दिल्ली सरकार ने 30 जून 2026 को राजधानी की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी। ये योजनाएं पुरातत्व विभाग के अंतर्गत संरक्षित 75 स्मारकों पर लागू होंगी। इनका उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण, रखरखाव में सुधार तथा आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
🏛️ मुख्यमंत्री स्मारक गोद लेने की योजना
इस योजना के तहत निजी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) तथा इच्छुक व्यक्तियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से स्मारकों के संरक्षण में भागीदारी का अवसर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत ‘स्मारक मित्र’ पांच वर्षों के लिए किसी स्मारक को गोद ले सकेंगे।
💰 संरक्षण कार्यों के लिए अनुदान योजना
दूसरी योजना स्मारकों के संरक्षण, पुनर्स्थापन और विकास कार्यों के लिए अनुदान योजना है। इसके अंतर्गत पात्र और विशेषज्ञ संस्थानों को अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना संरक्षित धरोहरों के मूल संरक्षण, पुनर्स्थापन, संरचनात्मक सुधार तथा अन्य तकनीकी कार्यों को समर्थन देगी।
🗺️ प्रमुख धरोहर स्थल और प्रशासनिक व्यवस्था
गोद लेने योग्य स्मारकों की सूची में मिर्ज़ा ग़ालिब की हवेली, भूली भटियारी का महल, म्यूटिनी मेमोरियल तथा दारा शिकोह पुस्तकालय भवन जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस मॉडल से प्रत्येक स्मारक के रखरखाव पर प्रतिवर्ष लगभग 4.5 लाख रुपये की बचत हो सकती है।
📌 खबर से जुड़े मुख्य जीके तथ्य
- दिल्ली प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 2004 दिल्ली में संरक्षित स्मारकों से संबंधित राज्य कानून है।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला केंद्रीय संगठन है, जो राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का संरक्षण करता है।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का उपयोग भारत में विरासत संरक्षण, पर्यटन और आधारभूत संरचना परियोजनाओं में किया जाता है।
- मिर्ज़ा ग़ालिब 19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध उर्दू कवि थे, जिनका दिल्ली से गहरा संबंध रहा है।
🏁 निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की ये दोनों योजनाएं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में जनभागीदारी और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। स्मारकों को गोद लेने की व्यवस्था, वित्तीय सहायता और आय के पुनर्निवेश की नीति से राजधानी की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
📝 अभ्यास प्रश्न (MCQs)
Q1. दिल्ली सरकार द्वारा मंजूर की गई नई धरोहर योजनाएं कितने संरक्षित स्मारकों पर लागू होंगी?
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: C) 75
ये योजनाएं पुरातत्व विभाग के अंतर्गत संरक्षित 75 स्मारकों पर लागू होंगी।
Q2. स्मारक गोद लेने की योजना के तहत ‘स्मारक मित्र’ कितने वर्षों के लिए स्मारक गोद ले सकेंगे?
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: B) 5 वर्ष
स्मारक मित्र पांच वर्षों के लिए किसी स्मारक को गोद ले सकेंगे।
Q3. अनुदान योजना के अंतर्गत अधिकतम कितनी वित्तीय सहायता दी जाएगी?
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: B) 2 करोड़ रुपये
पात्र संस्थानों को अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
Q4. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) किस मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?
✅ उत्तर देखें
सही उत्तर: B) संस्कृति मंत्रालय
ASI संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला केंद्रीय संगठन है।