RPSC द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी / 2nd Grade) परीक्षा 2026 के द्वितीय प्रश्न पत्र (Second Paper - सामान्य ज्ञान) की सम्पूर्ण उत्तर कुंजी (Answer Key) विस्तृत व्याख्या सहित यहाँ दी गई है। सभी 150 प्रश्नों के सही उत्तर, हल एवं व्याख्या नीचे क्रमवार दी गई है।
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RPSC 2nd Grade Second Paper Answer Key 2026
प्रश्न 1. किस आंदोलन के दौरान, लोगों ने ब्रिटिश उपाधियों को त्याग दिया और नई उपाधियाँ जैसे "लोकमान्य", "देशबन्धु", "देशप्रिया" और "पंजाब केसरी" विकसित कीं?
- खेड़ा आन्दोलन
- सविनय अवज्ञा आन्दोलन
- भारत छोड़ो आन्दोलन
- असहयोग आन्दोलन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) असहयोग आन्दोलन ✅
असहयोग आन्दोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का पहला व्यापक जनआन्दोलन था, जिसकी शुरुआत 1 अगस्त 1920 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुई। इस आन्दोलन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के साथ हर प्रकार का सहयोग समाप्त करना था ताकि अंग्रेजी सरकार पर नैतिक और राजनीतिक दबाव बनाया जा सके। आन्दोलन के दौरान लोगों ने सरकारी विद्यालयों, न्यायालयों, विदेशी वस्तुओं, सरकारी नौकरियों तथा ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदान की गई उपाधियों और सम्मान का बहिष्कार किया। इसी आन्दोलन के दौरान राष्ट्रवादी भावना इतनी प्रबल हुई कि भारतीय जनता ने अपने लोकप्रिय नेताओं को नई सम्मानसूचक उपाधियाँ देना प्रारम्भ किया। बाल गंगाधर तिलक को "लोकमान्य", चित्तरंजन दास को "देशबन्धु", बिपिन चन्द्र पाल को "देशप्रिया" तथा लाला लाजपत राय को "पंजाब केसरी" जैसी उपाधियाँ मिलीं। फरवरी 1922 में चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद महात्मा गांधी ने आन्दोलन वापस ले लिया, फिर भी इस आन्दोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष को जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौनसे सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं?
- अनेकान्तवाद
- प्रतीत्यसमुत्पाद
- स्याद्वाद
- क्षणिकवाद
उत्तर : (3) (A) और (C) ✅
जैन धर्म का दर्शन मुख्य रूप से अनेकान्तवाद और स्याद्वाद पर आधारित है। अनेकान्तवाद का अर्थ है कि सत्य को केवल एक ही दृष्टिकोण से नहीं समझा जा सकता, बल्कि प्रत्येक वस्तु या विचार के अनेक पक्ष होते हैं। इसी कारण जैन दर्शन सहिष्णुता, तार्किकता और व्यापक दृष्टिकोण पर बल देता है। स्याद्वाद, अनेकान्तवाद का व्यावहारिक रूप है। इसमें किसी भी कथन को "स्यात्" अर्थात "एक निश्चित दृष्टि से" सत्य माना जाता है। दूसरी ओर प्रतीत्यसमुत्पाद तथा क्षणिकवाद बौद्ध दर्शन के प्रमुख सिद्धांत हैं। प्रतीत्यसमुत्पाद के अनुसार प्रत्येक घटना किसी कारण पर निर्भर होकर उत्पन्न होती है, जबकि क्षणिकवाद के अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु प्रत्येक क्षण परिवर्तनशील है। इसलिए प्रश्न में दिए गए विकल्पों में केवल अनेकान्तवाद और स्याद्वाद ही जैन धर्म से संबंधित सिद्धांत हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए –
- काकोरी कांड — (iv) अशफाक उल्ला खाँ, रामप्रसाद बिस्मिल, राजेन्द्र लाहिड़ी, रोशन सिंह
- लाहौर षड्यंत्र — (iii) भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव
- चटगाँव शस्त्रालय पर छापा — (i) सूर्यसेन
- अलीपुर षड्यंत्र — (ii) प्रफुल्ल चाकी, खुदीराम बोस
उत्तर : (2) ✅
काकोरी कांड (1925) हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों द्वारा सरकारी खजाना लूटने की घटना थी। इसमें रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ, राजेन्द्र लाहिड़ी और रोशन सिंह प्रमुख थे। लाहौर षड्यंत्र केस भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से संबंधित था। इन्हें 23 मार्च 1931 को फाँसी दी गई। चटगाँव शस्त्रागार कांड (1930) का नेतृत्व सूर्यसेन (मास्टर दा) ने किया। अलीपुर षड्यंत्र केस (1908) खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी द्वारा किंग्सफोर्ड पर बम फेंकने की घटना से संबंधित था। इसलिए सही सुमेलन विकल्प (2) है।
प्रश्न 4. शाहजहाँ ने निम्नलिखित में से किन स्मारकों का निर्माण करवाया था?
- ताजमहल
- दिल्ली के समीप शाहजहाँनाबाद नामक नगर
- दिल्ली की जामा मस्जिद
- आगरा का किला
उत्तर : (2) (A), (B) और (C) ✅
मुगल सम्राट शाहजहाँ (1628–1658 ई.) को मुगल स्थापत्य कला का स्वर्ण युग स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। ताजमहल का निर्माण उसने अपनी प्रिय पत्नी मुमताज़ महल की स्मृति में आगरा में करवाया। शाहजहाँ ने 1639 ई. में नई राजधानी शाहजहाँनाबाद की स्थापना की। इसी नगर में उसने लाल किला और भव्य जामा मस्जिद का निर्माण भी कराया। प्रश्न में आगरा का किला भी दिया गया है, किंतु उसका मूल निर्माण सम्राट अकबर ने करवाया था। इसलिए पूरे किले का निर्माता शाहजहाँ को नहीं माना जाता।
प्रश्न 5. लुई सोलहवें के शासनकाल में, "एस्टेट्स जनरल" की बैठक कब आरंभ हुई थी?
- जुलाई 1788
- अगस्त 1788
- मई 1789
- अप्रैल 1789
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) मई 1789 ✅
एस्टेट्स जनरल फ्रांस की प्रतिनिधि सभा थी, जिसमें समाज के तीन वर्गों—पादरी, सामंत और सामान्य जनता—का प्रतिनिधित्व होता था। गंभीर आर्थिक संकट के कारण राजा लुई सोलहवें ने लगभग 175 वर्षों के बाद 5 मई 1789 को वर्साय में एस्टेट्स जनरल की बैठक बुलायी। मतदान की पुरानी व्यवस्था को लेकर तृतीय वर्ग ने विरोध किया और स्वयं को राष्ट्रीय सभा घोषित कर टेनिस कोर्ट शपथ ली। यही घटनाएँ आगे चलकर फ्रांसीसी क्रांति का आधार बनीं। 14 जुलाई 1789 को बैस्टील किले पर आक्रमण के साथ क्रांति ने उग्र रूप धारण कर लिया।
प्रश्न 6. "घुराब" और "गैलिवेट" शिवाजी की किस सशस्त्र सेना के अंग थे?
- घुड़ सेना
- नौसेना
- पदाति सेना
- तोपखाना
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) नौसेना ✅
छत्रपति शिवाजी महाराज ने भारत में एक संगठित एवं शक्तिशाली मराठा नौसेना की स्थापना की। मराठा नौसेना में अनेक प्रकार के युद्धपोत प्रयुक्त होते थे, जिनमें घुराब और गैलिवेट प्रमुख थे। घुराब अपेक्षाकृत बड़े युद्धपोत थे, जिन पर तोपें लगी होती थीं। गैलिवेट आकार में छोटे, तेज गति वाले जहाज थे। शिवाजी ने सिंधुदुर्ग, विजयदुर्ग, सुवर्णदुर्ग आदि समुद्री किलों का भी निर्माण कराया। आगे चलकर कान्होजी आंग्रे ने मराठा नौसेना को और अधिक सशक्त बनाया। इसी कारण घुराब और गैलिवेट मराठा नौसेना से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य हैं।
प्रश्न 7. अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम की निम्न घटनाओं को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए।
- स्टाम्प एक्ट पारित करना
- बोस्टन टी पार्टी
- बोस्टन हत्याकाण्ड
- कांग्रेस का पहला अन्तरमहाद्वीपीय सम्मेलन
उत्तर : (1) (A), (C), (B), (D) ✅
सबसे पहले 1765 में स्टाम्प एक्ट लागू किया गया, जिसके अंतर्गत कानूनी दस्तावेजों, समाचार पत्रों और अन्य मुद्रित सामग्री पर कर लगाया गया। इसके बाद 1770 में बोस्टन हत्याकाण्ड हुआ, जिसमें ब्रिटिश सैनिकों की गोलीबारी में पाँच अमेरिकी नागरिक मारे गए। इसके बाद 1773 में बोस्टन टी पार्टी हुई, जिसमें उपनिवेशवासियों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की चाय की खेप समुद्र में फेंक दी। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप 1774 में प्रथम महाद्वीपीय कांग्रेस का आयोजन किया गया। इसलिए सही कालक्रम स्टाम्प एक्ट → बोस्टन हत्याकाण्ड → बोस्टन टी पार्टी → प्रथम महाद्वीपीय कांग्रेस है।
प्रश्न 8. कुसुलधान्य निम्नलिखित में से किस आश्रम का एक प्रकार है?
- संन्यास
- वानप्रस्थ
- ब्रह्मचर्य
- गृहस्थ
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) गृहस्थ आश्रम ✅
भारतीय आश्रम व्यवस्था के अनुसार मानव जीवन को चार आश्रमों—ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास—में विभाजित किया गया है। इनमें गृहस्थ आश्रम को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यही आश्रम अन्य तीनों आश्रमों का पालन-पोषण करता है। कुसुलधान्य ऐसा गृहस्थ था जो भविष्य की आवश्यकताओं के लिए सीमित मात्रा में अन्न का संग्रह करता था। इसके अतिरिक्त कुम्भीधान्य, अश्वस्तनिक और कपोतिक जैसे अन्य प्रकारों का भी उल्लेख मिलता है। इन वर्गों का उद्देश्य यह बताना था कि गृहस्थ को आवश्यकता के अनुसार ही संग्रह करना चाहिए तथा लोभ और अत्यधिक संचय से बचना चाहिए।
प्रश्न 9. किस गुप्तकालीन खगोलशास्त्री ने अपनी पुस्तक में खगोलीय यंत्रों का उल्लेख किया है?
- आर्यभट्ट
- ब्रह्मगुप्त
- सुश्रुत
- वराहमिहिर
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) वराहमिहिर ✅
वराहमिहिर गुप्तकाल के महान खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और ज्योतिषाचार्य थे। उनका जन्म लगभग 505 ईस्वी के आसपास उज्जैन में माना जाता है। उनकी प्रसिद्ध रचना 'पंचसिद्धांतिका' भारतीय खगोल विज्ञान की अत्यंत महत्वपूर्ण कृति है। इस ग्रंथ में उन्होंने पाँच प्रमुख खगोलीय सिद्धांतों—पौलिश, रोमक, वशिष्ठ, पितामह तथा सूर्य सिद्धांत—का वर्णन किया है तथा विभिन्न खगोलीय यंत्रों का भी उल्लेख किया है। उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति 'बृहत्संहिता' है, जिसमें खगोल विज्ञान के साथ-साथ भूगोल, मौसम विज्ञान, वास्तु, कृषि, जलवायु तथा रत्न विज्ञान का भी वर्णन मिलता है।
प्रश्न 10. मोहनजोदड़ो से प्राप्त विशाल स्नानागार के संबंध में, निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प सही है?
- यह उत्तर-दक्षिण दिशा में 180 फीट और पूर्व-पश्चिम दिशा में 108 फीट तक फैला हुआ था।
- प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर लकड़ी के पटिये (तख्ते) लगे हुए थे।
- पानी के रिसाव को रोकने के लिए इसके फर्श में जिप्सम का उपयोग किया गया था।
उत्तर : (1) (B) और (C) ✅
मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संरचनाओं में से एक है। यह स्नानागार पक्की ईंटों से बनाया गया था तथा इसके दोनों ओर नीचे उतरने के लिए सीढ़ियाँ बनाई गई थीं, जिन पर लकड़ी के तख्ते लगाए गए थे। फर्श और दीवारों को जलरोधी बनाने के लिए जिप्सम मोर्टार तथा बिटुमेन का प्रयोग किया गया था। कथन (A) सही नहीं है, क्योंकि 180 × 108 फीट का माप पूरे भवन परिसर का है। वास्तविक स्नान कुंड लगभग 39 फीट लंबा, 23 फीट चौड़ा तथा 8 फीट गहरा था।
प्रश्न 11. 1925 ईस्वी में, प्रसिद्ध उदारवादी नेता सुरेन्द्रनाथ बनर्जी द्वारा लिखित आत्मकथा का नाम क्या था?
- A Nation in Making
- India Wins Freedom
- An Indian Pilgrim
- My Country My Life
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) A Nation in Making ✅
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक दौर के प्रमुख उदारवादी नेताओं में से एक थे। उन्हें "भारत का ग्लैडस्टोन" भी कहा जाता है। उनकी प्रसिद्ध आत्मकथा "A Nation in Making" वर्ष 1925 में प्रकाशित हुई। इसमें उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन, भारतीय सिविल सेवा से निष्कासन, भारतीय राष्ट्रीय संघ की स्थापना तथा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संवैधानिक संघर्ष का वर्णन किया है। India Wins Freedom मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की, An Indian Pilgrim सुभाषचन्द्र बोस की तथा My Country My Life लालकृष्ण आडवाणी की आत्मकथा है।
प्रश्न 12. महाबलीपुरम का शोर मंदिर, निम्नलिखित में से किस मंदिर शैली का उदाहरण है?
- राजसिंह शैली
- महेन्द्रवर्मन शैली
- अपराजिता शैली
- मामल्ल शैली
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) राजसिंह शैली ✅
महाबलीपुरम का शोर मंदिर पल्लवकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसका निर्माण पल्लव शासक नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिंह) ने लगभग 700–728 ईस्वी के बीच करवाया था। इसी कारण यह मंदिर राजसिंह शैली का प्रमुख उदाहरण माना जाता है। यह मंदिर बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है। इसे तराशे गए ग्रेनाइट पत्थरों को जोड़कर बनाया गया है। महाबलीपुरम के स्मारक समूह को वर्ष 1984 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। पल्लव स्थापत्य में महेन्द्रवर्मन शैली, मामल्ल शैली तथा राजसिंह शैली का विशेष महत्व है।
प्रश्न 13. सिन्धु घाटी सभ्यता के स्थलों का सूची-A एवं सूची-B से सही सुमेलन कीजिए।
- कालीबंगा — (iii) घग्गर नदी के तट पर
- धोलावीरा — (i) नाम पट्टिका
- राखीगढ़ी — (ii) 5 पुरातात्विक टीले
- बनावली — (iv) हल का एक टेराकोटा मॉडल
उत्तर : (4) (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(ii), (D)-(iv) ✅
कालीबंगा, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के तट पर स्थित है, यहाँ से जुते हुए खेत के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। धोलावीरा, गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है, यहाँ से विशाल नाम पट्टिका प्राप्त हुई। राखीगढ़ी, हरियाणा में स्थित भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल है, जहाँ पाँच पुरातात्विक टीले मिले हैं। बनावली, हरियाणा में स्थित है, वहाँ से हल का टेराकोटा मॉडल प्राप्त हुआ है।
प्रश्न 14. 1857 के विद्रोह के निम्नलिखित स्थानों को विद्रोह के आरंभ होने के समय के अनुसार कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
- कानपुर
- रानीगंज
- अलीगढ़
- लखनऊ
उत्तर : (2) (C), (D), (A), (B) ✅
1857 का विद्रोह मेरठ से प्रारम्भ होकर शीघ्र ही उत्तर भारत के अनेक भागों में फैल गया। मेरठ और दिल्ली के बाद अलीगढ़ में विद्रोह प्रारम्भ हुआ। इसके बाद लखनऊ में विद्रोह ने व्यापक रूप धारण किया, जहाँ बेगम हजरत महल के नेतृत्व ने नई दिशा दी। इसके बाद कानपुर में नाना साहेब पेशवा के नेतृत्व में संघर्ष हुआ। अंत में रानीगंज क्षेत्र में विद्रोह की गतिविधियाँ प्रारम्भ हुईं। इसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है।
प्रश्न 15. वर्साय की संधि के प्रावधानों के बारे में, निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है?
- यूपेन व मालमेडी बेल्जियम को सौंप दिए गए।
- पश्चिमी प्रशा का बड़ा भाग पोलैंड को दिया गया।
- डेंजिग को स्वतंत्र नगर के रूप में ब्रिटेन के अधिकार में रखा गया।
- जर्मनी को अलसेस और लोरेन फ्रांस को सौंपने पड़े।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) ✅
वर्साय की संधि 28 जून 1919 को प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद मित्र राष्ट्रों और जर्मनी के बीच संपन्न हुई। जर्मनी को अलसेस और लोरेन का क्षेत्र फ्रांस को लौटाना पड़ा तथा यूपेन और मालमेडी बेल्जियम को सौंप दिए गए। पश्चिमी प्रशा का अधिकांश भाग पोलैंड को दिया गया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि डेंजिग को किसी भी देश के अधिकार में नहीं दिया गया था, बल्कि राष्ट्र संघ के संरक्षण में स्वतंत्र नगर घोषित किया गया था। इस संधि ने आगे चलकर हिटलर के उदय और द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की।
प्रश्न 16. भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान, गुजरात (अहमदाबाद) में स्थापित समानांतर सरकार को कहा जाता था—
- जातीय सरकार
- सेवा दल
- आज़ाद सरकार
- स्वराज पंचायत
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) जातीय सरकार ✅
भारत छोड़ो आन्दोलन (1942) के दौरान अनेक स्थानों पर अंग्रेजी शासन के समानांतर स्थानीय स्वशासन की व्यवस्थाएँ स्थापित की गईं। गुजरात के अहमदाबाद में स्थापित समानांतर सरकार को "जातीय सरकार" कहा गया। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के सतारा में "प्रति सरकार", पश्चिम बंगाल के तामलुक में "ताम्रलिप्त जातीय सरकार" तथा उत्तर प्रदेश के बलिया में भी समानांतर सरकारें स्थापित की गई थीं। इन सरकारों ने सिद्ध कर दिया कि भारतीय जनता स्वयं शासन चलाने में सक्षम है।
प्रश्न 17. "समंदर लगी आगि..." भक्ति आंदोलन के संत की पंक्ति से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- यह कबीर की "उलट बाँसी" रचना है।
- यह रैदास की सगुण रचना है।
- उक्त पंक्ति रहस्यवादी अनुभूतियों को दर्शाती है।
उत्तर : (3) केवल (A) और (C) ✅
"समंदर लगी आगि..." जैसी पंक्तियाँ संत कबीर की प्रसिद्ध उलटबाँसी शैली का उदाहरण हैं। उलटबाँसी ऐसी काव्य शैली है जिसमें विरोधाभासी कथनों के माध्यम से गहरे आध्यात्मिक एवं रहस्यवादी संदेश दिए जाते हैं। "समंदर में आग लगना" जैसी अभिव्यक्ति आत्मानुभूति, वैराग्य और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। इसलिए कथन (A) एवं (C) सही हैं। कथन (B) गलत है क्योंकि यह रचना संत रैदास की नहीं, बल्कि कबीर की है। कबीर निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत थे।
प्रश्न 18. उपनयन संस्कार के दौरान, गुरु विद्यार्थी को कौनसे मंत्र की शिक्षा गुरु मंत्र में देते थे?
- सरस्वती बीज मंत्र
- अग्नि मंत्र
- गणेश मंत्र
- सावित्री मंत्र
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) सावित्री मंत्र ✅
उपनयन संस्कार हिन्दू धर्म के सोलह संस्कारों में अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इस संस्कार के दौरान गुरु शिष्य को सावित्री मंत्र, जिसे सामान्यतः गायत्री मंत्र कहा जाता है, का उपदेश देते थे। गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तृतीय मंडल में वर्णित है और इसके ऋषि विश्वामित्र माने जाते हैं। उपनयन के बाद विद्यार्थी को यज्ञोपवीत धारण कराया जाता था और वह वेदों के अध्ययन का अधिकारी बनता था।
प्रश्न 19. मौर्य इतिहास के स्रोतों से संबंधित कौनसे कथन सत्य हैं?
- अशोक के 9वें शिलालेख के अनुसार, दासों के प्रति अच्छा व्यवहार भी धम्म का ही अनुशीलन है।
- कननहल्ली (कर्नाटक) से अशोक की प्रस्तर प्रतिमा प्राप्त हुई है।
- कलसी (उत्तराखण्ड) से अशोक के शिलालेख प्राप्त हुए हैं।
उत्तर : (2) सभी (A), (B) और (C) ✅
नवम शिलालेख में अशोक ने धार्मिक आडंबरों की अपेक्षा नैतिक आचरण को अधिक महत्व दिया है, जिसमें दासों और सेवकों के प्रति अच्छा व्यवहार धम्म का अंग बताया गया है। कननहल्ली (कर्नाटक) से अशोक की एक प्रस्तर प्रतिमा प्राप्त हुई है। कलसी (उत्तराखण्ड) अशोक के प्रमुख शिलालेख स्थलों में से एक है, जहाँ हाथी की आकृति भी अंकित है। इसलिए तीनों कथन सही हैं।
प्रश्न 20. निम्नलिखित में से कौनसा सुमेलित नहीं है? (दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य तिथि)
- बेंगलुरु — 1 जून से 5 जून
- चेन्नई — 25 मई से 1 जून
- नागपुर — 10 जून से 15 जून
- इम्फाल — 5 जून से 10 जून
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) चेन्नई – 25 मई से 1 जून ✅
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः 1 जून के आसपास केरल तट पर प्रवेश करता है। बेंगलुरु में मानसून जून के प्रथम सप्ताह में, नागपुर में 10 से 15 जून के बीच तथा इम्फाल में जून के प्रथम सप्ताह में पहुँचता है। चेन्नई के लिए 25 मई से 1 जून का समय सही नहीं है, क्योंकि चेन्नई मुख्यतः उत्तर-पूर्व मानसून पर निर्भर करता है और दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव यहाँ देर से पड़ता है।
प्रश्न 21. जनगणना 2011 में, जनगणना 2001 की तुलना में, निम्नलिखित में से किस राज्य में लिंगानुपात में सर्वाधिक वृद्धि अंकित की गई?
- केरल
- नागालैंड
- अरुणाचल प्रदेश
- मिज़ोरम
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) अरुणाचल प्रदेश ✅
जनगणना 2011 के अनुसार भारत का कुल लिंगानुपात 943 दर्ज किया गया। दिए गए विकल्पों में अरुणाचल प्रदेश वह राज्य था जहाँ 2001 की तुलना में लिंगानुपात में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई। यद्यपि केरल का लिंगानुपात देश में सबसे अधिक (1084) था, लेकिन प्रश्न सर्वाधिक वृद्धि के बारे में है, न कि सर्वाधिक लिंगानुपात के बारे में। इसी कारण केरल सही उत्तर नहीं है।
प्रश्न 22. निम्नलिखित प्रायद्वीपीय पहाड़ियों का उत्तर से दक्षिण का सही क्रम है—
- नल्लामलाई, पालकोंडा, शेवरॉय, जावदी
- पालकोंडा, नल्लामलाई, जावदी, शेवरॉय
- शेवरॉय, जावदी, पालकोंडा, नल्लामलाई
- नल्लामलाई, पालकोंडा, जावदी, शेवरॉय
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) नल्लामलाई → पालकोंडा → जावदी → शेवरॉय ✅
पूर्वी घाट की पर्वत श्रेणियों में नल्लामलाई पर्वतमाला सबसे उत्तर में स्थित है, जो आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के दक्षिण भाग में विस्तृत है। इसके दक्षिण में पालकोंडा पर्वतमाला आती है। इसके बाद तमिलनाडु की ओर जावदी पहाड़ियाँ स्थित हैं। सबसे दक्षिण में शेवरॉय पहाड़ियाँ स्थित हैं, जहाँ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल येरकौड अवस्थित है।
प्रश्न 23. अटलाण्टिक महासागर में, निम्नलिखित में से कौनसा गर्त/खाई भूमध्य रेखा के निकट अवस्थित है?
- दक्षिण सैण्डविच
- प्यूर्टो रिको
- केमैन
- रोमांचे
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) रोमांचे ✅
रोमांचे गर्त अटलांटिक महासागर में भूमध्य रेखा के निकट स्थित एक महत्वपूर्ण महासागरीय गर्त है। यह मध्य अटलांटिक महासागरीय पर्वतमाला को काटने वाला प्रमुख फ्रैक्चर ज़ोन है, जिसकी गहराई लगभग 7,700 मीटर तक है। इसके विपरीत प्यूर्टो रिको गर्त अटलांटिक का सबसे गहरा गर्त है, लेकिन यह उत्तरी अटलांटिक में स्थित है। दक्षिण सैण्डविच गर्त दक्षिण अटलांटिक में तथा केमैन गर्त कैरेबियन सागर में पाया जाता है।
प्रश्न 24. निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है?
- पृथ्वी पर महाद्वीप तथा महासागर एक-दूसरे के प्रतिवर्ती स्थिति पर हैं।
- महाद्वीपीय भाग मोटे तौर पर त्रिभुजाकार आकृति में फैले हैं। ऑस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका इस नियम के अपवाद हैं।
- मोटे तौर पर, महासागर भी त्रिभुजाकार हैं।
- उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव के चतुर्दिक समुद्री जल का विस्तार है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) ✅
अधिकांश महाद्वीपों का आकार मोटे तौर पर त्रिभुजाकार है तथा प्रशांत, अटलांटिक और हिन्द महासागर भी त्रिभुजाकार स्वरूप प्रदर्शित करते हैं। चौथा कथन गलत है क्योंकि उत्तरी ध्रुव के चारों ओर आर्कटिक महासागर स्थित है, जबकि दक्षिणी ध्रुव के चारों ओर समुद्री जल नहीं, बल्कि अंटार्कटिका महाद्वीप स्थित है। अर्थात दक्षिणी ध्रुव स्वयं एक महाद्वीप पर स्थित है।
प्रश्न 25. जनगणना-2011 के अनुसार, राजस्थान में ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में वर्ष 2011 में बाल लिंगानुपात था—
- 933 – 914
- 892 – 874
- 890 – 874
- 888 – 872
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) 892 – 874 ✅
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में बाल लिंगानुपात (0–6 वर्ष) में ग्रामीण क्षेत्रों में 892 तथा नगरीय क्षेत्रों में 874 दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि शहरी क्षेत्रों में बालिकाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। इसका प्रमुख कारण कन्या भ्रूण हत्या, लिंग चयन तथा सामाजिक भेदभाव माना जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाएँ संचालित की गईं।
प्रश्न 26. भारत में 'स्टार्टअप इंडिया' पहल किस वर्ष शुरू की गई?
- 2019
- 2014
- 2024
- 2016
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) 2016 ✅
स्टार्टअप इंडिया पहल का शुभारंभ भारत सरकार द्वारा 16 जनवरी 2016 को किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य देश में नवाचार, उद्यमिता तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देना था। सरकार ने स्टार्टअप कंपनियों के लिए कर में छूट, आसान पंजीकरण, पेटेंट सहायता तथा फंड ऑफ फंड्स जैसी सुविधाएँ प्रदान कीं। इसके अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा स्टार्टअप की मान्यता दी जाती है।
प्रश्न 27. उपोष्णकटिबन्धीय उच्च-दाब मेखला के संबंध में, निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है?
- यह मेखला तापीय जन्य नहीं है।
- यह दोनों गोलार्द्धों में 25° से 35° अक्षांशों के मध्य विस्तृत है।
- इसकी उत्पत्ति का कारण पृथ्वी का परिक्रमण है।
- यह मेखला अश्व अक्षांश भी कहलाती है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) ✅
उपोष्णकटिबंधीय उच्च-दाब मेखला लगभग 30° उत्तर एवं 30° दक्षिण अक्षांशों के आसपास विकसित होती है। इसका निर्माण हैडली कोशिकाओं से नीचे उतरने वाली शुष्क वायु के कारण होता है। यह गतिशील उच्च दाब क्षेत्र है, इसलिए इसे तापीय उच्च दाब नहीं माना जाता तथा इसे अश्व अक्षांश भी कहा जाता है। तीसरा कथन गलत है क्योंकि इसकी उत्पत्ति का कारण पृथ्वी का परिक्रमण नहीं, बल्कि पृथ्वी का घूर्णन, कोरिऑलिस बल तथा वैश्विक वायुसंचार प्रणाली है।
प्रश्न 28. निम्नलिखित में से कौनसा सुमेलित नहीं है? (ताँबा जमाव क्षेत्र — जिला)
- धोलामाला — सवाई माधोपुर
- वारी — चित्तौड़गढ़
- हनोतिया — अजमेर
- देवपुरा-बनेड़ा — भीलवाड़ा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) हनोतिया — अजमेर ✅
राजस्थान में ताँबे के प्रमुख भंडार अलवर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ तथा सवाई माधोपुर में स्थित हैं। धोलामाला–सवाई माधोपुर, वारी–चित्तौड़गढ़ तथा देवपुरा-बनेड़ा–भीलवाड़ा का सुमेलन सही है, जबकि हनोतिया–अजमेर का युग्म गलत है। राजस्थान में ताँबे का सबसे प्रसिद्ध क्षेत्र खेतड़ी ताँबा पट्टी (झुंझुनूं) है, जहाँ अयस्क का शोधन हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 29. इण्डिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट-2023 के अनुसार, भारत के किस राज्य में उसके कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में अभिलेखित वन क्षेत्र का प्रतिशत सर्वाधिक था?
- सिक्किम
- मणिपुर
- मध्य प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) अरुणाचल प्रदेश ✅
ISFR 2023 के अनुसार अरुणाचल प्रदेश वह राज्य है जहाँ कुल भौगोलिक क्षेत्रफल की तुलना में अभिलेखित वन क्षेत्र का प्रतिशत सबसे अधिक है। अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर भारत का अत्यधिक वनाच्छादित राज्य है। मध्य प्रदेश कुल वन क्षेत्र (क्षेत्रफल) की दृष्टि से देश में अग्रणी है, जबकि प्रतिशत की दृष्टि से नहीं। यही अंतर परीक्षाओं में पूछा जाता है।
प्रश्न 30. लघु ज्वार (Neap Tide) की कितने अंतराल पर पुनरावृत्ति होती है?
- पखवाड़ा
- 12 घंटे 26 मिनट
- 6 महीने
- 24 घंटे 52 मिनट
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) पखवाड़ा ✅
लघु ज्वार उस समय उत्पन्न होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा समकोण (90°) पर स्थित होते हैं। यह स्थिति शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष की अष्टमी के समय बनती है। इस अवस्था में सूर्य और चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण एक-दूसरे के प्रभाव को कम कर देता है, जिससे ज्वार की ऊँचाई कम होती है। लघु ज्वार की पुनरावृत्ति लगभग हर 14–15 दिन (पखवाड़े) में होती है। इसके विपरीत महाज्वार अमावस्या और पूर्णिमा के दिन उत्पन्न होता है।
प्रश्न 31. निम्नलिखित में से कौनसा सही सुमेलित नहीं है? (स्थानीय पवन — देश)
- ज़ोंडा — अर्जेंटीना
- पुर्गा — पुर्तगाल
- तेहुआन्तेपेसर — मेक्सिको
- यामो — जापान
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) पुर्गा — पुर्तगाल ✅
ज़ोंडा अर्जेंटीना के एंडीज पर्वत क्षेत्र में चलने वाली गर्म एवं शुष्क पवन है। तेहुआन्तेपेसर मेक्सिको में चलने वाली तीव्र पवन है। यामो जापान की स्थानीय पवन है। जबकि पुर्गा का संबंध पुर्तगाल से नहीं है — पुर्गा वास्तव में रूस और साइबेरिया के हिमाच्छादित क्षेत्रों में चलने वाले बर्फीले तूफान के लिए प्रयुक्त शब्द है। इसलिए यह युग्म गलत है।
प्रश्न 32. 'नुई आर्डेंटे' (Nuée Ardente) किस प्रकार के ज्वालामुखी उद्भेदन से संबंधित है?
- पीलियन तुल्य
- वल्केनियन तुल्य
- हवाईयन तुल्य
- स्ट्रॉम्बोलियन तुल्य
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) पीलियन तुल्य ✅
Nuée Ardente फ्रांसीसी शब्द है, जिसका अर्थ है "जलता हुआ बादल"। यह अत्यंत गर्म गैसों, राख तथा चट्टानों का तीव्र वेग से नीचे बहने वाला मिश्रण होता है। यह घटना मुख्यतः पीलियन प्रकार के ज्वालामुखीय उद्भेदन से संबंधित होती है। इसका नाम मार्टीनिक द्वीप के माउंट पेली ज्वालामुखी से पड़ा, जहाँ 1902 के विस्फोट में हजारों लोगों की मृत्यु हुई थी। पीलियन उद्भेदन में उत्पन्न पाइरोक्लास्टिक प्रवाह सबसे विनाशकारी माना जाता है।
प्रश्न 33. अभिकथन (A) : अधिक गहरे उद्गम केन्द्रित उच्च तीव्रता वाले भूकम्प, संरचनात्मक प्लेट सीमाओं पर आते हैं।
कारण (R) : प्लेटों के आपस में टकराने से एक प्लेट का क्षेपण दूसरी प्लेट के नीचे हो जाता है।
- (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
- (A) असत्य है किन्तु (R) सत्य है।
- (A) सत्य है किन्तु (R) असत्य है।
- (A) और (R) दोनों सत्य हैं किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) (A) और (R) दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है। ✅
भूकम्प मुख्यतः विवर्तनिक प्लेटों की गति के कारण उत्पन्न होते हैं। जब दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, तब अभिसारी प्लेट सीमा का निर्माण होता है और भारी प्लेट हल्की प्लेट के नीचे धँस जाती है, जिसे सबडक्शन कहते हैं। इसी प्रक्रिया में संचित ऊर्जा अचानक मुक्त होकर शक्तिशाली भूकम्प उत्पन्न करती है। सबडक्शन क्षेत्रों में 70 किमी से 700 किमी तक गहराई वाले भूकम्प उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं तथा कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 34. पश्चिमी राजस्थान में, निम्नलिखित में से किस प्रकार के पवनानुवर्ती बालुका स्तूप पाए जाते हैं?
- सीफ
- वनस्पतियुक्त रेखीय
- बखान
- पवनविमुख रेखीय
उत्तर : (4) (A), (B), (C) तथा (D) ✅
पश्चिमी राजस्थान का अधिकांश भाग थार मरुस्थल में स्थित है, जहाँ तीव्र हवाओं एवं कम वर्षा के कारण विभिन्न प्रकार के बालुका स्तूप विकसित हुए हैं। यहाँ सीफ, वनस्पतियुक्त रेखीय स्तूप, बखान तथा पवनविमुख रेखीय स्तूप सभी प्रकार के पवनानुवर्ती बालुका स्तूप पाए जाते हैं। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर तथा जोधपुर के मरुस्थलीय क्षेत्रों में इनका व्यापक विकास हुआ है।
प्रश्न 35. जब लन्दन में दोपहर के 12 बजे हैं, तो चेन्नई (80° पूर्व) तथा न्यूयॉर्क (74° पश्चिम) में स्थानीय समय क्रमशः क्या होगा?
- 5:04 PM तथा 7:12 AM
- 7:04 PM तथा 5:24 AM
- 7:12 PM तथा 5:20 AM
- 5:20 PM तथा 7:04 AM
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) 5:04 PM तथा 7:12 AM ✅
पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है, अर्थात 1° देशांतर = 4 मिनट का समय अंतर होता है। लंदन 0° पर स्थित है। चेन्नई 80° पूर्व पर स्थित है, इसलिए वहाँ का समय ग्रीनविच से आगे होगा। न्यूयॉर्क 74° पश्चिम पर स्थित है, इसलिए वहाँ का समय ग्रीनविच से पीछे होगा। समय-गणना करते समय ध्यान रखना चाहिए कि पूर्व की ओर समय बढ़ता है तथा पश्चिम की ओर समय घटता है। इसलिए 1° = 4 मिनट का नियम याद रखना आवश्यक है।
प्रश्न 36. निम्नलिखित में से कौनसा सुमेलित नहीं है? (यू.एस.डी.ए. मृदा वर्गीकरण)
- अल्फिसोल्स — टोंक, करौली, दौसा
- वर्टिसोल्स — झालावाड़, कोटा, बूंदी
- एंटिसोल्स — जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर
- इनसेप्टिसोल्स — जालौर, बालोतरा, सीकर
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) इनसेप्टिसोल्स — जालौर, बालोतरा, सीकर ✅
अल्फिसोल्स उपजाऊ मृदाएँ हैं, जो टोंक, दौसा तथा करौली में पाई जाती हैं। वर्टिसोल्स (काली मिट्टी) कोटा, बूंदी तथा झालावाड़ में मिलती हैं। एंटिसोल्स शुष्क एवं रेतीली मृदाएँ जैसलमेर, बाड़मेर तथा बीकानेर के मरुस्थलीय क्षेत्रों में विस्तृत हैं। इनसेप्टिसोल्स — जालौर, बालोतरा, सीकर का सुमेलन सही नहीं है क्योंकि इन क्षेत्रों में इस प्रकार की मृदा का प्रमुख वितरण नहीं पाया जाता।
प्रश्न 37. एडवर्ड स्वेस के अनुसार, सीमा (Sima) परत के संदर्भ में कौनसा कथन असत्य है?
- इस परत का औसत घनत्व 2.9 से 4.7 के मध्य है।
- इस परत में भारी पदार्थों की प्रचुरता होती है।
- सियाल परत के ठीक नीचे सीमा परत स्थित होती है।
- इस परत की रचना अधिकांशतः ग्रेनाइट चट्टान से हुई है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) इस परत की रचना अधिकांशतः ग्रेनाइट चट्टान से हुई है। ✅
एडवर्ड स्वेस ने पृथ्वी की ऊपरी संरचना को सियाल और सीमा नामक दो भागों में विभाजित किया। सियाल शब्द सिलिका और एल्युमिनियम से बना है तथा इसकी प्रमुख चट्टान ग्रेनाइट है। सीमा शब्द सिलिका और मैग्नीशियम से बना है तथा यह मुख्यतः बेसाल्टिक चट्टानों से निर्मित होती है। चौथा कथन असत्य है क्योंकि ग्रेनाइट सीमा की नहीं, बल्कि सियाल परत की प्रमुख चट्टान है। सीमा परत भारी एवं अधिक घनत्व वाली होती है और सियाल के नीचे स्थित रहती है।
प्रश्न 38. 'एप्लेटन परत' (Appleton Layer) पायी जाती है—
- क्षोभमण्डल में
- आयनमण्डल में
- बहिर्मण्डल में
- मध्यमण्डल में
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) आयनमण्डल में ✅
एप्लेटन परत आयनमण्डल की F₂ परत का दूसरा नाम है। इसका नाम ब्रिटिश वैज्ञानिक सर एडवर्ड विक्टर एप्लेटन के नाम पर रखा गया, जिन्हें 1947 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। आयनमण्डल में सूर्य की पराबैंगनी तथा एक्स-किरणों के प्रभाव से गैसों का आयनीकरण होता है, जिससे यह परत रेडियो तरंगों को परावर्तित करती है। एप्लेटन परत लगभग 250 से 400 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित होती है और लंबी दूरी के रेडियो संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रश्न 39. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, सेवा क्षेत्र के कौनसे उप-क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान दिया है?
- लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाएँ
- संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ
- व्यापार, होटल और परिवहन
- वित्तीय, वास्तविक परिसंपदा एवं व्यावसायिक सेवाएँ
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) वित्तीय, वास्तविक परिसंपदा एवं व्यावसायिक सेवाएँ ✅
आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार वित्तीय सेवाएँ, वास्तविक परिसंपदा तथा व्यावसायिक सेवाओं ने वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद में सबसे अधिक योगदान दिया। इसके प्रमुख कारण बैंकिंग क्षेत्र का विस्तार, डिजिटल भुगतान प्रणाली, बीमा सेवाओं का प्रसार तथा IT आधारित व्यावसायिक सेवाओं का विस्तार रहा।
प्रश्न 40. संरचनात्मक मुद्रास्फीति उत्पन्न होने के कारण हो सकते हैं—
(a) मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि
(b) उत्पादन के साधनों की अगतिशीलता
(c) सामाजिक ढाँचे में कठोरताएँ
- केवल (a) और (c) सही हैं।
- केवल (a) और (b) सही हैं।
- केवल (b) और (c) सही हैं।
- (a), (b) और (c) सभी सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) केवल (b) और (c) सही हैं। ✅
संरचनात्मक मुद्रास्फीति में अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक कमजोरियों के कारण आपूर्ति माँग के अनुरूप नहीं बढ़ पाती। उत्पादन के साधनों की अगतिशीलता तथा सामाजिक एवं संस्थागत कठोरताएँ इसके प्रमुख कारण हैं। जबकि मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि सामान्यतः मौद्रिक मुद्रास्फीति का कारण होती है, न कि संरचनात्मक मुद्रास्फीति का। विकासशील देशों में यह अधिक देखने को मिलती है।
प्रश्न 41. साख विस्तार से निवेश गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जब केंद्रीय बैंक—
(a) बैंक दर घटाए।
(b) बैंक दर बढ़ाए।
(c) प्रतिभूतियों को खुले बाजार में बेचे।
(d) प्रतिभूतियों को खुले बाजार से खरीदे।
- केवल (a) और (b) सही हैं।
- केवल (b) और (c) सही हैं।
- केवल (a) और (c) सही हैं।
- केवल (a) और (d) सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) केवल (a) और (d) सही हैं। ✅
यदि केंद्रीय बैंक बैंक दर कम कर देता है, तो बैंक ग्राहकों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराते हैं, जिससे निवेश बढ़ता है। जब केंद्रीय बैंक खुले बाजार से प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो बाजार में नकदी बढ़ती है और साख विस्तार होता है। इसके विपरीत बैंक दर बढ़ाने या प्रतिभूतियाँ बेचने से बाजार से नकदी निकल जाती है और निवेश घटता है।
प्रश्न 42. व्यापारिक बैंकों की विशुद्ध सावधि जमाएँ मुद्रा की पूर्ति के किन मापों के घटक हैं?
- M3 और M4
- M4 और M1
- M1 और M2
- M2 और M3
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) M3 और M4 ✅
RBI मुद्रा की मात्रा मापने के लिए M1, M2, M3 तथा M4 का उपयोग करता है। M1 (संकीर्ण मुद्रा) में जनता के पास उपलब्ध मुद्रा एवं मांग जमाएँ शामिल हैं। M3 (व्यापक मुद्रा) में M1 के साथ व्यापारिक बैंकों की विशुद्ध सावधि जमाएँ भी सम्मिलित होती हैं। M4 में M3 के अतिरिक्त डाकघरों की जमाएँ भी शामिल होती हैं। इसलिए विशुद्ध सावधि जमाएँ M3 तथा M4 दोनों का घटक हैं।
प्रश्न 43. सममित आवृत्ति बंटन में, माध्य (X̄), माध्यिका (M) एवं बहुलक (Z) के मध्य सम्बन्ध होता है—
- X̄ − Z = 3(X̄ − M)
- X̄ − M = 3(X̄ − Z)
- X̄ = M = Z
- X̄ > M > Z
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) X̄ = M = Z ✅
सममित आवृत्ति वितरण में आँकड़ों का वितरण मध्य बिंदु के दोनों ओर समान रूप से फैला होता है और किसी प्रकार की विषमता नहीं होती। परिणामस्वरूप माध्य, माध्यिका तथा बहुलक तीनों का मान बराबर होता है (Mean = Median = Mode)। धनात्मक विषम वितरण में Mean > Median > Mode तथा ऋणात्मक विषम वितरण में Mode > Median > Mean होता है। सममित वितरण का उदाहरण सामान्य वितरण है।
प्रश्न 44. मानव विकास रिपोर्ट 2025 के अनुसार, वर्ष 2023 के लिए भारत के असमानता-समायोजित शिक्षा सूचकांक के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
- भारत का सूचकांक भूटान से अधिक है।
- भारत के लिए इस सूचकांक का मान 0.472 है।
- भारत का सूचकांक नेपाल से अधिक है।
- भारत का सूचकांक बांग्लादेश से अधिक है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) भारत का सूचकांक भूटान से अधिक है। ✅
मानव विकास रिपोर्ट 2025 UNDP द्वारा प्रकाशित की गई है। वर्ष 2023 के लिए भारत का असमानता-समायोजित शिक्षा सूचकांक 0.472 दर्ज किया गया, जो नेपाल एवं बांग्लादेश की तुलना में अधिक है। किंतु भूटान का प्रदर्शन भारत से बेहतर रहा, इसलिए यह कहना कि भारत का सूचकांक भूटान से अधिक है, सही नहीं है।
प्रश्न 45. निम्न में से कौन-सी अभिव्यक्तियाँ राष्ट्रीय आय समग्र के बारे में सही हैं?
(a) बाजार कीमतों पर विशुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद – विशुद्ध परोक्ष कर = राष्ट्रीय आय
(b) बाजार कीमतों पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद – विदेशों से प्राप्त विशुद्ध साधन आय = बाजार कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद
(c) बाजार कीमतों पर विशुद्ध घरेलू उत्पाद + परोक्ष कर – अनुदान = साधन लागत पर विशुद्ध घरेलू उत्पाद
- केवल (b) और (c) सही हैं।
- (a), (b) और (c) सभी सही हैं।
- केवल (a) और (b) सही हैं।
- केवल (a) और (c) सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) केवल (a) और (b) सही हैं। ✅
बाजार कीमतों पर विशुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद में से विशुद्ध परोक्ष कर घटाने पर राष्ट्रीय आय प्राप्त होती है, इसलिए (a) सही है। बाजार कीमतों पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद में से विदेशों से प्राप्त विशुद्ध साधन आय घटाने पर बाजार कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद प्राप्त होता है, इसलिए (b) भी सही है। कथन (c) गलत है क्योंकि बाजार कीमतों पर NDP से शुद्ध परोक्ष कर घटाया जाता है, न कि जोड़ा।
प्रश्न 46. भारत में राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक निम्न में से किन क्षेत्रों में अभाव को मापता है?
- स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर
- स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल आपूर्ति
- स्वास्थ्य, दीर्घायु और जीवन स्तर
- शिक्षा, उपभोग स्तर और आय स्तर
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर ✅
राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) केवल आय के आधार पर गरीबी नहीं मापता, बल्कि मूलभूत आवश्यकताओं में होने वाले अभाव का आकलन करता है। नीति आयोग द्वारा जारी MPI में तीन आयाम शामिल हैं— स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर। इनके अंतर्गत पोषण, बाल मृत्यु, स्कूली शिक्षा, स्वच्छ ईंधन, शौचालय, पेयजल, बिजली, आवास तथा बैंक खाता जैसे संकेतकों का मूल्यांकन किया जाता है।
प्रश्न 47. वर्ष 2025 में, भारत सरकार ने कितने श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया है?
- 29
- 41
- 35
- 22
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) 29 ✅
भारत सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करके चार श्रम संहिताएँ बनाई हैं— वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थिति संहिता 2020। इनका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, नियमों को सरल बनाना तथा रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना है।
प्रश्न 48. सूची-I का सूची-II से सुमेलन कीजिए। (मुद्रा का प्रकार — अर्थ)
(i) अधिदिष्ट मुद्रा — (b) सरकार के आदेश द्वारा जारी की गई मुद्रा।
(ii) न्यासी मुद्रा — (a) भुगतानकर्ता और प्राप्तकर्ता के बीच विश्वास के आधार पर स्वीकार की जाने वाली मुद्रा।
(iii) पूर्णकाय मुद्रा — (c) वस्तु का मूल्य मुद्रा के मूल्य के बराबर होता है।
(iv) साख मुद्रा — (d) मुद्रा का मूल्य वस्तु के मूल्य से अधिक होता है।
- (i)-(b), (ii)-(a), (iii)-(c), (iv)-(d)
- (i)-(a), (ii)-(b), (iii)-(d), (iv)-(c)
- (i)-(b), (ii)-(c), (iii)-(d), (iv)-(a)
- (i)-(a), (ii)-(c), (iii)-(d), (iv)-(b)
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) (i)-(b), (ii)-(a), (iii)-(c), (iv)-(d) ✅
अधिदिष्ट मुद्रा सरकार के आदेश (Legal Tender) के आधार पर वैध मानी जाती है। न्यासी मुद्रा का मूल्य जनता के विश्वास पर आधारित होता है। पूर्णकाय मुद्रा में अंकित मूल्य और धातु का वास्तविक मूल्य लगभग समान होता है। साख मुद्रा में वास्तविक मूल्य अंकित मूल्य से कम होता है तथा इसका प्रचलन बैंकिंग व्यवस्था पर आधारित होता है।
प्रश्न 49. निम्न में से कौनसा सही नहीं है?
- ∑(X − X̄)² न्यूनतम होता है।
- X̄₁₂ = (N₁X̄₁ + N₂X̄₂) / (N₁ × N₂)
- यदि N₁=25, X̄₁=61, N₂=35 एवं X̄₂=58 हो, तो X̄₁₂=59.25
- ∑(X − X̄) = 0
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) ✅
संयुक्त माध्य का सही सूत्र है X̄₁₂ = (N₁X̄₁ + N₂X̄₂) / (N₁ + N₂)। विकल्प (2) में हर में N₁ × N₂ दिया गया है, जबकि सही सूत्र में N₁ + N₂ होना चाहिए, इसलिए यह कथन गलत है। दिए गए आँकड़ों से गणना करने पर (25×61 + 35×58)/60 = 3555/60 = 59.25 प्राप्त होता है, इसलिए (3) सही है। ∑(X − X̄)=0 माध्य का मूलभूत गुण है तथा ∑(X − X̄)² का मान न्यूनतम होता है।
प्रश्न 50. केंद्र सरकार 22 अधिसूचित फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा करती है। इनमें खरीफ, रबी एवं वाणिज्यिक फसलों की संख्या क्रमशः है—
- 13, 6, 3
- 15, 4, 3
- 14, 6, 2
- 16, 4, 2
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) 13, 6, 3 ✅
न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर निर्धारित किया जाता है। 22 अधिसूचित फसलों में 13 खरीफ फसलें, 6 रबी फसलें तथा 3 वाणिज्यिक फसलें शामिल हैं। खरीफ में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि; रबी में गेहूँ, जौ, चना, सरसों; तथा वाणिज्यिक फसलों में खोपरा, जूट एवं कपास सम्मिलित हैं।
प्रश्न 51. वस्तु की बाजार पूर्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
(a) बाजार पूर्ति वक्र को व्यक्तिगत उत्पादकों के पूर्ति वक्रों के क्षैतिज योग द्वारा प्राप्त किया जाता है।
(b) बाजार पूर्ति वक्र, उत्पादकों की संख्या पर निर्भर करता है।
(c) समय के साथ उत्पादकों के प्रवेश करने या बाहर जाने पर बाजार पूर्ति वक्र परिवर्तित हो जाता है।
- (a), (b) एवं (c) सभी सही हैं।
- केवल (a) एवं (b) सही हैं।
- केवल (b) सही है।
- केवल (b) एवं (c) सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) (a), (b) एवं (c) सभी सही हैं। ✅
बाजार पूर्ति वक्र का निर्माण सभी व्यक्तिगत उत्पादकों के पूर्ति वक्रों का क्षैतिज योग करके किया जाता है। बाजार में जितने अधिक उत्पादक होंगे, उतनी अधिक कुल पूर्ति होगी। नए उत्पादकों के प्रवेश पर पूर्ति वक्र दाईं ओर तथा बाहर निकलने पर बाईं ओर खिसक जाता है। इसलिए तीनों कथन सही हैं।
प्रश्न 52. वस्तु की बाजार माँग स्थिर होने पर, यदि बाजार पूर्ति घट जाती है, तो क्या होगा?
- साम्य कीमत में कमी होगी।
- साम्य कीमत एवं साम्य मात्रा दोनों में कमी आएगी।
- साम्य मात्रा बढ़ जाएगी।
- साम्य कीमत बढ़ जाएगी, लेकिन साम्य मात्रा में कमी आएगी।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) साम्य कीमत बढ़ जाएगी, लेकिन साम्य मात्रा में कमी आएगी। ✅
यदि माँग स्थिर रहे और पूर्ति घट जाए, तो पूर्ति वक्र बाईं ओर खिसक जाता है। वस्तु की उपलब्ध मात्रा कम हो जाती है जबकि माँग बनी रहती है, जिससे वस्तु की कमी उत्पन्न होती है और कीमतें बढ़ती हैं। नई साम्य स्थिति में साम्य कीमत अधिक तथा साम्य मात्रा कम हो जाती है।
प्रश्न 53. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, नेशनल मिशन ऑन मैन्युफैक्चरिंग के संबंध में कथनों पर विचार करें—
(a) इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी।
(b) इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक GDP में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है।
- (a) और (b) दोनों गलत हैं।
- केवल (a) सही है।
- केवल (b) सही है।
- (a) और (b) दोनों सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) (a) और (b) दोनों सही हैं। ✅
नेशनल मिशन ऑन मैन्युफैक्चरिंग की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना तथा वर्ष 2047 तक GDP में विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है। यह मिशन "मेक इन इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" तथा PLI योजनाओं का पूरक माना जाता है।
प्रश्न 54. भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद के संबंध में, कौन-सा कथन सही नहीं है?
- प्रधानमंत्री GST परिषद के अध्यक्ष होते हैं।
- राजस्व या वित्त के प्रभारी केंद्रीय राज्य मंत्री परिषद के सदस्य होते हैं।
- GST परिषद के सचिवालय का कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
- केंद्र सरकार ने 12 सितम्बर 2016 को GST परिषद के गठन की स्वीकृति प्रदान की।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) प्रधानमंत्री GST परिषद के अध्यक्ष होते हैं। ✅
GST परिषद का गठन संविधान के अनुच्छेद 279A के अंतर्गत 12 सितम्बर 2016 को किया गया था। परिषद का अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होता है, न कि प्रधानमंत्री, इसलिए विकल्प (1) गलत है। अन्य सदस्यों में केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री तथा सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं। परिषद का सचिवालय नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 55. राष्ट्रीय आय की गणना करते समय, निम्न में से कौनसे बाजार सौदों को शामिल नहीं किया जाता है?
(a) आकस्मिक लाभ और हानियाँ
(b) हस्तान्तरण भुगतान
(c) अवैध गतिविधियों से आय
- केवल (a) और (b) सही हैं।
- (a), (b) और (c) सभी सही हैं।
- केवल (a) और (c) सही हैं।
- केवल (b) और (c) सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) (a), (b) और (c) सभी सही हैं। ✅
राष्ट्रीय आय की गणना में केवल वैध, उत्पादक तथा वर्तमान आर्थिक गतिविधियों से प्राप्त आय शामिल की जाती है। आकस्मिक लाभ एवं हानियाँ उत्पादन का परिणाम नहीं होतीं। हस्तान्तरण भुगतान (पेंशन, छात्रवृत्ति आदि) किसी उत्पादन के बदले नहीं दिए जाते। अवैध गतिविधियों से अर्जित आय वैधानिक नहीं होती। इसलिए इन तीनों को राष्ट्रीय आय की गणना से बाहर रखा जाता है।
प्रश्न 56. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, भारत में मातृत्व मृत्युदर (MMR) और शिशु मृत्युदर (IMR) के संबंध में कथनों पर विचार करें –
(a) भारत में MMR 1990 से 86% घट गई है।
(b) भारत में IMR 2013 में प्रति हजार जीवित जन्मों पर 40 मौतों से घटकर 2023 में 30 मौतों तक आ गई।
- केवल (a) सही है।
- (a) और (b) दोनों गलत हैं।
- (a) और (b) दोनों सही हैं।
- केवल (b) सही है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) (a) और (b) दोनों सही हैं। ✅
आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार भारत में मातृत्व मृत्युदर में 1990 की तुलना में लगभग 86% की कमी दर्ज की गई है। शिशु मृत्युदर 2013 में प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 40 से घटकर 2023 में 30 रह गई। जननी सुरक्षा योजना, मिशन इन्द्रधनुष तथा पोषण अभियान ने इस सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रश्न 57. निम्न में से कौनसे कथन बहुलक (Mode) के बारे में सत्य हैं?
(a) बहुलक चरम मूल्यों से अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं होता है।
(b) इसके मूल्य का निर्धारण खुले सिरे वाले बंटन के लिए, वर्ग अंतराल का निर्धारण किये बिना किया जा सकता है।
(c) बहुलक के मूल्य का निर्धारण रेखाचित्र की सहायता से नहीं किया जा सकता है।
(d) बहुलक बंटन का सर्वाधिक प्रतिनिधित्व करने वाला मूल्य है।
- (a), (b) और (c) सही हैं।
- (b), (c) और (d) सही हैं।
- (a), (c) और (d) सही हैं।
- (a), (b) और (d) सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) (a), (b) और (d) सही हैं। ✅
बहुलक वह मान है जिसकी आवृत्ति सर्वाधिक होती है। यह चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता तथा खुले सिरे वाले वितरण में भी इसका निर्धारण संभव है। बहुलक का निर्धारण रेखाचित्र (हिस्टोग्राम) द्वारा भी किया जा सकता है, इसलिए कथन (c) गलत है। बहुलक वितरण का सबसे प्रतिनिधिक मान भी माना जाता है।
प्रश्न 58. लोकसभा में अल्पकालीन चर्चा के सम्बन्ध में, निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?
- यह लोकसभा की कार्यप्रणाली और कार्यसंचालन के नियमों में, नियम 377 के तहत सम्मिलित है।
- इस प्रावधान के तहत सदन के समक्ष कोई औपचारिक प्रस्ताव या मतदान नहीं होता।
- संसद के सदस्य सार्वजनिक महत्व के किसी अत्यावश्यक मामले पर अल्पकालिक चर्चा कर सकते हैं।
- अल्पकालीन चर्चा के लिए आवंटित समय दो घण्टे से अधिक नहीं होगा।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) यह नियम 377 के तहत सम्मिलित है। ✅
लोकसभा में अल्पकालीन चर्चा का प्रावधान नियम 193 के अंतर्गत किया गया है, न कि नियम 377 के अंतर्गत। इस चर्चा के दौरान सदन में कोई औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया जाता तथा मतदान भी नहीं होता। इसके लिए लगभग दो घंटे का समय निर्धारित किया जाता है। नियम 377 का संबंध सदस्यों द्वारा विशेष मामलों को लिखित रूप में उठाने से है।
प्रश्न 59. G-20 शिखर सम्मेलन से सम्बन्धित, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
(I) वर्ष 2025 में G-20 शिखर सम्मेलन जोहान्सबर्ग में आयोजित किया गया।
(II) वर्ष 2025 में G-20 शिखर सम्मेलन का विषय "Recover Together, Recover Stronger" था।
- (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
- केवल (II) सही है।
- न तो (I) ना ही (II) सही है।
- केवल (I) सही है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) केवल (I) सही है। ✅
G-20 शिखर सम्मेलन 2025 की मेज़बानी दक्षिण अफ्रीका ने की और इसका आयोजन जोहान्सबर्ग में हुआ। दूसरा कथन गलत है क्योंकि "Recover Together, Recover Stronger" वर्ष 2022 के इंडोनेशिया (बाली) सम्मेलन का विषय था। भारत ने 2023 में, ब्राज़ील ने 2024 में तथा दक्षिण अफ्रीका ने 2025 में अध्यक्षता की।
प्रश्न 60. मैक्स वेबर द्वारा वर्णित परम्परागत सत्ता से सम्बन्धित, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
(I) इस प्रकार की सत्ता में, अधीनस्थ किसी नियम को इस आधार पर स्वीकार करते हैं कि वह उच्चस्तरीय सार्वभौम नियमों के साथ समान है जिसे वे औचित्यपूर्ण समझते हैं।
(II) इस प्रकार की सत्ता में, प्रत्यायोजन तदर्थ एवं स्वेच्छाचारी होता है।
- केवल (I) सही है।
- न तो (I) ना ही (II) सही है।
- केवल (II) सही है।
- (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) केवल (II) सही है। ✅
मैक्स वेबर ने सत्ता को तीन प्रकारों में विभाजित किया— परम्परागत, करिश्माई तथा वैधानिक-तार्किक सत्ता। परम्परागत सत्ता का आधार रीति-रिवाज एवं परम्पराएँ होती हैं और इसमें प्रत्यायोजन तदर्थ तथा स्वेच्छाचारी होता है, इसलिए कथन (II) सही है। कथन (I) वैधानिक-तार्किक सत्ता की विशेषता है, इसलिए वह परम्परागत सत्ता के संदर्भ में सही नहीं है।
प्रश्न 61. पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (PESA) के उपबंधों से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
(I) PESA के उपबंध 24 दिसम्बर 1996 में लागू हुए।
(II) PESA के उपबंध भारत के 7 राज्यों में लागू हैं।
- न तो (I) ना ही (II) सही है।
- केवल (II) सही है।
- (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
- केवल (I) सही है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) (I) एवं (II) दोनों सही हैं। ✅
PESA अधिनियम 24 दिसम्बर 1996 से लागू हुआ। इसका उद्देश्य संविधान के भाग-IX के पंचायत प्रावधानों को पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्रों तक विस्तारित करना था। वर्तमान में यह अधिनियम 7 राज्यों— राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा—के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू है। इसके अंतर्गत ग्राम सभा को अनेक महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं।
प्रश्न 62. संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता के मूल अधिकार के न्यायिक निर्वचनों से संबंधित, निम्नांकित कथनों में से कौनसा त्रुटिपूर्ण है?
- 'नैसर्गिक न्याय' का सिद्धांत इसमें निहित है।
- यह नागरिक या गैर-नागरिक, सभी व्यक्तियों पर लागू होता है, मगर विधिक व्यक्तियों पर नहीं।
- यह राज्य की कार्रवाइयों में मनमानेपन का निषेध करता है।
- यह युक्तियुक्त वर्गीकरण की अनुमति देता है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) ✅
अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता तथा विधियों के समान संरक्षण का अधिकार प्रदान करता है। यह अधिकार सभी व्यक्तियों पर लागू होता है, जिसमें विदेशी तथा विधिक व्यक्ति (कंपनियाँ, निगम) भी शामिल हैं। इसलिए विकल्प (2) त्रुटिपूर्ण है। अनुच्छेद 14 राज्य की मनमानी को प्रतिबंधित करता है तथा युक्तियुक्त वर्गीकरण की अनुमति देता है। न्यायपालिका ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को भी इसके दायरे में विकसित किया है।
प्रश्न 67. निम्नलिखित में से कौनसा एक ऑपरेशन भारत से नक्सलवाद के खात्मे से जुड़ा नहीं है?
- ऑपरेशन स्टीपलचेज़
- ऑपरेशन प्रहार
- ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो
- ऑपरेशन थंडरस्टॉर्म
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो ✅
ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों (26/11) के दौरान NSG द्वारा चलाया गया आतंकवाद-रोधी अभियान था। इसका संबंध नक्सलवाद से नहीं है। इसके विपरीत ऑपरेशन स्टीपलचेज़ (1971), ऑपरेशन प्रहार तथा ऑपरेशन थंडरस्टॉर्म नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उग्रवादियों के विरुद्ध चलाए गए अभियान थे।
प्रश्न 68. राजनीति विज्ञान के क्षेत्र के संदर्भ में, कौनसा युग्म (दृष्टिकोण और उसके समर्थक) सही नहीं है?
- समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण — जॉर्ज ई. जी. कैटलिन
- राजनीति विज्ञान का स्वायत्त स्वरूप — नॉर्मन जैकबसन
- ऐतिहासिक दृष्टिकोण — जॉर्ज एच. सेबाइन
- एक समन्वयात्मक दृष्टिकोण — लियो स्ट्रॉस
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) एक समन्वयात्मक दृष्टिकोण — लियो स्ट्रॉस ✅
जॉर्ज ई. जी. कैटलिन समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण, जॉर्ज एच. सेबाइन ऐतिहासिक दृष्टिकोण तथा नॉर्मन जैकबसन राजनीति विज्ञान की स्वायत्त पहचान से संबंधित हैं। लियो स्ट्रॉस मुख्यतः शास्त्रीय राजनीतिक दर्शन एवं मानकीय चिंतन के विद्वान थे, उन्हें समन्वयात्मक दृष्टिकोण का प्रमुख समर्थक नहीं माना जाता। इसलिए चौथा युग्म त्रुटिपूर्ण है।
प्रश्न 69. निम्नलिखित में से कौनसे राजनीतिक दल 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान न तो INDIA और ना ही NDA का हिस्सा थे?
(i) AIMIM
(ii) भारत राष्ट्र समिति (BRS)
(iii) YSRCP
(iv) बीजू जनता दल (BJD)
- केवल (i), (ii) और (iv)
- केवल (ii), (iii) और (iv)
- सभी (i), (ii), (iii) और (iv)
- केवल (i), (ii) और (iii)
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) सभी (i), (ii), (iii) और (iv) ✅
लोकसभा चुनाव 2024 में AIMIM, भारत राष्ट्र समिति (BRS), YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) तथा बीजू जनता दल (BJD) — ये चारों दल औपचारिक रूप से न तो INDIA और न ही NDA गठबंधन का हिस्सा थे तथा स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़े।
प्रश्न 74. राजनीति विज्ञान के उपागमों से सम्बन्धित, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
(I) अनुभवमूलक (Empirical) उपागम मुख्य रूप से वर्णनात्मक होता है, जबकि मानकीय (Normative) उपागम मुख्य रूप से निर्देशात्मक होता है।
(II) अनुभवमूलक उपागम उन नियमों से सम्बन्धित है जो परिवर्तनीय हैं, जबकि मानकीय उपागम उन नियमों की खोज करता है जो अपरिवर्तनीय हैं।
- केवल (II) सही है।
- केवल (I) सही है।
- (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
- न तो (I) ना ही (II) सही है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) (I) एवं (II) दोनों सही हैं। ✅
अनुभवमूलक उपागम राजनीतिक तथ्यों एवं व्यवहारों का वैज्ञानिक अध्ययन करता है और "क्या है?" का उत्तर खोजता है, इसलिए यह वर्णनात्मक है। मानकीय उपागम आदर्शों, न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता का अध्ययन करता है और "क्या होना चाहिए?" का उत्तर देता है, इसलिए यह निर्देशात्मक है। अनुभवमूलक उपागम बदलने वाले नियमों का, जबकि मानकीय उपागम सार्वभौमिक सिद्धांतों का अध्ययन करता है।
प्रश्न 75. 44वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा सम्पत्ति के मूल अधिकार (अनुच्छेद 31) के निरसन के समानांतर, किस नीति निर्देशक तत्व को संविधान में अंतःस्थापित किया गया?
- उद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों का भाग लेना।
- कुछ दशाओं में काम और लोक-सहायता पाने का अधिकार।
- आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास।
- सहकारी समितियों का प्रोन्नयन।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) उद्योगों के प्रबंध में कर्मकारों का भाग लेना। ✅
44वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा सम्पत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300A के अंतर्गत वैधानिक अधिकार बना दिया गया। इसी संशोधन द्वारा भाग-IV में अनुच्छेद 43A जोड़ा गया, जिसके अनुसार उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास राज्य करेगा। सहकारी समितियों का प्रोन्नयन 97वें संशोधन (अनुच्छेद 43B) द्वारा जोड़ा गया।
प्रश्न 76. समानता की अवधारणा और उसके समर्थक विद्वान के त्रुटिपूर्ण युग्म को पहचानिए –
- संसाधनों की समानता – रोनाल्ड डवर्किन
- सामर्थ्यों की समानता – अमर्त्य सेन
- कल्याण की समानता – जेरेमी बेन्थम
- जटिल समानता – रिचर्ड जे. अर्नेसन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) जटिल समानता – रिचर्ड जे. अर्नेसन ✅
रोनाल्ड डवर्किन ने संसाधनों की समानता, अमर्त्य सेन ने सामर्थ्य दृष्टिकोण तथा जेरेमी बेन्थम ने कल्याण (उपयोगितावाद) की अवधारणा प्रस्तुत की। जबकि जटिल समानता का सिद्धांत माइकल वाल्ज़र ने प्रस्तुत किया था, न कि रिचर्ड जे. अर्नेसन ने। इसलिए विकल्प (4) त्रुटिपूर्ण युग्म है।
प्रश्न 77. साम्प्रदायिकता की मूल विचारधारा क्या है?
- यह स्वतः स्फूर्त रूप से उभरने वाला एक विचार है।
- यह विश्वास कि सभी धर्मों को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में रहना चाहिए।
- यह विचार कि समाज धार्मिक समुदायों में विभाजित है, जिनके हित अलग-अलग और अक्सर परस्पर विरोधी होते हैं।
- प्राचीन धार्मिक ग्रंथों और उनके ऐतिहासिक प्रभाव का अध्ययन।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) ✅
साम्प्रदायिकता ऐसी विचारधारा है जो मानती है कि समाज विभिन्न धार्मिक समुदायों में विभाजित है तथा प्रत्येक समुदाय के हित अलग-अलग और कई बार परस्पर विरोधी होते हैं। यह धारणा सामाजिक तनाव एवं संघर्ष को जन्म देती है। इसके विपरीत धर्मनिरपेक्षता सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान एवं शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर बल देती है।
प्रश्न 78. निम्नलिखित में से कौनसे परम्परागत हिन्दू विवाह में एक उच्च वर्ण की महिला निम्न वर्ण के पुरुष से विवाह करती है?
- अनुलोम
- प्रतिलोम
- प्रजापत्य
- ब्रह्म
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) प्रतिलोम ✅
प्रतिलोम विवाह वह विवाह माना जाता था जिसमें उच्च वर्ण की स्त्री का विवाह निम्न वर्ण के पुरुष से होता था। इसके विपरीत अनुलोम विवाह में उच्च वर्ण का पुरुष निम्न वर्ण की स्त्री से विवाह करता था। ब्रह्म एवं प्रजापत्य विवाह हिन्दू धर्म के आठ विवाह प्रकारों में से हैं और उनका संबंध विवाह संस्कार की विधि से है, न कि वर्ण आधारित विवाह से।
प्रश्न 79. जब समूह का कोई सदस्य समूह के साथ अन्तःक्रिया करना बंद कर देता है, फिर भी दूसरे लोग उसे सदस्य मानते हैं, तो ऐसे सदस्य को कहते हैं—
- सदस्यतासमर्थ (Potential) समूह सदस्य
- नाममात्रीय समूह सदस्य
- स्व-समूह द्रोही
- सीमास्थित समूह सदस्य
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) नाममात्रीय समूह सदस्य ✅
नाममात्रीय समूह सदस्य वह व्यक्ति होता है जो व्यवहारिक रूप से समूह की गतिविधियों में भाग नहीं लेता, फिर भी समूह के अन्य सदस्य उसे उसी समूह का सदस्य मानते रहते हैं। Potential Member भविष्य में सदस्य बन सकता है, सीमास्थित सदस्य दो समूहों के बीच की स्थिति में होता है तथा स्व-समूह द्रोही अपने समूह के हितों के विरुद्ध कार्य करता है।
प्रश्न 80. 'जब उद्यमी अधिक लाभ कमाते हैं, तो वे उसे व्यवसाय में निवेश करते हैं जिससे रोजगार बढ़ता है, लेकिन जब उन्हें कम लाभ मिलता है... तो वे कामगारों की संख्या कम कर देते हैं जिससे बेरोजगारी उत्पन्न होती है।' यह किस प्रकार की बेरोजगारी का उदाहरण है?
- शास्त्रीय बेरोजगारी
- मौसमी बेरोजगारी
- तकनीकी बेरोजगारी
- चक्रीय बेरोजगारी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) चक्रीय बेरोजगारी ✅
चक्रीय बेरोजगारी व्यापार चक्र के उतार-चढ़ाव के कारण उत्पन्न होती है। मंदी के समय माँग घटती है, लाभ कम होता है और श्रमिकों की छँटनी होती है, जिससे बेरोजगारी बढ़ती है। तेजी के समय माँग और लाभ बढ़ने से रोजगार बढ़ता है। मौसमी बेरोजगारी मौसम, तकनीकी बेरोजगारी नई तकनीक तथा शास्त्रीय बेरोजगारी अधिक मजदूरी दर के कारण उत्पन्न होती है।
प्रश्न 81. निम्नलिखित में से कौन समाजशास्त्र के वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य से सम्बन्धित नहीं हैं?
- आर. के. मर्टन
- टी. पार्सन्स
- ई. दुर्खीम
- पीटर बर्गर
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) पीटर बर्गर ✅
समाजशास्त्र में वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य का विकास ई. दुर्खीम, आर. के. मर्टन तथा टी. पार्सन्स जैसे विद्वानों ने किया। दुर्खीम ने सामाजिक तथ्यों के वैज्ञानिक अध्ययन पर बल दिया। जबकि पीटर एल. बर्गर समाज के व्याख्यात्मक तथा सामाजिक यथार्थ के निर्माण संबंधी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध हैं, उनका संबंध वैज्ञानिक प्रत्यक्षवादी दृष्टिकोण से नहीं माना जाता।
प्रश्न 82. निम्नांकित में से कौनसी विशेषता संस्था (Institution) की नहीं है?
- उद्देश्य
- सामूहिक प्रयत्न
- प्रतीक
- अस्थायी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) अस्थायी ✅
संस्था से तात्पर्य संगठित एवं स्वीकृत सामाजिक व्यवस्थाओं से है जो समाज की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं, जैसे परिवार, विवाह, धर्म, शिक्षा एवं राज्य। प्रत्येक संस्था का निश्चित उद्देश्य होता है, संचालन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक होता है और उसके प्रतीक भी हो सकते हैं। सामाजिक संस्थाएँ स्थायी होती हैं, इसलिए 'अस्थायी' संस्था की विशेषता नहीं है।
प्रश्न 83. लोकपाल तथा लोकायुक्त अधिनियम, 2013 कब लागू हुआ?
- 16 जनवरी 2014
- 17 दिसम्बर 2013
- 18 दिसम्बर 2013
- 15 जनवरी 2015
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) 16 जनवरी 2014 ✅
लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 उच्च स्तर के भ्रष्टाचार की जाँच के लिए बनाया गया। संसद ने इसे दिसंबर 2013 में पारित किया तथा राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह 16 जनवरी 2014 से प्रभावी हुआ। लोकपाल का अधिकार क्षेत्र प्रधानमंत्री (कुछ अपवादों सहित), केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों तथा लोक सेवकों तक विस्तारित है। वर्ष 2019 में न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष प्रथम लोकपाल बने।
प्रश्न 84. निम्न में से कौनसा प्रदत्त प्रस्थिति (Ascribed Status) के निर्धारण का आधार नहीं है?
- नातेदारी
- लिंग
- सम्पत्ति
- प्रजाति
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) सम्पत्ति ✅
प्रदत्त प्रस्थिति वह सामाजिक स्थिति है जो व्यक्ति को जन्म के साथ स्वतः प्राप्त हो जाती है। इसके प्रमुख आधार लिंग, आयु, नातेदारी, जाति, वंश तथा प्रजाति हैं। इसके विपरीत सम्पत्ति सामान्यतः व्यक्ति के प्रयास, व्यवसाय या उत्तराधिकार से प्राप्त होती है और इसे प्रदत्त प्रस्थिति का आधार नहीं माना जाता, बल्कि यह अर्जित प्रस्थिति से संबंधित है।
प्रश्न 85. निम्नलिखित में से कौनसा एम.एन. श्रीनिवास द्वारा उल्लेखित 'प्रभु जाति' (Dominant Caste) के छह लक्षणों में से एक नहीं है?
- कृषि योग्य भूमि की बड़ी मात्रा
- स्थानीय पदानुक्रम में उच्च स्थान
- जातीय संस्तरण में उच्च स्थान
- संख्यात्मक शक्ति
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) स्थानीय पदानुक्रम में उच्च स्थान ✅
एम. एन. श्रीनिवास ने 'प्रभु जाति' की अवधारणा प्रस्तुत की। इसके प्रमुख लक्षणों में संख्यात्मक शक्ति, कृषि योग्य भूमि पर नियंत्रण, आर्थिक सम्पन्नता, राजनीतिक प्रभाव, शिक्षा तथा जातीय संस्तरण में उच्च स्थान शामिल हैं। 'स्थानीय पदानुक्रम में उच्च स्थान' उनके मूल छह लक्षणों में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है। श्रीनिवास ने संस्कृतिकरण एवं पाश्चात्यीकरण जैसी अवधारणाएँ भी दीं।
प्रश्न 86. निम्नांकित में से किसने तीन तरह के परिवारों के बारे में बताया है : सरल (Simple), यौगिक (Compound) और मिश्रित (Composite)?
- आई.पी. देसाई
- पी.एच. प्रभु
- के.पी. चट्टोपाध्याय
- इरावती कर्वे
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) इरावती कर्वे ✅
डॉ. इरावती कर्वे ने भारतीय परिवार व्यवस्था का अध्ययन करते हुए परिवारों का वर्गीकरण सरल, यौगिक तथा मिश्रित रूपों में किया। सरल परिवार में पति-पत्नी एवं अविवाहित बच्चे होते हैं, जबकि यौगिक एवं मिश्रित परिवारों में अनेक पीढ़ियाँ एवं विस्तृत रिश्तेदारी के सदस्य सम्मिलित हो सकते हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक Kinship Organization in India है।
प्रश्न 87. यह किसने कहा कि "एक निश्चित समाज में मुख्य रूप से एक ही पद वाले व्यक्तियों के समूह को सामाजिक वर्ग कहा जाता है"?
- टी.बी. बॉटमोर
- मजूमदार एवं मदान
- पी. गिस्बर्ट
- ऑगबर्न एवं निमकॉफ
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) टी.बी. बॉटमोर ✅
टी.बी. बॉटमोर सामाजिक स्तरीकरण एवं सामाजिक वर्ग के प्रमुख विद्वान माने जाते हैं। उनके अनुसार सामाजिक वर्ग ऐसे व्यक्तियों का समूह है जिनकी समाज में समान सामाजिक स्थिति होती है। वर्ग का निर्धारण आय, व्यवसाय, शिक्षा एवं प्रतिष्ठा के आधार पर होता है। वर्ग व्यवस्था में सामाजिक गतिशीलता संभव है, इसलिए यह जाति व्यवस्था से भिन्न होती है।
प्रश्न 88. निम्नलिखित में से कौन सामाजिक परिवर्तन की प्रेरक शक्ति के रूप में वर्ग संघर्ष का समर्थन करता है?
- कार्ल मार्क्स
- के. डेविस
- आर.के. मर्टन
- टी. पार्सन्स
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) कार्ल मार्क्स ✅
कार्ल मार्क्स ने सामाजिक परिवर्तन की व्याख्या ऐतिहासिक भौतिकवाद तथा वर्ग संघर्ष के सिद्धांत के माध्यम से की। उनके अनुसार उत्पादन के साधनों पर अधिकार रखने वाले वर्ग तथा श्रमिक वर्ग के बीच संघर्ष सामाजिक परिवर्तन की प्रमुख प्रेरक शक्ति है। इसके विपरीत टी. पार्सन्स, आर.के. मर्टन तथा के. डेविस समाज में संतुलन एवं कार्यात्मकता पर बल देते हैं।
प्रश्न 89. एस.सी. दुबे द्वारा बताई गई जाति की विशेषताओं के आधार पर, निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?
- जातियाँ झगड़ों को सुलझाने और सामाजिक नियंत्रण बनाए रखने के लिए अपनी खुद की व्यवस्था बनाए रखती हैं।
- एक जाति की मिली-जुली संस्कृति और व्यवहार के तरीके जैविक विरासत से आगे बढ़ते हैं।
- एक जाति के सदस्य सामान्यतः अपने ही विशेष समूह में विवाह करते हैं।
- विभिन्न जातियों के मध्य अन्तःक्रिया पवित्रता और अपवित्रता की अवधारणा से बहुत अधिक प्रभावित होती है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) एक जाति की मिली-जुली संस्कृति और व्यवहार के तरीके जैविक विरासत से आगे बढ़ते हैं। ✅
एस.सी. दुबे के अनुसार जाति एक सामाजिक संस्था है, न कि जैविक संस्था। जाति की परंपराएँ, रीति-रिवाज एवं सांस्कृतिक मूल्य सामाजीकरण के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं, न कि जैविक विरासत द्वारा। इसलिए कथन (2) गलत है। जाति व्यवस्था में अंतर्विवाह का पालन किया जाता है तथा पवित्रता एवं अपवित्रता की अवधारणा का प्रभाव रहता है।
प्रश्न 90. समाज और समुदाय के संबंध में, निम्न तथ्यों में से कौनसा गलत है?
- हम समुदाय के सदस्य हैं, समाज के नहीं।
- समुदाय मूर्त होता है, जबकि समाज अमूर्त होता है।
- एक समुदाय को देखा जा सकता है, लेकिन समाज को नहीं।
- हर समाज का एक नाम होता है, लेकिन समुदाय को नहीं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) हर समाज का एक नाम होता है, लेकिन समुदाय को नहीं। ✅
समाज सामाजिक संबंधों का व्यापक एवं अमूर्त जाल है, जबकि समुदाय एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों का समूह है जिसमें अपनत्व की भावना पाई जाती है। चौथा कथन गलत है क्योंकि समाज और समुदाय दोनों के नाम हो सकते हैं, जैसे भारतीय समाज, भील समुदाय, जैन समुदाय आदि।
प्रश्न 91. एलेक्स इंकेल्स के अनुसार, इनमें से किन विषयों की समाजशास्त्र के साथ भ्रमित (Confused) होने की संभावना सबसे कम है?
- इतिहास, मनोविज्ञान और राजनीति विज्ञान
- मनोविज्ञान, मानवशास्त्र और दर्शनशास्त्र
- भूगोल, विधि और अर्थशास्त्र
- अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और इतिहास
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) भूगोल, विधि और अर्थशास्त्र ✅
एलेक्स इंकेल्स के अनुसार समाजशास्त्र का सबसे निकट संबंध मनोविज्ञान, मानवशास्त्र, इतिहास तथा राजनीति विज्ञान से है। इसके विपरीत भूगोल, विधि तथा अर्थशास्त्र विशिष्ट विषय हैं जिनका अध्ययन क्षेत्र सीमित है, इसलिए समाजशास्त्र के साथ इनके भ्रमित होने की संभावना कम मानी जाती है।
प्रश्न 92. किसने कहा है कि "समाजशास्त्र मानवीय अन्तःक्रियाओं, अन्तःसम्बन्धों, उनकी अवस्थाओं एवं परिणामों का अध्ययन है"?
- हरबर्ट स्पेन्सर
- ई. दुर्खीम
- मैक्स वेबर
- एम. जिन्सबर्ग
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) एम. जिन्सबर्ग ✅
एम. जिन्सबर्ग ने समाजशास्त्र को "मानवीय अन्तःक्रियाओं, अन्तःसम्बन्धों, उनकी अवस्थाओं एवं परिणामों का अध्ययन" कहा। दुर्खीम ने समाजशास्त्र को सामाजिक तथ्यों का अध्ययन तथा मैक्स वेबर ने सामाजिक क्रिया का अध्ययन कहा।
प्रश्न 93. ऑस्कर लुईस के अनुसार, जब गरीबी पीढ़ियों तक हस्तांतरित होती है, तो वह बन जाती है एक—
- समुदाय
- संस्कृति
- परम्परा
- सभ्यता
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) संस्कृति ✅
ऑस्कर लुईस ने "गरीबी की संस्कृति (Culture of Poverty)" की अवधारणा प्रस्तुत की। उनके अनुसार जब गरीबी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होने लगे, तो वह एक विशिष्ट संस्कृति का रूप ले लेती है, जिसमें निम्न शिक्षा, असुरक्षा, बेरोजगारी एवं सामाजिक अलगाव जैसी विशेषताएँ देखने को मिलती हैं।
प्रश्न 94. ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश से पहले लड़के के लिए कौनसा संस्कार सम्पन्न किया जाता था?
- समावर्तन
- चूड़ा-कर्म
- उपनयन
- निष्क्रमण
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) उपनयन ✅
उपनयन संस्कार बालक के ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ है "गुरु के समीप ले जाना"। इस संस्कार के बाद बालक गुरु के आश्रम में प्रवेश कर वेदों एवं शास्त्रों का अध्ययन प्रारम्भ करता था तथा उसे यज्ञोपवीत धारण कराया जाता था। समावर्तन शिक्षा पूर्ण होने पर, चूड़ाकर्म बाल मुंडन तथा निष्क्रमण शिशु के पहली बार घर से बाहर निकलने से संबंधित संस्कार है।
प्रश्न 95. समाज का चार वर्णों में विभाजन का आधार क्या था?
- लिंग विभाजन
- आयु विभाजन
- श्रम विभाजन
- सम्पत्ति विभाजन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) श्रम विभाजन ✅
प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था का मूल आधार प्रारम्भ में कर्म एवं श्रम विभाजन था। ऋग्वेद के पुरुष सूक्त में समाज को चार वर्णों— ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र—में विभाजित बताया गया है। प्रारम्भिक वैदिक काल में यह विभाजन जन्म के बजाय व्यक्ति के कार्य एवं योग्यता पर आधारित था। समय के साथ यह जन्म आधारित जाति व्यवस्था में बदल गई।
प्रश्न 96. निम्नांकित में से कौनसा एक (अभिप्रेरणा का सिद्धान्त – विचारक) सुमेलित नहीं है?
- एक्स एवं वाई सिद्धान्त — मैकग्रेगर
- द्वि-घटक सिद्धान्त — फ्रेडरिक हर्जबर्ग
- आवश्यकताओं की क्रमबद्धता सिद्धान्त — मैस्लो
- ई.आर.जी. सिद्धान्त — मैक्लीलैण्ड
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) ई.आर.जी. सिद्धान्त — मैक्लीलैण्ड ✅
डगलस मैकग्रेगर ने Theory X एवं Theory Y, फ्रेडरिक हर्जबर्ग ने द्वि-घटक सिद्धान्त तथा अब्राहम मैस्लो ने आवश्यकताओं का क्रमबद्धता सिद्धान्त दिया। ई.आर.जी. (ERG) सिद्धान्त के प्रतिपादक क्लेटन एल्डरफर हैं, मैक्लीलैण्ड नहीं। मैक्लीलैण्ड ने उपलब्धि प्रेरणा सिद्धान्त दिया था। इसलिए विकल्प (4) गलत युग्म है।
प्रश्न 97. हरबर्ट साइमन के अनुसार, निर्णयों को किन दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है?
- रणनीतिक और सामरिक
- संयोजित और असंयोजित
- केन्द्रीकृत एवं विकेन्द्रीकृत
- औपचारिक एवं अनौपचारिक
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) संयोजित और असंयोजित ✅
हरबर्ट साइमन ने निर्णयों को Programmed (संयोजित) और Non-Programmed (असंयोजित) निर्णयों में बाँटा। संयोजित निर्णय नियमित परिस्थितियों के लिए निर्धारित नियमों के आधार पर लिए जाते हैं। असंयोजित निर्णय नई एवं जटिल परिस्थितियों में लिए जाते हैं, जिनमें प्रबंधक के अनुभव एवं विवेक की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 98. निम्नलिखित में से कौन निर्णय निर्माण के गार्बेज कैन मॉडल से सम्बन्धित नहीं था?
- मार्च
- साइमन
- ओल्सेन
- कोहेन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) साइमन ✅
Garbage Can Model का प्रतिपादन Michael Cohen, James March तथा Johan Olsen ने किया था। यह मॉडल बताता है कि संगठनों में निर्णय हमेशा तार्किक प्रक्रिया से नहीं लिए जाते। हरबर्ट साइमन इस मॉडल के प्रतिपादक नहीं थे; वे Bounded Rationality (सीमित तार्किकता) सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 99. मूने के अनुसार, निम्नलिखित में से कौनसा स्टाफ का एक कार्य नहीं है?
- नीति क्रियान्वयन
- सूचनात्मक
- पर्यवेक्षकीय
- परामर्शकारी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) नीति क्रियान्वयन ✅
Mooney के अनुसार स्टाफ का मुख्य कार्य सलाह देना, सूचना उपलब्ध कराना, समन्वय स्थापित करना तथा विशेषज्ञ सहायता प्रदान करना है। स्टाफ स्वयं नीतियों का क्रियान्वयन नहीं करता; नीति लागू करने का कार्य लाइन एजेंसी का होता है। इसलिए नीति क्रियान्वयन स्टाफ का कार्य नहीं माना जाता।
प्रश्न 100. राजस्थान के मुख्य सचिव के बारे में, निम्नलिखित में से कौनसा कथन सत्य नहीं है?
- के. राधाकृष्णन राजस्थान के प्रथम मुख्य सचिव थे।
- मुख्य सचिव का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।
- राज्य के मुख्य सचिव का चयन मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है।
- 01 नवम्बर 1956 से पूर्व राजस्थान के मुख्य सचिव की नियुक्ति केन्द्र सरकार द्वारा की जाती थी।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) मुख्य सचिव का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। ✅
राज्य के मुख्य सचिव का कोई निश्चित संवैधानिक 3 वर्ष का कार्यकाल निर्धारित नहीं है। उनका कार्यकाल राज्य सरकार के निर्णय, स्थानांतरण एवं सेवानिवृत्ति पर निर्भर करता है। मुख्य सचिव राज्य का सर्वोच्च सिविल सेवक तथा मुख्यमंत्री का प्रमुख प्रशासनिक सलाहकार होता है।
प्रश्न 101. "प्रशासन का क्षेत्र व्यापार का क्षेत्र है और वह राजनीति की जल्दबाजी और संघर्षों से दूर होता है।" यह कथन किसका है?
- एल. डी. व्हाइट
- मार्शल ई. डिमॉक
- वुडरो विल्सन
- लूथर गुलिक
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) वुडरो विल्सन ✅
यह कथन वुडरो विल्सन का है, जिन्हें लोक प्रशासन का जनक कहा जाता है। उन्होंने Politics-Administration Dichotomy का सिद्धांत प्रस्तुत किया। उनके अनुसार राजनीति का कार्य नीति बनाना है, जबकि प्रशासन का कार्य उन नीतियों को निष्पक्ष एवं कुशलतापूर्वक लागू करना है।
प्रश्न 102. लोकायुक्त संस्था, राजस्थान के बारे में निम्नांकित में से कौनसा एक कथन सही नहीं है?
- लोकायुक्त संस्था का गठन राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अंतर्गत हुआ।
- पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामलों की शिकायत नहीं की जा सकती है।
- प्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री आई.डी. दुआ थे।
- सरपंच, पंच व विधायक इसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) सरपंच, पंच व विधायक इसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ✅
राजस्थान लोकायुक्त संस्था का गठन राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के तहत किया गया। इसका उद्देश्य लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करना है। सरपंच एवं पंच सामान्यतः लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, इसलिए यह कथन गलत है।
प्रश्न 103. 1960 में, राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रथम चुनाव किस संस्था द्वारा कराए गए थे?
- राजस्थान निर्वाचन विभाग द्वारा
- राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा
- राजस्थान गृह विभाग द्वारा
- राजस्थान पंचायत विभाग द्वारा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) राजस्थान निर्वाचन विभाग द्वारा ✅
राजस्थान में पंचायतीराज व्यवस्था का शुभारंभ 2 अक्टूबर 1959 को हुआ। उस समय राज्य निर्वाचन आयोग का गठन नहीं हुआ था, इसलिए वर्ष 1960 के प्रथम पंचायतीराज चुनाव राजस्थान निर्वाचन विभाग द्वारा संपन्न कराए गए। बाद में 73वें संविधान संशोधन (1992) के बाद राज्य निर्वाचन आयोग का गठन हुआ।
प्रश्न 104. निम्नलिखित में से कौन 'Creative Experience' के लेखक हैं?
- हरबर्ट साइमन
- हेनरी फेयोल
- मार्शल ई. डिमॉक
- मैरी पार्कर फोलेट
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) मैरी पार्कर फोलेट ✅
Mary Parker Follett को आधुनिक प्रबंधन विचारधारा की अग्रणी विदुषी माना जाता है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक Creative Experience (1924) में समूह प्रक्रिया, सहभागितापूर्ण प्रबंधन एवं समन्वय पर बल दिया गया है। उन्हें "Mother of Modern Management" भी कहा जाता है।
प्रश्न 105. "यह एक धागा है, जिसके द्वारा विभिन्न हिस्से एक साथ सिले जाते हैं।" पदसोपान के सम्बन्ध में यह किसने कहा?
- साइमन
- हेनरी फेयोल
- एम.पी. शर्मा
- लैथम
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) लैथम ✅
Latham ने पदसोपान (Hierarchy) को संगठन के विभिन्न भागों को जोड़ने वाले "धागे" के रूप में वर्णित किया। पदसोपान प्रशासन में आदेश, उत्तरदायित्व तथा नियंत्रण की स्पष्ट श्रृंखला स्थापित करता है, जिससे कार्यों का वितरण एवं नियंत्रण सुनिश्चित होता है।
प्रश्न 106. राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा राजस्व मामलों के लिए पंचायत स्तर पर निम्न में से किसको लोक सुनवाई अधिकारी अधिसूचित किया गया है?
- पटवारी
- उपखण्ड अधिकारी (एस.डी.ओ.)
- तहसीलदार
- ग्राम सेवक (ग्राम विकास अधिकारी)
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) पटवारी ✅
राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। पंचायत स्तर पर राजस्व मामलों के लिए पटवारी को लोक सुनवाई अधिकारी अधिसूचित किया गया है, क्योंकि पटवारी भूमि अभिलेख, नामांतरण एवं गिरदावरी जैसे राजस्व कार्यों से सीधे जुड़ा होता है।
प्रश्न 107. प्रशासन पर न्यायिक नियंत्रण के अंतर्गत, निम्नलिखित में से कौनसा एक संवैधानिक उपचार नहीं है?
- बंदी प्रत्यक्षीकरण
- परमादेश
- अधिकार पृच्छा
- अविश्वास प्रस्ताव
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) अविश्वास प्रस्ताव ✅
अनुच्छेद 32 एवं 226 के अंतर्गत पाँच प्रमुख संवैधानिक उपचार (Writs) उपलब्ध हैं— बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण तथा अधिकार पृच्छा। अविश्वास प्रस्ताव संसद या विधानसभा की एक विधायी प्रक्रिया है, न कि न्यायालय द्वारा दिया जाने वाला संवैधानिक उपचार।
प्रश्न 108. भारत में राज्य स्तर पर, निम्नलिखित में से कौनसा एक निदेशालय का कार्य नहीं है?
- सरकार की नीतियों को निष्पादित करना
- प्रशासन के लिए मूल नीतियों की रचना करना
- नीति निर्माण के लिए आँकड़े एकत्रित करना
- सचिवालय को तकनीकी मामलों में परामर्श देना
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) प्रशासन के लिए मूल नीतियों की रचना करना ✅
राज्य स्तर पर सचिवालय नीति निर्माण का कार्य करता है, जबकि निदेशालय उन नीतियों को लागू करने, तकनीकी सलाह देने तथा आँकड़े उपलब्ध कराने का कार्य करता है। निदेशालय मूल नीतियाँ तैयार नहीं करता, इसलिए विकल्प (2) सही उत्तर है।
प्रश्न 109. "स्टाफ, कार्यपालिका के व्यक्तित्व का ही विस्तार है। इसका अर्थ है अधिक आँखें, अधिक कान और अधिक हाथ..." यह कथन किसका है?
- लूथर गुलिक
- हेनरी फेयोल
- मूने
- एल.डी. व्हाइट
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) लूथर गुलिक ✅
Luther Gulick ने स्टाफ को कार्यपालिका का विस्तार बताते हुए कहा कि स्टाफ अधिकारी कार्यपालिका की क्षमता बढ़ाते हैं। वे जानकारी एकत्रित करते हैं, योजना बनाते हैं तथा निर्णय लेने में सहायता करते हैं। गुलिक का POSDCORB सिद्धांत लोक प्रशासन का प्रसिद्ध सिद्धांत है।
प्रश्न 110. सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act), 2005 का कौनसा सेक्शन 'लोक सूचना अधिकारियों के पदनाम' का प्रावधान करता है?
- अधिनियम का सेक्शन 5
- अधिनियम का सेक्शन 8
- अधिनियम का सेक्शन 15
- अधिनियम का सेक्शन 3
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) सेक्शन 5 ✅
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 5 के अंतर्गत प्रत्येक लोक प्राधिकरण में लोक सूचना अधिकारी (PIO) एवं सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। धारा 3 सूचना के अधिकार से तथा धारा 8 सूचना के अपवादों से संबंधित है।
प्रश्न 111. राजस्थान लोक सेवा गारंटीकृत वितरण अधिनियम, 2011 को राज्यपाल की अनुमति निम्नलिखित में से किस तिथि को प्राप्त हुई?
- 05 अप्रैल 2011
- 21 अक्टूबर 2011
- 21 सितम्बर 2011
- 12 दिसम्बर 2011
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) 21 अक्टूबर 2011 ✅
राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएँ निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना है। इस अधिनियम को 21 अक्टूबर 2011 को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई। इसमें समय पर सेवा न देने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है।
प्रश्न 112. "लोक प्रशासन वह प्रशासन है, जिसका सम्बन्ध सरकार के कार्यों से है, चाहे वह केन्द्रीय सरकार द्वारा सम्पादित हों या स्थानीय सरकार के द्वारा।" यह किसने कहा?
- मर्सन
- एल.डी. व्हाइट
- डिमॉक
- पर्सी मैकवीन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) एल.डी. व्हाइट ✅
एल. डी. व्हाइट ने लोक प्रशासन को सरकार की गतिविधियों से संबंधित प्रशासन के रूप में परिभाषित किया। उनके अनुसार केंद्र, राज्य तथा स्थानीय सरकारों द्वारा किए जाने वाले सभी प्रशासनिक कार्य लोक प्रशासन के अंतर्गत आते हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक Introduction to the Study of Public Administration है।
प्रश्न 113. ग्रैकुनास सूत्र लोक प्रशासन के निम्नांकित में से किस एक सिद्धान्त से संबंधित है?
- पदसोपान
- आदेश की एकता
- प्रत्यायोजन
- नियंत्रण का क्षेत्र
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) नियंत्रण का क्षेत्र (Span of Control) ✅
वी. ए. ग्रैकुनास ने Span of Control का गणितीय सिद्धांत प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अधीनस्थ कर्मचारियों की संख्या बढ़ने पर प्रबंधक के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष संबंध तेजी से बढ़ जाते हैं। इसलिए किसी अधिकारी के अधीन सीमित संख्या में कर्मचारी होना प्रशासनिक दृष्टि से अधिक प्रभावी माना जाता है।
प्रश्न 114. 'अनासक्ति-योग' गीता पर निम्न का अनुचिंतन ग्रन्थ है—
- श्री अरविन्द
- कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य
- तिलक
- गाँधी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) गाँधी ✅
'अनासक्ति योग' महात्मा गांधी द्वारा भगवद्गीता पर लिखी गई प्रसिद्ध व्याख्या है। गांधीजी ने गीता को निष्काम कर्म, सत्य, अहिंसा तथा आत्मसंयम का ग्रंथ माना। उनके अनुसार कर्म करते समय फल की आसक्ति छोड़ देना ही सच्चा योग है।
प्रश्न 115. सुकरातीय विधि है—
(a) आगमनात्मक
(b) संदेहवादी
(c) व्याजोक्तिपरक
(d) निगमनात्मक
- (a), (b) तथा (d)
- (a), (c) तथा (d)
- (a), (b), (c) तथा (d)
- (b), (c) तथा (d)
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) (a), (b), (c) तथा (d) ✅
सुकरातीय विधि प्रश्नोत्तर आधारित शिक्षण पद्धति है। इसमें तर्क, संवाद, शंका तथा विवेचना के माध्यम से सत्य की खोज की जाती है। यह विधि आगमनात्मक, संदेहवादी, व्याजोक्तिपरक तथा निगमनात्मक तत्वों का समन्वय करती है। सुकरात का उद्देश्य विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन विकसित करना था।
प्रश्न 116. महात्मा गाँधी के अहिंसा सम्बन्धी विचारों के संदर्भ में, मिथ्या कथन छाँटिए—
- अहिंसा का आधार मनुष्य का नैतिक व आध्यात्मिक बल है।
- अन्याय सहन करते हुए प्रतिरोध न करना ही अहिंसा है।
- अहिंसा के विचार में प्रेम, दया एवं सहानुभूति सम्मिलित हैं।
- सत्य और अहिंसा एक ही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) अन्याय सहन करते हुए प्रतिरोध न करना ही अहिंसा है। ✅
महात्मा गांधी के अनुसार अहिंसा कायरता नहीं बल्कि साहस का सर्वोच्च रूप है। वे अन्याय का सत्याग्रह द्वारा सक्रिय प्रतिरोध करने के पक्षधर थे। अहिंसा का अर्थ अन्याय को चुपचाप सहना नहीं था। प्रेम, करुणा एवं सत्य उनके अहिंसा सिद्धांत के मूल आधार थे। इसलिए दूसरा कथन मिथ्या है।
प्रश्न 117. 'व्रतानी' पद का संबंध निम्नलिखित में से किस भारतीय नैतिक सम्प्रत्यय से है?
- दर्शनावरणीय कर्म
- ऋत
- पुरुषार्थ
- यज्ञ
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) ऋत ✅
'व्रतानी' शब्द वैदिक साहित्य में ऋत की अवधारणा से संबंधित है। ऋत का अर्थ है सृष्टि का शाश्वत नैतिक एवं प्राकृतिक नियम, जिसके अनुसार सम्पूर्ण ब्रह्मांड संचालित होता है। वरुण देवता को ऋत का रक्षक माना गया है।
प्रश्न 118. निम्न में कौनसा तथ्य वैदिक अवधारणा ऋत के संदर्भ में सत्य नहीं है?
- ऋत के सिद्धान्त में कर्म सिद्धांत का बीज अन्तर्भूत है।
- ऋत नैतिक नियम है।
- ऋत के संचालक वरुण देवता हैं।
- ऋत सृष्टि का मूल तत्व है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) ऋत सृष्टि का मूल तत्व है। ✅
ऋत वैदिक दर्शन में सृष्टि को संचालित करने वाला नैतिक एवं ब्रह्मांडीय नियम है, न कि स्वयं सृष्टि का मूल तत्व। यह सत्य, व्यवस्था एवं प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक है। ऋग्वेद में वरुण को ऋत का संरक्षक बताया गया है तथा कर्म सिद्धांत की प्रारंभिक झलक भी ऋत में मिलती है।
प्रश्न 119. कांटीय नीतिशास्त्र के संदर्भ में सही कथनों का चयन कीजिए—
(a) कुछ कर्तव्य पूर्ण तथा कुछ अपूर्ण बंधकारी होते हैं।
(b) नैतिक संप्रत्ययों की चर्चा कांट की Critique of Judgment का मुख्य प्रतिपाद्य है।
(c) कांट का नीतिशास्त्र परिणाम-निरपेक्ष नैतिकता का आदर्श दृष्टान्त है।
(d) 'पूर्ण शुभ' की धारणा के लिए आत्मा का अमरत्व अनिवार्य है।
- (a), (b) तथा (c) सही हैं।
- (a), (b), (c) तथा (d) सही हैं।
- (a), (c) तथा (d) सही हैं।
- (b), (c) तथा (d) सही हैं।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) (a), (c) तथा (d) सही हैं। ✅
कांट का नीतिशास्त्र कर्तव्य-आधारित है। उन्होंने पूर्ण एवं अपूर्ण कर्तव्यों का उल्लेख किया तथा परिणाम की अपेक्षा कर्तव्य को अधिक महत्व दिया, इसलिए उनका नीतिशास्त्र परिणाम-निरपेक्ष है। 'Summum Bonum' (पूर्ण शुभ) की प्राप्ति के लिए उन्होंने आत्मा के अमरत्व को नैतिक मान्यता माना। नैतिक दर्शन का मुख्य प्रतिपादन Critique of Practical Reason में मिलता है, न कि Critique of Judgment में।
प्रश्न 120. षड्-पारमिता की धारणा संबंधित है—
- जैन नीतिशास्त्र
- वैदिक नीतिशास्त्र
- बौद्ध नीतिशास्त्र
- मीमांसा नीतिशास्त्र
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) बौद्ध नीतिशास्त्र ✅
षड्-पारमिता महायान बौद्ध परंपरा की प्रमुख नैतिक अवधारणा है। इसमें दान, शील, क्षान्ति, वीर्य, ध्यान तथा प्रज्ञा को सम्मिलित किया गया है। इन गुणों का अभ्यास करके बोधिसत्त्व बुद्धत्व की ओर अग्रसर होता है।
प्रश्न 121. कर्मवाद के अनुसार, निम्नलिखित में से क्या उपयुक्त नहीं है?
- वर्तमान जीवन पूर्व कर्मों द्वारा निर्धारित है।
- कर्ता, कर्म चयन के लिए सदैव स्वतंत्र है।
- आगामी जीवन वर्तमान कर्मों द्वारा निर्धारित है।
- आत्मा शाश्वत रूप से कर्म चक्र से आबद्ध है।
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) आत्मा शाश्वत रूप से कर्म चक्र से आबद्ध है। ✅
भारतीय कर्मवाद के अनुसार वर्तमान जीवन पूर्व जन्मों के कर्मों से तथा भविष्य का जीवन वर्तमान कर्मों से प्रभावित होता है। मनुष्य को कर्म करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। आत्मा को कर्मबंधन से मोक्ष के माध्यम से मुक्त किया जा सकता है, इसलिए यह कहना कि आत्मा शाश्वत रूप से कर्मचक्र से बंधी रहती है, उचित नहीं है।
प्रश्न 122. बौद्ध दर्शन के आर्य अष्टांगिक मार्ग के अनुसार, अविद्या और तृष्णा का नाश क्रमशः निम्नलिखित में से किनके द्वारा होता है?
- सम्यक् दृष्टि और सम्यक् संकल्प
- सम्यक् दृष्टि और सम्यक् स्मृति
- सम्यक् वाक् और सम्यक् व्यायाम
- सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) सम्यक् दृष्टि और सम्यक् संकल्प ✅
बौद्ध दर्शन के अनुसार अविद्या समस्त दुःखों का मूल कारण है। इसका नाश सम्यक् दृष्टि द्वारा होता है, जिससे व्यक्ति चार आर्य सत्यों का सही ज्ञान प्राप्त करता है। तृष्णा का नाश सम्यक् संकल्प से होता है, जो त्याग, करुणा एवं अहिंसा की भावना विकसित करता है।
प्रश्न 123. भारतीय नीतिशास्त्र में काम्य कर्म के कौनसे दो भेद स्वीकार किए गए हैं?
- क्लिष्ट एवं अक्लिष्ट
- प्रारब्ध एवं संचित
- वैदिक एवं लौकिक
- सापेक्ष एवं निरपेक्ष
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) वैदिक एवं लौकिक ✅
काम्य कर्म वे कर्म हैं जो किसी विशेष फल की प्राप्ति की इच्छा से किए जाते हैं। इन्हें दो भागों में बाँटा गया है— वैदिक काम्य कर्म तथा लौकिक काम्य कर्म। वैदिक काम्य कर्म शास्त्रों में वर्णित यज्ञ, अनुष्ठान आदि हैं, जबकि लौकिक काम्य कर्म सांसारिक लाभ प्राप्त करने हेतु किए जाते हैं।
प्रश्न 124. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म असंगत है?
- स्वार्थमूलक सुखवाद — मॉरिट्ज़ श्लिक
- विकासवादी सुखवाद — हर्बर्ट स्पेन्सर
- मनोवैज्ञानिक स्वार्थवाद — थॉमस हॉब्स
- बौद्धिक उपयोगितावाद — जेरेमी बेन्थम
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) बौद्धिक उपयोगितावाद — जेरेमी बेन्थम ✅
जेरेमी बेन्थम उपयोगितावाद के प्रमुख प्रतिपादक थे, लेकिन उनका सिद्धांत परिमाणात्मक उपयोगितावाद कहलाता है, न कि बौद्धिक उपयोगितावाद। बौद्धिक या गुणात्मक उपयोगितावाद का विकास मुख्यतः जॉन स्टुअर्ट मिल ने किया। इसलिए चौथा युग्म असंगत है।
प्रश्न 125. निम्नलिखित में कौनसे कर्मों का नाश केवल उनके भोग द्वारा ही संभव है?
- संचित कर्म
- प्रारब्ध कर्म
- काम्य कर्म
- निष्काम कर्म
उत्तर : (2) केवल (A), (B) और (C) ✅
संचित, प्रारब्ध तथा काम्य कर्म कर्मफल उत्पन्न करते हैं और उनका क्षय कर्मफल के भोग से होता है। प्रारब्ध कर्म वर्तमान जीवन में अवश्य भोगने पड़ते हैं। जबकि निष्काम कर्म फल की इच्छा के बिना किए जाते हैं, इसलिए वे नया कर्मबंधन उत्पन्न नहीं करते।
प्रश्न 126. "यतो वा इमानि भूतानि जायन्ते" किस उपनिषद से है?
- मुण्डक
- छान्दोग्य
- तैत्तिरीय
- बृहदारण्यक
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) तैत्तिरीय ✅
"यतो वा इमानि भूतानि जायन्ते..." तैत्तिरीय उपनिषद का प्रसिद्ध महावाक्य है। इसमें ब्रह्म को समस्त सृष्टि का कारण बताया गया है। इसका अर्थ है— जिससे सभी प्राणी उत्पन्न होते हैं, जिसमें स्थित रहते हैं और अंत में उसी में विलीन हो जाते हैं।
प्रश्न 127. "तुम्हें भेड़ चुराने के लिए दण्ड नहीं दिया जा रहा, बल्कि इसलिए दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में दूसरी भेड़ें न चुराई जा सकें।" यह किस दण्ड सिद्धांत के निकटस्थ है?
- प्रतिकारी सिद्धांत
- सुधारात्मक सिद्धांत
- निरोधक सिद्धांत
- निवारक सिद्धांत
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) निरोधक सिद्धांत ✅
निरोधक (Deterrent) सिद्धांत का उद्देश्य अपराधी को दंड देकर अन्य लोगों को अपराध करने से रोकना है। दंड का मुख्य उद्देश्य भविष्य में अपराधों की पुनरावृत्ति रोकना होता है। प्रश्न में भी कहा गया है कि दंड इसलिए दिया जा रहा है ताकि भविष्य में दूसरी भेड़ें न चुराई जाएँ, इसलिए यह निरोधक सिद्धांत का उदाहरण है।
प्रश्न 128. बौद्ध नैतिक विचार में, 'ब्रह्मविहार' में निम्न में क्या सम्मिलित है / हैं?
- प्राणीमात्र के लिए मैत्री
- असाधुओं के लिए उपेक्षा
- दुःखियों के लिए करुणा
- साधुओं के लिए मुदिता
उत्तर : (3) (A), (B), (C) और (D) ✅
ब्रह्मविहार बौद्ध धर्म के चार श्रेष्ठ नैतिक गुण हैं— मैत्री, करुणा, मुदिता और उपेक्षा। मैत्री सभी प्राणियों के प्रति प्रेम, करुणा दुःखी व्यक्तियों के प्रति दया, मुदिता दूसरों के सुख में प्रसन्नता तथा उपेक्षा समभाव एवं निष्पक्षता का प्रतीक है।
प्रश्न 129. पुरुषार्थ के संदर्भ में सत्य कथनों को छाँटिए –
- पुरुषार्थ की अवधारणा में प्रयत्नशीलता व उद्यमिता का विशेष महत्व है।
- पुरुषार्थ मानव स्वभाव पर आधारित मूल्य है।
- श्रेयस के साधक ही सच्चे अर्थ में पुरुषार्थी हैं।
- पुरुषार्थ की अवधारणा पूर्णतः भौतिक विकास पर जोर देती है।
उत्तर : (2) (A), (B) और (C) ✅
भारतीय दर्शन में पुरुषार्थ का अर्थ जीवन के चार उद्देश्यों— धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—से है। पुरुषार्थ में प्रयत्न, नैतिकता तथा आत्मविकास का विशेष महत्व है। इसका उद्देश्य केवल भौतिक उन्नति नहीं बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी है, इसलिए कथन (D) गलत है।
प्रश्न 130. "नैतिक नियम बिना किसी शर्त के अनिवार्य होते हैं" - यह विचार 'Categorical Imperative' (नैतिक आदेश) के रूप में किस दार्शनिक ने दिया?
- जॉन स्टुअर्ट मिल
- इमैनुएल कांट
- अरस्तू
- जेरेमी बेंथम
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) इमैनुएल कांट ✅
जर्मन दार्शनिक इमैनुएल कांट ने 'Categorical Imperative' (नैतिक आदेश) की अवधारणा दी। इसके अनुसार नैतिक नियम सार्वभौमिक और बिना किसी शर्त के अनिवार्य होते हैं। कांट के अनुसार व्यक्ति को इस प्रकार कार्य करना चाहिए कि उसका कार्य एक सार्वभौमिक नियम बन सके। यह कर्तव्य आधारित नैतिकता (Deontological Ethics) का आधार है, जिसमें परिणाम की परवाह किए बिना कर्तव्य पालन को सर्वोपरि माना जाता है।
प्रश्न 131. जैन धर्म के 'त्रिरत्न' में कौन-कौन सम्मिलित हैं?
- सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र
- सत्य, अहिंसा, अस्तेय
- ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, सत्य
- दान, तप, ध्यान
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र ✅
जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के तीन साधनों को 'त्रिरत्न' (Three Jewels) कहा जाता है। ये हैं - सम्यक् दर्शन (सही विश्वास), सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान) और सम्यक् चरित्र (सही आचरण)। इन तीनों के समन्वय से ही आत्मा कर्मों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकती है। जैन दर्शन में इन्हें आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग माना गया है।
प्रश्न 132. बौद्ध दर्शन में 'निर्वाण' का अर्थ क्या है?
- स्वर्ग की प्राप्ति
- पुनर्जन्म
- तृष्णा एवं दुःख का पूर्ण अंत
- धन-संपत्ति का त्याग
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) तृष्णा एवं दुःख का पूर्ण अंत ✅
बौद्ध दर्शन में 'निर्वाण' का अर्थ है तृष्णा (इच्छा), राग, द्वेष एवं दुःख का पूर्ण अंत। यह वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है। भगवान बुद्ध के अनुसार दुःख का मूल कारण तृष्णा है और अष्टांगिक मार्ग के अनुसरण से तृष्णा का नाश होकर निर्वाण प्राप्त होता है, जो परम शांति की अवस्था है।
प्रश्न 133. शिक्षण में 'फ्लिप चार्ट' किस प्रकार का शिक्षण सहायक सामग्री है?
- दृश्य सहायक सामग्री
- श्रव्य सहायक सामग्री
- श्रव्य-दृश्य सहायक सामग्री
- प्रक्षेपित सहायक सामग्री
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) दृश्य सहायक सामग्री ✅
फ्लिप चार्ट एक दृश्य (Visual) शिक्षण सहायक सामग्री है। यह अप्रक्षेपित दृश्य सामग्री की श्रेणी में आता है, जिसमें कागज के बड़े पन्नों को क्रमबद्ध रूप से पलटकर विषय-वस्तु प्रस्तुत की जाती है।
प्रश्न 134. प्रदर्शन विधि (Demonstration Method) की प्रमुख विशेषता क्या है?
- केवल मौखिक व्याख्यान
- केवल पुस्तक अध्ययन
- केवल लेखन कार्य
- करके सीखना एवं सहयोग
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (4) करके सीखना एवं सहयोग ✅
प्रदर्शन विधि में शिक्षक किसी प्रक्रिया, प्रयोग या क्रिया को छात्रों के समक्ष करके दिखाता है। इसमें 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत का पालन होता है तथा शिक्षक और छात्र के बीच सहयोग रहता है। यह विधि विज्ञान एवं व्यावहारिक विषयों के शिक्षण में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
प्रश्न 135. सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) की विशेषताओं में निम्न में से कौन सम्मिलित है?
a. निरंतरता
b. केवल वार्षिक परीक्षा
c. केवल लिखित परीक्षा
d. व्यापकता
- केवल a एवं d
- केवल b एवं c
- केवल a एवं b
- केवल c एवं d
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) केवल a एवं d ✅
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation) की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं - निरंतरता (Continuity) एवं व्यापकता (Comprehensiveness)। इसमें छात्र का मूल्यांकन पूरे वर्ष निरंतर होता है तथा शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जाता है। यह केवल वार्षिक या लिखित परीक्षा तक सीमित नहीं है।
प्रश्न 136. प्रायोजना विधि (Project Method) में किस सिद्धांत पर विशेष बल दिया जाता है?
- रटना
- समन्वय एवं स्वक्रिया
- केवल श्रवण
- निष्क्रियता
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) समन्वय एवं स्वक्रिया ✅
प्रायोजना विधि के जनक विलियम किलपैट्रिक हैं। इस विधि में छात्र वास्तविक जीवन की समस्या को स्वयं क्रिया (Self-Activity) द्वारा हल करते हैं। इसमें विभिन्न विषयों का समन्वय (Correlation) होता है तथा छात्र सामूहिक रूप से उद्देश्यपूर्ण कार्य करते हैं। यह अनुभव आधारित एवं छात्र-केंद्रित विधि है।
प्रश्न 137. हर्बर्ट के पंचपदी शिक्षण सोपानों का सही क्रम क्या है?
- प्रस्तुतीकरण, तैयारी, तुलना, सामान्यीकरण, प्रयोग
- तुलना, तैयारी, प्रस्तुतीकरण, प्रयोग, सामान्यीकरण
- तैयारी, प्रस्तुतीकरण, तुलना, सामान्यीकरण, प्रयोग
- प्रयोग, सामान्यीकरण, तुलना, प्रस्तुतीकरण, तैयारी
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) तैयारी, प्रस्तुतीकरण, तुलना, सामान्यीकरण, प्रयोग ✅
हर्बर्ट के अनुयायियों द्वारा विकसित पंचपदी शिक्षण सोपानों का सही क्रम है - तैयारी (Preparation), प्रस्तुतीकरण (Presentation), तुलना/साहचर्य (Comparison), सामान्यीकरण (Generalization) एवं प्रयोग (Application)। यह शिक्षण विधि ज्ञान के व्यवस्थित एवं क्रमबद्ध प्रस्तुतीकरण पर आधारित है।
प्रश्न 138. निम्नलिखित में से कौन-से ज्ञानात्मक (Cognitive) पक्ष के अंतर्गत नहीं आते?
a. ज्ञान
b. अवबोध
c. रुचि
d. अभिवृत्ति
- केवल a एवं b
- केवल a एवं d
- c एवं d
- केवल b एवं c
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) c एवं d ✅
ब्लूम के वर्गीकरण के अनुसार ज्ञान (Knowledge) एवं अवबोध (Comprehension) ज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive Domain) के अंतर्गत आते हैं। जबकि रुचि (Interest) एवं अभिवृत्ति (Attitude) भावात्मक पक्ष (Affective Domain) से संबंधित हैं। अतः c एवं d ज्ञानात्मक पक्ष में नहीं आते।
प्रश्न 139. ब्लूम के शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण में 'समझ' अथवा 'अर्थ ग्रहण करना' किस स्तर से संबंधित है?
- ज्ञान
- संश्लेषण
- अवबोध
- मूल्यांकन
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) अवबोध ✅
ब्लूम के ज्ञानात्मक पक्ष के छह स्तर हैं - ज्ञान, अवबोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण एवं मूल्यांकन। इनमें 'अवबोध' (Comprehension/Understanding) वह स्तर है जिसमें छात्र प्राप्त ज्ञान का अर्थ ग्रहण करता है, उसकी व्याख्या करता है तथा अपने शब्दों में प्रस्तुत करता है। यह ज्ञान के बाद का दूसरा स्तर है।
प्रश्न 140. पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धांतों में निम्न में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है?
- बाल-केंद्रितता
- समय-स्थान निकटता
- जीवन से संबंध
- क्रियाशीलता
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) समय-स्थान निकटता ✅
पाठ्यक्रम निर्माण के प्रमुख सिद्धांतों में बाल-केंद्रितता, जीवन से संबंध, क्रियाशीलता, लचीलापन, उपयोगिता आदि सम्मिलित हैं। 'समय-स्थान निकटता' पाठ्यक्रम निर्माण का सिद्धांत नहीं है। पाठ्यक्रम छात्रों की आवश्यकताओं, रुचियों एवं जीवन की वास्तविकताओं के अनुरूप होना चाहिए।
प्रश्न 141. शिक्षण में 'वृत्तचित्र' (Documentary Film) किस प्रकार की सहायक सामग्री है?
- दृश्य सामग्री
- श्रव्य सामग्री
- श्रव्य-दृश्य सामग्री
- मुद्रित सामग्री
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) श्रव्य-दृश्य सामग्री ✅
वृत्तचित्र (Documentary Film) एक श्रव्य-दृश्य (Audio-Visual) सहायक सामग्री है क्योंकि इसमें ध्वनि एवं दृश्य दोनों का समावेश होता है। यह छात्रों को विषय-वस्तु को सजीव एवं रोचक रूप में समझने में सहायता करता है तथा एक साथ अनेक इन्द्रियों को सक्रिय कर स्थायी अधिगम में सहायक होता है।
प्रश्न 142. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) कब जारी की गई थी, जिसमें 'बिना बोझ के अधिगम' पर बल दिया गया?
- NCF-2000
- NCF-2005
- NCF-2009
- NCF-2010
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) NCF-2005 ✅
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा NCF-2005 में ज्ञान को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ने, रटंत प्रणाली से मुक्ति एवं 'बिना बोझ के अधिगम' (Learning without Burden) पर विशेष बल दिया गया। यह प्रो. यशपाल की अध्यक्षता में तैयार की गई तथा बाल-केंद्रित एवं रचनावादी शिक्षा का समर्थन करती है।
प्रश्न 143. शिक्षण-अधिगम में 'ब्लॉग' का प्रमुख उपयोग क्या है?
- केवल मनोरंजन
- विचारों एवं सूचनाओं का ऑनलाइन आदान-प्रदान
- केवल खेल
- केवल संगीत सुनना
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) विचारों एवं सूचनाओं का ऑनलाइन आदान-प्रदान ✅
ब्लॉग एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसका उपयोग शिक्षण-अधिगम में विचारों, सूचनाओं एवं अध्ययन सामग्री के आदान-प्रदान हेतु किया जाता है। शिक्षक एवं छात्र इसके माध्यम से अपने विचार साझा कर सकते हैं, चर्चा कर सकते हैं तथा ज्ञान का विस्तार कर सकते हैं। यह ICT आधारित शिक्षण का एक प्रभावी साधन है।
प्रश्न 144. एक प्रभावी पाठ योजना (Lesson Plan) के आवश्यक घटकों में निम्न में से कौन सम्मिलित है?
- केवल गृह कार्य
- उद्देश्य, प्रस्तावना, प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन
- केवल विषय-वस्तु
- केवल परीक्षा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) उद्देश्य, प्रस्तावना, प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन ✅
एक प्रभावी पाठ योजना के प्रमुख घटक होते हैं - सामान्य एवं विशिष्ट उद्देश्य, प्रस्तावना (Introduction), प्रस्तुतीकरण (Presentation), श्यामपट्ट कार्य, मूल्यांकन (Evaluation) एवं गृह कार्य। ये सभी घटक मिलकर शिक्षण को व्यवस्थित, क्रमबद्ध एवं उद्देश्यपूर्ण बनाते हैं।
प्रश्न 145. दो या दो से अधिक विषयों को समान स्तर पर परस्पर संबंधित करना किस प्रकार का सह-संबंध कहलाता है?
- उदग्र सह-संबंध
- व्यवस्थित सह-संबंध
- क्षैतिज सह-संबंध
- आकस्मिक सह-संबंध
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (3) क्षैतिज सह-संबंध ✅
क्षैतिज सह-संबंध (Horizontal Correlation) में दो या दो से अधिक विषयों को समान स्तर पर एक ही समय में परस्पर संबंधित किया जाता है। उदाहरण के लिए, इतिहास पढ़ाते समय भूगोल एवं नागरिक शास्त्र से संबंध स्थापित करना। जबकि उदग्र सह-संबंध में एक ही विषय की विभिन्न कक्षाओं की विषय-वस्तु को जोड़ा जाता है।
प्रश्न 146. मॉरिसन के इकाई उपागम (Unit Approach) के सोपानों में निम्न में से कौन सम्मिलित है?
- केवल अन्वेषण
- अन्वेषण, प्रस्तुतीकरण, आत्मीकरण, संगठन एवं अभिव्यक्ति
- केवल संगठन
- केवल अभिव्यक्ति
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) अन्वेषण, प्रस्तुतीकरण, आत्मीकरण, संगठन एवं अभिव्यक्ति ✅
मॉरिसन के इकाई उपागम के पाँच सोपान हैं - अन्वेषण (Exploration), प्रस्तुतीकरण (Presentation), आत्मीकरण (Assimilation), संगठन (Organization) एवं अभिव्यक्ति (Recitation)। इस उपागम में विषय-वस्तु को इकाइयों में विभाजित कर व्यवस्थित रूप से पढ़ाया जाता है, जिससे छात्र में पूर्ण अधिगम (Mastery Learning) होता है।
प्रश्न 147. मूल्यांकन के उद्देश्यों में निम्न में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है?
- छात्रों की प्रगति जानना
- केवल ग्रेड प्रदान करना
- शिक्षण विधि में सुधार
- कमजोरियों की पहचान
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) केवल ग्रेड प्रदान करना ✅
मूल्यांकन के प्रमुख उद्देश्यों में छात्रों की प्रगति जानना, शिक्षण विधियों में सुधार, छात्रों की कमजोरियों एवं कठिनाइयों की पहचान, उपचारात्मक शिक्षण आदि शामिल हैं। 'केवल ग्रेड प्रदान करना' मूल्यांकन का उद्देश्य नहीं है, क्योंकि मूल्यांकन एक व्यापक एवं निदानात्मक प्रक्रिया है, न कि केवल अंक या ग्रेड देने की क्रिया।
प्रश्न 148. व्यक्ति में सद्गुणों एवं नैतिक मूल्यों को प्रेरित करने वाली आंतरिक शक्ति को क्या कहते हैं?
- नैतिक ऊर्जा
- शारीरिक ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (1) नैतिक ऊर्जा ✅
नैतिक ऊर्जा (Moral Energy) वह आंतरिक शक्ति है जो व्यक्ति को सद्गुणों, नैतिक मूल्यों एवं उचित आचरण की ओर प्रेरित करती है। यह व्यक्ति के चरित्र निर्माण एवं नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा उसे सही एवं गलत में भेद करने की क्षमता प्रदान करती है।
प्रश्न 149. निम्नलिखित में से कौन 'ललित कला' (Fine Art) का उदाहरण है?
- बढ़ईगिरी
- संगीत एवं चित्रकला
- कृषि
- राजमिस्त्री कार्य
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) संगीत एवं चित्रकला ✅
ललित कलाएँ (Fine Arts) वे कलाएँ हैं जो सौंदर्य एवं भावनात्मक अभिव्यक्ति से संबंधित होती हैं, जैसे - संगीत, चित्रकला, नृत्य, मूर्तिकला एवं काव्य। जबकि बढ़ईगिरी, राजमिस्त्री कार्य आदि उपयोगी/व्यावहारिक कलाएँ (Useful Arts) की श्रेणी में आती हैं जो मुख्यतः उपयोगिता पर आधारित हैं।
प्रश्न 150. व्याख्यान विधि (Lecture Method) की विशेषता निम्न में से कौन-सी नहीं है?
- शिक्षक केंद्रित
- बाल केंद्रित
- कम समय में अधिक विषय-वस्तु
- मौखिक प्रस्तुतीकरण
- अनुत्तरित प्रश्न
उत्तर : (2) बाल केंद्रित ✅
व्याख्यान विधि एक शिक्षक-केंद्रित (Teacher-Centered) विधि है जिसमें शिक्षक मौखिक रूप से विषय-वस्तु प्रस्तुत करता है तथा कम समय में अधिक सामग्री पढ़ाई जा सकती है। यह 'बाल-केंद्रित' नहीं है क्योंकि इसमें छात्र प्रायः निष्क्रिय श्रोता की भूमिका में रहते हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी सीमित रहती है।