By Vikas Sir, Founder & Senior Faculty – Cosmo Classes | 10 July 2026
भारत सरकार ने घरेलू विनिर्माताओं को सस्ते आयात से बचाने के लिए चीन से आयातित सीमलेस स्टील ट्यूब और पाइप पर लगाई गई एंटी-डंपिंग ड्यूटी को जनवरी 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह ड्यूटी वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) की सिफारिश पर लगाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी उत्पादक अपने माल को उचित बाजार मूल्य से कम कीमत पर भारत में न बेच सकें।
डंपिंग उस स्थिति को कहते हैं जब कोई देश अपने उत्पाद को उसके सामान्य घरेलू मूल्य (नॉर्मल वैल्यू) से कम कीमत पर किसी अन्य देश में निर्यात करता है। इससे आयातक देश के घरेलू उद्योग को नुकसान पहुँचता है। इसकी भरपाई के लिए विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाती है, जो डंपिंग मार्जिन के बराबर होती है। भारत ने यह कदम आत्मनिर्भर भारत और घरेलू इस्पात क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की व्यापक रणनीति के तहत उठाया है।
सीमलेस स्टील ट्यूब का उपयोग तेल एवं गैस, बिजली संयंत्रों, बॉयलर, ऑटोमोबाइल और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होता है। सस्ते चीनी आयात के कारण भारतीय निर्माताओं की क्षमता उपयोग और मुनाफा दोनों प्रभावित हो रहे थे। इस ड्यूटी के विस्तार से घरेलू उत्पादकों को स्थिर बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और नए निवेश का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा।
यह निर्णय भारत की व्यापक व्यापार उपचार नीति का हिस्सा है, जिसमें एंटी-डंपिंग ड्यूटी, काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) और सेफगार्ड ड्यूटी जैसे उपकरण शामिल हैं। हालाँकि, ऐसे कदमों को WTO के अनुशासन के भीतर संतुलित रखना आवश्यक है ताकि यह संरक्षणवाद में न बदल जाए। समग्र रूप से यह विस्तार घरेलू इस्पात उद्योग की सुरक्षा और भारत की आयात निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परीक्षा तथ्य (Exam Facts)
▶ भारत ने चीनी सीमलेस स्टील ट्यूब पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी जनवरी 2027 तक बढ़ाई।
▶ सिफारिश व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) द्वारा की जाती है, जो वाणिज्य मंत्रालय के अधीन है।
▶ ड्यूटी अंतिम रूप से वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचित की जाती है।
▶ एंटी-डंपिंग ड्यूटी WTO नियमों के अनुरूप डंपिंग मार्जिन के आधार पर लगाई जाती है।
▶ व्यापार उपचार के तीन प्रमुख उपकरण: एंटी-डंपिंग, काउंटरवेलिंग (CVD) और सेफगार्ड ड्यूटी।
▶ सीमलेस स्टील ट्यूब का उपयोग तेल-गैस, बिजली, बॉयलर एवं रक्षा क्षेत्रों में होता है।
अभ्यास सेट (10 प्रश्न)
प्र1. चीनी सीमलेस स्टील ट्यूब पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी किस तिथि तक बढ़ाई गई है?
A. जनवरी 2026
B. जनवरी 2027
C. जुलाई 2027
D. मार्च 2028
उत्तर देखें
उत्तर: B – यह ड्यूटी जनवरी 2027 तक बढ़ाई गई है।
प्र2. एंटी-डंपिंग ड्यूटी की सिफारिश कौन करता है?
A. RBI
B. DGTR
C. SEBI
D. NITI आयोग
उत्तर देखें
उत्तर: B – व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR)।
प्र3. DGTR किस मंत्रालय के अधीन है?
A. वित्त मंत्रालय
B. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
C. गृह मंत्रालय
D. इस्पात मंत्रालय
उत्तर देखें
उत्तर: B – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
प्र4. एंटी-डंपिंग ड्यूटी किस अंतरराष्ट्रीय संगठन के नियमों के अनुरूप लगाई जाती है?
A. IMF
B. विश्व बैंक
C. WTO
D. UNCTAD
उत्तर देखें
उत्तर: C – विश्व व्यापार संगठन (WTO)।
प्र5. "डंपिंग" का अर्थ क्या है?
A. उत्पाद को सामान्य मूल्य से कम पर निर्यात करना
B. उत्पाद पर अधिक कर लगाना
C. आयात पर प्रतिबंध
D. निर्यात सब्सिडी देना
उत्तर देखें
उत्तर: A – सामान्य घरेलू मूल्य से कम कीमत पर निर्यात करना।
प्र6. निम्न में से कौन व्यापार उपचार उपकरण नहीं है?
A. एंटी-डंपिंग ड्यूटी
B. काउंटरवेलिंग ड्यूटी
C. सेफगार्ड ड्यूटी
D. आयकर
उत्तर देखें
उत्तर: D – आयकर व्यापार उपचार उपकरण नहीं है।
प्र7. काउंटरवेलिंग ड्यूटी किसके विरुद्ध लगाई जाती है?
A. विदेशी सब्सिडी
B. मुद्रा अवमूल्यन
C. उच्च मुद्रास्फीति
D. आयात कोटा
उत्तर देखें
उत्तर: A – विदेशी सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी के प्रभाव को संतुलित करने हेतु।
प्र8. सीमलेस स्टील ट्यूब का प्रमुख उपयोग किस क्षेत्र में होता है?
A. कपड़ा
B. तेल एवं गैस
C. कृषि बीज
D. साबुन निर्माण
उत्तर देखें
उत्तर: B – तेल एवं गैस, बिजली, बॉयलर आदि क्षेत्रों में।
प्र9. एंटी-डंपिंग ड्यूटी को अंतिम रूप से कौन अधिसूचित करता है?
A. DGTR
B. वित्त मंत्रालय का राजस्व विभाग
C. RBI
D. वाणिज्य सचिव
उत्तर देखें
उत्तर: B – वित्त मंत्रालय का राजस्व विभाग।
प्र10. एंटी-डंपिंग ड्यूटी की राशि किस पर आधारित होती है?
A. डंपिंग मार्जिन
B. GDP
C. मुद्रास्फीति
D. रेपो दर
उत्तर देखें
उत्तर: A – डंपिंग मार्जिन के आधार पर।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- UPSC प्रारंभिक: अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, WTO, व्यापार उपचार उपकरण।
- UPSC मुख्य – GS पेपर III: भारतीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, विदेश व्यापार नीति एवं संरक्षणवाद।
- RPSC (RAS): अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संगठन एवं समसामयिकी।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
प्र. भारत की व्यापार उपचार नीति के संदर्भ में एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भूमिका की विवेचना कीजिए। यह घरेलू उद्योग की रक्षा और मुक्त व्यापार के बीच संतुलन कैसे बनाती है? (250 शब्द, 15 अंक)
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