गाजा में गहराता स्वास्थ्य संकट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 20 जून 2026 तक गाजा के 36 अस्पतालों में से केवल 19 ही आंशिक रूप से कार्यरत थे। आवश्यक 520 दवाओं में से लगभग 180 अनुपलब्ध हैं; डायलिसिस सामग्री, शल्य उपकरण, इंसुलिन एवं जनरेटर हेतु ईंधन की भारी कमी है। इससे लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच प्रभावित हुई है।
"आरोग्य मैत्री" पहल से सहायता की मांग
फिलिस्तीन ने भारत से अनुरोध किया कि वह अपनी मानवीय पहल "आरोग्य मैत्री" के माध्यम से जीवनरक्षक चिकित्सा सामग्री भेजे। यह पहल मानवीय संकट का सामना कर रहे देशों की सहायता हेतु शुरू की गई थी और इसके तहत भारत पहले भी विभिन्न देशों को दवाएँ, उपकरण और राहत सामग्री दे चुका है। "आरोग्य मैत्री" भारत की "वसुधैव कुटुम्बकम" एवं "विश्वबंधु" कूटनीति का प्रतीक है, जो वैक्सीन मैत्री जैसी पहलों की तर्ज पर मानवीय सहायता प्रदान करती है।
मरीजों पर बढ़ता बोझ
दूतावास के अनुसार 2026 की शुरुआत से अब तक 11,000+ निर्धारित सर्जरियाँ स्थगित करनी पड़ी हैं। संसाधनों की कमी से समय पर उपचार बाधित है — विशेषकर लगभग 4,000 कैंसर रोगी आवश्यक दवाओं के अभाव में तत्काल स्वास्थ्य जोखिम का सामना कर रहे हैं।
भारत का कूटनीतिक रुख
भारत लंबे समय से इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान का समर्थक रहा है और गाजा में स्थायी युद्धविराम व शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देता है। मानवीय मोर्चे पर भारत ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों हेतु कार्यरत UNRWA को वार्षिक 25 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है। यह संतुलित दृष्टिकोण क्षेत्रीय शांति और मानवीय सहायता दोनों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
इजराइल-फिलिस्तीन एवं संबंधित आवश्यक तथ्य
पृष्ठभूमि समझना परीक्षा हेतु उपयोगी है: गाजा पट्टी भूमध्यसागर के किनारे स्थित है और इसकी सीमा इजराइल व मिस्र से लगती है; पश्चिमी तट (West Bank) और पूर्वी यरुशलम के साथ इसे अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र कहा जाता है। भारत 1974 में PLO को मान्यता देने वाला तथा 1988 में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने वाले प्रथम गैर-अरब देशों में था। प्रमुख संगठन/संधियाँ: WHO (स्थापना 1948, मुख्यालय जिनेवा), UNRWA (1949 में स्थापित — विशेष रूप से फिलिस्तीनी शरणार्थियों हेतु), तथा शांति प्रयासों में ओस्लो समझौते (1993) महत्वपूर्ण रहे। भारत की मानवीय कूटनीति में आरोग्य मैत्री, वैक्सीन मैत्री और ऑपरेशन दोस्त (तुर्की भूकंप, 2023) जैसी पहलें शामिल हैं।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- 20 जून 2026: फिलिस्तीन की भारत से आरोग्य मैत्री के तहत चिकित्सा सहायता की अपील।
- गाजा के 36 में से केवल 19 अस्पताल आंशिक कार्यरत; 520 में से ~180 दवाएँ अनुपलब्ध।
- 11,000+ सर्जरियाँ स्थगित; ~4,000 कैंसर रोगी जोखिम में।
- भारत: दो-राष्ट्र समाधान का समर्थक; UNRWA को 25 लाख डॉलर सहायता।
- WHO – 1948, जिनेवा; UNRWA – 1949।
- भारत ने 1988 में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता दी।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1: भारत की मानवीय कूटनीति (humanitarian diplomacy) उसकी विदेश नीति को किस प्रकार सशक्त करती है? "आरोग्य मैत्री" के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
उत्तर: आरोग्य मैत्री, वैक्सीन मैत्री और ऑपरेशन दोस्त जैसी पहलें भारत को एक उत्तरदायी एवं विश्वसनीय वैश्विक भागीदार ("विश्वबंधु") के रूप में स्थापित करती हैं। ये सॉफ्ट पावर बढ़ाती हैं, ग्लोबल साउथ में नेतृत्व सुदृढ़ करती हैं और संकटग्रस्त क्षेत्रों में सद्भावना अर्जित कर रणनीतिक संबंध मजबूत करती हैं।
प्रश्न 2: इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के रुख की निरंतरता एवं संतुलन का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर: भारत ने ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीन के अधिकारों एवं दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया है, साथ ही इजराइल से रणनीतिक-तकनीकी संबंध भी विकसित किए हैं। यह "डी-हाइफनेशन" नीति भारत को मानवीय सहायता, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग के बीच संतुलन बनाए रखने में सक्षम बनाती है।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- भारत की किस पहल के तहत गाजा हेतु चिकित्सा सहायता मांगी गई?
(a) वैक्सीन मैत्री (b) आरोग्य मैत्री (c) सागर (d) नेबरहुड फर्स्ट
उत्तर: (b) आरोग्य मैत्री - WHO की स्थापना कब हुई?
(a) 1945 (b) 1948 (c) 1949 (d) 1950
उत्तर: (b) 1948 - फिलिस्तीनी शरणार्थियों हेतु कार्यरत संयुक्त राष्ट्र एजेंसी कौन-सी है?
(a) UNHCR (b) UNRWA (c) UNICEF (d) UNDP
उत्तर: (b) UNRWA - भारत इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर किसका समर्थन करता है?
(a) एक-राष्ट्र समाधान (b) दो-राष्ट्र समाधान (c) तटस्थता (d) इजराइल का एकतरफा समर्थन
उत्तर: (b) दो-राष्ट्र समाधान - गाजा पट्टी की सीमा किन देशों से लगती है?
(a) इजराइल और मिस्र (b) जॉर्डन और सीरिया (c) लेबनान और इराक (d) सऊदी और ईरान
उत्तर: (a) इजराइल और मिस्र