विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 14 जुलाई 2026

भारत ने सीमा निगरानी, ISR और लंबी दूरी के संचार हेतु दीर्घ-सहनशक्ति वाली निगरानी प्लेटफॉर्म बनाने के लिए स्वदेशी स्ट्रैटोस्फेरिक एयरशिप कार्यक्रम शुरू किया है।

भारत ने दीर्घ-सहनशक्ति निगरानी मिशनों के लिए डिज़ाइन किए गए स्वदेशी स्ट्रैटोस्फेरिक एयरशिप हेतु एयरशिप-आधारित हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम की अनुमानित लागत ₹15,000 करोड़ है और यह सीमा निगरानी, आसूचना, निगरानी एवं टोही (ISR) तथा लंबी दूरी के संचार से जुड़ा है। अधिक रक्षा समाचार हमारे दैनिक हिंदी करेंट अफेयर्स लेख में देखें।

हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (HAPS) हवा-से-हल्के या स्थिर-पंख वाले प्लेटफॉर्म हैं जो समताप मंडल (स्ट्रैटोस्फेयर) में सामान्यतः 20 किमी से 30 किमी की ऊँचाई पर संचालित होते हैं। ये निम्न-भू-कक्षा (LEO) उपग्रहों (लगभग 500–2,000 किमी) से नीचे और अधिकांश उच्च-ऊँचाई ड्रोन (लगभग 12 किमी) से ऊपर उड़ते हैं। कम लागत पर उपग्रह-जैसी सतत कवरेज इन्हें सीमा निगरानी हेतु आकर्षक बनाती है — संबंधित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नोट्स देखें।

HAPS प्लेटफॉर्म को स्वदेशी रूप से विकसित करके भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना और आयात-निर्भरता घटाना चाहता है। ऐसी प्रणालियाँ संवेदनशील नियंत्रण रेखा (LoC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर उपग्रहों व UAV की पूरक बन सकती हैं — यह विषय हमारे परीक्षा-केंद्रित करेंट अफेयर्स हब में शामिल है।

परीक्षा तथ्य

  • कार्यक्रम: एयरशिप-आधारित हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS)।
  • उद्देश्य: सीमा निगरानी, ISR व लंबी दूरी संचार।
  • लागत: अनुमानित ₹15,000 करोड़।
  • संचालन ऊँचाई: समताप मंडल, ~20–30 किमी।
  • थीम: स्वदेशी / रक्षा में आत्मनिर्भर भारत।

HAPS बनाम उपग्रह बनाम ड्रोन

प्लेटफॉर्म सामान्य ऊँचाई टिप्पणी
LEO उपग्रह ~500–2,000 किमी व्यापक कवरेज, महँगा
HAPS (AS-HAPS) ~20–30 किमी (समताप मंडल) सतत, कम लागत ISR
उच्च-ऊँचाई ड्रोन ~12 किमी कम सहनशक्ति

भारत और स्वदेशी रक्षा तकनीक

भारत DRDO व निजी उद्योग के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी ISR का विस्तार कर रहा है। AS-HAPS उपग्रहों और ड्रोन के बीच एक सतत स्ट्रैटोस्फेरिक परत जोड़ता है। परीक्षा संकेत: HAPS समताप मंडल (~20–30 किमी) में उड़ते हैं, अंतरिक्ष/कक्षा में नहीं।

अभ्यास प्रश्न

Q1. HAPS का पूर्ण रूप क्या है?
A) High Altitude Payload System  
B) High Altitude Pseudo Satellite  
C) Heavy Airborne Patrol System  
D) Hybrid Aerial Positioning Satellite

उत्तर देखें

ANS. B. High Altitude Pseudo Satellite।

Q2. HAPS सामान्यतः किस ऊँचाई सीमा में संचालित होते हैं?
A) 5–10 किमी  
B) 20–30 किमी  
C) 100–200 किमी  
D) 500–2,000 किमी

उत्तर देखें

ANS. B. समताप मंडल में, लगभग 20–30 किमी।

Q3. AS-HAPS कार्यक्रम की अनुमानित लागत कितनी है?
A) ₹1,500 करोड़  
B) ₹5,000 करोड़  
C) ₹15,000 करोड़  
D) ₹50,000 करोड़

उत्तर देखें

ANS. C. ₹15,000 करोड़।

Q4. AS-HAPS मुख्यतः किस उद्देश्य हेतु है?
A) मेघ बीजन  
B) सीमा निगरानी व ISR  
C) यात्री परिवहन  
D) कार्गो डिलीवरी

उत्तर देखें

ANS. B. सीमा निगरानी, ISR व संचार।

Q5. LEO उपग्रहों की तुलना में HAPS उड़ते हैं:
A) अधिक ऊँचाई पर  
B) समान ऊँचाई पर  
C) कम ऊँचाई पर  
D) भूस्थिर कक्षा में

उत्तर देखें

ANS. C. बहुत नीचे, समताप मंडल में।

Q6. AS-HAPS के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह एक विदेश से आयातित निगरानी प्रणाली है।
2. HAPS समताप मंडल में ~20–30 किमी पर संचालित होते हैं।
3. यह सीमा निगरानी और ISR का समर्थन करता है।
कौन-से कथन सही हैं?
A) 1 और 2  
B) 2 और 3  
C) 1 और 3  
D) 1, 2 और 3

उत्तर देखें

ANS. B. AS-HAPS स्वदेशी है, अतः कथन 1 गलत है।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

UPSC प्रीलिम्स: HAPS, ISR, समताप मंडल, स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्म।
UPSC मेन्स – GS पेपर III: सुरक्षा — सीमा प्रबंधन व रक्षा स्वदेशीकरण।
RPSC / SSC: रक्षा करेंट अफेयर्स एवं विज्ञान व प्रौद्योगिकी।

मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

GS पेपर III: "हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट भारत की सीमा निगरानी संरचना में उपग्रहों और ड्रोन के बीच के अंतर को पाट सकते हैं।" AS-HAPS कार्यक्रम के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (250 शब्द · 15 अंक)