भारत में आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक एवं तकनीक-संचालित बनाने हेतु 22 जून 2026 को नई दिल्ली में चार नए डिजिटल पुलिसिंग एप्लिकेशन लॉन्च किए गए — अभिज्ञान, क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन (CrPI), ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0 एवं ई-फॉरेंसिक्स 2.0। ये सभी एकीकृत आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) से जुड़े हैं, जो पुलिस, न्यायालयों, जेलों एवं फॉरेंसिक संस्थानों के बीच डिजिटल डेटा साझा करने की सुविधा देती है।

एकीकृत आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) की भूमिका

एकीकृत आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) भारत की एक महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य आपराधिक न्याय से जुड़े विभिन्न संस्थानों — पुलिस, न्यायालय, जेल एवं फॉरेंसिक सेवाएं — को एक मंच पर जोड़ना है। यह प्रणाली पुलिसिंग, अपराधियों की पहचान, फॉरेंसिक जांच एवं अभियोजन प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित करती है। इसके माध्यम से विभागों के बीच डेटा का त्वरित आदान-प्रदान संभव होता है, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आती है और प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है।

अभिज्ञान और NAFIS की विशेषताएं

अभिज्ञान एक स्मार्टफोन आधारित एप्लिकेशन है, जिसे विशेष रूप से फील्ड में कार्यरत पुलिसकर्मियों के लिए विकसित किया गया है। यह राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) से जुड़ा है, जिसमें 1.29 करोड़ से अधिक व्यक्तियों के रिकॉर्ड एवं लगभग 1.3 करोड़ फिंगरप्रिंट सुरक्षित हैं। दो-स्तरीय प्रमाणीकरण के माध्यम से सुरक्षित पहुंच प्रदान करते हुए यह किसी संदिग्ध की पहचान लगभग 35 सेकंड में कर सकता है, जिससे पुलिस को मौके पर ही त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

CrPI, ई-फॉरेंसिक्स 2.0 एवं ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0

क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन (CrPI) आधुनिक बायोमेट्रिक तकनीकों — चेहरे की पहचान, आईरिस मिलान एवं DNA मिलान — का उपयोग कर पहचान को अधिक सटीक बनाता है। ई-फॉरेंसिक्स 2.0 फॉरेंसिक साक्ष्यों का डिजिटल प्रबंधन करता है, जिससे साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण एवं विश्लेषण की प्रक्रिया व्यवस्थित बनती है। ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0 अभियोजन मामलों के प्रबंधन एवं निगरानी हेतु विकसित किया गया है, जो केस ट्रैकिंग, दस्तावेज प्रबंधन एवं पारदर्शिता बढ़ाता है। इन तीनों के साथ अभिज्ञान मिलकर पहचान से लेकर साक्ष्य प्रसंस्करण एवं अभियोजन निगरानी तक एक संपूर्ण डिजिटल श्रृंखला बनाते हैं।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में डिजिटल पुलिसिंग

विश्व के कई देश कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इसी क्रम में यूनाइटेड किंगडम ने जून 2026 में पुलिसएआई (PolicingAI) नामक राष्ट्रीय केंद्र की शुरुआत की, जिसके लिए तीन वर्षों में 75 मिलियन पाउंड की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसका उद्देश्य इंग्लैंड एवं वेल्स में पुलिसिंग हेतु AI आधारित उपकरणों का विकास एवं विस्तार करना है।

डिजिटल पुलिसिंग एप्लिकेशन: विस्तृत जानकारी एक नज़र में

  • अभिज्ञान: स्मार्टफोन आधारित; NAFIS से जुड़ा; 35 सेकंड में संदिग्ध पहचान।
  • CrPI: चेहरा, आईरिस एवं DNA मिलान जैसी बायोमेट्रिक तकनीकें।
  • ई-फॉरेंसिक्स 2.0: फॉरेंसिक साक्ष्यों का डिजिटल संग्रह एवं प्रबंधन।
  • ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0: अभियोजन केस ट्रैकिंग एवं दस्तावेज प्रबंधन।
  • NAFIS: भारत का प्रमुख फिंगरप्रिंट डेटाबेस (1.29 करोड़+ रिकॉर्ड)।
  • ICJS: पुलिस, न्यायालय, जेल एवं फॉरेंसिक को जोड़ने वाला राष्ट्रीय डिजिटल मंच।

📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)

  • 22 जून 2026 — नई दिल्ली में चार डिजिटल पुलिसिंग एप्लिकेशन लॉन्च।
  • चार एप्लिकेशन: अभिज्ञान, CrPI, ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0, ई-फॉरेंसिक्स 2.0 (सभी ICJS से जुड़े)।
  • अभिज्ञान NAFIS से जुड़ा; 35 सेकंड में पहचान; दो-स्तरीय प्रमाणीकरण।
  • NAFIS: 1.29 करोड़+ रिकॉर्ड एवं ≈ 1.3 करोड़ फिंगरप्रिंट।
  • CrPI में चेहरा, आईरिस एवं DNA मिलान।
  • UK ने जून 2026 में PolicingAI केंद्र शुरू किया (3 वर्ष में 75 मिलियन पाउंड)।

🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्र.1: एकीकृत आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) क्या है और यह आपराधिक न्याय व्यवस्था को किस प्रकार सशक्त बनाती है?
उत्तर: ICJS एक राष्ट्रीय डिजिटल मंच है जो पुलिस, न्यायालय, जेल एवं फॉरेंसिक सेवाओं को एकीकृत करता है। यह विभागों के बीच त्वरित डेटा आदान-प्रदान सक्षम करता है, जिससे जांच, साक्ष्य प्रबंधन एवं अभियोजन में तेजी, पारदर्शिता एवं समन्वय बढ़ता है तथा मामलों के निपटारे में दक्षता आती है।

प्र.2: पुलिसिंग में बायोमेट्रिक एवं AI तकनीकों के उपयोग के लाभ एवं चुनौतियां क्या हैं?
उत्तर: लाभ: तीव्र एवं सटीक पहचान, बेहतर साक्ष्य प्रबंधन, अपराध जांच में दक्षता तथा संसाधनों का प्रभावी उपयोग। चुनौतियां: निजता एवं डेटा सुरक्षा का प्रश्न, एल्गोरिद्मिक पूर्वाग्रह, निगरानी का दुरुपयोग एवं नागरिक स्वतंत्रता पर प्रभाव। अतः इनके उपयोग हेतु मजबूत डेटा संरक्षण ढांचा एवं जवाबदेही आवश्यक है।

📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs

  1. 22 जून 2026 को कितने नए डिजिटल पुलिसिंग एप्लिकेशन लॉन्च हुए?
    (a) दो (b) तीन (c) चार (d) पांच
    उत्तर: (c) चार
  2. "अभिज्ञान" एप्लिकेशन किस प्रणाली से जुड़ा है?
    (a) CCTNS (b) NAFIS (c) Aadhaar (d) DigiLocker
    उत्तर: (b) NAFIS
  3. अभिज्ञान किसी संदिग्ध की पहचान लगभग कितने समय में कर सकता है?
    (a) 5 सेकंड (b) 35 सेकंड (c) 2 मिनट (d) 10 मिनट
    उत्तर: (b) 35 सेकंड
  4. CrPI में निम्न में से कौन सी तकनीक शामिल नहीं है?
    (a) चेहरे की पहचान (b) आईरिस मिलान (c) DNA मिलान (d) आवाज क्लोनिंग
    उत्तर: (d) आवाज क्लोनिंग
  5. "PolicingAI" राष्ट्रीय केंद्र किस देश ने शुरू किया?
    (a) अमेरिका (b) यूनाइटेड किंगडम (c) फ्रांस (d) जर्मनी
    उत्तर: (b) यूनाइटेड किंगडम

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