क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)?
PM-VBRY एक रोजगार सृजन कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत अगस्त 2025 में की गई थी। इसका लक्ष्य दो वर्षों के भीतर 3.5 करोड़ रोजगार अवसरों का सृजन करना है तथा इसके लिए कुल 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित "रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive – ELI)" योजनाओं के पैकेज का हिस्सा है, जिसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा EPFO के माध्यम से लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को औपचारिक (formal) रोजगार से जोड़ना, सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाना और उद्योगों को नई भर्ती के लिए प्रोत्साहित करना है।
कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलने वाले लाभ (ELI के दो भाग)
योजना के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि (Part A) दी जाती है, जो आमतौर पर दो किस्तों में EPFO में पंजीकृत खातों के माध्यम से दी जाती है। दूसरी ओर, अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन (Part B) दो वर्षों तक मिलता है। पात्रता के लिए कर्मचारी का वेतन सामान्यतः 1 लाख रुपये प्रति माह तक होना चाहिए तथा प्रतिष्ठान का EPFO में पंजीकृत होना आवश्यक है। इस दोहरी व्यवस्था का उद्देश्य माँग (employee) और आपूर्ति (employer) दोनों पक्षों से रोजगार को प्रोत्साहित करना है।
रोजगार सृजन में योजना की उपलब्धियां
अगस्त 2025 से जून 2026 तक इस योजना के तहत देशभर में 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए जा चुके हैं, जिनमें 63 लाख से अधिक ऐसे युवा शामिल हैं जिन्होंने पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश किया। उल्लेखनीय है कि इन नए कर्मचारियों में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिससे महिला आर्थिक सशक्तिकरण और श्रमबल भागीदारी दर (Female LFPR) को बल मिला है।
छोटे उद्यमों (MSME) को मिला बड़ा सहारा
योजना का लाभ केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। प्रोत्साहन प्राप्त करने वाले 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिष्ठानों में 25 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं — अर्थात सूक्ष्म एवं लघु उद्यम इसके प्रमुख लाभार्थी हैं। लगभग 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी में छह महीने का कार्यकाल पूरा किया है और इनमें से लगभग 10 लाख को प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है, जो रोजगार की स्थिरता (job retention) को दर्शाता है।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की भूमिका
योजना के सभी भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली से किए जाते हैं, जिसमें सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, बिचौलिये समाप्त होते हैं और रिसाव (leakage) रुकता है। भारत में DBT की शुरुआत 2013 में हुई थी और आज यह JAM त्रयी (जन धन–आधार–मोबाइल) पर आधारित दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय समावेशन ढाँचों में से एक है।
PM-VBRY योजना: विस्तृत जानकारी एक नज़र में
PM-VBRY को समझना प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रोजगार और सामाजिक सुरक्षा दोनों से जुड़ी है। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: आरंभ – अगस्त 2025; नोडल मंत्रालय – श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (क्रियान्वयन EPFO द्वारा); अवधि – दो वर्ष; लक्ष्य – 3.5 करोड़ रोजगार; परिव्यय – 99,446 करोड़ रुपये; लाभ – कर्मचारी को 15,000 रुपये तक तथा नियोक्ता को प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये/माह तक; पात्रता आधार – EPFO पंजीकरण एवं प्रथम बार औपचारिक रोजगार। यह योजना आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (ABRY, 2020) की उत्तराधिकारी मानी जाती है, जो कोविड-19 के बाद रोजगार बहाली के लिए लाई गई थी। PM-VBRY का दीर्घकालिक उद्देश्य भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (demographic dividend) का उपयोग करते हुए असंगठित श्रमबल को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाना है।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- PM-VBRY की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई; यह ELI पैकेज का हिस्सा है।
- लक्ष्य: दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार; परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये।
- 19 जून 2026 को 2,400 करोड़ रुपये 15 लाख+ लाभार्थियों को DBT से जारी।
- कर्मचारी लाभ 15,000 रुपये तक; नियोक्ता लाभ 3,000 रुपये/माह तक।
- नोडल: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय / EPFO; पूर्ववर्ती योजना: ABRY (2020)।
- नए कर्मचारियों में लगभग 30% महिलाएं; 80%+ लाभ छोटे प्रतिष्ठानों को।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1: रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ELI) योजनाएं भारत में औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को किस प्रकार बढ़ावा देती हैं? चर्चा कीजिए।
उत्तर: ELI योजनाएं कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को EPFO पंजीकरण से जोड़कर औपचारिकीकरण को प्रोत्साहित करती हैं। कर्मचारी को नकद प्रोत्साहन तथा भविष्य निधि व बीमा कवरेज मिलता है, जबकि नियोक्ता को भर्ती की लागत में सब्सिडी मिलती है। इससे असंगठित श्रमबल औपचारिक तंत्र में आता है, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ता है और कर-आधार का विस्तार होता है।
प्रश्न 2: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ने कल्याणकारी योजनाओं की दक्षता में किस प्रकार सुधार किया है? PM-VBRY के संदर्भ में समझाइए।
उत्तर: DBT JAM त्रयी पर आधारित होकर सहायता राशि सीधे आधार-लिंक्ड खातों में भेजता है, जिससे बिचौलिये और फर्जी लाभार्थी समाप्त होते हैं। PM-VBRY में 2,400 करोड़ रुपये सीधे 15 लाख+ खातों में भेजे गए — इससे पारदर्शिता, समयबद्धता और वित्तीय समावेशन सुनिश्चित होता है तथा प्रशासनिक रिसाव न्यूनतम रहता है।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- PM-VBRY योजना की शुरुआत कब हुई?
(a) अगस्त 2024 (b) अगस्त 2025 (c) जून 2026 (d) जनवरी 2025
उत्तर: (b) अगस्त 2025 - PM-VBRY का कुल परिव्यय कितना है?
(a) 50,000 करोड़ (b) 75,000 करोड़ (c) 99,446 करोड़ (d) 1.2 लाख करोड़
उत्तर: (c) 99,446 करोड़ रुपये - 19 जून 2026 को PM-VBRY के तहत कितनी राशि जारी की गई?
(a) 1,200 करोड़ (b) 2,400 करोड़ (c) 3,500 करोड़ (d) 4,800 करोड़
उत्तर: (b) 2,400 करोड़ रुपये - योजना का रोजगार लक्ष्य कितना है?
(a) 1 करोड़ (b) 2 करोड़ (c) 3.5 करोड़ (d) 5 करोड़
उत्तर: (c) 3.5 करोड़ रोजगार - PM-VBRY का क्रियान्वयन मुख्यतः किस संस्था द्वारा होता है?
(a) NITI आयोग (b) EPFO (c) RBI (d) SEBI
उत्तर: (b) EPFO