INTERNATIONAL ORGANIZATIONS
SCO: शंघाई सहयोग संगठन का इतिहास, सदस्य देश और भारत
UPSC Prelims एवं Mains | GS-II एवं GS-III | तथ्य, अवधारणाएँ और विश्लेषण
| पूरा नाम | Shanghai Cooperation Organisation |
| स्थापना | 15 जून 2001, शंघाई |
| सचिवालय | बीजिंग, चीन |
| आधिकारिक भाषाएँ | चीनी और रूसी |
| भारत की पूर्ण सदस्यता | 9 जून 2017 |
| पूर्ण सदस्य | 10 देश |
1. SCO क्या है?
शंघाई सहयोग संगठन यूरेशिया के देशों का अंतरसरकारी संगठन है। यह राजनीतिक संवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग तथा सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाता है। इसके सदस्य एशिया और यूरोप के बड़े भूभाग से जुड़े हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- SCO को केवल सैन्य संगठन कहना अधूरा है।
- इसमें सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन व्यापार, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क भी सहयोग की चर्चा का हिस्सा हैं।
- इसकी संरचना NATO जैसी सामूहिक रक्षा संधि नहीं है।
2. शंघाई फाइव से SCO तक
1996 में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच Shanghai Five प्रक्रिया शुरू हुई। इसका आरंभिक संदर्भ सीमावर्ती क्षेत्रों में विश्वास और सैन्य तनाव कम करने से जुड़ा था।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- 15 जून 2001 को उज्बेकिस्तान सहित छह देशों ने SCO की स्थापना की।
- इसलिए Shanghai Five और SCO की स्थापना के वर्ष अलग हैं।
- SCO चार्टर पर 7 जून 2002 को हस्ताक्षर हुए और यह 19 सितंबर 2003 को लागू हुआ।
3. सदस्य देश और विस्तार
पूर्ण सदस्य हैं—बेलारूस, भारत, ईरान, कजाखस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। भारत तथा पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने; ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में जुड़े।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- किसी बैठक में भाग लेने वाले प्रत्येक देश को पूर्ण सदस्य नहीं समझना चाहिए।
- पर्यवेक्षक या अन्य भागीदारी की श्रेणियाँ पूर्ण सदस्यता से अलग हो सकती हैं।
- सदस्य संख्या समय के साथ बदल सकती है, इसलिए परीक्षा से पहले आधिकारिक सूची देखना उपयोगी है।
4. शंघाई भावना और उद्देश्य
शंघाई भावना आपसी विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, विविध सभ्यताओं के सम्मान और साझा विकास की भावना पर आधारित है। यह संगठन के सहयोग संबंधी दृष्टिकोण को समझाती है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- सदस्य देशों के राजनीतिक और आर्थिक हित हमेशा समान नहीं होते।
- संगठन एक संवाद मंच देता है, लेकिन सदस्यता से उनके सभी द्विपक्षीय विवाद समाप्त नहीं हो जाते।
- यही अंतर घोषणाओं और वास्तविक परिणामों का मूल्यांकन करते समय ध्यान रखना चाहिए।
5. संस्थाएँ और सुरक्षा सहयोग
SCO का सचिवालय बीजिंग में है। राष्ट्राध्यक्षों की परिषद संगठन की उच्चस्तरीय दिशा तय करती है। शासनाध्यक्षों तथा विभिन्न मंत्रिस्तरीय बैठकों से आर्थिक और अन्य सहयोग आगे बढ़ता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- Regional Anti-Terrorist Structure को RATS कहा जाता है।
- यह आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से संबंधित सहयोग के लिए महत्वपूर्ण संरचना है।
- ताशकंद इसके कार्य से जुड़ा प्रमुख संस्थागत स्थान है।
- बीजिंग सचिवालय और RATS को एक ही संस्था न समझें।
6. भारत की भूमिका
भारत 2005 में पर्यवेक्षक बना और 9 जून 2017 को अस्ताना शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्य बना। यह मंच भारत को मध्य एशिया सहित क्षेत्रीय देशों के साथ नियमित बहुपक्षीय संवाद का अवसर देता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- भारत के लिए आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग, संपर्क, ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक संबंध महत्वपूर्ण विषय हैं।
- संपर्क परियोजनाओं में संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता संबंधी भारत की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
- सदस्यता को हर सदस्य की प्रत्येक नीति का समर्थन नहीं माना जा सकता।
7. SCO और अन्य मंचों में अंतर
SCO एक चार्टर आधारित क्षेत्रीय संगठन है। BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं और व्यापक विकास सहयोग का अलग मंच है, जबकि G20 वैश्विक आर्थिक समन्वय पर केंद्रित है। कई देश एक से अधिक मंचों में शामिल हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- संगठन की पहचान उसके उद्देश्य, सदस्यता और व्यवस्था से करें।
- केवल चीन, रूस या भारत की उपस्थिति देखकर दो मंचों को समान मानना परीक्षा में गलत उत्तर तक ले जा सकता है।
8. परीक्षा हेतु पुनरावृत्ति
याद रखें: Shanghai Five—1996; SCO—2001; चार्टर—2002; चार्टर लागू—2003; भारत की पूर्ण सदस्यता—2017। सचिवालय बीजिंग में है और आधिकारिक भाषाएँ चीनी तथा रूसी हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- प्रश्न: क्या भारत संस्थापक सदस्य है? उत्तर: नहीं।
- क्या उज्बेकिस्तान Shanghai Five में था? उत्तर: नहीं, वह SCO की स्थापना के समय जुड़ा।
- क्या SCO संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसी है? उत्तर: नहीं।
आधिकारिक स्रोत और आगे पढ़ें
9. UPSC अवधारणाएँ और विश्लेषण
पाठ्यक्रम: GS-II: क्षेत्रीय समूह, भारत के पड़ोसी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ; GS-III: आतंकवाद एवं ऊर्जा सुरक्षा।
क्षेत्रीय सुरक्षा से बहुआयामी सहयोग तक
- Shanghai Five (1996) सीमा क्षेत्रों में विश्वास निर्माण की पृष्ठभूमि था। उज्बेकिस्तान के जुड़ने पर 2001 में SCO बना; दोनों को समान संस्था न मानें।
- Shanghai Spirit: आपसी विश्वास, समानता, परामर्श, सांस्कृतिक विविधता का सम्मान और साझा विकास। इसके आदर्शों तथा सदस्यों के व्यवहार का अलग मूल्यांकन करें।
- RATS का केंद्र ताशकंद है। यह आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के विरुद्ध समन्वय से जुड़ा है; यह सामूहिक सैन्य कमान नहीं है।
- SCO और NATO: SCO में NATO के Article 5 जैसा सामूहिक रक्षा दायित्व नहीं है। सदस्यता अपने आप सैन्य गठबंधन नहीं बनाती।
SCO का आधिकारिक परिचय, मार्च 2026 दस सदस्य देशों और संस्थागत संरचना की पुष्टि करता है।
10. भारत के हित, चुनौतियाँ और आगे की राह
नीचे दिए गए मूल्यांकन-बिंदु Mains के लिए विश्लेषण हैं; आधिकारिक तथ्य जहाँ आवश्यक हैं, स्रोत के साथ दिए गए हैं।
भारत के लिए अवसर और अंतर्विरोध
- मध्य एशिया: ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा संवाद के लिए मंच; लेकिन भौगोलिक संपर्क की बाधाएँ राजनीतिक घोषणाओं से स्वतः दूर नहीं होतीं।
- संपर्क का सिद्धांत: भारत के लिए कनेक्टिविटी के साथ संप्रभुता, पारदर्शिता और आर्थिक व्यवहार्यता महत्त्वपूर्ण हैं। सभी सदस्य समान परियोजनाओं का समर्थन करें, यह आवश्यक नहीं।
- आतंकवाद: सूचना साझाकरण उपयोगी है, पर आतंकवाद की चयनात्मक परिभाषा और सीमा पार समर्थन जैसे मतभेद सहयोग सीमित कर सकते हैं।
- रणनीतिक स्वायत्तता: SCO और Quad जैसे विभिन्न मंचों में भारत की भागीदारी मुद्दा आधारित साझेदारी दर्शाती है। इसे किसी एक खेमे में शामिल होना न लिखें।
- आगे की राह: स्वास्थ्य, डिजिटल संपर्क, आपदा प्रबंधन और क्षमता निर्माण जैसे कम विवादित क्षेत्रों में मापनीय परियोजनाएँ; सुरक्षा सहयोग में निरंतरता और सभी प्रकार के आतंकवाद पर समान मानक।
11. Prelims अभ्यास: 5 कथन आधारित प्रश्न
ये मौलिक अभ्यास प्रश्न हैं; UPSC के वास्तविक पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं।
प्रश्न 1
- SCO की स्थापना 2001 में हुई।
- भारत इसका संस्थापक सदस्य था।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। भारत 2017 में पूर्ण सदस्य बना।
प्रश्न 2
- SCO सचिवालय बीजिंग में है।
- RATS का केंद्र ताशकंद है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: C। दोनों संस्थाओं के स्थान अलग याद रखें।
प्रश्न 3
- Shanghai Five में उज्बेकिस्तान शामिल था।
- SCO में NATO जैसा सामूहिक रक्षा प्रावधान है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: D। उज्बेकिस्तान 2001 के गठन में जुड़ा; SCO सामूहिक रक्षा संधि नहीं है।
प्रश्न 4
- बेलारूस के जुड़ने के बाद SCO में दस सदस्य हुए।
- चीन और भारत दोनों SCO सदस्य हैं।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: C। मार्च 2026 के आधिकारिक परिचय में दस सदस्य हैं।
प्रश्न 5
- SCO में भागीदारी भारत को अन्य मंचों में सहयोग से रोकती है।
- क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं में संप्रभुता भारत के लिए प्रासंगिक है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: B। बहु-मंचीय भागीदारी और संप्रभुता आधारित संपर्क परस्पर संगत हैं।
12. Mains अभ्यास और मॉडल उत्तर
उत्तर-लेखन अभ्यास
- 150 शब्द: SCO भारत की मध्य एशिया नीति में किस प्रकार सहायक है?
- 250 शब्द: SCO की सुरक्षा उपयोगिता का मूल्यांकन उसकी आंतरिक राजनीतिक विविधता के संदर्भ में कीजिए।
- 250 शब्द: भारत की SCO और Quad में भागीदारी रणनीतिक स्वायत्तता को कैसे व्यक्त करती है?
संक्षिप्त मॉडल उत्तर: SCO की सुरक्षा उपयोगिता का मूल्यांकन उसकी आंतरिक राजनीतिक विविधता के संदर्भ में कीजिए।
SCO यूरेशिया में सुरक्षा और सहयोग का मंच है, जो भारत को मध्य एशिया तथा अन्य महत्त्वपूर्ण शक्तियों के साथ नियमित संवाद का अवसर देता है।
भारत 2017 से इसका पूर्ण सदस्य है।
आतंकवाद विरोधी समन्वय, ऊर्जा संपर्क और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग इसके प्रमुख अवसर हैं।
हालांकि भौगोलिक संपर्क की बाधाएँ, भारत-पाकिस्तान संबंध और भारत-चीन मतभेद प्रभावी सहयोग को सीमित करते हैं।
इसे NATO जैसा सैन्य गठबंधन समझना गलत होगा।
भारत को सदस्यता का उपयोग आतंकवाद पर सुसंगत मानक, संप्रभुता का सम्मान करने वाली कनेक्टिविटी तथा स्वास्थ्य और डिजिटल क्षमता निर्माण के लिए करना चाहिए।
अन्य मंचों में भागीदारी जारी रखते हुए परियोजनाओं के ठोस परिणाम पर बल देना रणनीतिक स्वायत्तता और क्षेत्रीय सहयोग के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है।
उत्तर सुधारने की जाँच-सूची
- भूमिका में प्रश्न की केंद्रीय अवधारणा स्पष्ट करें।
- तथ्य और अपना विश्लेषण अलग रखें; जहाँ लागू हो, उदाहरण दें।
- लाभ, सीमाएँ और भारत के हितों को संतुलित ढंग से जोड़ें।
- निष्कर्ष में व्यावहारिक सुधार तथा कार्यान्वयन की शर्तें बताएँ।
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