INTERNATIONAL ORGANIZATIONS
G20: स्थापना, सदस्य, कार्यप्रणाली और भारत की अध्यक्षता
UPSC Prelims एवं Mains | GS-II एवं GS-III | तथ्य, अवधारणाएँ और विश्लेषण
| पूरा नाम | Group of Twenty |
| गठन | 1999 |
| पहला नेताओं का शिखर सम्मेलन | 2008, वॉशिंगटन |
| सदस्यता संरचना | 19 देश + यूरोपीय संघ + अफ्रीकी संघ |
| स्थायी सचिवालय | नहीं |
| भारत की अध्यक्षता | 2023 |
1. G20 क्या है?
G20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। इसमें विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ साथ बैठकर आर्थिक स्थिरता, विकास तथा वैश्विक चुनौतियों पर समन्वय करती हैं। आर्थिक निर्णयों का प्रभाव सीमाओं से बाहर जाता है, इसलिए ऐसा संवाद महत्वपूर्ण है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- G20 संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय बैंक नहीं है।
- यह स्वयं विश्व बैंक जैसी परियोजना ऋण संस्था नहीं चलाता।
- इसका प्रमुख योगदान नीति संबंधी चर्चा, सहमति और अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय में है।
2. गठन और नेताओं के स्तर पर उन्नयन
G20 की स्थापना 1999 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के मंच के रूप में हुई। पृष्ठभूमि में 1990 के दशक के वित्तीय संकट और व्यापक आर्थिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता थी।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन वॉशिंगटन में हुआ।
- इस प्रकार गठन का वर्ष 1999 और प्रथम नेताओं के शिखर सम्मेलन का वर्ष 2008 है।
- दोनों को एक ही घटना समझना परीक्षा में सामान्य गलती है।
3. सदस्य देश और क्षेत्रीय संगठन
इसके 19 देश हैं—अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- यूरोपीय संघ तथा अफ्रीकी संघ भी सदस्य हैं।
- अफ्रीकी संघ 2023 में नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के दौरान स्थायी सदस्य बना।
- इसलिए G20 का अर्थ वर्तमान में बीस स्वतंत्र देश नहीं है।
- अतिथि देशों को स्थायी सदस्यों में न गिनें।
4. अध्यक्षता और ट्रोइका
G20 का स्थायी सचिवालय नहीं है। अध्यक्षता प्रतिवर्ष बदलती है और अध्यक्ष देश अन्य सदस्यों के साथ एजेंडा तथा बैठकों का समन्वय करता है। शिखर सम्मेलन पूरे वर्ष चलने वाली प्रक्रिया का उच्चस्तरीय चरण है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- ट्रोइका में पिछला, वर्तमान और अगला अध्यक्ष देश शामिल होते हैं।
- इसका उद्देश्य निरंतरता बनाए रखना है।
- किसी एक वर्ष के ट्रोइका देशों को स्थायी सूची न समझें; अध्यक्षता बदलने पर इसकी संरचना भी बदलती है।
5. वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक
वित्त ट्रैक में वित्त मंत्रालयों और केंद्रीय बैंकों की भूमिका प्रमुख होती है। इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था, वित्तीय स्थिरता, विकास वित्त तथा संबंधित विषयों पर चर्चा होती है। शेरपा ट्रैक विकास और अन्य व्यापक नीति क्षेत्रों में नेताओं की बातचीत की तैयारी करता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- सिविल सोसायटी, व्यवसाय, युवा, महिला और शोध समुदाय जैसे समूह भी विचार प्रदान करते हैं।
- ये सहभागिता समूह उपयोगी सुझाव देते हैं, लेकिन इन्हें स्वतंत्र सदस्य देश या अंतिम निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था नहीं समझना चाहिए।
6. भारत की 2023 अध्यक्षता
भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की और नई दिल्ली में नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित किया। इसकी थीम वसुधैव कुटुम्बकम—एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य—थी। नई दिल्ली नेताओं की घोषणा और अफ्रीकी संघ की स्थायी सदस्यता प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- भारत ने विकासशील देशों की प्राथमिकताओं, समावेशी विकास, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सतत विकास जैसे मुद्दों को आगे रखा।
- अध्यक्षता के महत्व को केवल आयोजन स्थल तक सीमित करने के बजाय पूरे वर्ष की बैठकों और सहमतियों से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
7. महत्व और सीमाएँ
G20 के सदस्य विश्व अर्थव्यवस्था और व्यापार का बड़ा हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं। आर्थिक संकट, ऋण, ऊर्जा, जलवायु और खाद्य सुरक्षा जैसी समस्याओं पर उनके बीच समन्वय व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- फिर भी सभी सदस्यों के हित समान नहीं होते।
- घोषणाओं का कार्यान्वयन राष्ट्रीय नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और संबंधित संस्थाओं की कार्रवाई पर निर्भर करता है।
- किसी घोषणा को अपने आप प्रत्येक देश का घरेलू कानून नहीं माना जा सकता।
8. परीक्षा हेतु त्वरित पुनरावृत्ति
मुख्य तथ्य: गठन—1999; पहला नेताओं का शिखर सम्मेलन—वॉशिंगटन, 2008; स्थायी सचिवालय—नहीं; भारत की अध्यक्षता—2023; अफ्रीकी संघ का प्रवेश—2023।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- प्रश्न: क्या G20 केवल विकसित देशों का मंच है? उत्तर: नहीं।
- क्या यूरोपीय संघ सदस्य है? उत्तर: हाँ।
- क्या अफ्रीकी संघ के जुड़ने पर नाम बदल गया? उत्तर: नहीं, G20 नाम बना हुआ है।
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9. UPSC अवधारणाएँ और विश्लेषण
पाठ्यक्रम: GS-II: वैश्विक शासन और भारत के हित; GS-III: अर्थव्यवस्था, विकास वित्त तथा डिजिटल अवसंरचना।
अनौपचारिक मंच की वास्तविक शक्ति
G20 का प्रभाव विश्व सरकार जैसी प्रत्यक्ष शक्ति से नहीं, बल्कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नीतिगत समन्वय, एजेंडा निर्धारण और राजनीतिक संकेत से आता है। किसी घोषणा को घरेलू कानून बनने के लिए राष्ट्रीय और संस्थागत कार्यान्वयन चाहिए।
- प्रतिनिधित्व: विकसित तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ एक मंच पर; फिर भी प्रत्येक देश अलग सदस्य के रूप में शामिल नहीं है।
- निरंतरता: बदलती अध्यक्षता को ट्रोइका और कार्यसमूह सहयोग देते हैं।
- लचीलापन: व्यापक मुद्दे उठाए जा सकते हैं; बाध्यकारी प्रवर्तन सीमित है।
वैश्विक सार्वजनिक वस्तुएँ
वित्तीय स्थिरता, जलवायु कार्रवाई और महामारी तैयारी के लाभ सीमाओं के पार जाते हैं। अकेले देश पर्याप्त निवेश न करें तो सामूहिक कमी पैदा होती है। G20 साझा प्राथमिकताओं और वित्तीय संस्थाओं को जोड़ सकता है; परिणाम उसके सदस्यों की प्रतिबद्धता पर निर्भर हैं।
10. भारत के हित, चुनौतियाँ और आगे की राह
नीचे दिए गए मूल्यांकन-बिंदु Mains के लिए विश्लेषण हैं; आधिकारिक तथ्य जहाँ आवश्यक हैं, स्रोत के साथ दिए गए हैं।
भारत की अध्यक्षता को कैसे परखें?
- समावेशन: अफ्रीकी संघ की स्थायी सदस्यता ने प्रतिनिधित्व का दायरा बढ़ाया।
- विकास विमर्श: Global South की वित्त, भोजन और ऊर्जा संबंधी प्राथमिकताओं को मंच मिला।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना: पहचान, भुगतान और डेटा प्रणालियाँ अवसर देती हैं; निजता, पहुँच और जवाबदेही जरूरी हैं।
- घोषणा से परिणाम: राष्ट्रीय बजट, संस्थागत क्षमता और बाद की अध्यक्षताओं द्वारा आगे बढ़ाना महत्त्वपूर्ण है।
मुख्य चुनौतियाँ
भू-राजनीतिक मतभेद आर्थिक एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं। ऋण संकट में विभिन्न ऋणदाताओं का समन्वय कठिन है। जलवायु वित्त में योगदान और जिम्मेदारियों पर मतभेद रहते हैं। इसलिए बैठक की सफलता केवल दस्तावेज़ की लंबाई से नहीं, लक्ष्य, समयसीमा और निगरानी से आँकें।
सदस्यता सूत्र: 19 देश + EU + AU; अतिथि देश अलग। आधिकारिक सदस्य विवरण।
11. Prelims अभ्यास: 5 कथन आधारित प्रश्न
ये मौलिक अभ्यास प्रश्न हैं; UPSC के वास्तविक पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं।
प्रश्न 1
- G20 का गठन 1999 में हुआ।
- पहला नेताओं का सम्मेलन 1999 में हुआ।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। पहला नेताओं का सम्मेलन 2008 में हुआ।
प्रश्न 2
- G20 का स्थायी सचिवालय है।
- ट्रोइका में पिछला, वर्तमान और अगला अध्यक्ष शामिल होता है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: B। स्थायी सचिवालय नहीं है।
प्रश्न 3
- AU 2023 में स्थायी सदस्य बना।
- हर आमंत्रित देश स्थायी सदस्य होता है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। आमंत्रण सदस्यता नहीं है।
प्रश्न 4
- G20 स्वयं परियोजना ऋण देने वाला विकास बैंक है।
- नीतिगत आर्थिक समन्वय इसका प्रमुख कार्य है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: B। यह वित्तीय संस्था की तरह स्वयं परियोजना बैंकिंग नहीं करता।
प्रश्न 5
- EU और AU दोनों सदस्य हैं।
- G20 में केवल विकसित अर्थव्यवस्थाएँ हैं।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ भी हैं।
12. Mains अभ्यास और मॉडल उत्तर
उत्तर-लेखन अभ्यास
- 150 शब्द: G20 के अनौपचारिक स्वरूप की उपयोगिता और सीमाएँ समझाइए।
- 250 शब्द: भारत की G20 अध्यक्षता ने वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधित्व को कैसे आगे बढ़ाया?
- 250 शब्द: डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को वैश्विक विकास सहयोग का साधन बनाने की शर्तों पर चर्चा कीजिए।
मॉडल उत्तर: भारत की G20 अध्यक्षता ने वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधित्व को कैसे आगे बढ़ाया?
G20 की उपयोगिता बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संवाद और नीति समन्वय में है।
वित्तीय संकट, जलवायु और ऋण जैसी समस्याएँ राष्ट्रीय सीमाओं से आगे जाती हैं, इसलिए साझा मंच आवश्यक है।
भारत की 2023 अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ का प्रवेश व्यापक प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्त्वपूर्ण रहा।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और विकासशील देशों की प्राथमिकताओं ने एजेंडे को विस्तार दिया।
हालांकि प्रतिनिधित्व बढ़ना अपने आप प्रभावी कार्यान्वयन नहीं है।
सदस्यों के राजनीतिक मतभेद, संसाधनों की कमी और गैर-बाध्यकारी प्रतिबद्धताएँ परिणाम सीमित कर सकती हैं।
आगे की राह में मापनीय लक्ष्य, ट्रोइका की निरंतरता, विकास बैंकों से सहयोग और सार्वजनिक प्रगति समीक्षा आवश्यक हैं।
भारत को घरेलू अनुभव साझा करते समय स्थानीय संदर्भ, निजता तथा समावेशन पर ध्यान देना चाहिए।
इस प्रकार G20 की सफलता घोषणाओं से अधिक साझा समस्याओं पर टिकाऊ कार्रवाई में निहित है।
उत्तर सुधारने की जाँच-सूची
- भूमिका में प्रश्न की केंद्रीय अवधारणा स्पष्ट करें।
- तथ्य और अपना विश्लेषण अलग रखें; जहाँ लागू हो, उदाहरण दें।
- लाभ, सीमाएँ और भारत के हितों को संतुलित ढंग से जोड़ें।
- निष्कर्ष में व्यावहारिक सुधार तथा कार्यान्वयन की शर्तें बताएँ।
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