By Vikas Sir, Founder & Senior Faculty – Cosmo Classes | 10 July 2026

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने आगामी LVM3-M7 मिशन के लिए स्वदेशी CE20 क्रायोजेनिक इंजन को सफलतापूर्वक योग्य (क्वालिफाई) कर लिया है। यह इंजन LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) रॉकेट के ऊपरी चरण (क्रायोजेनिक स्टेज) को शक्ति प्रदान करता है। यह उपलब्धि भारत की भारी उपग्रहों को भूस्थिर कक्षा (GTO) तक पहुँचाने की क्षमता को और सुदृढ़ करती है।

क्रायोजेनिक इंजन अत्यंत निम्न तापमान पर संग्रहीत तरल हाइड्रोजन (ईंधन) और तरल ऑक्सीजन (ऑक्सीडाइज़र) का उपयोग करते हैं। ये इंजन प्रति इकाई ईंधन अधिक प्रणोद (थ्रस्ट) उत्पन्न करते हैं, जिससे भारी पेलोड को कक्षा में स्थापित करना संभव होता है। क्रायोजेनिक तकनीक अत्यंत जटिल है और इसमें महारत रखने वाले चुनिंदा देशों में भारत भी शामिल है।

LVM3, जिसे पहले GSLV Mk-III कहा जाता था, ISRO का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। इसने चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और वनवेब के वाणिज्यिक उपग्रहों जैसे प्रमुख मिशनों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया है। यही रॉकेट भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए भी प्रयोग किया जाएगा, जिसमें इंजनों की विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ISRO की स्थापना 1969 में हुई थी और इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। CE20 इंजन का विकास लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) द्वारा किया गया है। इस इंजन का सफल क्वालिफिकेशन आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की दिशा में एक और मील का पत्थर है, जो भविष्य के भारी एवं मानवयुक्त मिशनों की नींव मजबूत करता है।

परीक्षा तथ्य (Exam Facts)

ISRO ने LVM3-M7 मिशन के लिए CE20 क्रायोजेनिक इंजन को क्वालिफाई किया।

CE20 इंजन LVM3 रॉकेट के ऊपरी (क्रायोजेनिक) चरण को शक्ति देता है।

क्रायोजेनिक इंजन तरल हाइड्रोजन एवं तरल ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं।

LVM3 को पहले GSLV Mk-III कहा जाता था।

LVM3 का उपयोग चंद्रयान-3 एवं गगनयान मिशन में होता है।

ISRO की स्थापना 1969 में; मुख्यालय बेंगलुरु में।

अभ्यास सेट (10 प्रश्न)

प्र1. ISRO ने किस मिशन के लिए CE20 इंजन को मंजूरी दी?
A. LVM3-M7
B. PSLV-C57
C. GSLV-F14
D. SSLV-D2

उत्तर देखें

उत्तर: A – LVM3-M7 मिशन।

प्र2. CE20 किस प्रकार का इंजन है?
A. ठोस ईंधन इंजन
B. क्रायोजेनिक इंजन
C. आयन इंजन
D. रैमजेट

उत्तर देखें

उत्तर: B – क्रायोजेनिक इंजन।

प्र3. क्रायोजेनिक इंजन में ईंधन के रूप में क्या प्रयोग होता है?
A. केरोसीन
B. तरल हाइड्रोजन
C. डीजल
D. ठोस प्रणोदक

उत्तर देखें

उत्तर: B – तरल हाइड्रोजन।

प्र4. LVM3 को पहले किस नाम से जाना जाता था?
A. PSLV
B. GSLV Mk-III
C. ASLV
D. SLV

उत्तर देखें

उत्तर: B – GSLV Mk-III।

प्र5. क्रायोजेनिक इंजन में ऑक्सीडाइज़र क्या होता है?
A. तरल नाइट्रोजन
B. तरल ऑक्सीजन
C. कार्बन डाइऑक्साइड
D. जल

उत्तर देखें

उत्तर: B – तरल ऑक्सीजन।

प्र6. LVM3 किस भारतीय मानव अंतरिक्ष मिशन में प्रयोग होगा?
A. आदित्य-L1
B. गगनयान
C. मंगलयान
D. शुक्रयान

उत्तर देखें

उत्तर: B – गगनयान।

प्र7. ISRO का मुख्यालय कहाँ है?
A. नई दिल्ली
B. बेंगलुरु
C. हैदराबाद
D. श्रीहरिकोटा

उत्तर देखें

उत्तर: B – बेंगलुरु।

प्र8. ISRO की स्थापना किस वर्ष हुई?
A. 1962
B. 1969
C. 1975
D. 1980

उत्तर देखें

उत्तर: B – वर्ष 1969।

प्र9. CE20 इंजन का विकास किस केंद्र ने किया?
A. VSSC
B. LPSC
C. SAC
D. URSC

उत्तर देखें

उत्तर: B – लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC)।

प्र10. LVM3 ने किस चंद्र मिशन को प्रक्षेपित किया?
A. चंद्रयान-1
B. चंद्रयान-3
C. मंगलयान
D. केवल संचार उपग्रह

उत्तर देखें

उत्तर: B – चंद्रयान-3 (एवं चंद्रयान-2)।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

  • UPSC प्रारंभिक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष कार्यक्रम, प्रक्षेपण यान।
  • UPSC मुख्य – GS पेपर III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वदेशीकरण, अंतरिक्ष उपलब्धियाँ।
  • RPSC (RAS): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं समसामयिकी।

UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

प्र. क्रायोजेनिक इंजन प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? इसकी तकनीकी चुनौतियों एवं उपलब्धियों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

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