भारत में औद्योगिक तकनीक और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत कार्यरत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने 30 जून 2026 को प्योरट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को उसके लोड मैग्नेटिक ओवरलोड (एलएमओ) सेंसर के व्यावसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की। यह भारत का पहला कॉन्टैक्टलेस लोड मापन सेंसर बताया जा रहा है।

🧲 एलएमओ सेंसर की कार्यप्रणाली

एलएमओ सेंसर गैर-संपर्क चुंबकीय संवेदन सिद्धांत पर आधारित है। पारंपरिक लोड सेल में भार मापने के लिए यांत्रिक स्ट्रेन गेज का उपयोग किया जाता है, जबकि एलएमओ प्रणाली में मैग्नेटिक सेंसर, डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग और प्रोग्रामेबल एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स का उपयोग होता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सेंसर और मापे जाने वाले भार के बीच प्रत्यक्ष संपर्क आवश्यक नहीं होता।

⚙️ औद्योगिक स्वचालन में उपयोग

एलएमओ कॉन्टैक्टलेस लोड मापन प्रणाली को आधुनिक औद्योगिक स्वचालन प्रणालियों के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। यह पीएलसी (प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर), स्काडा (SCADA) तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित औद्योगिक नेटवर्क के साथ संगत है, जिससे मशीनों की निगरानी, स्वचालित नियंत्रण और डेटा संग्रह में सहायता मिलती है।

🛡️ सुरक्षा और औद्योगिक उपयोग

यह तकनीक विशेष रूप से लिफ्ट, क्रेन, होइस्ट, मटेरियल हैंडलिंग उपकरण तथा केबल मशीनरी जैसे उपकरणों में उपयोग के लिए विकसित की गई है। इन मशीनों में भार की सटीक निगरानी संचालन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। एलएमओ प्रणाली भार मापन को अधिक सटीक बनाने के साथ-साथ रखरखाव और बार-बार कैलिब्रेशन की आवश्यकता को भी कम करती है।

🇮🇳 स्वदेशी नवाचार को प्रोत्साहन

प्योरट्रॉनिक्स इंडिया द्वारा विकसित यह तकनीक भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड का उद्देश्य ऐसी स्वदेशी तकनीकों को वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे व्यावसायिक स्तर पर सफल होकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भागीदारी बढ़ा सकें।

📌 खबर से जुड़े मुख्य जीके तथ्य

  • प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत कार्य करता है।
  • पारंपरिक लोड सेल में भार मापन के लिए सामान्यतः स्ट्रेन गेज का उपयोग किया जाता है।
  • स्काडा (SCADA) प्रणाली का उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिए किया जाता है।
  • आईओटी (Internet of Things) परस्पर जुड़े उपकरणों और सेंसरों का नेटवर्क है, जो डेटा का आदान-प्रदान कर सकते हैं।

🏁 निष्कर्ष

एलएमओ सेंसर का विकास भारत के औद्योगिक नवाचार और स्वदेशी तकनीकी क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। कॉन्टैक्टलेस लोड मापन, आधुनिक औद्योगिक स्वचालन प्रणालियों के साथ अनुकूलता और कम रखरखाव जैसी विशेषताएँ इसे भविष्य की औद्योगिक तकनीकों में एक अहम स्थान दिलाती हैं।

📝 अभ्यास प्रश्न (MCQs)

Q1. भारत के पहले कॉन्टैक्टलेस एलएमओ सेंसर को वित्तीय सहायता किस संस्था ने प्रदान की?

A. इसरो
B. प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB)
C. डीआरडीओ
D. नीति आयोग
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB)

DST के अंतर्गत कार्यरत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने वित्तीय सहायता प्रदान की।

Q2. एलएमओ सेंसर किस सिद्धांत पर आधारित है?

A. यांत्रिक स्ट्रेन गेज
B. गैर-संपर्क चुंबकीय संवेदन
C. ऑप्टिकल फाइबर
D. हाइड्रॉलिक दबाव
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) गैर-संपर्क चुंबकीय संवेदन

एलएमओ सेंसर गैर-संपर्क चुंबकीय संवेदन सिद्धांत पर आधारित है।

Q3. प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) किस विभाग के अंतर्गत कार्य करता है?

A. रक्षा मंत्रालय
B. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
C. भारी उद्योग मंत्रालय
D. वाणिज्य मंत्रालय
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)

TDB, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत कार्य करता है।

Q4. SCADA प्रणाली का प्रमुख उपयोग किस कार्य में होता है?

A. सोशल मीडिया विश्लेषण
B. औद्योगिक प्रक्रियाओं की निगरानी और नियंत्रण
C. मौसम पूर्वानुमान
D. कृषि बीमा
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) औद्योगिक प्रक्रियाओं की निगरानी और नियंत्रण

SCADA प्रणाली का उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिए किया जाता है।