भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 25 जून 2026 को भारत के टर्म मनी मार्केट में भागीदारी का दायरा बढ़ाने हेतु नए मसौदा प्रस्ताव जारी किए। इनमें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs), अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों (AIFIs) एवं कंपनियों को अधिक भागीदारी की अनुमति देने का सुझाव है। उद्देश्य अल्पकालिक वित्तीय बाजार को अधिक गहरा, प्रतिस्पर्धी एवं तरल (Liquid) बनाना है।

टर्म मनी मार्केट क्या है?

टर्म मनी मार्केट, मुद्रा बाजार (Money Market) का वह हिस्सा है जहाँ निश्चित अल्पकालिक अवधि के लिए धन उधार लिया एवं दिया जाता है। यह वित्तीय संस्थानों की अल्पकालिक धन-आवश्यकताओं को पूरा करता है। अब तक भारत में इसमें मुख्यतः बैंक एवं स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर ही सक्रिय थे; नए प्रस्तावों से अन्य संस्थानों की भागीदारी बढ़ेगी।

नए प्रतिभागियों के लिए प्रस्ताव

मसौदे के अनुसार बेस-लेयर NBFC को छोड़कर अन्य NBFC एवं AIFIs को टर्म मनी मार्केट में उधार लेने एवं देने दोनों की अनुमति होगी। साथ ही कंपनियों को ऋणदाता (Lender) के रूप में भाग लेने का भी प्रस्ताव है, जिससे बाजार में धन की उपलब्धता एवं तरलता बढ़ेगी।

उधारी सीमा एवं बाजार समय में बदलाव

RBI ने NBFC एवं हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों जैसे शैडो लेंडर्स के लिए नेट ओन्ड फंड्स (NOF) के 200% तक विवेकपूर्ण उधारी सीमा प्रस्तावित की है। स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर्स के लिए टर्म मनी एवं इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट से कुल उधारी सीमा NOF के 400% तक रखी गई है। कारोबार का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे के बजाय शाम 7 बजे तक बढ़ाने का सुझाव है। प्रस्तावों पर सुझाव 17 जुलाई 2026 तक आमंत्रित किए गए हैं।

📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)

  • RBI की स्थापना: 1935 (RBI अधिनियम, 1934 के तहत)।
  • नए प्रतिभागी: NBFCs, AIFIs एवं कंपनियां (बेस-लेयर NBFC को छोड़कर)।
  • उधारी सीमा: NBFC/HFC — NOF का 200%; प्राइमरी डीलर — NOF का 400%
  • बाजार समय: 9 AM – 7 PM (प्रस्तावित)।
  • लेनदेन रिपोर्टिंग: NDS-CALL के बाहर के सौदे 15 मिनट में रिपोर्ट करना अनिवार्य।
  • सुझाव की अंतिम तिथि: 17 जुलाई 2026

🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1: मुद्रा बाजार (Money Market) क्या है तथा टर्म मनी मार्केट इसमें क्या भूमिका निभाता है?

उत्तर: मुद्रा बाजार वह वित्तीय बाजार है जहाँ एक वर्ष से कम अवधि के अल्पकालिक वित्तीय साधनों का लेनदेन होता है। टर्म मनी मार्केट इसका वह भाग है जहाँ निश्चित अल्पकालिक अवधि के लिए धन उधार लिया-दिया जाता है। यह वित्तीय संस्थानों की तरलता आवश्यकताओं को पूरा करता है तथा बैंकिंग प्रणाली में अल्पकालिक धन प्रबंधन सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 2: टर्म मनी मार्केट में अधिक संस्थानों की भागीदारी से वित्तीय प्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: NBFCs, AIFIs एवं कंपनियों की भागीदारी से बाजार अधिक गहरा, तरल एवं प्रतिस्पर्धी बनेगा, ब्याज दरों का बेहतर निर्धारण होगा तथा वित्तीय प्रणाली की कार्यकुशलता एवं स्थिरता बढ़ेगी। इससे मौद्रिक नीति का प्रसारण भी अधिक प्रभावी होगा।

📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs

1. टर्म मनी मार्केट संबंधी मसौदा प्रस्ताव किसने जारी किए?
(A) SEBI (B) RBI (C) नीति आयोग (D) वित्त मंत्रालय
उत्तर: (B) RBI

2. NBFC एवं HFC के लिए प्रस्तावित उधारी सीमा NOF का कितना है?
(A) 100% (B) 150% (C) 200% (D) 400%
उत्तर: (C) 200%

3. स्टैंडअलोन प्राइमरी डीलर्स के लिए कुल उधारी सीमा NOF का कितना है?
(A) 200% (B) 300% (C) 400% (D) 500%
उत्तर: (C) 400%

4. RBI की स्थापना किस वर्ष हुई?
(A) 1934 (B) 1935 (C) 1947 (D) 1949
उत्तर: (B) 1935

5. NDS-CALL के बाहर के लेनदेन कितने समय में रिपोर्ट करने होंगे?
(A) 5 मिनट (B) 10 मिनट (C) 15 मिनट (D) 30 मिनट
उत्तर: (C) 15 मिनट

📚 यह लेख शैक्षिक उद्देश्य से करेंट अफेयर्स की जानकारी प्रदान करता है। स्रोत संदर्भ: GKToday (26 जून 2026)।