?

A. रेनिगुंटा
B. येरपेडु
C. तिरुमला
D. चित्तूर
उत्तर देखें

उत्तर: B – येरपेडु

व्याख्या: तीन-दिवसीय बैठक IIT तिरुपति के येरपेडु परिसर में हुई।

मध्यम स्तर

प्र7. भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी में "PNT" का अर्थ है:

A. पोज़िशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग
B. प्लानिंग, नेटवर्किंग और ट्रैकिंग
C. प्रिसीज़न, नेविगेशन और टेलीमेट्री
D. पोज़िशनिंग, नंबरिंग और ट्रांसफर
उत्तर देखें

उत्तर: A – पोज़िशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग

व्याख्या: PNT (पोज़िशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग) सेवाएँ विमानन, नौवहन, दूरसंचार और आपातकालीन प्रतिक्रिया में उपयोग होती हैं।

उन्नत स्तर

प्र8. कथन: 1) बैठक केवल ऑनलाइन हुई। 2) BRICS में दक्षिण अफ्रीका शामिल है। 3) डेटा इंटरऑपरेबिलिटी का अर्थ है प्रणालियाँ मानक प्रारूप में डेटा का आदान-प्रदान कर सकें। कौन-से सही हैं?

A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: B – केवल 2 और 3

व्याख्या: BRICS में दक्षिण अफ्रीका शामिल है और डेटा इंटरऑपरेबिलिटी का अर्थ मानक प्रारूप में डेटा आदान-प्रदान है। बैठक हाइब्रिड मोड में हुई, केवल ऑनलाइन नहीं (अतः कथन 1 गलत)।

उन्नत स्तर

प्र9. इस बैठक के मेज़बान शहर के नाम पर कौन-सा प्रमुख परिणाम दस्तावेज़ है?

A. येरपेडु घोषणा
B. तिरुपति सिफारिशें (2026)
C. BRICS चार्टर
D. दिल्ली ढाँचा
उत्तर देखें

उत्तर: B – तिरुपति सिफारिशें (2026)

व्याख्या: बैठक से मेज़बान शहर के नाम पर तिरुपति सिफारिशें (2026) अपेक्षित हैं।

उन्नत स्तर

प्र10. बैठक में विशेष तकनीकी सत्र का शीर्षक था:

A. Data for Development
B. Translating Innovation into Impact
C. Geospatial for All
D. Mapping the Future
उत्तर देखें

उत्तर: B – Translating Innovation into Impact

व्याख्या: तकनीकी सत्रों में "Translating Innovation into Impact" शीर्षक वाला एक विशेष सत्र शामिल था।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

  • अंतरराष्ट्रीय संबंध (GS पेपर 2): BRICS, बहुपक्षीय सहयोग और विज्ञान कूटनीति प्रमुख परीक्षा विषय हैं।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: GIS, GNSS, रिमोट सेंसिंग, PNT और AI-आधारित भू-स्थानिक विश्लेषण।
  • आपदा प्रबंधन एवं पर्यावरण: जलवायु अनुकूलन और आपदा प्रतिक्रिया हेतु भू-स्थानिक अवसंरचना।
  • संस्थान: शोध कूटनीति में DST और IIT नवाचार हब (IITNiF) की भूमिका।
  • प्रीलिम्स तथ्य: BRICS सदस्य, GNSS (GPS/GLONASS/Galileo/BeiDou), तिरुपति सिफारिशें 2026 तैयार वन-लाइनर हैं।

UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

"भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियाँ शासन, आपदा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के केंद्र में आ रही हैं।" भारत द्वारा 5वीं BRICS भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी कार्य समूह बैठक की मेज़बानी के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

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