अभ्यास की रूपरेखा एवं प्रमुख उद्देश्य
यह अभ्यास वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें वास्तविक सैनिक, उपकरण एवं भूभाग का उपयोग हो रहा है। इसमें त्वरित सैन्य लामबंदी, युद्धक्षेत्र तैनाती, संयुक्त अभियान, कमांड एवं नियंत्रण समन्वय तथा रसद आपूर्ति जैसे पहलुओं को परखा जा रहा है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें शांति काल से युद्धकालीन स्थिति में तेजी से परिवर्तन की क्षमता का आकलन किया जा रहा है — यानी कम चेतावनी समय पर सेना की प्रतिक्रिया।
सैन्य इकाइयों एवं उपकरणों की भागीदारी
अभ्यास में ताइवान की 269वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड की युद्धक इकाइयों ने भाग लिया। ताओयुआन के छिंगपू क्षेत्र में CM32, CM33 एवं CM34 "क्लाउडेड लेपर्ड" आठ-पहिया बख्तरबंद वाहन रक्षात्मक मोर्चों की ओर बढ़ते देखे गए। ये स्वदेशी रूप से विकसित वाहन सैनिकों की सुरक्षित आवाजाही, तेज तैनाती एवं विविध अभियानों हेतु महत्वपूर्ण हैं और आधुनिक तकनीक व गतिशीलता के कारण ताइवान की रक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
पृष्ठभूमि एवं सुरक्षा परिदृश्य
इस अभ्यास की शुरुआत मार्च 2025 में ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य कारण चीन की बढ़ती "ग्रे-जोन" गतिविधियां थीं। ग्रे-जोन रणनीति वे कार्रवाइयां हैं जो खुले युद्ध की सीमा से नीचे रहकर दबाव बनाती हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार 21-22 जून 2026 के दौरान द्वीप के आसपास 21 से 23 चीनी सैन्य विमानों एवं कई नौसैनिक पोतों की गतिविधियां दर्ज की गईं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं।
ताइवान-चीन तनाव एवं संबंधित तथ्य: विस्तृत जानकारी
- हान कुआंग अभ्यास: ताइवान का सबसे बड़ा वार्षिक युद्धाभ्यास, जो दशकों से आयोजित हो रहा है; 2026 में यह अगस्त में प्रस्तावित है।
- ग्रे-जोन रणनीति: इसमें सैन्य दबाव, हवाई गश्त, नौसैनिक उपस्थिति आदि शामिल हैं, जो औपचारिक युद्ध घोषित किए बिना की जाती हैं।
- मीडियन लाइन: ताइवान जलडमरूमध्य की अनौपचारिक विभाजन रेखा, जिसका चीनी विमानों द्वारा बार-बार उल्लंघन तनाव बढ़ाता है।
- "वन-चाइना" नीति: चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है; भारत भी आधिकारिक रूप से इसी नीति का पालन करता है, यद्यपि आर्थिक संबंध मौजूद हैं।
- ताइवान की राजधानी: ताइपे; मुद्रा: न्यू ताइवान डॉलर।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- ताइवान ने 22-26 जून 2026 तक पांच दिवसीय "इमीडिएट कॉम्बैट रेडीनेस एक्सरसाइज" आयोजित किया।
- अभ्यास की शुरुआत मार्च 2025 में रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने की थी।
- 269वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड एवं CM32/33/34 क्लाउडेड लेपर्ड वाहन शामिल।
- 21-22 जून को द्वीप के आसपास 21-23 चीनी विमान दर्ज किए गए।
- हान कुआंग ताइवान का सबसे बड़ा वार्षिक युद्धाभ्यास है (अगस्त 2026 प्रस्तावित)।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्र.1: "ग्रे-जोन" रणनीति क्या है और यह पारंपरिक युद्ध से कैसे भिन्न है?
उत्तर: ग्रे-जोन रणनीति में हवाई गश्त, नौसैनिक उपस्थिति एवं सैन्य दबाव जैसी कार्रवाइयां शामिल होती हैं जो खुले युद्ध की औपचारिक सीमा से नीचे रहकर प्रतिद्वंद्वी पर निरंतर दबाव बनाती हैं, जिससे प्रत्यक्ष युद्ध घोषित किए बिना रणनीतिक लाभ प्राप्त किया जाता है।
प्र.2: ताइवान जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ताइवान जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार एवं सेमीकंडक्टर आपूर्ति-श्रृंखला का प्रमुख गलियारा है। यहाँ किसी भी संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तकनीकी आपूर्ति एवं इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा सीधे प्रभावित होती है, इसलिए यह क्षेत्र वैश्विक भू-राजनीति का केंद्र है।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- ताइवान का यह तत्काल युद्धक अभ्यास कितने दिन का था? (A) तीन (B) पांच (C) सात (D) दस — उत्तर: (B) पांच
- अभ्यास में शामिल बख्तरबंद वाहन कौन-से थे? (A) टी-90 (B) अर्जुन (C) क्लाउडेड लेपर्ड (D) लेपर्ड-2 — उत्तर: (C) क्लाउडेड लेपर्ड (CM32/33/34)
- ताइवान का सबसे बड़ा वार्षिक युद्धाभ्यास कौन-सा है? (A) मालाबार (B) हान कुआंग (C) युद्ध अभ्यास (D) कोप इंडिया — उत्तर: (B) हान कुआंग
- अभ्यास की शुरुआत किसने (मार्च 2025) की? (A) त्साई इंग-वेन (B) वेलिंगटन कू (C) लाई चिंग-ते (D) विलियम लाई — उत्तर: (B) वेलिंगटन कू
- ताइवान की राजधानी क्या है? (A) काऔस्यूंग (B) ताइचुंग (C) ताइपे (D) ताइनान — उत्तर: (C) ताइपे