IIT कानपुर बनाएगा ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र 'ECOGEN', UP नीति 2024 के तहत मंज़ूर
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 21 जुलाई 2026
भारत के स्वच्छ-ऊर्जा शोध को बड़ा बल मिला जब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने 20 जुलाई 2026 को घोषणा की कि वह ग्रीन हाइड्रोजन पर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा जिसका नाम Centre of Excellence on Innovative and Integrated Ecosystem for Green Hydrogen, या ECOGEN है। इस प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंज़ूरी दी और उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) ने उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 के तहत स्वीकृत किया।
ग्रीन हाइड्रोजन को समझना केंद्र के महत्व को समझने की कुंजी है। ग्रीन हाइड्रोजन सौर या पवन जैसे नवीकरणीय स्रोतों से बिजली का उपयोग कर इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा पानी को विभाजित कर बनाया गया हाइड्रोजन है। इसे निम्न-कार्बन ईंधन के रूप में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि इसकी उत्पादन प्रक्रिया जीवाश्म-ईंधन-आधारित हाइड्रोजन से जुड़े प्रत्यक्ष कार्बन-डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचती है। यह स्टील, उर्वरक, रिफाइनिंग व भारी परिवहन जैसे कठिन क्षेत्रों हेतु एक आशाजनक स्वच्छ ईंधन है।
ECOGEN का दायरा जानबूझकर व्यापक है, जो पूरी ग्रीन हाइड्रोजन मूल्य शृंखला को कवर करता है। केंद्र हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, परिवहन, सुरक्षा मानक, परीक्षण, प्रदर्शन और औद्योगिक उपयोग में शोध व नवाचार पर ध्यान देगा। इसके अधिदेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ग्रीन हाइड्रोजन की उत्पादन लागत घटाने पर काम करना है, जो आज बड़े पैमाने पर अपनाने की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
केंद्र का एक स्पष्ट शैक्षणिक और नीतिगत उद्देश्य भी है। इसका घोषित उद्देश्य भारत के स्वच्छ-ऊर्जा शोध आधार को मज़बूत करना और उत्तर प्रदेश के नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन करना है। एक प्रमुख संस्थान में अत्याधुनिक शोध को स्थापित कर यह पहल भारत की उभरती हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था हेतु आवश्यक ज्ञान और प्रशिक्षित जनशक्ति दोनों बनाना चाहती है।
नेतृत्व और संस्थागत डिज़ाइन पर, IIT कानपुर के सतत ऊर्जा इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रबोध बाजपेयी प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator) होंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश में राज्य-स्तरीय नवीकरणीय-ऊर्जा योजना और IIT कानपुर की संस्थागत शोध क्षमता से घनिष्ठ रूप से जुड़ी है। इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को UP सरकार ने IIT कानपुर और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) की एक अलग संयुक्त ग्रीन हाइड्रोजन CoE को भी मंज़ूरी दी।
रणनीतिक रूप से ECOGEN भारत के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की देश को ग्रीन-हाइड्रोजन उत्पादन व निर्यात का वैश्विक हब बनाने की महत्वाकांक्षा में फिट बैठता है। सहायक राज्य नीति (UP ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024), समर्पित वित्तपोषण अभिकरण (UPNEDA) और विश्व-स्तरीय शैक्षणिक विशेषज्ञता को जोड़कर केंद्र लागत में कमी, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और उद्योग संपर्क को तेज़ कर सकता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
- ◆ IIT कानपुर ने (20 जुलाई 2026) ECOGEN नामक ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा की।
- ◆ ECOGEN = Centre of Excellence on Innovative and Integrated Ecosystem for Green Hydrogen।
- ◆ UP सरकार ने मंज़ूरी दी और UPNEDA ने UP ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 के तहत स्वीकृत किया।
- ◆ ग्रीन हाइड्रोजन नवीकरणीय बिजली से पानी के इलेक्ट्रोलिसिस (सौर/पवन) द्वारा बनता है; एक निम्न-कार्बन ईंधन।
- ◆ केंद्र पूरी मूल्य शृंखला कवर करता है: उत्पादन, भंडारण, परिवहन, सुरक्षा, परीक्षण, प्रदर्शन व औद्योगिक उपयोग।
- ◆ डॉ. प्रबोध बाजपेयी (सतत ऊर्जा इंजीनियरिंग, IIT कानपुर) प्रधान अन्वेषक हैं।
- ◆ 16 दिसंबर 2025 को UP ने IIT कानपुर और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के साथ संयुक्त ग्रीन हाइड्रोजन CoE मंज़ूर की।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्र1. ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र "ECOGEN" कौन-सा संस्थान स्थापित करेगा?
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उत्तर: B – IIT कानपुर
व्याख्या: IIT कानपुर ने 20 जुलाई 2026 को घोषणा की कि वह ECOGEN नामक ग्रीन हाइड्रोजन CoE स्थापित करेगा।
प्र2. ECOGEN किस पर केंद्रित है?
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उत्तर: B – ग्रीन हाइड्रोजन शोध और नवाचार
व्याख्या: ECOGEN एक उत्कृष्टता केंद्र है जो ग्रीन हाइड्रोजन मूल्य शृंखला में शोध व नवाचार पर केंद्रित है।
प्र3. ग्रीन हाइड्रोजन किससे बनता है?
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उत्तर: B – नवीकरणीय बिजली से पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा
व्याख्या: ग्रीन हाइड्रोजन सौर या पवन जैसे नवीकरणीय स्रोतों से बिजली का उपयोग कर पानी को इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा विभाजित कर बनता है।
प्र4. केंद्र को किस अभिकरण ने स्वीकृत किया?
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उत्तर: B – UPNEDA
व्याख्या: प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) ने स्वीकृत किया।
प्र5. केंद्र किस नीति के तहत मंज़ूर किया गया?
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उत्तर: B – UP ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024
व्याख्या: केंद्र उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 के तहत मंज़ूर किया गया।
प्र6. ECOGEN केंद्र के प्रधान अन्वेषक कौन हैं?
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उत्तर: A – डॉ. प्रबोध बाजपेयी
व्याख्या: IIT कानपुर के सतत ऊर्जा इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रबोध बाजपेयी प्रधान अन्वेषक हैं।
प्र7. ग्रीन हाइड्रोजन को निम्न-कार्बन ईंधन क्यों कहा जाता है?
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उत्तर: B – इसकी उत्पादन प्रक्रिया जीवाश्म-ईंधन हाइड्रोजन के प्रत्यक्ष CO2 उत्सर्जन से बचती है
व्याख्या: ग्रीन हाइड्रोजन का नवीकरणीय-इलेक्ट्रोलिसिस मार्ग जीवाश्म-ईंधन हाइड्रोजन के प्रत्यक्ष CO2 उत्सर्जन से बचता है, अतः यह निम्न-कार्बन है।
प्र8. कथन: 1) ECOGEN पूरी हाइड्रोजन मूल्य शृंखला कवर करता है। 2) UPNEDA ने इसे स्वीकृत किया। 3) इसका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन लागत बढ़ाना है। कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: A – केवल 1 और 2
व्याख्या: ECOGEN पूरी मूल्य शृंखला कवर करता है और UPNEDA ने स्वीकृत किया। इसका उद्देश्य उत्पादन लागत बढ़ाना नहीं बल्कि घटाना है (अतः कथन 3 गलत)।
प्र9. IIT कानपुर के साथ एक अलग संयुक्त ग्रीन हाइड्रोजन CoE में कौन-सी यूनिवर्सिटी शामिल है?
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उत्तर: B – हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU)
व्याख्या: 16 दिसंबर 2025 को UP ने IIT कानपुर और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी की संयुक्त ग्रीन हाइड्रोजन CoE मंज़ूर की।
प्र10. ECOGEN जिस मुख्य बाधा को विशेष रूप से संबोधित करना चाहता है, वह है:
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उत्तर: B – ग्रीन हाइड्रोजन की उच्च उत्पादन लागत
व्याख्या: केंद्र विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन की उत्पादन लागत घटाने पर काम करता है, जो वर्तमान में बड़े पैमाने पर अपनाने की सबसे बड़ी बाधा है।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ पर्यावरण एवं ऊर्जा (GS पेपर 3): ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और नेट-ज़ीरो लक्ष्य प्रमुख परीक्षा विषय हैं।
- ➜ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: इलेक्ट्रोलिसिस, हाइड्रोजन मूल्य शृंखला और स्वच्छ-ईंधन प्रौद्योगिकी।
- ➜ गवर्नेंस एवं संघवाद: राज्य नीति (UP ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024) और अभिकरण UPNEDA।
- ➜ संस्थान: स्वच्छ-ऊर्जा शोध क्षमता में IITs और उत्कृष्टता केंद्रों की भूमिका।
- ➜ प्रीलिम्स तथ्य: ECOGEN, UPNEDA, UP ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024, HBTU तैयार वन-लाइनर हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
"शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र स्वच्छ-ऊर्जा शोध और औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच की खाई पाट सकते हैं।" IIT कानपुर की ग्रीन हाइड्रोजन पहल ECOGEN और भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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