उत्तर प्रदेश में वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए 1 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत सहारनपुर से की गई है। यह अभियान 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य शत-प्रतिशत विद्यालयी नामांकन सुनिश्चित करना, स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों का दोबारा नामांकन कराना है।

🎯 अभियान का उद्देश्य और लक्ष्य

स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण प्रत्येक पात्र बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा रहे या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर नामांकन हो।

🏛️ क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 163.60 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसमें शिक्षा विभाग के अलावा ग्राम पंचायतें, शहरी स्थानीय निकाय, स्कूल प्रबंधन समितियां, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक तथा जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

📢 अभियान के तहत प्रमुख गतिविधियां

अभियान के दौरान घर-घर संपर्क अभियान, परिवारों का सर्वेक्षण, अभिभावक बैठकें, प्रभात फेरियां, नामांकन रैलियां तथा विशेष प्रवेश शिविर आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए खेलकूद और गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा अभिभावकों से नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

🏗️ सहारनपुर में विकास कार्यों की सौगात

अभियान के शुभारंभ अवसर पर सहारनपुर में 620 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 11 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की गई तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।

📌 खबर से जुड़े मुख्य जीके तथ्य

  • स्कूल चलो अभियान उत्तर प्रदेश सरकार का विद्यालयी नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का विशेष अभियान है।
  • बाल वाटिका 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रारंभिक (प्री-प्राइमरी) शिक्षा की व्यवस्था है।
  • ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय भारत में स्थानीय स्वशासन की प्रमुख संस्थाएं हैं।
  • आशा (ASHA) का पूरा नाम मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (Accredited Social Health Activist) है।

🏁 निष्कर्ष

स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण केवल नामांकन अभियान नहीं, बल्कि शिक्षा को जनआंदोलन बनाने का प्रयास है। सरकार, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सामूहिक प्रयास से यह अभियान राज्य में शिक्षा के स्तर और पहुंच को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।

📝 अभ्यास प्रश्न (MCQs)

Q1. उत्तर प्रदेश में स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत किस जिले से की गई?

A. लखनऊ
B. सहारनपुर
C. वाराणसी
D. कानपुर
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) सहारनपुर

अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत सहारनपुर से की गई।

Q2. स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण किस तिथि तक चलेगा?

A. 10 जुलाई 2026
B. 15 जुलाई 2026
C. 31 जुलाई 2026
D. 5 अगस्त 2026
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) 15 जुलाई 2026

यह अभियान 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा।

Q3. 'आशा' (ASHA) का पूर्ण रूप क्या है?

A. Accredited Social Health Activist
B. Active Social Health Assistant
C. Approved School Health Aide
D. Accredited School Health Advisor
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: A) Accredited Social Health Activist

आशा का पूरा नाम मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (Accredited Social Health Activist) है।

Q4. बाल वाटिका किस आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था है?

A. 2 से 4 वर्ष
B. 3 से 6 वर्ष
C. 6 से 8 वर्ष
D. 5 से 7 वर्ष
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) 3 से 6 वर्ष

बाल वाटिका 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी शिक्षा की व्यवस्था है।