राजस्थान जनजातीय संस्कृति एवं विविधता की दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यह पृष्ठ राजस्थान की प्रमुख अनुसूचित जनजातियों — मीणा, भील, गरासिया, सहरिया आदि — की पूरी सूची, जनगणना-2011 के आँकड़े, महत्वपूर्ण तथ्य, MCQs और फ्री PDF प्रस्तुत करता है, जो RSMSSB CET, RPSC, पटवारी, पुलिस व अन्य राज्य परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
एक नज़र में (At a Glance)
- ST जनसंख्या (2011): राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 13.5%।
- कुल अनुसूचित जनजातियाँ: 12 अधिसूचित समुदाय।
- सबसे बड़ी जनजाति: मीणा (लगभग 47%), दूसरी — भील (लगभग 40%)।
- एकमात्र PVTG: सहरिया (बाराँ जिला)।
- मुख्य क्षेत्र: दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (वागड़ अंचल)।
विशेष तथ्य एवं 'सबसे पहले / सबसे बड़े' (Special Facts & Firsts)
| रिकॉर्ड / तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति | मीणा (Meena) |
| दूसरी सबसे बड़ी जनजाति | भील (Bhil) |
| राज्य की एकमात्र PVTG | सहरिया |
| सहरिया का मुख्य क्षेत्र | बाराँ (शाहबाद, किशनगंज) |
| ST जनसंख्या (2011) | राज्य का 13.5% |
| कुल अनुसूचित जनजातियाँ | 12 |
| दक्षिणी जनजातीय अंचल | वागड़ (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) |
| मानगढ़ धाम आंदोलन के नेता | गोविंद गुरु (1913) |
| भीलों का प्रसिद्ध लोकनाट्य | गवरी |
| गरासिया का मुख्य क्षेत्र | सिरोही, पाली, उदयपुर |
जनजातियों का क्षेत्रवार वितरण
राजस्थान की जनजातियाँ मुख्यतः दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में केंद्रित हैं:
| क्षेत्र | प्रमुख जनजातियाँ |
|---|---|
| दक्षिणी राजस्थान (वागड़) | भील, डामोर, गरासिया |
| दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (हाड़ौती) | सहरिया, भील |
| पूर्वी राजस्थान | मीणा |
| दक्षिण-पश्चिमी (आबू क्षेत्र) | गरासिया, कथौड़ी |
राजस्थान की प्रमुख जनजातियाँ — पूरी सूची (Master Table)
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण जनजातियों की पूरी सूची:
| क्र. | जनजाति | मुख्य क्षेत्र / जिले | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 | मीणा | जयपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली | सबसे बड़ी व सर्वाधिक शिक्षित जनजाति |
| 2 | भील | उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ | दूसरी सबसे बड़ी; धनुर्धर; गवरी नृत्य |
| 3 | गरासिया | सिरोही, पाली, उदयपुर | भील-राजपूत मिश्रित; मोरनी नृत्य |
| 4 | सहरिया | बाराँ (शाहबाद, किशनगंज) | राज्य की एकमात्र PVTG |
| 5 | डामोर | डूंगरपुर, बांसवाड़ा | गुजरात सीमावर्ती; पंच-मुखिया व्यवस्था |
| 6 | कथौड़ी | उदयपुर, कोटा (आबू क्षेत्र) | कत्था (कैथ) बनाने में निपुण |
| 7 | भील-गरासिया | दक्षिणी राजस्थान | भील व गरासिया का मिश्रित समूह |
| 8 | नायकड़ा | दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्र | अल्पसंख्यक जनजाति |
| 9 | पटेलिया | बांसवाड़ा, डूंगरपुर | कृषक जनजाति |
| 10 | कोकना / कोकनी | दक्षिणी राजस्थान | अल्पसंख्यक |
| 11 | धानका | दक्षिणी क्षेत्र | कृषि-श्रमिक जनजाति |
| 12 | सांसी | भरतपुर, धौलपुर क्षेत्र | घुमंतू पृष्ठभूमि |
प्रमुख जनजातियाँ — विशेष विवरण (Key Tribes in Focus)
1. मीणा (Meena)
मीणा राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति है। 'मीन' (मछली) से नाम व्युत्पन्न माना जाता है और मत्स्य/मीन अवतार से सांस्कृतिक जुड़ाव जोड़ा जाता है।
| निवास-क्षेत्र | पूर्वी राजस्थान — जयपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, अलवर, टोंक। |
| वर्गीकरण | मुख्यतः दो वर्ग — ज़मींदार मीणा (कृषक) व चौकीदार मीणा। |
| अर्थव्यवस्था | कृषि प्रधान; प्रशासनिक व सरकारी सेवाओं में उच्च भागीदारी। |
| सामाजिक संरचना | अंतर्विवाही (endogamy); गोत्र व्यवस्था कठोर। |
| विवाह प्रथाएँ | ब्रह्म, गंधर्व व राक्षस विवाह; नाता प्रथा, आटा-साटा (विनिमय विवाह), झगड़ा विवाह प्रचलित। |
| विशेष रीति | विवाह के समय 'मोरनी माँडना' प्रथा; मोर समृद्धि का प्रतीक। |
| परीक्षा तथ्य | राजस्थान की सबसे बड़ी व सर्वाधिक शिक्षित जनजाति (राज्य की ST जनसंख्या का ~47%)। |
2. भील (Bhil)
भील राज्य की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है, धनुष-बाण की कुशलता के कारण इन्हें 'धनुर्धर' कहा जाता है। 'भील' शब्द द्रविड़ 'बिल्लू' (धनुष) से माना जाता है।
| निवास-क्षेत्र | दक्षिणी राजस्थान — उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही (वागड़ अंचल)। |
| उपजातियाँ | भील, भील-गरासिया, ढोली भील, तड़वी भील आदि। |
| अर्थव्यवस्था | 'वालरा' (स्थानांतरी कृषि), वनोपज संग्रह, पशुपालन व मजदूरी। |
| नृत्य/संस्कृति | घूमर, गैर, द्विचकी; 'गवरी' 40-दिवसीय लोकनाट्य देवी गवरी (गौरी) को समर्पित। |
| धर्म/मान्यता | प्रकृति-पूजा; टोटम व्यवस्था; 'बादशाह' व 'गवरी' अनुष्ठान। |
| आवास | 'कू' (एकल घर) व बिखरी बस्तियाँ 'फला/पाल' कहलाती हैं। |
| ऐतिहासिक तथ्य | हल्दीघाटी युद्ध (1576) में महाराणा प्रताप के साथ भील सेनानायक 'पूंजा भील' की भूमिका; मानगढ़ आंदोलन। |
3. गरासिया (Garasia)
गरासिया अपनी सरल विवाह-परंपरा (बिना अधिक कर्मकांड के सहमति-विवाह) के लिए जानी जाती है।
| निवास-क्षेत्र | सिरोही (आबू-पिंडवाड़ा), पाली, उदयपुर का पर्वतीय क्षेत्र। |
| उत्पत्ति | भील व राजपूत के मिश्रण से उत्पन्न मानी जाती है (राजस्थान की तीसरी बड़ी जनजाति)। |
| नृत्य/संस्कृति | 'मोरिया/मोर', 'वालर', 'लूर' व 'गौर' नृत्य प्रसिद्ध। |
| विवाह प्रथाएँ | 'दापा' (वधू-मूल्य) प्रथा; गणगौर मेले में प्रेम-विवाह की परंपरा; 'मोर बंधिया' व 'ताणना' विवाह। |
| अर्थव्यवस्था | कृषि, पशुपालन व वनोपज। |
| विशेष तथ्य | मृतक-स्मृति में पत्थर की 'खेराज/मौताणा' स्थापना की परंपरा। |
4. सहरिया (Sahariya) — राज्य की एकमात्र PVTG
सहरिया राजस्थान की सबसे पिछड़ी व संवेदनशील जनजाति मानी जाती है, जिसका जीवन आज भी वनों पर आधारित है।
| निवास-क्षेत्र | बाराँ जिला — शाहबाद व किशनगंज तहसील; आंशिक रूप से कोटा, झालावाड़। |
| स्थिति | राजस्थान की एकमात्र विशेष अति संवेदनशील जनजाति (PVTG), 2011 में अधिसूचित। |
| अर्थव्यवस्था | वनोपज (तेंदूपत्ता, गोंद, शहद), मजदूरी; पूर्व-कृषि अवस्था के लक्षण। |
| आवास | 'सहराना' नामक वन-बस्तियाँ; झोपड़ी को 'टापरी' कहते हैं। |
| योजनाएँ | PM-JANMAN व विशेष विकास कार्यक्रमों की प्रमुख लाभार्थी। |
| विशेष तथ्य | निम्न साक्षरता व स्वास्थ्य सूचकांक के कारण PVTG श्रेणी में शामिल। |
5. डामोर (Damor)
| निवास-क्षेत्र | डूंगरपुर (सीमलवाड़ा) व बांसवाड़ा का गुजरात-सीमावर्ती क्षेत्र। |
| सामाजिक संरचना | 'मुखी' व 'पंच' आधारित पंचायत व्यवस्था। |
| अर्थव्यवस्था | कृषि व मजदूरी; कुछ भाग गुजरात में मौसमी प्रवास करते हैं। |
| विशेष तथ्य | सामाजिक निर्णयों में मुखिया की केंद्रीय भूमिका। |
6. कथौड़ी (Kathodi)
| निवास-क्षेत्र | उदयपुर, कोटा व आबू का वन-क्षेत्र (मूलतः महाराष्ट्र से आगत)। |
| आजीविका | खैर वृक्ष से कत्था (कैथ/catechu) निकालने में निपुण — इसी से नाम। |
| अर्थव्यवस्था | वनोपज व वनाधारित श्रम। |
| विशेष तथ्य | अल्पसंख्यक व घुमंतू प्रवृत्ति की जनजाति। |
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
प्र.1. राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति कौन-सी है?
A. गरासिया
B. भील
C. मीणा
D. सहरिया
उत्तर: (C) मीणा — राज्य की ST जनसंख्या का लगभग 47%।
प्र.2. राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति कौन-सी है?
A. भील
B. सहरिया
C. डामोर
D. कथौड़ी
उत्तर: (A) भील — राज्य की ST जनसंख्या का लगभग 40%।
प्र.3. राजस्थान की एकमात्र PVTG कौन-सी है?
A. भील
B. मीणा
C. सहरिया
D. गरासिया
उत्तर: (C) सहरिया — राज्य की एकमात्र विशेष अति संवेदनशील जनजाति।
प्र.4. सहरिया जनजाति मुख्यतः किस जिले में पाई जाती है?
A. उदयपुर
B. बाराँ
C. जयपुर
D. बीकानेर
उत्तर: (B) बाराँ (शाहबाद व किशनगंज तहसील)।
प्र.5. 2011 की जनगणना अनुसार राजस्थान में ST जनसंख्या राज्य का कितना प्रतिशत है?
A. 8.6%
B. 11.2%
C. 13.5%
D. 17.8%
उत्तर: (C) 13.5%।
प्र.6. 'भील' शब्द का संबंध किस भाषा के शब्द से माना जाता है?
A. संस्कृत 'वन'
B. द्रविड़ 'बिल्लू' (धनुष)
C. अरबी 'बिल'
D. फारसी 'बल'
उत्तर: (B) द्रविड़ शब्द 'बिल्लू' अर्थात् धनुष।
प्र.7. गरासिया जनजाति मुख्यतः किन जिलों में केंद्रित है?
A. सिरोही-पाली-उदयपुर
B. कोटा-बूंदी
C. गंगानगर-हनुमानगढ़
D. अलवर-भरतपुर
उत्तर: (A) सिरोही, पाली व उदयपुर क्षेत्र।
प्र.8. भीलों के 'गवरी' नृत्य का संबंध किससे है?
A. विवाह
B. फसल कटाई
C. शिव-भस्मासुर कथा
D. होली
उत्तर: (C) शिव-भस्मासुर आधारित लोकनाट्य।
प्र.9. राजस्थान के दक्षिणी आदिवासी क्षेत्र को किस नाम से जाना जाता है?
A. मेवात
B. हाड़ौती
C. वागड़
D. शेखावाटी
उत्तर: (C) वागड़ (डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र)।
प्र.10. 'मानगढ़ धाम' किस जनजातीय आंदोलन से संबंधित है?
A. भगत आंदोलन (गोविंद गुरु)
B. एकी आंदोलन
C. बिजोलिया आंदोलन
D. मीणा आंदोलन
उत्तर: (A) गोविंद गुरु के भगत आंदोलन (1913 मानगढ़ हत्याकांड)।
प्र.11. डामोर जनजाति मुख्यतः किस जिले में पाई जाती है?
A. डूंगरपुर
B. चूरू
C. झुंझुनूं
D. नागौर
उत्तर: (A) डूंगरपुर (व बांसवाड़ा का सीमावर्ती क्षेत्र)।
प्र.12. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजस्थान में मीणा सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति है।
2. सहरिया राजस्थान की एकमात्र PVTG है।
सही कथन चुनिए —
A. केवल 1
B. केवल 2
C. 1 और 2 दोनों
D. कोई नहीं
उत्तर: (C) दोनों सही — मीणा सर्वाधिक जनसंख्या वाली तथा सहरिया एकमात्र PVTG है।
परीक्षा प्रासंगिकता (Exam Relevance)
यह टॉपिक RSMSSB CET, RPSC (RAS/2nd Grade), पटवारी, ग्राम सेवक व राजस्थान पुलिस परीक्षाओं के 'राजस्थान की कला-संस्कृति' खंड में लगभग हर वर्ष पूछा जाता है। जनजाति-क्षेत्र मिलान, नृत्य, आंदोलन (मानगढ़) व PVTG (सहरिया) से जुड़े प्रश्न सर्वाधिक आते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- सबसे बड़ी जनजाति → मीणा (~47%); दूसरी → भील (~40%)।
- राज्य की एकमात्र PVTG → सहरिया (बाराँ)।
- ST जनसंख्या (2011) → राज्य का 13.5%।
- कुल अधिसूचित जनजातियाँ → 12।
- गवरी → भील; मोरनी/वालर → गरासिया।
- मानगढ़ धाम आंदोलन → गोविंद गुरु (1913)।
- दक्षिणी जनजातीय अंचल → वागड़ (डूंगरपुर-बांसवाड़ा)।