INTERNATIONAL ORGANIZATIONS
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP)
मानव विकास, HDI, गरीबी और भारत में सहयोग
UPSC Prelims एवं Mains के लिए विस्तृत अध्ययन
स्थापना
1965
मुख्यालय
न्यूयॉर्क, अमेरिका
पहला HDR
1990
मुख्य दृष्टिकोण
मानव विकास
UNDP का परिचय
United Nations Development Programme (UNDP) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम है। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और इसका काम गरीबी, असमानता, शासन, पर्यावरण तथा संकटों के बाद विकास से जुड़ा है। यह देशों को ज्ञान, अनुभव, संस्थागत क्षमता और साझेदारी के माध्यम से अपने विकास लक्ष्य हासिल करने में सहयोग देता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- UNDP को केवल धन देने वाली संस्था समझना अधूरा है।
- इसका योगदान नीति सलाह, programme design, स्थानीय क्षमता, तकनीकी सहयोग और विभिन्न भागीदारों को जोड़ने में भी होता है।
- एक परियोजना का प्रभाव तभी टिकाऊ हो सकता है जब संबंधित देश की संस्थाएँ उसे आगे चलाने में सक्षम हों।
- यह UN programme है, World Bank जैसा विकास बैंक नहीं।
- बैंकिंग ऋण और निवेश की व्यवस्था को UNDP की विकास सहायता तथा क्षमता निर्माण की भूमिका से अलग समझना चाहिए।
स्थापना और विकास यात्रा
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1965 में दो पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं—Expanded Programme of Technical Assistance और United Nations Special Fund—को मिलाकर UNDP बनाया। नई व्यवस्था ने 1966 में काम शुरू किया। इसलिए स्थापना का वर्ष और संचालन का वर्ष अलग संदर्भ रखते हैं।
| वर्ष | महत्व |
|---|---|
| 1965 | संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा UNDP का गठन। |
| 1966 | नई संयुक्त व्यवस्था का संचालन आरंभ। |
| 1990 | पहला Human Development Report। |
| 2010 | मानव विकास के आकलन में नए पूरक सूचकांकों का विस्तार; Global MPI का आरंभिक विकास। |
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- भारत में UNDP अपने विकास सहयोग की शुरुआत 1951 से बताता है।
- यह UNDP नामक वर्तमान संगठन के 1965 में बनने से पहले के UN technical assistance संबंधों की निरंतरता का संदर्भ है।
- इसे यह अर्थ नहीं देना चाहिए कि UNDP की वैश्विक स्थापना 1951 में हुई थी।
संस्थागत पहचान और संरचना
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | United Nations Development Programme |
| मुख्यालय | न्यूयॉर्क, अमेरिका |
| प्रकृति | संयुक्त राष्ट्र का विकास कार्यक्रम |
| कार्य का विस्तार | लगभग 170 देशों और territories में सहयोग; कार्यक्षेत्र समय के साथ बदल सकता है। |
| Governing arrangement | UNDP, UNFPA और UNOPS का Executive Board; 36 देशों के प्रतिनिधि। |
Executive Board intergovernmental निगरानी और नीतिगत दिशा का मंच है। कार्यकारी नेतृत्व, क्षेत्रीय व्यवस्थाएँ और country offices देशों की प्राथमिकताओं के अनुसार काम करते हैं। साझा board होने का अर्थ UNDP, UNFPA और UNOPS का एक ही संगठन होना नहीं है; उनके mandates अलग हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- Country programme में राष्ट्रीय प्राथमिकता, संसाधन और अपेक्षित परिणाम को जोड़ना महत्वपूर्ण होता है।
- स्थानीय सरकारों, संस्थाओं, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी जरूरत के अनुसार बनती है।
मानव विकास की अवधारणा
Human development का केंद्र लोगों की क्षमताओं, विकल्पों और अवसरों का विस्तार है। आर्थिक वृद्धि उपयोगी साधन हो सकती है, लेकिन विकास का अंतिम आकलन लोगों के जीवन से होना चाहिए। क्या वे स्वस्थ जीवन जी सकते हैं, सीख सकते हैं और सम्मानजनक आजीविका पा सकते हैं—ये मूल प्रश्न हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- महबूब उल हक ने मानव विकास दृष्टिकोण को विकसित करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
- अमर्त्य सेन के capabilities संबंधी कार्य ने इसकी वैचारिक आधारभूमि को प्रभावित किया।
- 1990 का पहला Human Development Report इस दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय नीति चर्चा में प्रमुखता देने वाला पड़ाव था।
- दो देशों की प्रति व्यक्ति आय समान होने पर भी स्वास्थ्य और शिक्षा के परिणाम अलग हो सकते हैं।
- इसी तरह किसी देश का उत्पादन बढ़ सकता है, लेकिन उसके लाभ सीमित लोगों तक पहुँचें।
- मानव विकास दृष्टिकोण इसलिए संसाधनों के साथ अवसर और वितरण पर भी ध्यान देता है।
Human Development Index
HDI मानव विकास की तीन मूल दिशाओं में औसत उपलब्धि का composite index है: लंबा और स्वस्थ जीवन, ज्ञान, तथा सम्मानजनक जीवन स्तर। यह विकास को केवल GDP की संख्या तक सीमित न रखने का संक्षिप्त माप देता है।
| आयाम | प्रमुख indicator |
|---|---|
| स्वास्थ्य | जन्म के समय जीवन प्रत्याशा। |
| शिक्षा | Mean years of schooling और expected years of schooling। |
| जीवन स्तर | प्रति व्यक्ति Gross National Income, purchasing power parity के आधार पर। |
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- HDI की गणना में dimension indices का geometric mean लिया जाता है।
- इसका मान सामान्यतः 0 से 1 के बीच होता है; अधिक मान इन आयामों में अधिक औसत उपलब्धि को दर्शाता है।
- यह index महत्वपूर्ण है, लेकिन पूरे समाज की हर उपलब्धि, अधिकार या जोखिम का पूर्ण माप नहीं है।
HDI को समझने की सीमाएँ
राष्ट्रीय औसत किसी देश के अंदर असमानता छिपा सकता है। दो राज्यों, आय वर्गों या सामाजिक समूहों के स्वास्थ्य और शिक्षा परिणाम अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल राष्ट्रीय rank के आधार पर हर नागरिक की स्थिति का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- Rank एक सापेक्ष स्थिति है।
- किसी देश का score सुधर सकता है, फिर भी दूसरे देशों की तेजी से प्रगति के कारण उसकी rank उतनी न सुधरे।
- Report year तथा indicator के data year भी अलग हो सकते हैं।
- तुलना के लिए एक ही edition की तुलनीय series उपयोगी होती है।
- मानव विकास में स्वतंत्रता, सुरक्षा, पर्यावरण और सेवाओं की गुणवत्ता जैसे व्यापक पहलू हैं।
- HDI इन सभी को सीधे शामिल नहीं करता।
- इसलिए इसे अन्य सूचकांकों और गुणात्मक जानकारी के साथ पढ़ना चाहिए।
पूरक सूचकांक
| सूचकांक | क्या बताता है? |
|---|---|
| IHDI | स्वास्थ्य, शिक्षा और आय में असमानता को ध्यान में रखकर HDI का आकलन। |
| GDI | महिलाओं और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों के बीच अंतर। |
| GII | लैंगिक असमानता के प्रमुख आयामों का आकलन। |
| Global MPI | एक साथ कई प्रकार की गरीबी और वंचना का माप। |
| PHDI | मानव विकास के साथ planetary pressures का समायोजन। |
इन सूचकांकों का उद्देश्य अलग प्रश्नों को स्पष्ट करना है। GDI और GII एक जैसे नहीं हैं; HDI और MPI भी एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं। पहला औसत मानव विकास की उपलब्धि और दूसरा household-level multiple deprivations के आकलन से संबंधित है।
बहुआयामी गरीबी और Global MPI
Global Multidimensional Poverty Index को UNDP और Oxford Poverty and Human Development Initiative (OPHI) ने संयुक्त रूप से विकसित किया। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन आयामों में दस indicators के माध्यम से वंचना को देखा जाता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- गरीबी केवल कम आय की स्थिति नहीं हो सकती।
- किसी परिवार को शिक्षा, पोषण, साफ पानी, स्वच्छता या बिजली जैसी सुविधाओं में एक साथ बाधाएँ हो सकती हैं।
- MPI का उपयोग यह समझने में मदद करता है कि कितने लोग गरीब हैं और वे कितनी तीव्र वंचना झेल रहे हैं।
- Global MPI और किसी देश का national MPI अलग सूचकांक हो सकते हैं।
- राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार indicators, cut-offs या weights में अंतर हो सकता है।
- इसीलिए दोनों की संख्याओं की सीधे तुलना करने से पहले उनकी methodology समझनी चाहिए।
गरीबी, शासन और संस्थागत क्षमता
UNDP के काम में समावेशी आजीविका, सार्वजनिक संस्थाओं की क्षमता और विकास तक समान पहुँच महत्वपूर्ण हैं। आर्थिक अवसर के साथ भरोसेमंद सेवाएँ, प्रभावी स्थानीय शासन और लोगों की भागीदारी विकास को टिकाऊ बनाते हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- किसी समुदाय के लिए कौशल प्रशिक्षण उपयोगी हो सकता है, लेकिन बाजार तक पहुँच और रोजगार की मांग न हो तो उसका लाभ सीमित रह सकता है।
- इसलिए विकास परियोजना को समस्या की पूरी श्रृंखला समझनी होती है।
- नीति, संस्थान, कौशल और वित्त को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता।
- संस्थागत क्षमता का अर्थ केवल कंप्यूटर या भवन नहीं है।
- स्पष्ट जिम्मेदारी, प्रशिक्षित कर्मचारी, सही जानकारी, शिकायत निवारण और नियमित मूल्यांकन भी जरूरी हैं।
- विकास सहयोग का दीर्घकालिक लाभ इस क्षमता को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने से मिलता है।
पर्यावरण, ऊर्जा और resilience
सतत विकास में आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति को पर्यावरण की सीमाओं के साथ जोड़ना पड़ता है। UNDP ऊर्जा, पर्यावरण और संकट-सहनशीलता के क्षेत्रों में देशों को सहयोग देता है। जलवायु जोखिम, प्राकृतिक संसाधनों का दबाव और आजीविका की असुरक्षा अक्सर एक-दूसरे को बढ़ाते हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- Resilience का अर्थ किसी झटके के बाद केवल पहले जैसी स्थिति में लौटना नहीं, बल्कि भविष्य के जोखिमों को बेहतर ढंग से संभालने की क्षमता भी है।
- यदि बाढ़ के बाद घर बनें लेकिन जोखिमपूर्ण स्थान और कमजोर जल निकासी न बदले, तो भविष्य में नुकसान दोहर सकता है।
- सतत आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय योजना को साथ जोड़ना इसलिए महत्वपूर्ण है।
- किसी ऊर्जा परियोजना में बिजली की उपलब्धता के साथ लागत, रखरखाव और कमजोर परिवारों की पहुँच को देखना चाहिए।
SDGs और विकास सहयोग
Sustainable Development Goals विकास के जुड़े हुए विषयों का साझा ढाँचा देते हैं। गरीबी में कमी का संबंध स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, पर्यावरण और संस्थानों से है। UNDP देशों को इन लक्ष्यों को नीति, स्थानीय योजना तथा परिणामों की निगरानी से जोड़ने में सहयोग कर सकता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- एक ही परियोजना कई लक्ष्यों पर प्रभाव डाल सकती है।
- उदाहरण के लिए स्वच्छ ऊर्जा से प्रकाश, पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और स्वास्थ्य को लाभ हो सकता है।
- लेकिन लाभ का वितरण तथा पर्यावरणीय प्रभाव देखे बिना केवल परियोजनाओं की संख्या प्रगति का पर्याप्त माप नहीं है।
- South-South cooperation में विकासशील देश अनुभव और समाधान साझा करते हैं।
- सफल मॉडल को सीधे प्रतिलिपि बनाने के बजाय उसकी स्थानीय परिस्थितियाँ समझना आवश्यक है।
- संस्थागत क्षमता, सामाजिक संदर्भ और संसाधन बदलने पर परिणाम भी बदल सकते हैं।
वित्त व्यवस्था और accountability
UNDP पूरी तरह voluntary contributions पर निर्भर करता है। इनमें unrestricted regular resources, जिन्हें core funding कहते हैं, और किसी theme, programme या project के लिए earmarked contributions शामिल हैं। सरकारें, multilateral organizations और दूसरे साझेदार योगदान दे सकते हैं।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- Core funding अपेक्षाकृत लचीली होती है और संगठन की मूल क्षमता को सहारा देती है।
- Earmarked funding विशेष कार्यक्रमों में उपयोगी है, लेकिन उसके उपयोग की सीमाएँ होती हैं।
- इसलिए कुल धन के साथ उसकी प्रकृति और उपलब्धता की अवधि भी महत्वपूर्ण है।
- विकास परियोजनाओं का मूल्यांकन केवल खर्च किए गए बजट से नहीं होना चाहिए।
- अपेक्षित परिणाम, वास्तविक लाभार्थी, स्थायित्व और स्थानीय स्वामित्व भी देखना पड़ता है।
- पारदर्शी सूचना और स्वतंत्र मूल्यांकन संसाधनों के प्रभावी उपयोग में मदद करते हैं।
भारत से संबंध
भारत में UNDP का सहयोग संस्थागत क्षमता, समावेशी विकास, आजीविका, ऊर्जा, पर्यावरण और resilience के क्षेत्रों से जुड़ा है। भारत की विशाल विविधता के कारण राष्ट्रीय नीति के साथ स्थानीय समाधान भी महत्वपूर्ण हैं। अलग राज्यों और समुदायों की जरूरतों में अंतर होता है।
व्याख्या एवं परीक्षा उपयोग
- Plastic waste management में UNDP ने स्थानीय संस्थाओं और साझेदारों के साथ काम किया है।
- इस विषय में केवल कचरा इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं है।
- अलगाव, संग्रह, recycling, सुरक्षित काम और अनौपचारिक श्रमिकों की भूमिका एक-दूसरे से जुड़े हैं।
- भारत के लिए मानव विकास का प्रश्न आय के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक समावेशन और पर्यावरण की गुणवत्ता से जुड़ा है।
- सार्वजनिक नीति में कमजोर समूहों तक सेवाओं की पहुँच और अवसरों का वितरण महत्वपूर्ण रहेगा।
- UNDP के सहयोग और भारत की राष्ट्रीय उपलब्धियों को अलग भूमिकाओं के रूप में समझना चाहिए।
- सरकार, राज्यों, स्थानीय प्रशासन, समुदायों और उद्यमों का योगदान निर्णायक है; अंतरराष्ट्रीय संस्था ज्ञान, साझेदारी और क्षमता का सहयोग दे सकती है।
चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा
- बहुआयामी असमानता: आय में सुधार के साथ भी शिक्षा, स्वास्थ्य या सामाजिक अवसरों की कमी बनी रह सकती है।
- पर्यावरणीय दबाव: अल्पकालिक वृद्धि भविष्य की आजीविका और संसाधनों पर लागत डाल सकती है।
- संकटों का प्रभाव: आपदा या संघर्ष वर्षों की विकास उपलब्धियों को कमजोर कर सकते हैं।
- वित्त की अनिश्चितता: core funding की कमी स्थिर क्षमता और लचीलेपन को प्रभावित कर सकती है।
- डेटा की सीमाएँ: पुराने या अधूरे आँकड़े कमजोर समूहों की स्थिति छिपा सकते हैं।
आगे की दिशा में मानव विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और सक्षम संस्थाओं को साथ रखना आवश्यक है। नई तकनीक तथा वित्त तभी उपयोगी हैं जब वे लोगों की वास्तविक क्षमताएँ और विकल्प बढ़ाएँ। विकास की सफलता का केंद्र संख्या से आगे मनुष्य का जीवन, अवसर और गरिमा है।
15. UPSC अवधारणाएँ और विश्लेषण
पाठ्यक्रम: GS-II: विकास, गरीबी और शासन; GS-III: समावेशी वृद्धि एवं सतत विकास।
मानव विकास: आय से आगे
- Capability approach: विकास का प्रश्न केवल आय नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक स्वतंत्रता और अवसर है—वे स्वस्थ, शिक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
- HDI: स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के सूचकांकों का geometric mean; शिक्षा में mean years और expected years of schooling शामिल हैं।
- IHDI: असमानता के प्रभाव को समायोजित करता है। समान औसत वाले समाजों में अवसरों का वितरण भिन्न हो सकता है।
- MPI: बहुआयामी वंचना को मापता है। Global MPI की पद्धति और भारत के National MPI को बिना अंतर बताए एक ही न मानें।
स्रोत: UNDP Human Development Index। रैंक के साथ रिपोर्ट वर्ष और डेटा वर्ष अलग-अलग स्पष्ट करें।
16. भारत के हित, चुनौतियाँ और आगे की राह
नीचे दिए गए मूल्यांकन-बिंदु Mains के लिए विश्लेषण हैं; आधिकारिक तथ्य जहाँ आवश्यक हैं, स्रोत के साथ दिए गए हैं।
भारत में मानव विकास का विस्तार
- औसत बनाम वितरण: राज्य, जिला, लिंग और सामाजिक समूह के स्तर पर असमानताएँ पहचानना आवश्यक है।
- गुणवत्ता: विद्यालय में नामांकन के साथ सीखने के परिणाम; अस्पतालों की संख्या के साथ वहनीय और गुणवत्तापूर्ण सेवा।
- डिजिटल शासन: पारदर्शिता और पहुँच बढ़ सकती है, लेकिन डिजिटल बहिष्करण, गोपनीयता और शिकायत निवारण का ध्यान रखें।
- सततता: वर्तमान विकास भविष्य की पर्यावरणीय क्षमता को नष्ट न करे; जलवायु जोखिम गरीब परिवारों की उपलब्धियाँ उलट सकता है।
- नीति क्रम: वंचना की पहचान → स्थानीय प्राथमिकता → समन्वित सेवा → परिणाम मापन → नागरिक प्रतिक्रिया।
17. Prelims अभ्यास: 5 कथन आधारित प्रश्न
ये मौलिक अभ्यास प्रश्न हैं; UPSC के वास्तविक पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं।
प्रश्न 1
- HDI में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर शामिल हैं।
- HDI केवल प्रति व्यक्ति GDP का दूसरा नाम है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। HDI बहुआयामी सूचकांक है।
प्रश्न 2
- HDI आयाम सूचकांकों का geometric mean उपयोग करता है।
- HDI सभी प्रकार की असमानता स्वतः पूरी तरह दर्शाता है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। असमानता के लिए IHDI जैसे अतिरिक्त माप हैं।
प्रश्न 3
- Global MPI में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के आयाम हैं।
- Global MPI और हर देश का National MPI आवश्यक रूप से एक ही पद्धति रखते हैं।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: A। राष्ट्रीय पद्धतियाँ अलग हो सकती हैं।
प्रश्न 4
- UNDP का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।
- Human Development Report की शुरुआत 1990 में हुई।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: C। दोनों तथ्य सही हैं।
प्रश्न 5
- रिपोर्ट वर्ष और डेटा वर्ष हमेशा एक ही होते हैं।
- औसत सुधार के साथ समूहों के बीच असमानता बनी रह सकती है।
विकल्प: (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) दोनों (D) कोई नहीं।
उत्तर: B। डेटा अक्सर पहले की अवधि का होता है।
18. Mains अभ्यास और मॉडल उत्तर
उत्तर-लेखन अभ्यास
- 150 शब्द: आर्थिक वृद्धि और मानव विकास का अंतर स्पष्ट कीजिए।
- 250 शब्द: भारत में मानव विकास सुधार के लिए आय वृद्धि के अतिरिक्त किन कदमों की आवश्यकता है?
- 250 शब्द: बहुआयामी गरीबी मापन की उपयोगिता और सीमाओं पर चर्चा कीजिए।
मॉडल उत्तर: भारत में मानव विकास सुधार के लिए आय वृद्धि के अतिरिक्त किन कदमों की आवश्यकता है?
आर्थिक वृद्धि मानव विकास के लिए संसाधन उपलब्ध कराती है, लेकिन आय बढ़ना स्वतः बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और अवसर सुनिश्चित नहीं करता।
सेवाओं की गुणवत्ता, सामाजिक भेदभाव और क्षेत्रीय विषमता परिणामों को प्रभावित करते हैं।
भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य, सीखने के परिणाम, पोषण और सुरक्षित आजीविका को साथ मजबूत करना आवश्यक है।
औसत राष्ट्रीय उपलब्धि के साथ जिला और समूह स्तर की वंचना पहचाननी चाहिए।
डिजिटल सेवाएँ उपयोगी हो सकती हैं, पर ऑफलाइन विकल्प और प्रभावी शिकायत निवारण जरूरी हैं।
HDI तथा MPI जैसे सूचकांक नीति को दिशा देते हैं, लेकिन हर स्थानीय समस्या का पूरा विवरण नहीं देते।
प्रशासनिक आँकड़े और समुदाय की प्रतिक्रिया इनके पूरक होने चाहिए।
संसाधन आवंटन को मापनीय परिणाम तथा समान अवसर से जोड़कर आर्थिक वृद्धि अधिक व्यापक मानव विकास में बदली जा सकती है।
उत्तर सुधारने की जाँच-सूची
- भूमिका में प्रश्न की केंद्रीय अवधारणा स्पष्ट करें।
- तथ्य और अपना विश्लेषण अलग रखें; जहाँ लागू हो, उदाहरण दें।
- लाभ, सीमाएँ और भारत के हितों को संतुलित ढंग से जोड़ें।
- निष्कर्ष में व्यावहारिक सुधार तथा कार्यान्वयन की शर्तें बताएँ।
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