H5N1 एवं HPAI क्या है?
अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (HPAI) पक्षियों में फैलने वाला गंभीर वायरल रोग है, जो इन्फ्लूएंजा A वायरस के कारण होता है। H5N1 इसी का एक उपप्रकार है, जो मुख्यतः पक्षियों को प्रभावित करता है पर कुछ स्तनधारियों में भी संक्रमण की क्षमता रखता है। क्लेड 2.3.4.4b H5N1 का एक वंश है जिसकी वैश्विक स्तर पर निरंतर निगरानी होती है एवं जो प्रवासी पक्षियों के माध्यम से अनेक देशों तक पहुंचा है।
दक्षिणी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में मिले मामले
ब्राउन स्कुआ पक्षी 14 जून 2026 को केप ले ग्रैंड नेशनल पार्क में मृत मिला; 18 जून को उसी क्षेत्र में एक उत्तरी जायंट पेट्रेल प्रवासी पक्षी बीमार अवस्था में पाया गया। दोनों में H5N1 की पुष्टि हुई। यह ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि पर दर्ज पहले मामले थे, यद्यपि अभी तक बड़े पैमाने पर वन्यजीव मृत्यु या पोल्ट्री उद्योग में संक्रमण के संकेत नहीं मिले हैं।
जैव-सुरक्षा एवं निगरानी उपाय
पुष्टि के बाद अधिकारियों ने कृषि फार्मों पर जैव-सुरक्षा सख्त करना, तटीय पक्षियों की नियमित जांच, संवेदनशील प्रजातियों का टीकाकरण एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास जैसे एहतियाती कदम उठाए। उल्लेखनीय है कि 2025 के अंत में उप-अंटार्कटिक ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र हर्ड द्वीप पर H5N1 पहले ही पाया जा चुका था।
बर्ड फ्लू एवं संबंधित तथ्य: विस्तृत जानकारी
- CSIRO: ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान एजेंसी, संक्रामक रोगों की प्रयोगशाला जांच में महत्वपूर्ण।
- जूनोटिक जोखिम: H5N1 कभी-कभी मनुष्यों एवं स्तनधारियों को संक्रमित कर सकता है, अतः "वन हेल्थ" दृष्टिकोण आवश्यक।
- भारत में स्थिति: भारत में भी समय-समय पर बर्ड फ्लू प्रकोप होते रहे हैं; निगरानी ICAR एवं पशुपालन विभाग करते हैं।
- WOAH (पूर्व OIE): विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन, पशु रोगों की वैश्विक निगरानी हेतु।
- प्रसार माध्यम: प्रवासी जलपक्षी H5N1 के प्राकृतिक वाहक माने जाते हैं।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि पर H5N1 का पहला मामला (20 जून 2026)।
- स्थान: केप ले ग्रैंड नेशनल पार्क; पक्षी: ब्राउन स्कुआ एवं जायंट पेट्रेल।
- वायरस वंश: क्लेड 2.3.4.4b।
- हर्ड द्वीप पर 2025 के अंत में पहले ही पाया गया था।
- CSIRO जांच में प्रमुख भूमिका; "वन हेल्थ" दृष्टिकोण महत्वपूर्ण।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्र.1: "वन हेल्थ" दृष्टिकोण क्या है एवं H5N1 जैसी बीमारियों में यह क्यों प्रासंगिक है?
उत्तर: "वन हेल्थ" मानव, पशु एवं पर्यावरण स्वास्थ्य को परस्पर जुड़ा मानने वाला एकीकृत दृष्टिकोण है। H5N1 जैसे जूनोटिक वायरस पक्षियों से स्तनधारियों एवं मनुष्यों में फैल सकते हैं, अतः समन्वित निगरानी, शीघ्र पहचान एवं अंतर-क्षेत्रीय सहयोग से ही महामारी जोखिम को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
प्र.2: प्रवासी पक्षी संक्रामक रोगों के प्रसार में क्या भूमिका निभाते हैं?
उत्तर: प्रवासी जलपक्षी H5N1 जैसे वायरस के प्राकृतिक वाहक होते हैं एवं लंबी दूरी की उड़ान के दौरान वायरस को एक महाद्वीप से दूसरे तक पहुंचा सकते हैं। इसीलिए तटीय एवं आर्द्रभूमि क्षेत्रों में पक्षी-निगरानी प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का अनिवार्य हिस्सा है।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- H5N1 किस वायरस का उपप्रकार है? (A) कोरोना (B) इन्फ्लूएंजा A (C) निपाह (D) रोटा — उत्तर: (B) इन्फ्लूएंजा A
- मुख्य भूमि पर पहला मामला किस पक्षी में मिला? (A) पेंगुइन (B) ब्राउन स्कुआ (C) फ्लेमिंगो (D) मोर — उत्तर: (B) ब्राउन स्कुआ
- वायरस किस क्लेड वंश का था? (A) 2.3.4.4b (B) 1.1 (C) 5.1 (D) 3.2 — उत्तर: (A) 2.3.4.4b
- ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय वैज्ञानिक एजेंसी कौन है? (A) NASA (B) CSIRO (C) ISRO (D) DRDO — उत्तर: (B) CSIRO
- मुख्य भूमि से पहले H5N1 कहाँ मिला था? (A) तस्मानिया (B) हर्ड द्वीप (C) सिडनी (D) पर्थ — उत्तर: (B) हर्ड द्वीप