1 जुलाई 2026 से पूरे ग्रामीण भारत में विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी रैम-जी अधिनियम) लागू हो गया है। इस नए कानून ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्थान ले लिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर मजदूरी और मजबूत आजीविका प्रदान करना है।

📋 ग्रामीण रोजगार गारंटी में महत्वपूर्ण बदलाव

वीबी-जी रैम-जी अधिनियम के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। यह व्यवस्था संसद द्वारा पारित केंद्रीय कानून के तहत लागू की गई है, जिससे ग्रामीण रोजगार का कानूनी अधिकार पहले की तरह बरकरार रहेगा।

💰 मजदूरी दर और वित्तीय व्यवस्था

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 30 जून 2026 को नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी की। इसके अनुसार राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 हो गई है, यानी औसतन ₹28.6 प्रतिदिन की वृद्धि हुई है। साथ ही 1 जुलाई 2026 से ₹300 प्रतिदिन का अंतरिम न्यूनतम मजदूरी स्तर लागू किया गया है और किसी भी राज्य की अधिसूचित मजदूरी इससे कम नहीं होगी।

🪪 जॉब कार्ड और संक्रमण व्यवस्था

नई व्यवस्था लागू होने के दौरान पहले से उपलब्ध ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते। पुराने डेटा को नई प्रणाली में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया लगभग छह महीने तक चलेगी और इसके 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

🌾 ग्रामीण विकास और आजीविका पर प्रभाव

नई योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, स्थानीय विकास कार्यों को गति देने और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर देती है। रोजगार के दिनों और मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

📌 खबर से जुड़े मुख्य जीके तथ्य

  • मनरेगा वर्ष 2005 में लागू किया गया था और इसने ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के वैधानिक रोजगार की गारंटी प्रदान की थी।
  • वीबी-जी रैम-जी अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
  • उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात लागू किया गया है।
  • संक्रमण अवधि में ई-केवाईसी सत्यापित पुराने जॉब कार्ड नए कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे।

🏁 निष्कर्ष

वीबी-जी रैम-जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, बेहतर मजदूरी, वित्तीय सहयोग और चरणबद्ध संक्रमण व्यवस्था के माध्यम से यह कानून ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

📝 अभ्यास प्रश्न (MCQs)

Q1. वीबी-जी रैम-जी अधिनियम 2025 ने किस पूर्ववर्ती कानून का स्थान लिया है?

A. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
B. मनरेगा (MGNREGA) 2005
C. भूमि अधिग्रहण अधिनियम
D. दीनदयाल अंत्योदय योजना
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: B) मनरेगा (MGNREGA) 2005

इसने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्थान लिया है।

Q2. नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को अब कितने दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी?

A. 100 दिन
B. 120 दिन
C. 125 दिन
D. 150 दिन
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: C) 125 दिन

गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

Q3. 1 जुलाई 2026 से लागू अंतरिम न्यूनतम दैनिक मजदूरी स्तर कितना है?

A. ₹250
B. ₹298.8
C. ₹300
D. ₹327.4
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: C) ₹300

1 जुलाई 2026 से ₹300 प्रतिदिन का अंतरिम न्यूनतम मजदूरी स्तर लागू किया गया है।

Q4. उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात क्या रखा गया है?

A. 60:40
B. 75:25
C. 90:10
D. 50:50
✅ उत्तर देखें

सही उत्तर: C) 90:10

इन राज्यों के लिए 90:10 का केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात लागू किया गया है।