Static GK Practice Questions

भारतीय लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य एवं प्रमुख कलाकारों पर आधारित 184 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या दी गई है। UPSC, SSC, Railway, Banking व राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी के लिए नीचे दिए गए प्रश्नों का अभ्यास करें। उत्तर देखने के लिए SHOW ANSWER बटन पर क्लिक करें।

1

केलुचरण महापात्र का नाम निम्नलिखित में से किस शास्त्रीय नृत्य को पुनर्जीवित करने के लिए जाना जाता है?

A.कथकली
B.ओडिसी
C.कुचिपुड़ी
D.भरतनाट्यम

उत्तर: B. ओडिसी

व्याख्या: गुरु केलुचरण महापात्र ने 20वीं शताब्दी में ओडिसी नृत्य को विलुप्त होने की कगार से बचाया और उसे शास्त्रीय दर्जा दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

2

प्रसिद्ध 'जवारा' लोक नृत्य, जो धन का जश्न मनाने वाली एक नृत्य शैली है, मुख्य रूप से किस राज्य से संबंधित है?

A.मध्य प्रदेश
B.राजस्थान
C.उत्तर प्रदेश
D.गुजरात

उत्तर: A. मध्य प्रदेश

व्याख्या: जवारा नृत्य मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह मुख्य रूप से फसल कटाई के समय किसानों द्वारा खुशी मनाने के लिए किया जाता है, जिसमें महिलाएँ अपने सिर पर ज्वार से भरी टोकरी संतुलित करती हैं।

3

कथक नृत्य शैली में 'गुरू वंदना' के ठीक बाद प्रस्तुत किए जाने वाले 'तत्कार' शब्द का क्या अर्थ है?

A.हाथों का सुंदर संचालन
B.आँखों की विशेष गति
C.पैरों का बुनियादी काम (Footwork)
D.मंच पर झुककर प्रणाम करना

उत्तर: C. पैरों का बुनियादी काम (Footwork)

व्याख्या: कथक में 'तत्कार' का सीधा संबंध पैरों के काम (Footwork) से होता है। इसमें नर्तक 'ता थेई थेई तत' के मूल बोलों पर अपने पैरों की थाप से विभिन्न प्रकार की लयकारियाँ उत्पन्न करता है।

4

तमिलनाडु की 'करकटम' (Karakattam) लोक नृत्य शैली के संदर्भ में, कलाकार अपने सिर पर क्या संतुलित करते हैं?

A.पानी से भरा पीतल का बर्तन या मिट्टी का घड़ा
B.जलती हुई मोमबत्तियों का स्टैंड
C.बांस की लंबी टोकरी
D.फूलों से सजा हुआ लकड़ी का ढांचा

उत्तर: A. पानी से भरा पीतल का बर्तन या मिट्टी का घड़ा

व्याख्या: करकटम तमिलनाडु का एक प्राचीन लोक नृत्य है जिसमें वर्षा की देवी 'मरियम्मन' की पूजा की जाती है। इसमें नर्तक अपने सिर पर पानी या चावल से भरा पीतल का बर्तन (करकम) रखकर अद्भुत संतुलन के साथ नृत्य करते हैं।

5

भरतनाट्यम की एक पारंपरिक प्रस्तुति का अंतिम भाग कौन सा होता है, जो बहुत तेज़ गति और जटिल फुटवर्क के साथ समाप्त होता है?

A.अलारिपु
B.शद्म
C.तिल्लाना
D.वर्णम

उत्तर: C. तिल्लाना

व्याख्या: भरतनाट्यम की प्रस्तुति का क्रम अलारिपु (शुरुआत) से होता है और इसका समापन 'तिल्लाना' (Thillana) के साथ होता है। तिल्लाना बहुत ही जीवंत, तेज़ और अत्यधिक लयबद्ध होता है।

6

निम्नलिखित में से कौन सी नर्तकी 'कुचिपुड़ी' और 'भरतनाट्यम' दोनों शैलियों की एक प्रसिद्ध प्रतिपादक हैं और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है?

A.मल्लिका साराभाई
B.शोभना नारायण
C.सितारा देवी
D.माधवी मुद्गल

उत्तर: A. मल्लिका साराभाई

व्याख्या: प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई और नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई की पुत्री मल्लिका साराभाई, भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी दोनों नृत्यों में पारंगत हैं। वे एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।

7

गोटीपुआ (Gotipua) नृत्य परंपरा भारत के किस राज्य से संबंधित है, जिसे ओडिसी नृत्य का अग्रदूत माना जाता है?

A.पश्चिम बंगाल
B.ओडिशा
C.आंध्र प्रदेश
D.असम

उत्तर: B. ओडिशा

व्याख्या: गोटीपुआ ओडिशा का एक पारंपरिक लोक नृत्य है जहाँ युवा लड़के महिलाओं के वस्त्र पहनकर जगन्नाथ भगवान की स्तुति में नृत्य करते हैं। इसी परंपरा से आधुनिक ओडिसी नृत्य का विकास हुआ है।

8

असम के 'बिहू' नृत्य के दौरान मुख्य रूप से किस वाद्ययंत्र का प्रयोग किया जाता है जो भैंस के सींग से बना होता है?

A.पेपा (Pepa)
B.ढोल
C.गोगोना
D.खंजरी

उत्तर: A. पेपा (Pepa)

व्याख्या: 'पेपा' असम का एक पारंपरिक बांसुरी जैसा वाद्ययंत्र है जो भैंस के सींग (Buffalo Horn) से बनाया जाता है। यह बिहू नृत्य और संगीत का एक अनिवार्य हिस्सा है।

9

सत्रिया नृत्य को संगीत नाटक अकादमी द्वारा किस वर्ष भारत के आठवें शास्त्रीय नृत्य के रूप में मान्यता दी गई थी?

A.1995
B.2000
C.2005
D.2008

उत्तर: B. 2000

व्याख्या: असम के 'सत्रिया' नृत्य को वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा आधिकारिक तौर पर भारत का शास्त्रीय नृत्य घोषित किया गया था। इसकी शुरुआत महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव ने की थी।

10

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित 'गुलाबो सपेरा' का संबंध राजस्थान के किस विश्व प्रसिद्ध लोक नृत्य से है?

A.चरी नृत्य
B.घूमर
C.कालबेलिया
D.गैर नृत्य

उत्तर: C. कालबेलिया

व्याख्या: गुलाबो सपेरा ने राजस्थान के 'कालबेलिया' (सपेरा नृत्य) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके इस योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से नवाजा गया था।

11

मोहिनीअट्टम नृत्य में प्रयुक्त होने वाले संगीत में मुख्य रूप से किस भाषा का प्रयोग किया जाता है, जो संस्कृत और मलयालम का मिश्रण है?

A.मणिप्रवलम (Manipravalam)
B.कन्नड़
C.तमिल
D.तेलुगु

उत्तर: A. मणिप्रवलम (Manipravalam)

व्याख्या: मोहिनीअट्टम के गीतों और भजनों में 'मणिप्रवलम' भाषा का प्रयोग किया जाता है। यह भाषा केरल की स्थानीय मलयालम और प्राचीन संस्कृत भाषा का एक अत्यंत सुंदर मिश्रण है।

12

पंजाब के 'भांगड़ा' और 'गिद्धा' के अलावा, 'झूमर' (Jhumar) लोक नृत्य किस विशेष अवसर पर पुरुषों द्वारा किया जाता है?

A.शादियों के दौरान विदाई के समय
B.फसल कटाई के मौसम में आनंद व्यक्त करने के लिए
C.बच्चे के जन्म पर
D.वर्षा ऋतु के स्वागत में

उत्तर: B. फसल कटाई के मौसम में आनंद व्यक्त करने के लिए

व्याख्या: झूमर पंजाब, बलुचिस्तान और सैंडल बार क्षेत्र का एक पारंपरिक लोक नृत्य है जो फसल कटाई के समय (वैसाखी के आसपास) पुरुषों द्वारा एक गोल घेरे में धीमी और लयबद्ध गति से किया जाता है।

13

भरतनाट्यम में 'अभिनय दर्पण' ग्रंथ के अनुसार, हाथों की विभिन्न मुद्राओं को क्या कहा जाता है?

A.हस्त मुद्रा या हस्त लक्षण (Hastas)
B.चारी
C.करण
D.मण्डल

उत्तर: A. हस्त मुद्रा या हस्त लक्षण (Hastas)

व्याख्या: नन्दितेश्वर कृत 'अभिनय दर्पण' के अनुसार, हाथों के हाव-भाव या मुद्राओं को 'हस्त' या 'मुद्रा' कहा जाता है। इन्हें दो भागों में बांटा जाता है: असंयुक्त हस्त (एक हाथ से) और संयुक्त हस्त (दोनों हाथों से)।

14

प्रसिद्ध नर्तक पंडित गोपाल प्रसाद दुबे को किस नृत्य शैली में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था?

A.पुरुलिया छऊ
B.सरायकेला छऊ
C.मयूरभंज छऊ
D.कर्मा नृत्य

उत्तर: B. सरायकेला छऊ

व्याख्या: पंडित गोपाल प्रसाद दुबे झारखंड/ओडिशा के प्रसिद्ध 'सरायकेला छऊ' नृत्य के एक महान गुरु और नर्तक थे। छऊ एक मुखौटा और युद्ध कला पर आधारित अर्ध-शास्त्रीय नृत्य है।

15

आंध्र प्रदेश के 'धीमसा' (Dhimsa) लोक नृत्य को मुख्य रूप से किस घाटी की जनजातियों द्वारा किया जाता है?

A.अराकू घाटी (Araku Valley)
B.कांगड़ा घाटी
C.साइलेंट वैली
D.कट्टक घाटी

उत्तर: A. अराकू घाटी (Araku Valley)

व्याख्या: धीमसा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले की 'अराकू घाटी' में रहने वाली पोरजा कबीले की जनजातीय महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक बेहद लोकप्रिय चेन-डांस है।

16

शास्त्रीय नृत्य 'मणिपुरी' में राधा और कृष्ण के प्रेम प्रसंगों पर आधारित नृत्य नाटक को क्या कहा जाता है?

A.संकीर्तन
B.रासलीला
C.थांग-ता
D.चोलोम

उत्तर: B. रासलीला

व्याख्या: मणिपुरी नृत्य की आत्मा 'रासलीला' है। इसमें मुख्य रूप से कृष्ण, राधा और गोपियों के दिव्य प्रेम और भक्ति को बहुत ही कोमल गतियों और गोल-गोल चक्करों के माध्यम से दिखाया जाता है।

17

'भगोरिया' उत्सव और नृत्य मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की किस बड़ी जनजाति द्वारा होली के त्योहार के दौरान मनाया जाता है?

A.गोंड जनजाति
B.भील जनजाति
C.बैगा जनजाति
D.सहरिया जनजाति

उत्तर: B. भील जनजाति

व्याख्या: भगोरिया मध्य प्रदेश के झाबुआ, धार और खरगोन जिलों में रहने वाली 'भील' जनजाति का एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक उत्सव और नृत्य है। यह होली से सात दिन पहले शुरू होता है और इसमें युवा अपने जीवनसाथी का चुनाव भी करते हैं।

18

कथकली नृत्य में 'कत्ती' (Katti) वेशभूषा और मेकअप निम्नलिखित में से किस प्रकार के चरित्र को दर्शाता है?

A.पूरी तरह से सात्विक और देवतुल्य पात्र
B.अहंकारी, पराक्रमी लेकिन दुष्ट या खलनायक पात्र (जैसे रावण)
C.ऋषि-मुनि और तपस्वी
D.केवल हास्य और विदूषक पात्र

उत्तर: B. अहंकारी, पराक्रमी लेकिन दुष्ट या खलनायक पात्र (जैसे रावण)

व्याख्या: कथकली में 'कत्ती' (चाकू जैसी आकृति) मेकअप उन पात्रों का होता है जो राजा या योद्धा तो हैं लेकिन उनमें राजसी अहंकार, दुष्टता या राक्षसी प्रवृत्ति होती है, जैसे रावण, कीचक या दुर्योधन।

19

कर्नाटक का 'डोलू कुनिथा' (Dollu Kunitha) नृत्य मुख्य रूप से किस देवता की पूजा और स्तुति से संबंधित है?

A.भगवान विष्णु
B.भगवान शिव (बीरेश्वर)
C.भगवान कार्तिकेय
D.देवी लक्ष्मी

उत्तर: B. भगवान शिव (बीरेश्वर)

व्याख्या: डोलू कुनिथा कर्नाटक का एक प्रमुख लोक नृत्य है जिसमें बड़े-बड़े ड्रमों (डोलू) का इस्तेमाल होता है। यह मुख्य रूप से चरवाहा समुदाय (कुरुबा समुदाय) द्वारा भगवान शिव के अवतार 'बीरेश्वर' की पूजा के रूप में किया जाता है।

20

प्रसिद्ध शास्त्रीय नर्तिका पद्मा सुब्रह्मण्यम निम्नलिखित में से किस नृत्य शैली की एक प्रख्यात शोधकर्ता और कलाकार हैं?

A.ओडिसी
B.कुचिपुड़ी
C.भरतनाट्यम
D.कथक

उत्तर: C. भरतनाट्यम

व्याख्या: डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम भरतनाट्यम की एक महान प्रतिपादक हैं। उन्होंने नाट्यशास्त्र के 'करणों' (108 शारीरिक मुद्राओं) पर गहरा शोध किया है और 'भरतनृत्यम' नामक एक नई शैली को भी विकसित किया है।

21

'चरी' (Chari) लोक नृत्य, जिसमें महिलाएँ अपने सिर पर जलते हुए कपास के बीजों वाले पीतल के बर्तन रखती हैं, किस राज्य की गूजर समुदाय की महिलाओं द्वारा किया जाता है?

A.गुजरात
B.पंजाब
C.हरियाणा
D.राजस्थान

उत्तर: D. राजस्थान

व्याख्या: चरी नृत्य राजस्थान के अजमेर और किशनगढ़ क्षेत्र के गुर्जर और सैनी समुदाय की महिलाओं का एक बहुत ही सुंदर लोक नृत्य है। इसमें सिर पर रखे बर्तन (चरी) के ऊपर आग की लपटें निकलती रहती हैं।

22

केरल के 'चाक्यार कूथु' (Chakyar Koothu) नृत्य-नाटक के संदर्भ में, कलाकार मुख्य रूप से मंच पर किस महाकाव्य की कहानियों को हास्य और व्यंग्य के साथ सुनाता है?

A.केवल स्थानीय राजाओं की जीवनियाँ
B.रामायण, महाभारत और पुराण
C.बाइबल की कहानियाँ
D.संगम काल की प्रेम कविताएँ

उत्तर: B. रामायण, महाभारत और पुराण

व्याख्या: चाक्यार कूथु केरल के मंदिरों में की जाने वाली एक प्राचीन कला है। इसमें 'चाक्यार' समुदाय का कलाकार रामायण और महाभारत की पौराणिक कथाओं को बहुत ही रोचक, हास्यप्रद और सामाजिक व्यंग्य के साथ दर्शकों के सामने पेश करता है।

23

भारत के किस उत्तर-पूर्वी राज्य में 'वांगला' (Wangala) उत्सव के दौरान 'सौ ड्रम नृत्य' (100 Drums Dance) किया जाता है?

A.मिजोरम
B.असम
C.मेघालय
D.नगालैंड

उत्तर: C. मेघालय

व्याख्या: वांगला उत्सव मेघालय की 'गारो' (Garo) जनजाति का सबसे महत्वपूर्ण फसल कटाई का त्योहार है। इसे '100 ड्रम का त्योहार' भी कहा जाता है, जहाँ पुरुष बड़े-बड़े ढोल बजाते हैं और महिलाएँ पंक्तिबद्ध होकर नृत्य करती हैं।

24

प्रसिद्ध मणिपुरी नर्तक गुरु अमूबी सिंह को किस वर्ष संगीत नाटक अकादमी का पहला फेलोशिप पुरस्कार मिला था, जिन्हें मणिपुरी के आधुनिकीकरण का श्रेय जाता है?

A.1956
B.1965
C.1972
D.1980

उत्तर: A. 1956

व्याख्या: गुरु अमूबी सिंह मणिपुरी नृत्य के एक महान प्रतिपादक और शिक्षक थे। उन्हें 1956 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया था, और उन्होंने इस नृत्य को पारंपरिक सनातनी घेरे से निकालकर आधुनिक रंगमंच तक पहुँचाया।

25

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में 'सहरा' या 'सैरा' (Saira) नृत्य मुख्य रूप से किस समय किया जाता है?

A.विवाह समारोहों के दौरान
B.वर्षा ऋतु में अच्छी फसल की कामना और कटाई के समय
C.केवल दीवाली की रात को
D.बच्चे के मुंडन संस्कार पर

उत्तर: B. वर्षा ऋतु में अच्छी फसल की कामना और कटाई के समय

व्याख्या: सैरा या सहरा नृत्य बुंदेलखंड के किसानों द्वारा वर्षा ऋतु में फसलों की बोआई और कटाई के समय किया जाता है। इसमें युवा लड़के-लड़कियाँ हाथों में छोटी-छोटी लाठियाँ लेकर गुजरात के डांडिया की तरह नृत्य करते हैं।

26

'कुचिपुड़ी' नृत्य शैली का नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के किस गाँव के नाम पर पड़ा है?

A.कुचेलपुरम (Kuchelapuram)
B.अमरावती
C.गुंटूर
D.नेल्लोर

उत्तर: A. कुचेलपुरम (Kuchelapuram)

व्याख्या: कुचिपुड़ी नृत्य का नाम आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गाँव 'कुचेलपुरम' या 'कुचिपुड़ी' के नाम पर पड़ा है। प्राचीन काल में यहाँ के ब्राह्मण समूह (भागवतारु) गाँवों में जाकर दशावतार और अन्य पौराणिक नाटक प्रस्तुत करते थे।

27

निम्नलिखित में से कौन कथक के 'बनारस घराने' की एक महान नृत्यांगना थीं, जिन्हें रवींद्रनाथ टैगोर ने 'कथक क्वीन' (Kathak Queen) की उपाधि दी थी?

A.सितारा देवी
B.दमयंती जोशी
C.रोहिणी भाटे
D.अलकनंदा देवी

उत्तर: A. सितारा देवी

व्याख्या: सितारा देवी कथक के बनारस घराने की एक अत्यंत ऊर्जावान और महान नृत्यांगना थीं। जब वे मात्र 16 वर्ष की थीं, तब उनके अद्भुत प्रदर्शन को देखकर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने उन्हें 'कथक क्वीन' कहकर पुकारा था।

28

हिमाचल प्रदेश का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य है जिसमें पुरुष रंग-बिरंगी वेशभूषा और बड़ी सी टोपी पहनकर हाथों में तलवार या डांगरा (कुल्हाड़ी) लेकर नृत्य करते हैं?

A.नाटी (Nati)
B.छम नृत्य
C.ठौडा या खश नृत्य (Thoda / Khash)
D.डांगी नृत्य

उत्तर: C. ठौडा या खश नृत्य (Thoda / Khash)

व्याख्या: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला क्षेत्र में 'ठौडा' या खश कबीले के नृत्य युद्ध कला और पौराणिक कथाओं से प्रेरित होते हैं, जहाँ पुरुष तलवारों या धनुष-बाण के कौशल का प्रदर्शन करते हुए झूमते हैं। (नाटी सामान्य उत्सव नृत्य है)।

29

ओडिसी नृत्य की शुरुआत हमेशा 'मंगलाचरण' से होती है, इसका क्या उद्देश्य होता है?

A.यह केवल दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए होता है।
B.इसमें नर्तक धरती माता, देवताओं और गुरु से आशीर्वाद मांगता है और क्षमा प्रार्थना करता है।
C.यह राजाओं की तारीफ में गाया जाने वाला गीत होता है।
D.यह पैरों की गति को सबसे तेज़ करने की एक तकनीक है।

उत्तर: B. इसमें नर्तक धरती माता, देवताओं और गुरु से आशीर्वाद मांगता है और क्षमा प्रार्थना करता है।

व्याख्या: ओडिसी नृत्य का पहला भाग 'मंगलाचरण' होता है। इसमें नर्तक रंगमंच पर प्रवेश करता है, भगवान (विशेषकर जगन्नाथ जी), गुरु और दर्शकों को प्रणाम करता है तथा पैर पटकने से पहले धरती माता से क्षमा मांगता है।

30

लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य है जिसमें केवल पुरुष भाग लेते हैं और वे लाठियों से प्रहार करते हुए 'कोलकाली' की तरह नृत्य करते हैं?

A.लावा नृत्य (Lava)
B.परिचाकली (Parichakali)
C.थिरावथिरकली
D.डांडी नृत्य

उत्तर: B. परिचाकली (Parichakali)

व्याख्या: परिचाकली लक्षद्वीप का एक बहुत ही लोकप्रिय लोक नृत्य है। 'परिचा' का अर्थ होता है ढाल और 'कली' का अर्थ खेल या नृत्य। इसमें पुरुष कलाकार नकली तलवार और ढाल लेकर युद्ध जैसी मुद्राओं में नृत्य करते हैं।

31

प्रसिद्ध भरतनाट्यम गुरु टी. बालासरस्वती को किस विशेष अभिनय कला में महारत हासिल थी, जिसके कारण उन्हें 'कन्वीनर ऑफ अभिनय' भी कहा जाता है?

A.केवल पैरों की गति (Footwork)
B.मुखाभिनय और पदम गायन के साथ भाव प्रदर्शन (Mime and Expressions)
C.हवा में ऊँची छलांग लगाना
D.भारी पोशाक पहनना

उत्तर: B. मुखाभिनय और पदम गायन के साथ भाव प्रदर्शन (Mime and Expressions)

व्याख्या: तंजावुर बालासरस्वती भरतनाट्यम की एक ऐतिहासिक नृत्यांगना थीं। उनका 'पदम' और मुखाभिनय इतना जीवंत होता था कि वे बिना हिले-डुले केवल चेहरे के भावों से पूरी कहानी बयां कर देती थीं।

32

गोवा का कौन सा लोक नृत्य 'शामल' और 'घुमट' जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर चरवाहा समुदाय द्वारा धनगर उत्सव के दौरान किया जाता है?

A.फुगड़ी (Fugdi)
B.देखनी (Dekhni)
C.धनगर नृत्य (Dhangar Dance)
D.कुनबी नृत्य

उत्तर: C. धनगर नृत्य (Dhangar Dance)

व्याख्या: धनगर नृत्य गोवा के चरवाहा (Dhangar) समुदाय द्वारा किया जाता है। वे नवरात्रि या फसल के समय भगवान बीरदेव की पूजा के लिए रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर, ढोल (घुमट) बजाते हुए यह नृत्य करते हैं।

33

मोहिनीअट्टम की प्रसिद्ध नृत्यांगना सुनंदा नायर ने किस विश्वविद्यालय से मोहिनीअट्टम में भारत की पहली पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री प्राप्त की थी?

A.केरल कलामंडलम
B.मुंबई विश्वविद्यालय
C.कल्याणी विश्वविद्यालय
D.बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

उत्तर: B. मुंबई विश्वविद्यालय

व्याख्या: डॉ. सुनंदा नायर ने कनक रेले के मार्गदर्शन में मुंबई विश्वविद्यालय से 'मोहिनीअट्टम की आंतरिक कड़ियों' पर शोध करके इस विषय में पीएचडी प्राप्त करने वाली भारत की पहली नृत्यांगना बनने का गौरव हासिल किया।

34

जम्मू और कश्मीर का कौन सा लोक नृत्य मुख्य रूप से 'रौफ' (Rouf) के अलावा, महिलाओं द्वारा वसंत ऋतु के आगमन और ईद के त्योहार पर आमने-सामने दो पंक्तियों में खड़े होकर किया जाता है?

A.हिकात (Hikat)
B.हफ़ीज़ा नृत्य (Hafiza)
C.शैंडो
D.कूद नृत्य

उत्तर: A. हिकात (Hikat)

व्याख्या: रौफ और हिकात दोनों जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के प्रसिद्ध नृत्य हैं। हिकात में लड़कियाँ या महिलाएँ एक-दूसरे का हाथ पकड़कर गोल घूमती हैं और खुशी का इजहार करती हैं, जबकि रौफ में दो पंक्तियाँ आमने-सामने खड़ी होकर बाहों में बाहें डालकर झूमती हैं।

35

'सत्रिया' नृत्य शैली में 'ओझापली' (Ojapali) परंपरा का क्या योगदान है?

A.यह केवल पुरुषों की एक कुश्ती विधा है।
B.यह असम की एक प्राचीन गायन और नृत्य विधा है, जिससे शंकरदेव ने सत्रिया के लिए गीत और अभिनय के तत्व लिए थे।
C.यह एक प्रकार का वाद्ययंत्र है।
D.यह असमिया शादियों में किया जाने वाला एक सामाजिक नृत्य है।

उत्तर: B. यह असम की एक प्राचीन गायन और नृत्य विधा है, जिससे शंकरदेव ने सत्रिया के लिए गीत और अभिनय के तत्व लिए थे।

व्याख्या: सत्रिया नृत्य के विकास में 'ओझापली' और 'देवदासी' नृत्यों का बहुत बड़ा योगदान है। ओझापली असम की एक पारंपरिक कथा-वाचन शैली है जिसमें मुख्य गायक (ओझा) गाना गाता है और सहायक (पाली) अभिनय और संवाद करते हैं।

36

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध कलाकार 'सोनल मानसिंह' किस जोड़ी के शास्त्रीय नृत्यों की एक प्रख्यात प्रतिपादक हैं?

A.कथक और भरतनाट्यम
B.भरतनाट्यम और ओडिसी
C.कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम
D.ओडिसी और कथकली

उत्तर: B. भरतनाट्यम और ओडिसी

व्याख्या: सोनल मानसिंह भारत की एक महान नृत्यांगना हैं जो भरतनाट्यम और ओडिसी दोनों विधाओं में समान रूप से पारंगत हैं। वे 2003 में पद्म विभूषण पाने वाली सबसे कम उम्र की महिला डांसर भी बनीं।

37

महाराष्ट्र के प्रसिद्ध 'लावणी' (Lavani) नृत्य के अंतर्गत 'ढोलकी के फड़' (Dholki chi Phad) परंपरा का क्या अर्थ है?

A.यह केवल पुरुषों द्वारा किया जाने वाला एक धार्मिक अनुष्ठान है।
B.यह एक थिएटर या तमाशा मंडली होती है जो घूम-घूम कर मंच पर लावणी और नाटक प्रस्तुत करती है।
C.यह लावणी में पहनी जाने वाली नौ गज़ की साड़ी का नाम है।
D.यह एक विशेष प्रकार की ढोलक की बनावट को कहते हैं।

उत्तर: B. यह एक थिएटर या तमाशा मंडली होती है जो घूम-घूम कर मंच पर लावणी और नाटक प्रस्तुत करती है।

व्याख्या: लावणी मुख्य रूप से 'तमाशा' लोक रंगमंच का हिस्सा है। 'ढोलकी के फड़' का मतलब उस पेशेवर थियेटर ग्रुप या मंडली से होता है जो गाँव-गाँव जाकर रात भर दर्शकों के मनोरंजन के लिए लावणी नृत्य और व्यंग्य नाटक प्रस्तुत करती है।

38

किस शास्त्रीय नृत्य में पैर की उंगलियों से फर्श पर रंगीन पाउडर (गुलाल) की मदद से सुंदर चित्र या आकृतियाँ (जैसे मोर या शेर) बनाने की एक कठिन परंपरा शामिल है?

A.भरतनाट्यम
B.कथक
C.कुचिपुड़ी (विशेष रूप से 'सिंहनन्दन' नृत्य)
D.ओडिसी

उत्तर: C. कुचिपुड़ी (विशेष रूप से 'सिंहनन्दन' नृत्य)

व्याख्या: कुचिपुड़ी के अंतर्गत 'सिंहनन्दन' (Simhanandana) एक अत्यंत कठिन और दुर्लभ विधा है। इसमें नर्तक नृत्य करते हुए, पैरों के अंगूठे और उंगलियों के बारीक संचालन से जमीन पर फैले रंगीन पाउडर पर शेर या किसी देवता का सुंदर चित्र उकेर देता है।

39

छत्तीसगढ़ का 'पंथी' (Panthi) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस समुदाय के लोगों द्वारा अपने गुरु घासीदास के भजनों पर किया जाता है?

A.गोंड समुदाय
B.सतनामी समुदाय (Satnami Community)
C.उरांव समुदाय
D.भील समुदाय

उत्तर: B. सतनामी समुदाय (Satnami Community)

व्याख्या: पंथी नृत्य छत्तीसगढ़ के सतनामी समुदाय का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऊर्जावान पारंपरिक नृत्य है। इसमें नर्तक बाबा घासीदास की स्तुति करते हुए जैतखाम (एक पवित्र स्तंभ) के चारों ओर मानव पिरामिड और कठिन कलाबाजियाँ दिखाते हैं।

40

कथक के 'जयपुर घराने' की सबसे बड़ी विशेषता क्या है जो इसे 'लखनऊ घराने' से अलग करती है?

A.इसमें केवल ठुमरी गायन और कोमल भावों पर ध्यान दिया जाता है।
B.इसमें अत्यधिक कठिन चक्कर, तीव्र फुटवर्क और वीर रस प्रधान 'लयकारी' व 'पखावज के बोलों' पर अधिक जोर दिया जाता है।
C.इसमें केवल महिलाएँ ही नृत्य कर सकती हैं।
D.इसमें सूफी संगीत का प्रयोग अनिवार्य होता है।

उत्तर: B. इसमें अत्यधिक कठिन चक्कर, तीव्र फुटवर्क और वीर रस प्रधान 'लयकारी' व 'पखावज के बोलों' पर अधिक जोर दिया जाता है।

व्याख्या: कथक का जयपुर घराना मुख्य रूप से अपनी तकनीकी शुद्धता, बेहद तेज़ गति के चक्कर, कठिन लयकारी और पखावज के भारी बोलों के लिए प्रसिद्ध है, जबकि लखनऊ घराना अपने नाजुक भावों (नजाकत) और ठुमरी अभिनय के लिए जाना जाता है।

41

गुजरात के प्रसिद्ध 'गरबा' नृत्य को यूनेस्को (UNESCO) की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में किस वर्ष शामिल किया गया है?

A.2018
B.2021
C.2023
D.2025

उत्तर: C. 2023

व्याख्या: गुजरात के पारंपरिक और भव्य 'गरबा' नृत्य को दिसंबर 2023 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया था। यह भारत की इस सूची में शामिल होने वाली 15वीं सांस्कृतिक धरोहर है।

42

प्रसिद्ध कत्थक नर्तक शोभना नारायण के गुरु निम्नलिखित में से कौन थे, जिनसे उन्होंने कत्थक की बारीकियाँ सीखीं?

A.पंडित बिरजू महाराज
B.राजा चक्रधर सिंह
C.पंडित लच्छू महाराज
D.पंडित शंभू महाराज

उत्तर: A. पंडित बिरजू महाराज

व्याख्या: शोभना नारायण भारत की एक अत्यंत प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना और भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा (IA&AS) की अधिकारी रही हैं। उन्होंने कत्थक की शिक्षा महान गुरु पंडित बिरजू महाराज से प्राप्त की थी।

43

कर्नाटक के 'यक्षगान' में 'प्रसंग' (Prasanga) शब्द का क्या अर्थ होता है?

A.नृत्य के दौरान पहना जाने वाला मुकुट
B.वह लिखित पाठ या नाटक की कहानी जिस पर पूरा यक्षगान आधारित होता है
C.मुख्य गायक का सहायक
D.नाटक के अंत में दी जाने वाली आरती

उत्तर: B. वह लिखित पाठ या नाटक की कहानी जिस पर पूरा यक्षगान आधारित होता है

व्याख्या: यक्षगान में 'प्रसंग' का अर्थ उस काव्यात्मक कहानी या नाटक की स्क्रिप्ट से होता है जिसे गाया और अभिनीत किया जाता है। जैसे 'कर्ण पर्व' या 'भीष्म विजय' आदि यक्षगान के प्रसिद्ध प्रसंग हैं।

44

झारखंड और पश्चिम बंगाल के 'छऊ' नृत्य में प्रयुक्त होने वाले विशाल और सुंदर मुखौटों (Masks) का निर्माण मुख्य रूप से किस स्थान पर किया जाता है?

A.चोइबासा (झारखंड)
B.चरईडाओ (असम)
C.चोकदाहा (पश्चिम बंगाल)
D.चरीडा (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)

उत्तर: D. चरीडा (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)

व्याख्या: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का 'चरीडा' (Charida) गाँव छऊ नृत्य के शानदार मुखौटों के निर्माण के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहाँ के स्थानीय कारीगर मिट्टी, कागज की लुगदी और कपड़ों की मदद से इन भारी मुखौटों को तैयार करते हैं।

45

भरतनाट्यम नृत्य शैली के संदर्भ में 'नट्टुवनार' (Nattuvanar) किसे कहा जाता है?

A.जो मंच पर मुख्य नर्तक होता है।
B.वह व्यक्ति जो कांसे की झांझ (Cymbals) बजाता है, बोल बोलता है और पूरे नृत्य प्रदर्शन का संचालन करता है।
C.मृदंगम बजाने वाले वादक को।
D.नृत्य की पोशाक डिजाइन करने वाले दर्जी को।

उत्तर: B. वह व्यक्ति जो कांसे की झांझ (Cymbals) बजाता है, बोल बोलता है और पूरे नृत्य प्रदर्शन का संचालन करता है।

व्याख्या: भरतनाट्यम की प्रस्तुति में 'नट्टुवनार' की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वह गायक और वादकों के साथ बैठकर झांझ बजाता है और 'शौल्लूकट्टू' (नृत्य के बोल) बोलकर डांसर की लय को नियंत्रित करता है।

46

केरल के 'थिय्याम' (Theyyam) नृत्य के बारे में कौन सा कथन सत्य है?

A.यह केवल एक मनोरंजन प्रधान आधुनिक नृत्य है।
B.यह एक प्राचीन सामाजिक-धार्मिक अनुष्ठानिक नृत्य है जिसमें नर्तक को स्वयं भगवान का रूप माना जाता है और वह ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करता है।
C.इसमें किसी भी प्रकार के भारी वेशभूषा या मेकअप की आवश्यकता नहीं होती।
D.यह केवल उच्च वर्ग के राजाओं के दरबार में किया जाता था।

उत्तर: B. यह एक प्राचीन सामाजिक-धार्मिक अनुष्ठानिक नृत्य है जिसमें नर्तक को स्वयं भगवान का रूप माना जाता है और वह ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करता है।

व्याख्या: थिय्याम उत्तरी केरल (मालाबार क्षेत्र) का एक भव्य अनुष्ठानिक नृत्य है। इसमें कलाकार को बेहद भारी मेकअप और कई फीट ऊंचे मुकुट पहनाए जाते हैं। माना जाता है कि नृत्य के दौरान नर्तक के शरीर में देवी या देवता प्रवेश करते हैं।

47

मणिपुर के 'संकीर्तन' (Sankirtana) के संदर्भ में — (1) इसे यूनेस्को द्वारा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया गया है। (2) इसमें केवल झांझ और पुंग (ढोल) बजाते हुए नृत्य और गायन किया जाता है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

A.केवल 1
B.केवल 2
C.1 और 2 दोनों
D.न तो 1 और न ही 2

उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या: मणिपुर का संकीर्तन नृत्य, गायन और ढोल वादन का एक पवित्र रूप है जो कृष्ण के जीवन को दर्शाता है। इसे 2013 में यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया था। इसमें 'पुंग चोलोम' (ढोल नृत्य) इसका एक मुख्य हिस्सा है।

48

प्रसिद्ध ओडिसी नर्तिका 'माधवी मुद्गल' को किस प्रसिद्ध कत्थक गुरु की पुत्री होने का गौरव प्राप्त है, जिन्होंने दिल्ली में 'गंधर्व महाविद्यालय' की स्थापना की थी?

A.पंडित विनय चंद्र मुद्गलिया
B.गुरु केलुचरण महापात्र
C.पंडित देव प्रसाद दास
D.पंडित पंकज चरण दास

उत्तर: A. पंडित विनय चंद्र मुद्गलिया

व्याख्या: माधवी मुद्गल भारत की एक प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना हैं। उनके पिता पंडित विनय चंद्र मुद्गल थे, जिन्होंने दिल्ली के प्रसिद्ध 'गंधर्व महाविद्यालय' की स्थापना की थी, जहाँ से भारत में शास्त्रीय संगीत और नृत्य का बहुत प्रचार-प्रसार हुआ।

49

आंध्र प्रदेश के किस पारंपरिक नृत्य को 'भागवत मेला नाटक' (Bhagavata Mela Natakam) के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें केवल भागवत पुराण की कहानियाँ दिखाई जाती हैं?

A.धीमसा
B.कुचिपुड़ी
C.कोलाट्टम
D.लम्बाडी

उत्तर: B. कुचिपुड़ी

व्याख्या: कुचिपुड़ी को ऐतिहासिक रूप से 'भागवत मेला नाटक' भी कहा जाता रहा है क्योंकि इसके मूल कलाकार वैष्णव संप्रदाय के ब्राह्मण थे जिन्हें 'भागवतारु' कहा जाता था और वे भगवान विष्णु के अवतारों की कहानियों का मंचन करते थे।

50

उत्तर प्रदेश का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य मुख्य रूप से होली के अवसर पर ब्रज क्षेत्र में महिलाओं द्वारा सिर पर 108 जलते हुए दीयों वाले लकड़ी के पिरामिड (चरखुला) को संतुलित करके किया जाता है?

A.रासलीला
B.चरकुला नृत्य (Charkula)
C.कजरी नृत्य
D.ख्याल नृत्य

उत्तर: B. चरकुला नृत्य (Charkula)

व्याख्या: चरकुला नृत्य ब्रज भूमि (मथुरा, वृंदावन) का एक बेहद कठिन और आकर्षक लोक नृत्य है। इसमें महिलाएँ होली या राधा अष्टमी पर सिर पर एक भारी लकड़ी का पहिया (चरकुला) रखती हैं, जिस पर 108 जलते हुए दीपक सजे होते हैं।

51

कथकली नृत्य की शिक्षा और संरक्षण के लिए 1930 में केरल में 'केरल कलामंडलम' (Kerala Kalamandalam) की स्थापना किसने की थी?

A.महाकवि वल्लथोल नारायण मेनन (Vallathol Narayana Menon)
B.राजा रवि वर्मा
C.कुंचन नंबियार
D.स्वाति थिरुनल

उत्तर: A. महाकवि वल्लथोल नारायण मेनन (Vallathol Narayana Menon)

व्याख्या: 20वीं सदी की शुरुआत में कथकली के गिरते स्तर को बचाने के लिए केरल के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी कवि वल्लथोल नारायण मेनन ने मनाकुलम मुकुंदा राजा के साथ मिलकर 'केरल कलामंडलम' की स्थापना की, जो आज विश्व प्रसिद्ध संस्थान है।

52

बिहार का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में महिलाओं द्वारा किया जाता है जिसमें वे मिट्टी के बर्तनों में छोटे दीये जलाकर अविवाहित लड़कियों द्वारा सुख-समृद्धि की कामना करती हैं?

A.जट-जटिन (Jat-Jatin)
B.झिझिया नृत्य (Jhijhiya)
C.बिदेसिया
D.कर्मा नृत्य

उत्तर: B. झिझिया नृत्य (Jhijhiya)

व्याख्या: झिझिया बिहार (विशेषकर मिथिलांचल) का एक बहुत ही प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह राजा चित्रसेन और उनकी रानी की कथाओं तथा इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। महिलाएँ सिर पर छिद्रित घड़े में दीपक रखकर नाचती हैं।

53

प्रसिद्ध शास्त्रीय नर्तक 'गुरु बिपिन सिंह' को मुख्य रूप से किस नृत्य शैली का 'पितामह' या आधुनिक मार्गदर्शक माना जाता है?

A.ओडिसी
B.सत्रिया
C.मणिपुरी
D.कथकली

उत्तर: C. मणिपुरी

व्याख्या: गुरु बिपिन सिंह मणिपुरी नृत्य के एक महान निर्देशक, शिक्षक और कोरियोग्राफर थे। उन्होंने मणिपुर के राजा के दरबार से इस नृत्य को बाहर निकाला और इसके शास्त्रीय स्वरूप को वैज्ञानिक तरीके से पूरी दुनिया के सामने पेश किया।

54

राजस्थान का 'घूमर' नृत्य किस राजपूत रानी या देवी की आराधना और सम्मान में पारंपरिक रूप से शुरू हुआ था?

A.देवी सरस्वती
B.देवी पार्वती (गौरी)
C.रानी पद्मिनी
D.देवी लक्ष्मी

उत्तर: B. देवी पार्वती (गौरी)

व्याख्या: घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है। इसकी शुरुआत मूल रूप से भील जनजाति द्वारा देवी सरस्वती की पूजा के लिए हुई थी, लेकिन बाद में राजपूत महिलाओं ने इसे अपनाया और यह मुख्य रूप से गणगौर उत्सव के दौरान 'देवी गौरी' (पार्वती) की आराधना का प्रतीक बन गया।

55

भरतनाट्यम की प्रसिद्ध 'पंडानल्लूर शैली' (Pandanallur Style) के जन्मदाता और महान गुरु निम्नलिखित में से कौन माने जाते हैं?

A.मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई (Meenakshi Sundaram Pillai)
B.ई. कृष्ण अय्यर
C.मुथुकुमार पिल्लई
D.वेम्पति चिन्ना सत्यम

उत्तर: A. मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई (Meenakshi Sundaram Pillai)

व्याख्या: भरतनाट्यम की कई शैलियाँ (बाणी) हैं जैसे तंजावुर, पंडानल्लूर और कलाक्षेत्र। 'पंडानल्लूर शैली' की स्थापना महान गुरु मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई ने की थी, जो अपनी ज्यामितीय शुद्धता और कठिन गतियों के लिए जानी जाती है।

56

निम्नलिखित में से कौन सा लोक नृत्य 'बांस नृत्य' (Bamboo Dance) के नाम से भी जाना जाता है जो मिजोरम में पुरुषों और महिलाओं द्वारा मिलकर किया जाता है?

A.चेराव नृत्य (Cheraw)
B.खुल्लम नृत्य
C.चाई नृत्य
D.सोलकिया नृत्य

उत्तर: A. चेराव नृत्य (Cheraw)

व्याख्या: चेराव नृत्य को मिजोरम का 'बांस नृत्य' भी कहा जाता है। इसमें जमीन पर बांस के डंडों को एक निश्चित ताल में आपस में टकराया जाता है और नर्तक बहुत ही सावधानी और फुर्ती से उन बांसों के बीच कदम रखते हैं।

57

मोहिनीअट्टम नृत्य के इतिहास में 'कल्याणिकुट्टी अम्मा' (Kalyanikutty Amma) का क्या योगदान है?

A.वे केरल की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं जिन्होंने इसे फंड दिया।
B.उन्हें 'मोहिनीअट्टम की माता' कहा जाता है क्योंकि उन्होंने इस नृत्य को एक व्यवस्थित और संस्थागत रूप दिया।
C.वे मोहिनीअट्टम की पहली पोशाक डिजाइनर थीं।
D.उन्होंने इस नृत्य को प्रतिबंधित करने की मांग की थी।

उत्तर: B. उन्हें 'मोहिनीअट्टम की माता' कहा जाता है क्योंकि उन्होंने इस नृत्य को एक व्यवस्थित और संस्थागत रूप दिया।

व्याख्या: कलामंडलम कल्याणिकुट्टी अम्मा को आधुनिक मोहिनीअट्टम का आधार स्तंभ माना जाता है। उन्होंने इस नृत्य को विलुप्त होने से बचाया, इसकी मुख्य विधाओं और व्याकरण को संहिताबद्ध किया और इसे वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया।

58

ओडिशा का 'बाघ नाच' (Bagh Nacha) या टाइगर डांस मुख्य रूप से किस हिंदू महीने में पुरुषों द्वारा अपने पूरे शरीर पर बाघ जैसी पेंटिंग करके किया जाता है?

A.कार्तिक महीना
B.चैत्र महीना (Thakurani Yatra के दौरान)
C.सावन महीना
D.माघ महीना

उत्तर: B. चैत्र महीना (Thakurani Yatra के दौरान)

व्याख्या: बाघ नाच ओडिशा के गंजम जिले का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है। इसमें पुरुष कलाकार अपने पूरे शरीर पर पीले और काले रंग से बाघ जैसी धारियाँ बनाते हैं और चैत्र के महीने में 'ठाकुरानी यात्रा' के त्योहार पर ढोल की थाप पर अद्भुत नृत्य करते हैं।

59

प्रसिद्ध कत्थक गुरु 'पंडित शंभू महाराज' कत्थक नृत्य में मुख्य रूप से किस विधा के प्रदर्शन के लिए पूरे देश में बेजोड़ माने जाते थे?

A.पैरों की सबसे तेज़ गति (Footwork)
B.ठुमरी के भाव और भाव-अभिनय (Thumri Abhinaya)
C.हवा में चक्कर काटना
D.जुगलबंदी के दौरान पखावज बजाना

उत्तर: B. ठुमरी के भाव और भाव-अभिनय (Thumri Abhinaya)

व्याख्या: पंडित शंभू महाराज (बिरजू महाराज के चाचा) लखनऊ घराने के एक महान कत्थक गुरु थे। वे कत्थक में गाए जाने वाले भजनों और 'ठुमरी' पर बैठकर चेहरे और आंखों से जो भाव दिखाते थे, उसका कोई मुकाबला नहीं था।

60

कर्नाटक का 'करगा' (Karaga) उत्सव और नृत्य मुख्य रूप से महाभारत के किस पात्र और शक्ति के सम्मान में मनाया जाता है?

A.देवी कुंती
B.द्रौपदी (देवी शक्ति के रूप में)
C.गांधारी
D.सुभद्रा

उत्तर: B. द्रौपदी (देवी शक्ति के रूप में)

व्याख्या: करगा कर्नाटक (विशेषकर बेंगलुरु) का सबसे पुराना और प्रसिद्ध लोक उत्सव नृत्य है। यह 'तिगला' समुदाय द्वारा मनाया जाता है। इसमें पुरुष कलाकार महिला के वस्त्र पहनकर सिर पर एक भारी पिरामिड नुमा ढांचा (करगा) संतुलित करते हैं, जो द्रौपदी (आदि शक्ति) का प्रतीक है।

61

संगीत नाटक अकादमी के अनुसार, भारत में कुल कितने शास्त्रीय नृत्य (Classical Dances) मान्य हैं, जबकि संस्कृति मंत्रालय नौ नृत्य मानता है?

A.6
B.7
C.8
D.10

उत्तर: C. 8

व्याख्या: संगीत नाटक अकादमी मुख्य रूप से 8 नृत्यों को शास्त्रीय दर्जा देती है (भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, सत्रिया)। संस्कृति मंत्रालय 'छऊ' को भी इसमें जोड़कर कुल 9 मानता है।

62

कत्थकली नृत्य की शुरुआत से ठीक पहले रंगमंच के पर्दे के पीछे से होने वाले विशेष ढोल वादन को क्या कहा जाता है?

A.तोडयम (Thodayam)
B.पुरप्पाडु
C.केलाट्टू
D.सात्विकम

उत्तर: A. तोडयम (Thodayam)

व्याख्या: कत्थकली प्रदर्शन की शुरुआत 'तोडयम' से होती है, जो पर्दे के पीछे किया जाने वाला एक मंगलाचरण नृत्य और वादन है ताकि मंच और कलाकारों को पवित्र किया जा सके।

63

गुजरात का प्रसिद्ध 'टिप्पणी' (Tippani) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस समुदाय की महिलाओं द्वारा फर्श को कूटने वाली लाठियों (टिप्पणी) के साथ किया जाता है?

A.भील समुदाय
B.कोली और खारवा समुदाय
C.पाटीदार समुदाय
D.राबड़ी समुदाय

उत्तर: B. कोली और खारवा समुदाय

व्याख्या: टिप्पणी नृत्य सौराष्ट्र (चोरवाड़) के तटीय क्षेत्र की कोली और खारवा महिलाओं द्वारा किया जाता है। निर्माण कार्य के दौरान चूने या मिट्टी के फर्श को समतल करने के लिए लकड़ी की टिप्पणी पटकने की प्रक्रिया से इस नृत्य का जन्म हुआ।

64

महान ओडिसी गुरु 'पंकज चरण दास' को ओडिसी नृत्य की किस परंपरा का आदि-गुरु या जनक माना जाता है?

A.गोटीपुआ परंपरा
B.महारी (Mahari) परंपरा
C.नट्टुवनार परंपरा
D.रासलीला परंपरा

उत्तर: B. महारी (Mahari) परंपरा

व्याख्या: गुरु पंकज चरण दास को ओडिसी नृत्य का आदि गुरु कहा जाता है। वे स्वयं 'महारी' (ओडिशा के मंदिरों की देवदासियों) के वंशज थे और उन्होंने महारी नृत्य शैली के आधार पर ही ओडिसी का परिमार्जन किया।

65

निम्नलिखित में से किसे 'कुचिपुड़ी' नृत्य का आधुनिक पिता माना जाता है, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में 'भामाकलापम' (Bhamakalapam) नामक प्रसिद्ध नृत्य-नाटक की रचना की थी?

A.सिद्धेंद्र योगी (Siddhendra Yogi)
B.वेम्पति चिन्ना सत्यम
C.वेदांतम लक्ष्मीनारायण
D.गुरु हरिप्रसाद

उत्तर: A. सिद्धेंद्र योगी (Siddhendra Yogi)

व्याख्या: सिद्धेंद्र योगी वैष्णव कवि और संत थे। उन्होंने कुचिपुड़ी को नया जीवन दिया और सत्यभामा व कृष्ण के प्रेम पर आधारित 'भामाकलापम' नाटक लिखा, जो आज भी कुचिपुड़ी का मुख्य आधार है।

66

पुदुचेरी का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य है जिसमें रामायण के 'राम-रावण युद्ध' और वानर सेना की जीत की कहानी को मुखौटों के साथ दिखाया जाता है?

A.गराडी (Garadi)
B.कलीअट्टम
C.कुम्भी
D.कावड़ी अट्टम

उत्तर: A. गराडी (Garadi)

व्याख्या: गराडी पुदुचेरी का सबसे लोकप्रिय लोक नृत्य है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान राम रावण को हराकर लौटे, तो वानर सेना ने खुशी में यह नृत्य किया था। इसमें नर्तक पैरों में लोहे के छल्ले (अंजलि) बांधते हैं।

67

शास्त्रीय नृत्य 'सत्रिया' के अंतर्गत 'माटी अखरा' (Mati Akhara) शब्द का क्या अर्थ है?

A.मिट्टी के बर्तन बनाने की कला
B.सत्रिया नृत्य के बुनियादी शारीरिक व्यायाम और 64 मौलिक मुद्राएँ
C.नाटक का मुख्य रंगमंच
D.गुरु द्वारा शिष्यों को दी जाने वाली दीक्षा

उत्तर: B. सत्रिया नृत्य के बुनियादी शारीरिक व्यायाम और 64 मौलिक मुद्राएँ

व्याख्या: माटी अखरा सत्रिया नृत्य का बुनियादी व्याकरण है। इसमें 64 प्रकार के व्यायाम और शारीरिक संचालन होते हैं, जिन्हें सीखे बिना कोई भी कलाकार सत्रिया नृत्य की मुख्य मुद्राओं को सिद्ध नहीं कर सकता।

68

कथक के 'रायगढ़ घराने' की स्थापना का श्रेय मध्य प्रदेश की किस रियासत के कला-प्रेमी राजा को जाता है?

A.राजा मानसिंह तोमर
B.राजा चक्रधर सिंह (Raja Chakradhar Singh)
C.राजा भोज
D.राजा वाजिद अली शाह

उत्तर: B. राजा चक्रधर सिंह (Raja Chakradhar Singh)

व्याख्या: छत्तीसगढ़/मध्य प्रदेश के रायगढ़ रियासत के राजा चक्रधर सिंह स्वयं एक महान कत्थक नर्तक और तबला वादक थे। उनके संरक्षण में कत्थक के 'रायगढ़ घराने' का विकास हुआ जो ताल और गणितीय लयकारी के लिए जाना जाता है।

69

केरल का 'तिरुवथिरकली' (Thiruvathirakali) नृत्य मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किस हिंदू महीने की तिरुवथिरा वेला के दौरान भगवान शिव की लंबी आयु के लिए किया जाता है?

A.धनु (दिसंबर-जनवरी) महीना
B.चिंगम महीना
C.कन्नी महीना
D.मेदाम महीना

उत्तर: A. धनु (दिसंबर-जनवरी) महीना

व्याख्या: तिरुवथिरकली (या कैकोट्टिकाली) केरल का एक पारंपरिक समूह नृत्य है। महिलाएँ सफ़ेद कसवु साड़ी पहनकर, बीच में एक दीप (निलावलक्कू) रखकर उसके चारों ओर ताली बजाते हुए वृत्त में नृत्य करती हैं।

70

भारत के किस प्रसिद्ध शास्त्रीय नर्तक को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'शेवेलियर डेस आर्ट्स एट डेस लेट्रेस' (Chevalier) से सम्मानित किया जा चुका है?

A.पंडित बिरजू महाराज
B.मल्लिका साराभाई
C.अलार्मेल वल्ली (Alarmel Valli)
D.सोनल मानसिंह

उत्तर: C. अलार्मेल वल्ली (Alarmel Valli)

व्याख्या: प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना अलार्मेल वल्ली को उनकी कलात्मक उत्कृष्टता के लिए फ्रांसीसी सरकार द्वारा 'शेवेलियर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे भरतनाट्यम की पंडानाल्लूर शैली के लिए जानी जाती हैं।

71

राजस्थान का 'तेरहताली' (Teratali) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस लोक देवता की आराधना में कामड़ जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है?

A.पाबूजी
B.रामदेवजी (Baba Ramdevji)
C.तेजाजी
D.गोगाजी

उत्तर: B. रामदेवजी (Baba Ramdevji)

व्याख्या: तेरहताली नृत्य में महिलाएँ अपने शरीर पर 13 अलग-अलग स्थानों पर मंजीरे बांधती हैं और बैठकर हाथों के झटकों से उन्हें बजाती हैं। यह बाबा रामदेवजी की स्तुति में किया जाने वाला एक प्रसिद्ध धार्मिक लोक नृत्य है।

72

'मणिपुरी' नृत्य शैली के अंतर्गत 'पुंग चोलोम' (Pung Cholom) में 'पुंग' शब्द किस वाद्ययंत्र को दर्शाता है?

A.बांस की बांसुरी
B.हाथ से बजाया जाने वाला मिट्टी या लकड़ी का लंबा ढोल (Drum)
C.पीतल की बड़ी झांझ
D.शंख

उत्तर: B. हाथ से बजाया जाने वाला मिट्टी या लकड़ी का लंबा ढोल (Drum)

व्याख्या: 'पुंग' मणिपुरी संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र ढोल (Mridanga का रूप) है। पुंग चोलोम नृत्य में कलाकार इस ढोल को गले में लटकाकर बहुत तेज़ गति से कलाबाज़ी खाते हुए बजाते और नाचते हैं।

73

भरतनाट्यम में 'जातिस्वरम' (Jatiswaram) प्रस्तुति की क्या विशेषता होती है?

A.यह पूरी तरह से एक शुद्ध नृत्य (Nritta) है जिसमें कोई भाव या कहानी नहीं होती, केवल स्वर और जटिल फुटवर्क होता है।
B.इसमें केवल देवी-देवताओं के भजनों पर अभिनय किया जाता है।
C.यह नृत्य का सबसे अंतिम और धीमा भाग होता है।
D.इसमें केवल पुरुष कलाकार ही भाग ले सकते हैं।

उत्तर: A. यह पूरी तरह से एक शुद्ध नृत्य (Nritta) है जिसमें कोई भाव या कहानी नहीं होती, केवल स्वर और जटिल फुटवर्क होता है।

व्याख्या: जातिस्वरम भरतनाट्यम का दूसरा चरण है। यह 'नृत्त' (शुद्ध नृत्य) के अंतर्गत आता है, जिसमें कलाकार कर्नाटक संगीत के राग और 'सोलकट्टू' (ताल के बोलों) पर बिना किसी नाटकीय अभिनय के शुद्ध शारीरिक कौशल दिखाता है।

74

हरियाणा का कौन सा लोक नृत्य पुरुषों द्वारा चांदनी रात में खुले खेतों में किया जाता है, जिसकी जड़ें महाभारत काल से जुड़ी मानी जाती हैं?

A.लूर नृत्य
B.धमाल नृत्य (Dhamal)
C.फाग नृत्य
D.गूगा नृत्य

उत्तर: B. धमाल नृत्य (Dhamal)

व्याख्या: धमाल नृत्य हरियाणा का एक अत्यंत पुराना और पारंपरिक लोक नृत्य है। यह मुख्य रूप से महेंद्रगढ़ और झज्जर के क्षेत्रों में पुरुषों द्वारा फसल पकने की खुशी में चांदनी रात में ढोल और ताशों की थाप पर किया जाता है।

75

प्रसिद्ध मोहिनीअट्टम कलाकार 'नीना प्रसाद' ने इस शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने के लिए तिरुवनंतपुरम में किस प्रसिद्ध अकादमी की स्थापना की है?

A.सौगंधिका सेंटर फॉर थियेटर एंड डांस (Sougandhika)
B.कलाक्षेत्र
C.नालंदा अनुसंधान केंद्र
D.दर्पण कल्याणी

उत्तर: A. सौगंधिका सेंटर फॉर थियेटर एंड डांस (Sougandhika)

व्याख्या: डॉ. नीना प्रसाद मोहिनीअट्टम की एक अग्रणी प्रतिपादक हैं। उन्होंने केरल में 'सौगंधिका' संस्थान की स्थापना की, जो युवा नर्तकियों को मोहिनीअट्टम की पारंपरिक और आधुनिक शैलियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता है।

76

पश्चिम बंगाल और झारखंड में किया जाने वाला 'करम' या 'कर्मा' (Karma) नृत्य किस वृक्ष की पूजा और कृषि उत्सव से जुड़ा हुआ है?

A.बरगद का पेड़
B.कर्म (Karam) का पेड़
C.आम का पेड़
D.पीपल का पेड़

उत्तर: B. कर्म (Karam) का पेड़

व्याख्या: कर्मा नृत्य छोटानागपुर पठार की जनजातियों (जैसे उरांव, मुंडा, संताल) द्वारा किया जाता है। भाद्रपद महीने में कर्मा एकादशी के दिन 'करम' वृक्ष की एक शाखा को लाकर आंगन में रोपा जाता है और रात भर उसके चारों ओर नृत्य किया जाता है।

77

कत्थकली में 'मीनूकु' (Minukku) मेकअप वर्ग के अंतर्गत किस प्रकार के पात्रों को रखा जाता है, जिनका चेहरा हल्के पीले-नारंगी रंग का होता है?

A.क्रूर और हिंसक राक्षस
B.वीर और प्रतापी राजा
C.महिला पात्र (जैसे सीता, द्रौपदी) और संत-महात्मा
D.केवल वनवासी और शिकारी

उत्तर: C. महिला पात्र (जैसे सीता, द्रौपदी) और संत-महात्मा

व्याख्या: 'मीनूकु' का अर्थ होता है चमकाना या सौम्य रूप देना। कत्थकली में महिलाओं, अप्सराओं, ऋषियों और ब्राह्मणों के लिए मीनूकु मेकअप का उपयोग किया जाता है। इसमें चेहरे पर कोई भारी मुखौटा या हरा रंग नहीं होता, बल्कि सादगी और दिव्यता दिखाई जाती है।

78

आंध्र प्रदेश का 'लम्बाडी' (Lambadi) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस बंजारा जनजाति की महिलाओं द्वारा अनाज पीसने और कटाई के दृश्यों को दर्शाने के लिए किया जाता है?

A.सुगाली या लम्बाडा जनजाति (Sugali)
B.चेंचु जनजाति
C.यरुकाला जनजाति
D.पोरजा जनजाति

उत्तर: A. सुगाली या लम्बाडा जनजाति (Sugali)

व्याख्या: लम्बाडी नृत्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सुगाली या लम्बाडा बंजारा जनजाति का एक पारंपरिक नृत्य है। महिलाएँ हाथीदांत या प्लास्टिक की चूड़ियाँ और कांच के टुकड़ों से सजी भारी पोशाकें पहनकर लयबद्ध गतियों से यह नृत्य करती हैं।

79

प्रसिद्ध ओडिसी नर्तक 'गुरु देवप्रसाद दास' द्वारा स्थापित ओडिसी की शैली को किस नाम से जाना जाता है जो अपनी जनजातीय और लोक तत्वों के मिश्रण के लिए प्रसिद्ध है?

A.देवप्रसाद घराना/शैली (Deva Prasad Style)
B.केलुचरण बाणी
C.महारी बाणी
D.संकीर्तन बाणी

उत्तर: A. देवप्रसाद घराना/शैली (Deva Prasad Style)

व्याख्या: ओडिसी नृत्य में गुरु देवप्रसाद दास की एक विशिष्ट शैली है। उन्होंने ओडिसी के शास्त्रीय रूप में ओडिशा के पारंपरिक लोक नृत्यों और 'छऊ' के युद्ध कला तत्वों को समाहित किया, जिसे देवप्रसाद दास बाणी कहा जाता है।

80

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी क्षेत्र का कौन सा लोक नृत्य/गीत वर्षा ऋतु के दौरान सावन के महीने में मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा झूला झूलते समय गाया और नाचा जाता है?

A.कजरी (Kajri)
B.रसिया
C.चैती
D.लंगुरिया

उत्तर: A. कजरी (Kajri)

व्याख्या: कजरी उत्तर प्रदेश का एक बेहद लोकप्रिय लोक नृत्य और गायन विधा है। यह सावन के महीने में बादलों के घिरने और वर्षा ऋतु के आगमन पर विरह और मिलन के भावों को व्यक्त करने के लिए महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।

81

तमिलनाडु का 'सथिर अट्टम' (Sadhir Attam) ऐतिहासिक रूप से किस आधुनिक शास्त्रीय नृत्य का प्राचीन नाम है?

A.कथकली
B.कुचिपुड़ी
C.मोहिनीअट्टम
D.भरतनाट्यम

उत्तर: D. भरतनाट्यम

व्याख्या: भरतनाट्यम को प्राचीन काल में 'साधिर' या 'दासी अट्टम' कहा जाता था क्योंकि इसे तंजावुर के शाही दरबारों और मंदिरों में देवदासियों द्वारा किया जाता था। 20वीं सदी में इसका नाम बदलकर भरतनाट्यम रखा गया।

82

कर्नाटक का कौन सा वीर-रस प्रधान लोक नृत्य मुख्य रूप से 'शैव संप्रदाय' के पुरुषों द्वारा हाथ में तलवार और ढाल लेकर, 'वीरभद्र' (शिव के अवतार) की कहानी को दर्शाने के लिए किया जाता है?

A.वीरगासे (Veeragase)
B.डोलू कुनिथा
C.पूजा कुनिथा
D.कामसाले

उत्तर: A. वीरगासे (Veeragase)

व्याख्या: वीरगासे कर्नाटक का एक अत्यंत ऊर्जावान लोक नृत्य है। यह हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार दक्ष प्रजापति के यज्ञ को नष्ट करने वाले भगवान शिव के रौद्र रूप 'वीरभद्र' के पराक्रम पर आधारित है। इसे मुख्य रूप से श्रावण और कार्तिक महीनों में किया जाता है।

83

असम के 'सत्रिया' नृत्य के मुख्य प्रमोटर श्रीमंत शंकरदेव ने इस नृत्य के नाटकों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष धार्मिक मंचों या मठों का निर्माण किया था, जिन्हें क्या कहा जाता है?

A.नामघर या सत्र (Sattras / Namghar)
B.देवस्थानम
C.कुथम्बलम
D.मंडपम

उत्तर: A. नामघर या सत्र (Sattras / Namghar)

व्याख्या: असम में वैष्णव संस्कृति के केंद्रों को 'सत्र' (Sattras) और उनके प्रार्थना हॉल को 'नामघर' कहा जाता है। इन्हीं सत्रों के भीतर भिक्षुओं (भकोतों) द्वारा पाँच सौ वर्षों से अधिक समय तक सत्रिया नृत्य की परंपरा को जीवित रखा गया।

84

पद्म श्री से सम्मानित प्रख्यात कथक नर्तिका 'रानी कर्ण' का संबंध मुख्य रूप से कत्थक के किस घराने से था, जिन्होंने इस नृत्य को पूर्वी भारत में लोकप्रिय बनाया?

A.जयपुर घराना
B.लखनऊ घराना
C.रायगढ़ घराना
D.बनारस घराना

उत्तर: A. जयपुर घराना

व्याख्या: रानी कर्ण कत्थक की एक महान कलाकार थीं जिन्होंने जयपुर और लखनऊ दोनों घरानों की शिक्षा ली थी, लेकिन कत्थक की तकनीकी शुद्धता के लिए वे जयपुर घराने के सिद्धांतों का अधिक पालन करती थीं। उन्होंने कोलकाता में नृत्य को काफी बढ़ावा दिया।

85

गोवा का प्रसिद्ध 'फुगड़ी' (Fugdi) नृत्य मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किस हिंदू त्योहार के दौरान कोंकण क्षेत्र में गति और सांस की विशेष तकनीक (कट्टू) के साथ किया जाता है?

A.दीवाली
B.गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)
C.होली (शिग्मो)
D.रक्षा बंधन

उत्तर: B. गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)

व्याख्या: फुगड़ी गोवा और महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र का एक बहुत ही लोकप्रिय लोक नृत्य है। गणेश चतुर्थी और व्रत के दिनों में महिलाएँ एक-दूसरे का हाथ पकड़कर, क्रॉस पोजीशन में बैठकर और खड़े होकर बेहद तेज़ गति से गोल घूमती हैं और मुंह से 'फू-फू' की आवाज निकालती हैं।

86

कुचिपुड़ी नृत्य में 'मंडूक शब्दम' (Manduka Shabdam) प्रस्तुति के दौरान कलाकार मुख्य रूप से किस जीव की कहानी और गतियों का अभिनय करता है?

A.एक सुंदर मोर की कहानी
B.एक तालाब में रहने वाले मेंढक (Frog) की कहानी
C.जंगल के एक हाथी की चाल
D.उड़ती हुई चिड़िया का दृश्य

उत्तर: B. एक तालाब में रहने वाले मेंढक (Frog) की कहानी

व्याख्या: 'मंडूक' का संस्कृत में अर्थ मेंढक होता है। मंडूक शब्दम कुचिपुड़ी की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक प्रस्तुति है, जिसमें नर्तक संगीत की थाप पर मेंढक की कूदने और तैरने की गतियों का बहुत ही सुंदर और हास्यप्रद अभिनय करता है।

87

जम्मू और कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में केवल पुरुषों द्वारा किया जाने वाला 'कूद' (Kud) नृत्य मुख्य रूप से किस उद्देश्य से आयोजित किया जाता है?

A.स्थानीय देवताओं (ग्राम देवताओं) को अच्छी फसल के लिए धन्यवाद देने के लिए
B.शादियों में दूल्हे के स्वागत के लिए
C.केवल सर्दियों में बर्फबारी का जश्न मनाने के लिए
D.राजा के शिकार से लौटने की खुशी में

उत्तर: A. स्थानीय देवताओं (ग्राम देवताओं) को अच्छी फसल के लिए धन्यवाद देने के लिए

व्याख्या: कूद नृत्य जम्मू के पहाड़ी इलाकों (जैसे उधमपुर, डोडा) का एक पारंपरिक लोक नृत्य है। फसल की कटाई के बाद ग्रामीण पूरी रात मक्की के खेतों के पास आग जलाकर स्थानीय 'लोक देवताओं' (ग्राम देवताओं) की स्तुति में बांसुरी और नरसिंघे की धुन पर यह नृत्य करते हैं।

88

मणिपुरी नृत्य की प्रसिद्ध 'रासलीला' के मुख्य रूप से चार प्रकार होते हैं। निम्नलिखित में से कौन सा प्रकार शरद ऋतु की पूर्णिमा के दिन केवल राधा और कृष्ण पर केंद्रित होता है?

A.वसंत रास
B.कुंज रास
C.महा रास (Maha Ras)
D.नित्य रास

उत्तर: C. महा रास (Maha Ras)

व्याख्या: मणिपुरी रासलीला के मुख्य प्रकार महारास, वसंतरास, कुंजरास और नित्यरास हैं। इनमें 'महारास' कार्तिक महीने (शरद ऋतु) की पूर्णिमा को किया जाता है, जिसमें कृष्ण का राधा और गोपियों के साथ दिव्य महा-नृत्य दिखाया जाता है।

89

प्रसिद्ध भरतनाट्यम और ओडिसी नर्तिका 'इलियाना सिटारिस्टी' (Iliana Citaristi) मूल रूप से किस देश की निवासी हैं, जिन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया है?

A.फ्रांस
B.इटली (Italy)
C.जर्मनी
D.संयुक्त राज्य अमेरिका

उत्तर: B. इटली (Italy)

व्याख्या: इलियाना सिटारिस्टी मूल रूप से इटली की रहने वाली हैं। वे ओडिशा आईं और गुरु केलुचरण महापात्र से ओडिसी तथा गुरु हरि नायक से मयूरभंज छऊ नृत्य सीखा। उन्हें कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री और सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिल चुका है।

90

मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र का कौन सा लोक नृत्य मुख्य रूप से ढोल की एक विशेष थाप पर केवल अकेली महिला द्वारा शुरू किया जाता है, जिसे बाद में अन्य महिलाएँ ज्वाइन करती हैं?

A.मटकी नृत्य (Matki Dance)
B.जवारा नृत्य
C.ग्रिडा नृत्य
D.कर्मा नृत्य

उत्तर: A. मटकी नृत्य (Matki Dance)

व्याख्या: मटकी नृत्य मालवा का एक बहुत ही प्रसिद्ध एकल लोक नृत्य है। विवाह या विशेष उत्सवों पर महिलाएँ अपने सिर पर पानी का घड़ा (मटकी) संतुलित करते हुए ढोल की 'मटकी थाप' पर बेहद सुंदर ढंग से अपनी उंगलियों और पैरों का संचालन करती हैं।

91

केरल के 'मोहिनीअट्टम' नृत्य में प्रयुक्त होने वाली मुख्य पोशाक 'कसवु' (Kasavu) साड़ी की क्या पहचान होती है?

A.यह गहरे लाल रंग की रेशमी साड़ी होती है।
B.यह सफ़ेद या ऑफ-व्हाइट सूती/रेशमी साड़ी होती है जिसके किनारों पर सुनहरी जरी का बॉर्डर (Golden Border) होता है।
C.यह बहुरंगी (Multi-colored) कसीदाकारी वाली पोशाक होती है।
D.इसमें केवल काले रंग का उपयोग किया जाता है।

उत्तर: B. यह सफ़ेद या ऑफ-व्हाइट सूती/रेशमी साड़ी होती है जिसके किनारों पर सुनहरी जरी का बॉर्डर (Golden Border) होता है।

व्याख्या: कसवु साड़ी केरल की पारंपरिक वेशभूषा है। मोहिनीअट्टम में नर्तक इसी सफ़ेद या मलाईदार रंग की साड़ी को पहनते हैं जिसके किनारों पर शुद्ध सोने के तारों (जरी) का सुंदर काम होता है, जो केरल की सादगी और भव्यता को दर्शाता है।

92

लद्दाख क्षेत्र का कौन सा प्रसिद्ध नृत्य 'शाही नृत्य' (Royal Dance) के रूप में जाना जाता है, जिसे पहले केवल लद्दाख के राजा के सम्मान में किया जाता था?

A.शोंडोल नृत्य (Shondol Dance)
B.जाब्रो नृत्य
C.छम नृत्य
D.स्पॉव नृत्य

उत्तर: A. शोंडोल नृत्य (Shondol Dance)

व्याख्या: शोंडोल नृत्य लद्दाख का एक प्रसिद्ध शाही नृत्य है। यह लद्दाख के राजा के लिए विशेष अवसरों पर कलाकारों द्वारा पारंपरिक लद्दाखी वेशभूषा और भारी आभूषणों (जैसे पेराक) को पहनकर बहुत ही धीमी और गरिमामयी गति से किया जाता था। इसने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज कराया है।

93

प्रसिद्ध कत्थक कलाकार 'पंडित लच्छू महाराज' का संबंध कत्थक के किस घराने से था और उन्होंने भारतीय सिनेमा (जैसे मुग़ल-ए-आज़म) में कोरियोग्राफी भी की थी?

A.बनारस घराना
B.लखनऊ घराना (Lucknow Gharana)
C.जयपुर घराना
D.रायगढ़ घराना

उत्तर: B. लखनऊ घराना (Lucknow Gharana)

व्याख्या: पंडित लच्छू महाराज (बिंदादीन महाराज के प्रपौत्र) लखनऊ कत्थक घराने के एक अत्यंत प्रतिभाशाली गुरु थे। उन्होंने 'मुग़ल-ए-आज़म' और 'पाकीज़ा' जैसी कालजयी फिल्मों के गानों में कत्थक की शुद्ध और सुंदर कोरियोग्राफी की थी।

94

गुजरात का प्रसिद्ध 'डांडिया रास' मुख्य रूप से किस त्योहार के दौरान खेला जाता है और यह देवी दुर्गा और किस राक्षस के बीच हुए युद्ध का प्रतीकात्मक रूप माना जाता है?

A.दीवाली - रावण युद्ध
B.नवरात्रि - महिषासुर युद्ध (Mahishasur)
C.होली - कंसर वध
D.मकर संक्रांति - त्रिपुरासुर वध

उत्तर: B. नवरात्रि - महिषासुर युद्ध (Mahishasur)

व्याख्या: डांडिया रास नवरात्रि के उत्सव का एक मुख्य हिस्सा है। इसमें प्रयुक्त होने वाली रंग-बिरंगी लकड़ियाँ (डांडिया) वास्तव में देवी दुर्गा की तलवारों का प्रतीक मानी जाती हैं, और यह नृत्य देवी दुर्गा तथा महिषासुर राक्षस के बीच हुए महायुद्ध के दृश्यों को लयबद्ध गति में दर्शाता है।

95

भरतनाट्यम नृत्य के अंतर्गत 'पदम' (Padam) प्रस्तुति में मुख्य रूप से किस प्रकार के भावों और गीतों को प्राथमिकता दी जाती है?

A.राजाओं की युद्ध गाथाएँ और तेज़ फुटवर्क
B.भगवान के प्रति श्रृंगार और भक्ति रस (Devotional & Erotic Love) पर आधारित धीमे गीत
C.केवल वाद्ययंत्रों की तेज़ जुगलबंदी
D.बिना किसी संगीत के मौन अभिनय

उत्तर: B. भगवान के प्रति श्रृंगार और भक्ति रस (Devotional & Erotic Love) पर आधारित धीमे गीत

व्याख्या: पदम भरतनाट्यम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भावनात्मक हिस्सा है। इसमें कर्नाटक संगीत के धीमे और मधुर भजनों (जैसे क्षेत्रय्या के पदम) पर नर्तिका नायक-नायिका के भावों के माध्यम से जीवात्मा और परमात्मा के बीच के आध्यात्मिक प्रेम और भक्ति (श्रृंगार रस) को प्रदर्शित करती है।

96

हिमाचल प्रदेश का कौन सा सबसे लोकप्रिय सामूहिक लोक नृत्य है जिसे 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में सबसे बड़े लोक नृत्य के रूप में दर्ज किया गया है?

A.नाटी नृत्य (Nati)
B.डांगी नृत्य
C.झांझर नृत्य
D.छम नृत्य

उत्तर: A. नाटी नृत्य (Nati)

व्याख्या: 'नाटी' कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों का मुख्य लोक नृत्य है। कुल्लू दशहरे के दौरान हजारों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में एक साथ नाटी नृत्य करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। यह नृत्य बेहद शांत और धीमी गति से आगे बढ़ता है।

97

किस शास्त्रीय नृत्य में मंच पर प्रकाश की व्यवस्था के लिए पारंपरिक रूप से केवल एक बड़े पीतल के दीये 'निलावलक्कू' (Nilavilakku) का ही प्रयोग किया जाता था, जो पूरी रात जलता रहता था?

A.कथकली (Kathakali)
B.कथक
C.कुचिपुड़ी
D.ओडिसी

उत्तर: A. कथकली (Kathakali)

व्याख्या: कत्थकली पारंपरिक रूप से केरल के मंदिरों के आंगनों में पूरी रात खुला मंच बनाकर की जाती थी। बिजली के आविष्कार से पहले, मंच के केंद्र में एक विशाल पीतल का तेल का दीया (निलावलक्कू) रखा जाता था, जिसकी पीली रोशनी में कलाकारों के चेहरे के भारी मेकअप और नवरसों के भाव अद्भुत और अलौकिक दिखाई देते थे।

98

त्रिपुरा के 'बिहू' की तरह ही, वहाँ के जनजातीय लोगों द्वारा चैत्र संक्रांति के अवसर पर नए साल के स्वागत में कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य किया जाता है?

A.गरिया नृत्य (Garia Dance)
B.होजागिरि नृत्य
C.बीजू नृत्य
D.चेराव नृत्य

उत्तर: A. गरिया नृत्य (Garia Dance)

व्याख्या: गरिया नृत्य त्रिपुरा की त्रिपुरी और जमातिया जनजातियों द्वारा 'गरिया पूजा' उत्सव के दौरान किया जाता है। यह फसल की अच्छी उपज और धन-धान्य की कामना के लिए नए साल (वैसाख के आगमन) पर किया जाने वाला एक पवित्र लोक नृत्य है।

99

ओडिसी नृत्य के अंतर्गत 'पल्लवी' (Pallavi) प्रस्तुति का क्या अर्थ है और इसकी मुख्य विशेषता क्या होती है?

A.यह केवल भगवान जगन्नाथ की आरती का नाम है।
B.इसमें संगीत के राग और ताल के अक्षरों के साथ नृत्य की मुद्राएँ धीरे-धीरे एक कली के खिलने की तरह विकसित और जटिल होती जाती हैं (Elaboration)।
C.इसमें केवल पुरुषों द्वारा तलवार बाज़ी दिखाई जाती है।
D.यह नृत्य प्रस्तुति का सबसे पहला और धीमा भाग होता है।

उत्तर: B. इसमें संगीत के राग और ताल के अक्षरों के साथ नृत्य की मुद्राएँ धीरे-धीरे एक कली के खिलने की तरह विकसित और जटिल होती जाती हैं (Elaboration)।

व्याख्या: 'पल्लवी' का शाब्दिक अर्थ है कली का खिलना या पत्तों का विस्तार। ओडिसी नृत्य के इस भाग में संगीत के सुरों के साथ नर्तक के अंगों का संचालन बहुत ही धीमे से शुरू होकर धीरे-धीरे बहुत जटिल और तीव्र गति में बदल जाता है, जो देखने में बेहद सुंदर लगता है।

100

मिजोरम का कौन सा पारंपरिक लोक नृत्य मुख्य रूप से राजा या शिकारियों द्वारा किसी बड़े शिकार (जैसे शेर या दुश्मन पर विजय) के बाद खुशी मनाने के लिए किया जाता था?

A.खुल्लम नृत्य
B.सोलकिया या सरलामकाई नृत्य (Sarlamkai / Solakia)
C.चेराव नृत्य
D.चाई नृत्य

उत्तर: B. सोलकिया या सरलामकाई नृत्य (Sarlamkai / Solakia)

व्याख्या: सोलकिया और सरलामकाई मिजोरम के योद्धाओं और जनजातियों के पारंपरिक युद्ध-विजय नृत्य हैं। जब कोई शिकारी बड़ा शिकार करके लौटता था या कबीला युद्ध जीतता था, तब पूरे गाँव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ विजय का जश्न मनाने के लिए यह वीर रस प्रधान नृत्य करते थे।

101

प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्यांगना 'यामिनी कृष्णमूर्ति' को भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित में से कौन से तीन सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए जा चुके हैं?

A.पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण (Padma Shri, Bhushan, Vibhushan)
B.केवल पद्म श्री और भारत रत्न
C.केवल पद्म भूषण और दादा साहब फाल्के
D.पद्म विभूषण और तानसेन सम्मान

उत्तर: A. पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण (Padma Shri, Bhushan, Vibhushan)

व्याख्या: यामिनी कृष्णमूर्ति भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी दोनों शास्त्रीय नृत्यों की एक महान स्तंभ रही हैं। कला जगत में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा तीनों पद्म पुरस्कारों (पद्म श्री 1968, पद्म भूषण 2001, पद्म विभूषण 2016) से सम्मानित किया गया था।

102

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में 'ख्याल' (Khayal) नृत्य मुख्य रूप से किस विशेष पारिवारिक अवसर पर किया जाता है?

A.शादियों के दौरान बारात विदाई पर
B.पुत्र रत्न के जन्म (Birth of a Son) पर खुशी व्यक्त करने के लिए
C.बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु के शोक में
D.सावन के पहले दिन

उत्तर: B. पुत्र रत्न के जन्म (Birth of a Son) पर खुशी व्यक्त करने के लिए

व्याख्या: बुंदेलखंड में पुत्र जन्म के अवसर पर 'ख्याल नृत्य' करने की पुरानी परंपरा है। इसमें महिलाएँ या पुरुष अपने सिर पर रंगीन कागज और बांस के ढांचों से बने मंदिर या मखमल के घड़े रखकर नाचते हैं और सोहर गीत गाते हैं।

103

सत्रिया नृत्य की प्रसिद्ध गुरु 'शारदी सैकिया' (Sharodi Saikia) को किस वर्ष संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिन्होंने इस नृत्य को महिलाओं के लिए सुलभ बनाया?

A.2005
B.2010
C.2015
D.2020

उत्तर: C. 2015

व्याख्या: शारदी सैकिया असम की एक प्रख्यात सत्रिया नृत्यांगना और गुरु हैं। उन्होंने सत्रों (मठों) के कड़े नियमों से बाहर निकालकर इस नृत्य को मंच पर महिलाओं द्वारा सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की दिशा में बड़ा काम किया, जिसके लिए उन्हें 2015 में अकादमी पुरस्कार मिला।

104

उड़ीसा के संबलपुर क्षेत्र का कौन सा लोक नृत्य पूरे भारत में अपनी अनूठी संगीत शैली, 'ढोल' और 'महुरी' वाद्ययंत्रों की थाप तथा रंग-बिरंगी संबलपुरी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है?

A.दलखाई नृत्य (Dalkhai)
B.गोटीपुआ नृत्य
C.घुमुरा नृत्य
D.कर्म नृत्य

उत्तर: A. दलखाई नृत्य (Dalkhai)

व्याख्या: दलखाई ओडिशा के संबलपुर का सबसे लोकप्रिय लोक नृत्य है। यह मुख्य रूप से 'दसहरा' और भाई जीउंटिया के त्योहारों पर आदिवासी युवतियों द्वारा किया जाता है। इसमें प्रेमी-प्रेमिका के संवाद और राधा-कृष्ण के प्रेम को संबलपुरी लोक संगीत की मधुर धुनों पर गाया जाता है।

105

भरतनाट्यम नृत्य की किस प्रसिद्ध 'शैली' या बाणी को 'कलाक्षेत्र बाणी' (Kalakshetra Style) कहा जाता है, जिसे रुक्मिणी देवी अरुंडेल ने विकसित किया था?

A.यह पूरी तरह से देवदासियों की पुरानी अश्लील गतियों का रूप है।
B.यह पंडानल्लूर शैली का परिष्कृत, शुद्ध, ज्यामितीय रूप से सटीक और थियेटर-अनुकूल रूप है।
C.इसमें केवल सूफी भजनों पर ही नृत्य किया जाता है।
D.यह कत्थक और भरतनाट्यम का एक आधुनिक मिश्रण है।

उत्तर: B. यह पंडानल्लूर शैली का परिष्कृत, शुद्ध, ज्यामितीय रूप से सटीक और थियेटर-अनुकूल रूप है।

व्याख्या: रुक्मिणी देवी अरुंडेल ने जब कलाक्षेत्र फाउंडेशन की स्थापना की, तो उन्होंने भरतनाट्यम की पुरानी पंडानल्लूर शैली से अत्यधिक श्रृंगारिक और अशोभनीय तत्वों को हटा दिया। उन्होंने अंगों के संचालन को अत्यधिक कोणीय, शुद्ध और गरिमापूर्ण बनाया, जिसे 'कलाक्षेत्र बाणी' कहा जाता है।

106

अरुणाचल प्रदेश की 'मिशमी' और 'मोनपा' जनजातियों द्वारा किया जाने वाला 'शेर और मयूर नृत्य' (Lion and Peacock Dance) किस प्रसिद्ध त्योहार का मुख्य आकर्षण होता है?

A.लोसार त्योहार (Losar Festival)
B.हॉर्नबिल त्योहार
C.मोपिन त्योहार
D.जीरो फेस्टिवल

उत्तर: A. लोसार त्योहार (Losar Festival)

व्याख्या: मोनपा जनजाति बौद्ध धर्म की अनुयायी है। वे अपने नए साल के त्योहार 'लोसार' के दौरान मुखौटे पहनकर शेर और मयूर नृत्य करते हैं, जो बुराई पर अच्छाई की जीत और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

107

कथक नृत्य के इतिहास में 'नवाब वाजिद अली शाह' का क्या योगदान माना जाता है?

A.उन्होंने कथक नृत्य पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था।
B.उन्होंने अवध के दरबार में कथक को संरक्षण दिया, 'रहस' परंपरा शुरू की और लखनऊ घराने के स्वर्ण युग की नींव रखी।
C.उन्होंने जयपुर घराने के नर्तकों को जेल में डाल दिया था।
D.वे कथक के पहले संगीतकार थे जिन्होंने तबले का आविष्कार किया।

उत्तर: B. उन्होंने अवध के दरबार में कथक को संरक्षण दिया, 'रहस' परंपरा शुरू की और लखनऊ घराने के स्वर्ण युग की नींव रखी।

व्याख्या: अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह कला के महान पारखी थे। वे स्वयं 'अख्तरपिया' नाम से कथक की ठुमरियाँ लिखते थे। उनके दरबार में ठाकुर प्रसाद जी और बिंदादीन महाराज जैसे कत्थक आचार्यों को संरक्षण मिला, जिससे लखनऊ घराना शीर्ष पर पहुँचा।

108

आंध्र प्रदेश के 'वीरानाट्यम' (Veeranatyam) लोक नृत्य के संदर्भ में, कलाकार मुख्य रूप से किस देवता के क्रोध और शौर्य का प्रदर्शन करते हैं?

A.भगवान शिव के अवतार 'वीरभद्र' (Lord Veerabhadra)
B.भगवान नरसिंह
C.भगवान परशुराम
D.देवी काली

उत्तर: A. भगवान शिव के अवतार 'वीरभद्र' (Lord Veerabhadra)

व्याख्या: वीरानाट्यम आंध्र प्रदेश का एक प्राचीन धार्मिक लोक नृत्य है जिसे 'वीरमुष्टी' समुदाय द्वारा किया जाता है। जब सती के आत्मदाह के बाद शिव अत्यंत क्रोधित हुए, तो उनके क्रोध से वीरभद्र उत्पन्न हुए। नर्तक इसी रौद्र रूप और वीरता का प्रदर्शन जलती हुई मशालों के साथ करते हैं।

109

प्रसिद्ध ओडिसी नर्तिका और गुरु 'कुंकुम मोहंती' को ओडिसी नृत्य के किस विशेष क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए पद्म श्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला है?

A.केवल मृदंगम वादन में
B.ओडिसी नृत्य का व्यापक दस्तावेजीकरण, अनुसंधान और इसके भाव-अभिनय का संवर्धन
C.पश्चिमी देशों में कथकली का प्रचार
D.नृत्य की पोशाक डिजाइन करने में

उत्तर: B. ओडिसी नृत्य का व्यापक दस्तावेजीकरण, अनुसंधान और इसके भाव-अभिनय का संवर्धन

व्याख्या: कुंकुम मोहंती ओडिसी नृत्य की एक प्रख्यात प्रतिपादक और ओडिशा संगीत नाटक अकादमी की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रही हैं। उन्होंने ओडिसी के प्राचीन गीतों और गतियों का अकादमिक रूप से दस्तावेजीकरण किया और इसे नई पीढ़ी के लिए सुलभ बनाया।

110

तमिलनाडु का 'कावड़ी अट्टम' (Kavadi Attam) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस हिंदू देवता की पूजा और मन्नत पूरी होने की खुशी में पुरुषों द्वारा किया जाता है?

A.भगवान शिव
B.भगवान मुरुगन (Lord Murugan / Kartikeya)
C.भगवान गणेश
D.भगवान अयप्पा

उत्तर: B. भगवान मुरुगन (Lord Murugan / Kartikeya)

व्याख्या: कावड़ी अट्टम तमिलनाडु का एक अत्यंत कठिन और श्रद्धापूर्ण लोक नृत्य है। इसमें भक्त अपने कंधों पर लकड़ी और बांस से बना एक धनुषाकार ढांचा (कावड़ी) उठाते हैं, जिसे मोर के पंखों और फूलों से सजाया जाता है। यह भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है।

111

कुचिपुड़ी नृत्य में 'जति' (Jati) और 'चोल्लू' (Sollu) का समन्वय करने वाले मुख्य लयबद्ध खंड को क्या कहा जाता है?

A.कल्पम
B.दरु (Daru)
C.जतिस्वरम
D.नृत्य नाटक

उत्तर: B. दरु (Daru)

व्याख्या: कुचिपुड़ी में 'दरु' एक विशेष छोटा नृत्य खंड या गीत होता है, जिसकी मदद से कोई भी मुख्य पात्र रंगमंच पर प्रवेश करता है और अपना परिचय देता है (जैसे सत्यभामा का प्रवेश दरु)। इसमें जति और नृत्य के बोलों का सुंदर मिश्रण होता है।

112

असम के 'सत्रिया' नृत्य में प्रयुक्त होने वाले प्रसिद्ध संगीत को क्या कहा जाता है, जिसकी रचना स्वयं श्रीमंत शंकरदेव और माधवदेव ने की थी?

A.बोगेइत या बोरगीत (Borgeet)
B.बिहू गीत
C.कामरूपी लोकगीत
D.कर्नाटक कीर्ति

उत्तर: A. बोगेइत या बोरगीत (Borgeet)

व्याख्या: 'बोरगीत' असमिया भाषा में रचित अत्यंत पवित्र और शास्त्रीय भजन हैं। सत्रिया नृत्य पूरी तरह से इन्हीं बोरगीतों के सुरों, तालों और रागों पर आधारित होता है। इन गीतों में ब्रजावली भाषा का प्रयोग मिलता है।

113

पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध कत्थक नर्तिका 'उमा शर्मा' को कत्थक नृत्य में किस प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है?

A.सूफ़ी कत्थक
B.रासलीला और ब्रज की कत्थक परंपरा (Raslila & Braj tradition)
C.केवल दक्षिण भारतीय कत्थक
D.रायगढ़ रियासत की मार्शल आर्ट

उत्तर: B. रासलीला और ब्रज की कत्थक परंपरा (Raslila & Braj tradition)

व्याख्या: उमा शर्मा ने कत्थक नृत्य को उसके प्राचीन और धार्मिक मूल से जोड़ने का बहुत बड़ा काम किया। उन्होंने वृंदावन की 'रासलीला' और कत्थक के प्राचीन आध्यात्मिक सूत्रों पर गहरा शोध किया और इसे आधुनिक रंगमंच की मुख्यधारा से जोड़ा।

114

पश्चिम बंगाल का कौन सा लोक नृत्य 'गंभीरा' (Gambhira) के नाम से जाना जाता है और मुख्य रूप से किस त्योहार के दौरान समाज की बुराइयों पर व्यंग्य करने के लिए मुखौटों के साथ किया जाता है?

A.चैत्र संक्रांति / गजन उत्सव (Chaitra Sankranti)
B.दुर्गा पूजा
C.लक्ष्मी पूजा
D.पौष मेला

उत्तर: A. चैत्र संक्रांति / गजन उत्सव (Chaitra Sankranti)

व्याख्या: गंभीरा पश्चिम बंगाल के मालदा क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य-नाटक है। यह चैत्र संक्रांति के समय 'गजन' उत्सव में शिव की स्तुति में शुरू होता है। इसमें दो मुख्य पात्र (नाना और नाती) समसामयिक राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं पर बेहद तीखा और हास्यप्रद व्यंग्य प्रस्तुत करते हैं।

115

भरतनाट्यम की प्रसिद्ध नृत्यांगना 'मालविका सरुक्काई' को भारत सरकार द्वारा किस वर्ष देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से नवाजा गया था?

A.1995
B.2003
C.2011
D.2018

उत्तर: B. 2003

व्याख्या: मालविका सरुक्काई भरतनाट्यम की एक अत्यंत प्रख्यात और समकालीन नृत्यांगना हैं। उन्हें कला के प्रति उनके समर्पण और नवाचारों के लिए वर्ष 2003 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

116

गुजरात के 'पढार' (Padhar) समुदाय द्वारा किया जाने वाला कौन सा लोक नृत्य समुद्र की लहरों और नाव चलाने की गतियों को दर्शाता है?

A.पढार नृत्य (Padhar Dance)
B.टिप्पणी नृत्य
C.हुडो नृत्य
D.रास नृत्य

उत्तर: A. पढार नृत्य (Padhar Dance)

व्याख्या: पढार नृत्य गुजरात के भाल क्षेत्र में रहने वाले मछुआरे और पढार समुदाय के पुरुषों द्वारा किया जाता है। नर्तक जमीन पर बैठकर अपने पैरों को फैलाते हैं और हाथों में मंजीरे लेकर इस तरह झुकते हैं मानो वे समुद्र में कश्ती (नाव) के चप्पू चला रहे हों।

117

मणिपुरी नृत्य शैली की 'तांग-ता' (Thang-Ta) विधा वास्तव में क्या है?

A.यह एक प्रकार का कोमल मधुर संगीत है।
B.यह मणिपुर की एक प्राचीन मार्शल आर्ट (Martial Art) और युद्ध नृत्य विधा है जिसमें तलवार और भाले का प्रयोग होता है।
C.यह केवल महिलाओं द्वारा किया जाने वाला व्रत नृत्य है।
D.यह मणिपुरी वेशभूषा का नाम है।

उत्तर: B. यह मणिपुर की एक प्राचीन मार्शल आर्ट (Martial Art) और युद्ध नृत्य विधा है जिसमें तलवार और भाले का प्रयोग होता है।

व्याख्या: 'थांग' का अर्थ होता है तलवार और 'ता' का अर्थ होता है भाला। थांग-ता मणिपुर के मीतेई समुदाय का एक अत्यंत प्राचीन मार्शल आर्ट रूप है, जिसे मणिपुरी नृत्य के 'शौर्य' या पुरुष प्रधान (तांडव) रूप के अंतर्गत एक कलात्मक नृत्य के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता है।

118

मोहिनीअट्टम नृत्य में प्रयुक्त होने वाले प्रमुख वाद्ययंत्र 'इडक्का' (Edakka) की क्या विशेषता है?

A.यह पीतल की एक बहुत बड़ी झांझ होती है जिसे लाठी से पीटा जाता है।
B.यह एक छोटा, ऑवरग्लास (डमरू) के आकार का ड्रम होता है जिसे बगल में लटकाकर खेला जाता है और इसकी पिच को बदला जा सकता है।
C.यह बांस से बनी पाँच फीट लंबी बांसुरी होती है।
D.यह केवल पुरुषों के पैरों में बांधने वाला पीतल का घुँघरू है।

उत्तर: B. यह एक छोटा, ऑवरग्लास (डमरू) के आकार का ड्रम होता है जिसे बगल में लटकाकर खेला जाता है और इसकी पिच को बदला जा सकता है।

व्याख्या: इडक्का केरल का एक बहुत ही पवित्र वाद्ययंत्र है। इसे 'देववाद्यम' भी कहा जाता है। मोहिनीअट्टम और कत्थकली में इसका प्रयोग अत्यधिक कोमल और बारीक ध्वनियाँ उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। इसके धागों को दबाकर इसके सुरों को बदला जा सकता है।

119

राजस्थान का 'मेव' (Mewati) समुदाय अलवर और भरतपूर क्षेत्रों में होली के त्योहार पर कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य करता है जिसमें बड़े-बड़े नगाड़ों (बम) का प्रयोग होता है?

A.चरी नृत्य
B.बम रसिया या बम नृत्य (Bam Dance)
C.कालबेलिया
D.खारी नृत्य

उत्तर: B. बम रसिया या बम नृत्य (Bam Dance)

व्याख्या: बम नृत्य राजस्थान के भरतपुर और अलवर (मेवात) क्षेत्र का एक बहुत ही ऊर्जावान लोक नृत्य है। इसमें होली की उमंग और नई फसल आने की खुशी में एक विशाल नगाड़े (जिसे 'बम' कहते हैं) को दो सोंटों से बजाया जाता है और साथ में रसिया गीत गाए जाते हैं।

120

किस प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य को पुनर्जीवित करने के लिए 'ई. कृष्ण अय्यर' (E. Krishna Iyer) का नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है, जिन्होंने स्वयं महिला वेशभूषा पहनकर इसके लिए प्रचार किया था?

A.कुचिपुड़ी
B.कथकली
C.भरतनाट्यम (Sadhir)
D.ओडिसी

उत्तर: C. भरतनाट्यम (Sadhir)

व्याख्या: 1920 और 30 के दशक में जब ब्रिटिश सरकार और समाज के कुछ वर्गों द्वारा एंटी-नाच (Anti-Nautch) आंदोलन चलाकर भरतनाट्यम (साधिर) को खत्म करने की कोशिश की जा रही थी, तब मद्रास म्यूजिक एकेडमी के वकील और स्वतंत्रता सेनानी ई. कृष्ण अय्यर ने इसके सम्मान की लड़ाई लड़ी और इसे समाज में दोबारा प्रतिष्ठित किया।

121

ओडिशा का 'घुमुरा' (Ghumura) नृत्य किस प्राचीन काल के युद्ध नृत्य का रूप माना जाता है और इसकी कलाकृतियाँ किस गुफा में अंकित मिलती हैं?

A.कोणार्क गुफा - महाभारत काल
B.उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएँ - प्राचीन कलिंग काल (Kalinga Period)
C.अजंता की गुफाएँ - मौर्य काल
D.एलोरा की गुफाएँ - गुप्त काल

उत्तर: B. उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएँ - प्राचीन कलिंग काल (Kalinga Period)

व्याख्या: घुमुरा ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र का एक बेहद लोकप्रिय और प्राचीन लोक नृत्य है। इसका उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है। ओडिशा की प्राचीन 'उदयगिरि' गुफाओं में एक सैनिक को घुमुरा ड्रम बजाते हुए तराशा गया है, जो इसके कलिंग काल के होने का प्रमाण है।

122

कथकली नृत्य शैली का सबसे प्रमुख और अनिवार्य तत्व 'नवरस' (Navarasas) है। इनमें 'जुगुप्सा' (Disgust) का स्थायी भाव कौन सा रस उत्पन्न करता है?

A.वीभत्स रस (Beebhatsa)
B.करुण रस
C.भयानक रस
D.रौद्र रस

उत्तर: A. वीभत्स रस (Beebhatsa)

व्याख्या: कत्थकली में चेहरे की मांसपेशियों के संचालन से 9 प्रकार के रसों (नवरस) को दिखाया जाता है। 'वीभत्स रस' का स्थायी भाव जुगुप्सा (Disgust / घृणा) होता है, जिसे कलाकार किसी घृणित दृश्य या दुष्ट पात्र के अंत को दिखाते समय व्यक्त करता है।

123

झारखंड का कौन सा लोक नृत्य मुख्य रूप से पुरुषों द्वारा सैनिक वेशभूषा धारण करके, हाथ में तलवार और ढाल लेकर बेहद वीरता के साथ किया जाता है?

A.झूमर नृत्य
B.पाइका नृत्य (Paika)
C.कर्मा नृत्य
D.डमकच नृत्य

उत्तर: B. पाइका नृत्य (Paika)

व्याख्या: 'पाइका' या पाइक नृत्य झारखंड और ओडिशा के मुंडा व अन्य समुदायों का एक बहुत ही प्रसिद्ध मार्शल लोक नृत्य है। 'पाइक' का अर्थ होता है पैदल सैनिक। इसमें नर्तक रंग-बिरंगी कलगी वाली पगड़ी पहनते हैं और ढोल, नगाड़ों की थाप पर युद्ध के मैदान जैसे युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हैं।

124

कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम की प्रख्यात गुरु 'राधा राजा रेड्डी' और 'राजा रेड्डी' की जोड़ी को किस वर्ष भारत सरकार द्वारा 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया था?

A.1984
B.2000
C.2012
D.2020

उत्तर: B. 2000

व्याख्या: राजा और राधा रेड्डी भारत की एक प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्य जोड़ी हैं। उन्होंने दिल्ली में 'नाट्य तरंगिनी' स्कूल की स्थापना की और कुचिपुड़ी को विश्व पटल पर स्थापित किया। उन्हें वर्ष 2000 में संयुक्त रूप से पद्म भूषण दिया गया था।

125

उत्तर प्रदेश का कौन सा लोक नृत्य मुख्य रूप से अहिर या यादव समुदाय द्वारा लाठियों और मंजीरों के साथ बहुत तेज़ गति के फुटवर्क के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में किया जाता है?

A.राई नृत्य
B.पाई डंडा नृत्य (Pai Danda)
C.होली नृत्य
D.जोगुनी नृत्य

उत्तर: B. पाई डंडा नृत्य (Pai Danda)

व्याख्या: पाई डंडा बुंदेलखंड का एक अत्यंत पुराना लोक नृत्य है जो गुजरात के डांडिया से बहुत मिलता-जुलता है। इसे पारंपरिक रूप से यादव समुदाय के पुरुष कृष्ण की लीलाओं और वीर रस का प्रदर्शन करने के लिए लाठियों को आपस में टकराते हुए करते हैं।

126

भरतनाट्यम नृत्य की शुरुआत में किए जाने वाले 'अलारिपु' (Alarippu) शब्द का तमिल भाषा में क्या शाब्दिक अर्थ है?

A.पैरों की सबसे तेज़ थाप
B.फूलों का खिलना या खिलती हुई कली (Flowering / Blossoming)
C.भगवान से विदा लेना
D.राजा की जय-जयकार करना

उत्तर: B. फूलों का खिलना या खिलती हुई कली (Flowering / Blossoming)

व्याख्या: 'अलारिपु' भरतनाट्यम प्रस्तुति का सबसे पहला और बुनियादी हिस्सा होता है। इसका अर्थ होता है फूलों का खिलना। इसमें नर्तक बहुत ही सरल गतियों, आंखों और गर्दन के संचालन से अपने शरीर को आने वाले कठिन नृत्य के लिए तैयार (Warm-up) करता है और रंगमंच को प्रणाम करता है।

127

छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध 'राउत नाचा' (Raut Nacha) मुख्य रूप से किस त्योहार के ठीक बाद यादव समुदाय द्वारा भगवान कृष्ण की विजय के प्रतीक के रूप में किया जाता है?

A.होली
B.देव उठनी एकादशी या दीवाली के बाद (Dev Uthani Ekadashi)
C.रामनवमी
D.गणेशोत्सव

उत्तर: B. देव उठनी एकादशी या दीवाली के बाद (Dev Uthani Ekadashi)

व्याख्या: राउत नाचा छत्तीसगढ़ के यादव (राउत) समुदाय का एक प्रसिद्ध पारंपरिक लोक नृत्य है। यह दीवाली के बाद देव उठनी एकादशी के अवसर पर किया जाता है। नर्तक रंग-बिरंगे कौड़ियों वाले कपड़े पहनकर और हाथ में लाठियाँ लेकर वीरतापूर्वक नृत्य करते हैं और 'दोहे' गाते हैं।

128

प्रसिद्ध कत्थक नर्तक 'पंडित सुखदेव महाराज' का संबंध कत्थक के किस घराने से था, जिनकी पुत्री प्रख्यात नृत्यांगना सितारा देवी थीं?

A.जयपुर घराना
B.बनारस घराना (Banaras Gharana)
C.लखनऊ घराना
D.रायगढ़ घराना

उत्तर: B. बनारस घराना (Banaras Gharana)

व्याख्या: पंडित सुखदेव महाराज कत्थक के 'बनारस घराने' के एक महान आचार्य थे। उन्होंने कत्थक की प्राचीन तांडव और कथा वाचन शैली को जीवित रखा और अपनी बेटियों सितारा देवी व अलकनंदा को इस कला में पारंगत किया।

129

कर्नाटक का कौन सा लोक नृत्य 'कामसाले' (Kamsale) वाद्ययंत्र (कांसे की झांझ और एक छोटा सा बर्तन) के नाम पर पड़ा है, जो केवल महादेश्वर पहाड़ी के भक्तों द्वारा किया जाता है?

A.कामसाले नृत्य (Kamsale Dance)
B.डोलू कुनिथा
C.यक्षगान
D.गोरवरा कुनिथा

उत्तर: A. कामसाले नृत्य (Kamsale Dance)

व्याख्या: कामसाले कर्नाटक का एक अनूठा धार्मिक लोक नृत्य है। 'कामसाले' एक पीतल या कांसे का वाद्ययंत्र होता है जिसे बजाते हुए कलाकार भगवान शिव के अवतार 'मेल महादेश्वर' के भजनों पर बेहद तीव्र गति और कलाबाजियों के साथ नृत्य करते हैं।

130

सत्रिया नृत्य शैली के संदर्भ में 'भकोत' (Bhaktas / Bhakots) किसे कहा जाता है?

A.जो केवल नाटक देखने आते हैं।
B.असम के सत्रों (मठों) में रहने वाले वे ब्रह्मचारी भिक्षु जो अपना पूरा जीवन सत्रिया नृत्य और ईश्वर भक्ति को समर्पित कर देते हैं।
C.मुखौटे बनाने वाले कारीगरों को।
D.मुख्य गायक के सहायकों को।

उत्तर: B. असम के सत्रों (मठों) में रहने वाले वे ब्रह्मचारी भिक्षु जो अपना पूरा जीवन सत्रिया नृत्य और ईश्वर भक्ति को समर्पित कर देते हैं।

व्याख्या: ऐतिहासिक रूप से सत्रिया नृत्य केवल पुरुषों द्वारा किया जाता था। असम के वैष्णव मठों (सत्रों) में रहने वाले भिक्षुओं को 'भकोत' कहा जाता है। ये भकोत ही सदियों से इस कठिन शास्त्रीय नृत्य के संरक्षक, शिक्षक और नर्तक रहे हैं।

131

प्रसिद्ध मणिपुरी नर्तिका 'दर्शना झावेरी' और उनकी बहनें (झावेरी बहनें) किस प्रसिद्ध मणिपुरी गुरु की शिष्याएँ रही हैं, जिन्होंने मणिपुरी को वैश्विक ख्याति दिलाई?

A.गुरु बिपिन सिंह (Guru Bipin Singh)
B.गुरु अमूबी सिंह
C.गुरु सिंहजीत सिंह
D.गुरु हरिचरण दास

उत्तर: A. गुरु बिपिन सिंह (Guru Bipin Singh)

व्याख्या: झावेरी बहनों (दर्शना, रंजना, सुवर्णा और नयना) का नाम मणिपुरी नृत्य के इतिहास में अमर है। उन्होंने मणिपुरी नृत्य के महान मार्गदर्शक 'गुरु बिपिन सिंह' से कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया और इस नृत्य की रासलीला विधा को पूरे विश्व के मंचों पर गौरव दिलाया।

132

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य है जिसमें नर्तक राक्षस या डरावने मुखौटे पहनकर फसलों को बुरी आत्माओं से बचाने के लिए 'छम नृत्य' की तरह नाचते हैं?

A.क्यांग नृत्य
B.बाकयांग नृत्य
C.छांबा या राक्षस नृत्य (Chham / Demon Dance)
D.नाटी नृत्य

उत्तर: C. छांबा या राक्षस नृत्य (Chham / Demon Dance)

व्याख्या: किन्नौर और लाहौल-स्पीति के बौद्ध मठों और पहाड़ी गाँवों में लामाओं और स्थानीय लोगों द्वारा 'छम' या राक्षस नृत्य किया जाता है। इसमें भारी रंग-बिरंगे कपड़े और सींगों वाले डरावने मुखौटे पहने जाते हैं, जो इंसानी दिमाग की बुराइयों और बुरी ताकतों को भगाने का प्रतीक है।

133

मोहिनीअट्टम की प्रसिद्ध नृत्यांगना 'भारती शिवाजी' को इस शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने और इसकी तकनीक का परिमार्जन करने के लिए संगीत नाटक अकादमी द्वारा किस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था?

A.कालिदास सम्मान
B.संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और पद्म श्री (SNA Award & Padma Shri)
C.दादा साहब फाल्के पुरस्कार
D.भारत रत्न

उत्तर: B. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और पद्म श्री (SNA Award & Padma Shri)

व्याख्या: भारती शिवाजी मोहिनीअट्टम की एक अत्यंत प्रख्यात कलाकार और शोधकर्ता हैं। उन्होंने कनक रेले के साथ मिलकर मोहिनीअट्टम के आधुनिक स्वरूप और प्रस्तुति शैलियों पर बहुत काम किया, जिसके लिए उन्हें भारत सरकार और अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया।

134

महाराष्ट्र का प्रसिद्ध 'कोली' (Koli) नृत्य मुख्य रूप से किस समुदाय की महिलाओं और पुरुषों द्वारा समुद्र की लहरों, जाल फेंकने और मछली पकड़ने की मुद्राओं को लयबद्ध ढंग से दिखाने के लिए किया जाता है?

A.किसान समुदाय
B.मछुआरा समुदाय (Fishermen Community)
C.बुनकर समुदाय
D.चरवाहा समुदाय

उत्तर: B. मछुआरा समुदाय (Fishermen Community)

व्याख्या: कोली नृत्य महाराष्ट्र के तटीय इलाकों (मुंबई और कोंकण) के मछुआरों (कोली समुदाय) का पारंपरिक लोक नृत्य है। पुरुष और महिलाएँ रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर, हाथ में छोटी नावें या पतवार लेकर बहुत ही सुंदर ढंग से समुद्र से जुड़े अपने जीवन को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं।

135

भरतनाट्यम के संगीत की मुख्य भाषा तमिल और तेलुगु होती है, जबकि ओडिसी नृत्य के गीत मुख्य रूप से किस प्राचीन कवि की 'गीत गोविंद' (Gita Govinda) पर आधारित होते हैं?

A.कवि कालिदास
B.कवि जयदेव (Poet Jayadeva)
C.कवि विद्यापति
D.कवि तुलसीदास

उत्तर: B. कवि जयदेव (Poet Jayadeva)

व्याख्या: ओडिसी नृत्य की आत्मा 12वीं शताब्दी के महान ओड़िआ कवि जयदेव द्वारा रचित 'गीत गोविंद' है। इसके संस्कृत पदों में राधा और कृष्ण के प्रेम और विरह का जो वर्णन है, उसी पर ओडिसी नर्तक अपने सबसे खूबसूरत 'भाव-अभिनय' को मंच पर पेश करते हैं।

136

गोवा और महाराष्ट्र के शिग्मोत्सव (होली) के दौरान पुरुषों द्वारा हाथ में रंग-बिरंगे झंडे और तोरण लेकर कौन सा वीर रस प्रधान लोक नृत्य किया जाता है?

A.घोड़े मोदनी (Ghode Modni)
B.रोमैट मेल (Romât Mel)
C.फुगड़ी
D.कुनबी नृत्य

उत्तर: B. रोमैट मेल (Romât Mel)

व्याख्या: रोमैट मेल गोवा के सबसे बड़े वसंत उत्सव 'शिग्मो' (Shigmo) का एक मुख्य लोक नृत्य और जुलूस है। इसमें गाँव के पुरुष पारंपरिक वाद्ययंत्रों (ढोल, ताशा) की गूंजती हुई थाप पर हाथ में बड़े बैनर, झंडे (ध्वज) और छतरियां लेकर नाचते हुए सड़कों पर निकलते हैं।

137

कुचिपुड़ी नृत्य की एक बहुत ही अनूठी और कठिन तकनीक 'भामाकलापम' नाटक में मुख्य नायिका 'सत्यभामा' के किरदार की क्या पहचान होती है?

A.वह हमेशा मौन रहती है।
B.वह मंच पर प्रवेश करने से पहले पर्दे के पीछे से अपनी तीन फीट लंबी चोटी (Braided Hair) को दर्शकों के सामने लटकाती है, जो उसके गौरव का प्रतीक है।
C.वह अपने चेहरे पर नीले रंग का भारी मेकअप लगाती है।
D.वह केवल पीतल की थाली पर खड़े होकर ही गा सकती है।

उत्तर: B. वह मंच पर प्रवेश करने से पहले पर्दे के पीछे से अपनी तीन फीट लंबी चोटी (Braided Hair) को दर्शकों के सामने लटकाती है, जो उसके गौरव का प्रतीक है।

व्याख्या: कुचिपुड़ी के भामाकलापम में सत्यभामा का किरदार बहुत ही गर्व और श्रृंगार से भरा होता है। उसके प्रवेश की एक अनूठी रस्म है जहाँ मंच पर पर्दा हटाने से पहले उसकी लंबी सजी हुई चोटी (जुआ) को पर्दे के ऊपर से फेंका जाता है, जो यह दर्शाता है कि एक अत्यंत रूपवती और अभिमानी रानी मंच पर आ रही है।

138

उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में पुरुषों द्वारा महिलाओं के वस्त्र पहनकर रामनवमी के अवसर पर कौन सा पारंपरिक लोक नृत्य किया जाता है?

A.जोगिरा नृत्य
B.जोगुनी या जोगिनी नृत्य (Jogini Dance)
C.धीवर नृत्य
D.छोलिया नृत्य

उत्तर: B. जोगुनी या जोगिनी नृत्य (Jogini Dance)

व्याख्या: जोगुनी नृत्य अवध के क्षेत्रों में रामनवमी और बड़े त्योहारों पर किया जाता है। इसमें पुरुष कलाकार साधु या महिलाओं (जोगिनी) का रूप धारण करते हैं और शरीर पर भस्म व सिंदूर लगाकर ढोल-मंजीरों की थाप पर भक्ति भाव से नृत्य करते हैं।

139

प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना 'गीता चंद्रन' को वर्ष 2007 में किस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिन्होंने 'नाट्यवृक्ष' संस्था की स्थापना की है?

A.पद्म भूषण
B.पद्म श्री (Padma Shri)
C.संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप
D.कालिदास सम्मान

उत्तर: B. पद्म श्री (Padma Shri)

व्याख्या: गीता चंद्रन भारत की एक अत्यंत प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार, कोरियोग्राफर और लेखिका हैं। उन्होंने दिल्ली में 'नाट्यवृक्ष' संस्थान के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को भरतनाट्यम की शिक्षा दी है। कला में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 2007 में पद्म श्री मिला।

140

जम्मू और कश्मीर का 'डमहल' (Dumhal) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस सूफी संत की दरगाह पर 'वात्तल' (Wattal) जनजाति के पुरुषों द्वारा एक लंबे बैनर और छड़ी के साथ किया जाता है?

A.शाह हमदान
B.बाबा ऋषि
C.सूफी संत शाह जिलानी या स्थानीय पीर (Sufi Shrines)
D.शेख नूरुद्दीन वली

उत्तर: C. सूफी संत शाह जिलानी या स्थानीय पीर (Sufi Shrines)

व्याख्या: डमहल कश्मीर घाटी का एक अत्यंत विशिष्ट और प्राचीन लोक नृत्य है जिसे वात्तल कबीले के पुरुष विशेष अवसरों पर करते हैं। वे रंग-बिरंगे लंबे चोगे और शंक्वाकार टोपियाँ पहनकर जमीन में एक लंबा डंडा गाड़ते हैं और उसके चारों ओर झूमते हुए गाते हैं।

141

मणिपुरी नृत्य में 'चोलोम' (Cholom) विधा के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं - पुंग चोलोम और दूसरा कौन सा है जिसमें झांझ का प्रयोग होता है?

A.करतल चोलोम या नुपा चोलोम (Kartal / Nupa Cholom)
B.संकीर्तन चोलोम
C.थांग चोलोम
D.रास चोलोम

उत्तर: A. करतल चोलोम या नुपा चोलोम (Kartal / Nupa Cholom)

व्याख्या: मणिपुरी में 'चोलोम' का अर्थ होता है तीव्र और लयबद्ध गति। पुंग चोलोम ढोल के साथ किया जाता है, जबकि 'नूपा चोलोम' या करतल चोलोम में पुरुष कलाकार अपने हाथों में बड़े-बड़े कांसे के मंजीरे (करताल) लेकर बहुत ही सुंदर ढंग से हवा में छलांग लगाते हुए और बैठते-उठते हुए समूह में नृत्य करते हैं।

142

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की 'राई' (Rai) लोक नृत्य शैली पारंपरिक रूप से किस नर्तकी द्वारा की जाती है जिसे 'बेड़नी' (Bedni) कहा जाता है?

A.बेड़नी नर्तकी (Bedni Dancer)
B.गूजरी नर्तकी
C.कालबेलिया नर्तकी
D.कथक डांसर

उत्तर: A. बेड़नी नर्तकी (Bedni Dancer)

व्याख्या: राई बुंदेलखंड का सबसे प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो मुख्य रूप से बेड़िया समुदाय की महिलाओं द्वारा किया जाता है, जिन्हें 'बेड़नी' कहा जाता है। इसके केंद्र में 'मृदंग' (ढोलक) बजाने वाला पुरुष होता है और बेड़नी बहुत ही तीव्र गति के चक्कर काटते हुए राई नृत्य और स्वांग प्रस्तुत करती है।

143

ओडिसी नृत्य की प्रसिद्ध प्रतिपादक 'शरोन लोवेन' (Sharon Lowen) मूल रूप से किस देश की नागरिक हैं, जिन्होंने भारत में आकर ओडिसी, छऊ और मणिपुरी नृत्यों में महारत हासिल की?

A.यूनाइटेड किंगडम
B.संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
C.कनाडा
D.ऑस्ट्रेलिया

उत्तर: B. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

व्याख्या: शरोन लोवेन अमेरिका की एक प्रख्यात नर्तकी हैं जिन्होंने फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में भारत आकर गुरु केलुचरण महापात्र से ओडिसी सीखी। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्यों को पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका के विश्वविद्यालयों और थियेटरों में अत्यधिक लोकप्रिय बनाया।

144

मेघालय की 'जयंतिया' (Jaintia) जनजाति द्वारा फसलों की बोआई पूरी होने के बाद सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत के लिए कौन सा प्रसिद्ध त्योहार नृत्य किया जाता है?

A.वांगला नृत्य
B.बहेदीनखलम या लाहो नृत्य (Laho Dance / Behdienkhlam)
C.शाद सुक मिनसीम
D.नोंगक्रेम नृत्य

उत्तर: B. बहेदीनखलम या लाहो नृत्य (Laho Dance / Behdienkhlam)

व्याख्या: लाहो नृत्य मेघालय की जयंतिया पहाड़ियों का एक बहुत ही सुंदर लोक नृत्य है। इसमें एक महिला के दोनों ओर दो पुरुष हाथ डालकर बहुत ही कोमल गतियों के साथ कदम मिलाते हुए नृत्य करते हैं। यह मुख्य रूप से बहेदीनखलम उत्सव के दौरान समाज से बीमारियों और दुखों को भगाने के लिए किया जाता है।

145

भरतनाट्यम नृत्य की वह कौन सी प्रसिद्ध तकनीक है जिसमें नर्तक कत्थक की तरह ही पैरों की थाप से संगीतकार के साथ सीधे संवाद (Technical Footwork Competition) करता है?

A.शद्म
B.सोलकट्टू या जुगलबंदी (Solkattu / Footwork Dialogue)
C.अलारिपु
D.तिल्लाना

उत्तर: B. सोलकट्टू या जुगलबंदी (Solkattu / Footwork Dialogue)

व्याख्या: भरतनाट्यम में 'सोलकट्टू' या कत्थक की जुगलबंदी की तरह मृदंगम के बोलों और डांसर के पैरों की थाप के बीच एक सीधा संवाद होता है। नर्तक संगीतकार द्वारा फेंके गए कठिन छंदों को अपने घुँघरू की आवाज़ से मंच पर हूबहू उतारकर अपना तकनीकी कौशल प्रदर्शित करता है।

146

बिहार का 'बक्खो-बक्खैन' (Bakho-Bakhain) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस विशेष पारिवारिक अवसर पर पति-पत्नी के रूप में कलाकारों द्वारा ग्रामीण इलाकों में किया जाता है?

A.शादी की सालगिरह पर
B.बच्चे के जन्म के उत्सव (Celebration of Child Birth) पर
C.फसल कटाई के पहले दिन
D.अकाल पड़ने पर बारिश की कामना के लिए

उत्तर: B. बच्चे के जन्म के उत्सव (Celebration of Child Birth) पर

व्याख्या: बक्खो-बक्खैन बिहार की एक पारंपरिक लोक नाट्य और नृत्य विधा है। जब किसी ग्रामीण परिवार में बच्चे का जन्म होता है, तो बक्खो (पुरुष) और बखैन (महिला) की मंडली उस घर जाकर ढोलक बजाते हुए जच्चा-बच्चा की लंबी उम्र के लिए मजाकिया और बधाई गीत गाते हुए नृत्य करती है।

147

प्रसिद्ध कत्थक गुरु 'पंडित बिंदादीन महाराज' ने कत्थक नृत्य को समृद्ध करने के लिए किस विशेष विधा को इसमें शामिल किया था, जिससे कथक में 'भाव पक्ष' अत्यधिक मजबूत हुआ?

A.सूफी गजलें
B.कत्थक के साथ ठुमरी और भजन गायन (Thumri and Bhajan composition)
C.कर्नाटक संगीत के राग
D.केवल मार्शल आर्ट के बोल

उत्तर: B. कत्थक के साथ ठुमरी और भजन गायन (Thumri and Bhajan composition)

व्याख्या: पंडित बिंदादीन महाराज (कालिका प्रसाद जी के भाई) लखनऊ घराने के सबसे महान स्तंभों में से एक थे। वे न केवल एक अद्भुत नर्तक थे बल्कि एक महान कवि और संगीतकार भी थे। उन्होंने कत्थक के लिए सैकड़ों 'ठुमरियाँ' और कृष्ण भक्ति के पद लिखे, जिन पर आज भी पूरा कत्थक जगत अभिनय करता है।

148

केरल के 'कथकली' नृत्य में प्रयुक्त होने वाले विशेष मुखौटों और सजावट के सामान को बनाने की सदियों पुरानी कला को क्या कहा जाता है?

A.चुट्टी शिल्प (Chutti / Koppu Craft)
B.थिय्याम पेंटिंग
C.कलामंडलम नक्काशी
D.केरल भित्तिचित्र

उत्तर: A. चुट्टी शिल्प (Chutti / Koppu Craft)

व्याख्या: कत्थकली में कलाकारों के सिर पर पहने जाने वाले विशाल मुकुट (किरीटम) और छाती के आभूषण बहुत भारी होते हैं, जिन्हें हल्की लकड़ी (कुमीझू) और कौड़ियों की मदद से तराशा जाता है। चेहरे पर चावल के पेस्ट और चूने से जो सफेद पट्टी बनाई जाती है, उसे 'चुट्टी' मेकअप शिल्प कहा जाता है।

149

सिक्किम का कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य है जिसमें नर्तक पारंपरिक शेर के मुखौटे और वेशभूषा पहनकर पवित्र कंचनजंगा पर्वत (Kanchenjunga) के सम्मान में नृत्य करते हैं?

A.सिंगी छम या स्नो लायन डांस (Singhi Chham / Snow Lion Dance)
B.याक छम
C.मारुनी नृत्य
D.तमांग सेलो

उत्तर: A. सिंगी छम या स्नो लायन डांस (Singhi Chham / Snow Lion Dance)

व्याख्या: सिंगी छम सिक्किम का एक बहुत ही प्रसिद्ध सांस्कृतिक लोक नृत्य है। 'सिंगी छम' का अर्थ होता है बर्फीला शेर (Snow Lion)। लद्दाख और सिक्किम की पौराणिक कथाओं के अनुसार यह शेर कंचनजंगा पर्वत श्रृंखलाओं का रक्षक माना जाता है। नर्तक इसी काल्पनिक शेर की पोशाक पहनकर अद्भुत कलाबाज़ियाँ दिखाते हैं।

150

कुचिपुड़ी नृत्य की प्रसिद्ध कलाकार 'शोभा नायडू' को किस वर्ष भारत सरकार द्वारा 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया था, जिन्होंने सत्यभामा और पद्मावती के किरदारों को अमर कर दिया?

A.1991
B.2001
C.2011
D.2020

उत्तर: B. 2001

व्याख्या: शोभा नायडू कुचिपुड़ी के महान गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम की सबसे योग्य शिष्याओं में से एक थीं। उन्होंने कुचिपुड़ी नृत्य-नाटकों में अपनी बेहतरीन अभिनय कला से पूरे देश में बड़ी ख्याति अर्जित की। उन्हें वर्ष 2001 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

151

असम के प्रसिद्ध 'बिहू' नृत्य के तीन प्रकार होते हैं - बोहाग बिहू, कंगाली बिहू और तीसरा कौन सा है जो जनवरी के महीने में फसल कटाई के बाद मनाया जाता है?

A.भोगाली बिहू या माघ बिहू (Bhogali / Magh Bihu)
B.कती बिहू
C.रोंगाली बिहू
D.बैशागु बिहू

उत्तर: A. भोगाली बिहू या माघ बिहू (Bhogali / Magh Bihu)

व्याख्या: भोगाली बिहू को 'माघ बिहू' भी कहते हैं, जो जनवरी के मध्य में मनाया जाता है। 'भोग' का अर्थ होता है खान-पान। इस दौरान लोग खेतों में 'मेजी' बनाकर जलाते हैं और पारंपरिक भोज और बिहू नृत्य का आनंद लेते हैं।

152

प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना और पद्म भूषण से सम्मानित 'अलार्मेल वल्ली' (Alarmel Valli) भरतनाट्यम की किस विशिष्ट घराने या शैली (Bani) की मुख्य प्रतिपादक मानी जाती हैं?

A.कलाक्षेत्र बानी
B.पंदनल्लूर बानी (Pandanallur Bani)
C.तंजावुर बानी
D.वज़ुवूर बानी

उत्तर: B. पंदनल्लूर बानी (Pandanallur Bani)

व्याख्या: अलार्मेल वल्ली ने प्रसिद्ध गुरु चोक्कलिंगम पिल्लई और सुब्बाराया पिल्लई से पंदनल्लूर शैली में शिक्षा प्राप्त की। इस शैली में रेखागणितीय शुद्धता, कोमलता और गहरे शास्त्रीय फुटवर्क पर बहुत ज़ोर दिया जाता है।

153

पश्चिम बंगाल और ओडिशा के 'छऊ' (Chhau) नृत्य में प्रयुक्त होने वाले विशाल और जीवंत मुखौटे मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के किस गाँव में सदियों से पारंपरिक रूप से बनाए जा रहे हैं?

A.चरादा गाँव
B.चरिदा गाँव (Charida Village, Purulia)
C.शांतिनिकेतन गाँव
D.नबद्वीप गाँव

उत्तर: B. चरिदा गाँव (Charida Village, Purulia)

व्याख्या: पुरुलिया छऊ के लिए प्रसिद्ध मुखौटे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के 'चरिदा' (Charida) गाँव में सूत्रधार समुदाय के कारीगरों द्वारा मिट्टी, कागज़ और चमकीले कपड़ों से बनाए जाते हैं। इसे भौगोलिक संकेतक (GI Tag) भी प्राप्त है।

154

आंध्र प्रदेश के 'भामाकलापम' (Bhamakalapam) नृत्य नाटक के मूल रचयिता 17वीं शताब्दी के किस महान वैष्णव संत और सिद्ध पुरुष को माना जाता है, जिन्होंने कुचिपुड़ी को नया जीवन दिया?

A.सिद्धेंद्र योगी (Siddhendra Yogi)
B.तीर्थ नारायण यति
C.क्षेत्रय्या
D.वेदंतम लक्ष्मीनारायण

उत्तर: A. सिद्धेंद्र योगी (Siddhendra Yogi)

व्याख्या: सिद्धेंद्र योगी को कुचिपुड़ी नृत्य शैली का जनक माना जाता है। उन्होंने ही 'भामाकलापम' की रचना की और कुचिपुड़ी गाँव के ब्राह्मण लड़कों को इकट्ठा करके इस पारलौकिक और श्रृंगारिक नृत्य-नाटक की परंपरा शुरू की।

155

राजस्थान का 'चरी' (Chari) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस समुदाय की महिलाओं द्वारा सिर पर जलते हुए दीपक या तेल से सने कपास के बीज वाले पीतल के बर्तन रखकर किया जाता है?

A.गुर्जर समुदाय (Gurjar Community)
B.भील समुदाय
C.कालबेलिया समुदाय
D.गरासिया समुदाय

उत्तर: A. गुर्जर समुदाय (Gurjar Community)

व्याख्या: चरी नृत्य राजस्थान के किशनगढ़ और अजमेर क्षेत्र के गुर्जर समुदाय की महिलाओं का एक बहुत ही कठिन और प्रसिद्ध नृत्य है। महिलाएँ सिर पर पीतल की चरी (मटका) संतुलित करती हैं, जिसमें से आग की लपटें निकल रही होती हैं, और बेहद सधे हुए कदमों से घूमती हैं।

156

कथकली नृत्य में जब कोई पात्र 'पच्छा' (Paccha / Green) रंग का श्रृंगार करता है, तो वह किस प्रकार के स्वभाव या चरित्र को दर्शाता है?

A.अत्यंत दुष्ट और तामसिक (Demonic)
B.सात्विक, राजा, देवता और धीरोदात्त नायक (Virtuous / Godly)
C.केवल महिला पात्र
D.जंगली और शिकारी पात्र

उत्तर: B. सात्विक, राजा, देवता और धीरोदात्त नायक (Virtuous / Godly)

व्याख्या: कथकली में चेहरे का रंग ही चरित्र की पहचान होता है। 'पच्छा' यानी हरे रंग का मेकअप भगवान कृष्ण, राम, अर्जुन और नल जैसे महान, सात्विक और धार्मिक राजाओं व देवताओं के लिए आरक्षित होता है।

157

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में कोल, खरवार और गोंड जनजातियों द्वारा वर्षा की कामना और फसलों की सुरक्षा के लिए कौन सा प्राचीन लोक नृत्य किया जाता है?

A.कर्मा नृत्य (Karma Dance)
B.रास नृत्य
C.दादरा नृत्य
D.चरकुला नृत्य

उत्तर: A. कर्मा नृत्य (Karma Dance)

व्याख्या: कर्मा नृत्य मध्य भारत की कई जनजातियों द्वारा 'करम' (भाग्य और प्रकृति के देवता) के पेड़ की पूजा के समय किया जाता है। नर्तक एक-दूसरे की कमर में हाथ डालकर मांदल और बांसुरी की थाप पर बेहद खूबसूरत गोलाकार घेरे में झूमते हैं।

158

कर्नाटक के 'यक्षगान' (Yakshagana) थिएटर और नृत्य विधा में जो मुख्य निर्देशक या सूत्रधार होता है, जो पृष्ठभूमि में बैठकर पूरी कहानी गाता है और भागवत पुराण के प्रसंग सुनाता है, उसे क्या कहते हैं?

A.चेन्डेवाला
B.भागवतर (Bhagavatha)
C.वेषधारी
D.मद्दलेवाला

उत्तर: B. भागवतर (Bhagavatha)

व्याख्या: 'भागवतर' यक्षगान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ होता है। वह न केवल मुख्य गायक होता है, बल्कि मंच पर आ रहे पात्रों के साथ संवाद (Impromptu dialogue) भी करता है और पूरी प्रस्तुति की लय और गति को नियंत्रित करता है।

159

प्रसिद्ध ओडिसी नर्तक 'गुरु केलुचरण महापात्र' ने ओडिसी नृत्य को दोबारा जीवित करने के लिए किस प्राचीन ओडिशा कला रूप (जो लड़कों द्वारा महिला वेशभूषा में किया जाता था) से बुनियादी तत्व सीखे थे?

A.गोटीपुआ (Gotipua)
B.महारी
C.घुमुरा
D.डंडा नाटा

उत्तर: A. गोटीपुआ (Gotipua)

व्याख्या: ओडिसी नृत्य के दो मूल स्तंभ थे: 'महारी' (मंदिरों की देवदासियाँ) और 'गोटीपुआ' (अखाड़ों के युवा लड़के जो राधा-कृष्ण की लीलाएँ करते थे)। गुरु केलुचरण महापात्र बचपन में स्वयं एक गोटीपुआ नर्तक थे, जिसके कारण उनके नृत्य में लाजवाब कोमलता और त्रिभंग मुद्रा का अनूठा समावेश था।

160

केरल के 'मोहिनीअट्टम' शास्त्रीय नृत्य के इतिहास में किस त्रावणकोर के महाराजा का शासनकाल इस नृत्य का 'स्वर्ण युग' माना जाता है, जिन्होंने स्वयं कई बंदिशें लिखीं?

A.महाराजा मार्तंड वर्मा
B.महाराजा स्वाति तिरुनल (Maharaja Swati Thirunal)
C.महाराजा चिथिर थिरुनल
D.राजा रवि वर्मा

उत्तर: B. महाराजा स्वाति तिरुनल (Maharaja Swati Thirunal)

व्याख्या: 19वीं शताब्दी के त्रावणकोर के राजा स्वाति तिरुनल संगीत और कला के महान संरक्षक थे। उन्होंने मोहिनीअट्टम के लिए कई 'वर्णम' और 'पदम्' लिखे। उनके दरबार में ही तंजावुर चौकड़ी के वाडिवेलु ने मोहिनीअट्टम के आधुनिक प्रदर्शन ढांचे को नया रूप दिया।

161

गुजरात के 'टिप्पणी' (Tippani) लोक नृत्य के उद्गम का संबंध किस कार्य से है, जिसे महिलाएँ जमीन को समतल करते समय गाते हुए करती थीं?

A.कपड़ा बुनते समय
B.समुद्र तट पर नमक की क्यारियाँ बनाते और निर्माण कार्य के दौरान चूना/जमीन कूटते समय (Ramming the floor)
C.धान की रोपाई करते समय
D.मिट्टी के बर्तन बनाते समय

उत्तर: B. समुद्र तट पर नमक की क्यारियाँ बनाते और निर्माण कार्य के दौरान चूना/जमीन कूटते समय (Ramming the floor)

व्याख्या: टिप्पणी नृत्य चोरवाड़ और वेरावल क्षेत्र की कोली और खारवाड़ महिलाओं द्वारा शुरू किया गया था। 'टिप्पणी' एक लंबी लकड़ी होती है जिसके नीचे लोहे या लकड़ी का ब्लॉक लगा होता है। निर्माण कार्यों में गीले चूने या मिट्टी को कूटकर फर्श को सख्त करने के उबाऊ काम को मनोरंजक बनाने के लिए महिलाएँ इसे लयबद्ध ढंग से पटकते हुए नाचती थीं।

162

पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्यांगना 'मंजू भार्गवी' को 1979 की किस ऐतिहासिक तेलुगु फिल्म में उनके क्लासिकल नृत्य अभिनय के लिए पूरे भारत में अपार लोकप्रियता मिली थी?

A.शंकराभरणम (Sankarabharanam)
B.सागर संगमम
C.स्वाति मुत्यम
D.रुद्रवीणा

उत्तर: A. शंकराभरणम (Sankarabharanam)

व्याख्या: के. विश्वनाथ द्वारा निर्देशित कालजयी फिल्म 'शंकराभरणम' में मंजू भार्गवी ने एक कुचिपुड़ी नर्तकी का मुख्य किरदार निभाया था। इस फिल्म ने शास्त्रीय संगीत और कुचिपुड़ी नृत्य को आम जनमानस के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।

163

मणिपुर के 'लाइ हराओबा' (Lai Haraoba) त्योहार के दौरान किए जाने वाले नृत्य का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

A.केवल राजाओं की युद्ध विजय का जश्न मनाना।
B.ब्रह्मांड की रचना, प्रकृति और देवताओं (Umang Lai) के प्रति आभार व्यक्त करना और सृष्टि के विकास की कहानी को मुद्राओं से दिखाना (Creation of Universe)।
C.बुरी आत्माओं को डराना।
D.केवल बारिश की देवता को प्रसन्न करना।

उत्तर: B. ब्रह्मांड की रचना, प्रकृति और देवताओं (Umang Lai) के प्रति आभार व्यक्त करना और सृष्टि के विकास की कहानी को मुद्राओं से दिखाना (Creation of Universe)।

व्याख्या: 'लाइ हराओबा' का अर्थ है देवताओं का आमोद-प्रमोद। यह मीतेई समुदाय का सबसे पुराना और पवित्र धार्मिक उत्सव है। इसमें 'माईबी' (पुजारिनें) और स्थानीय लोग नृत्य मुद्राओं के माध्यम से यह दिखाते हैं कि कैसे देवताओं ने पृथ्वी, मानव शरीर और घरों का निर्माण किया था।

164

महाराष्ट्र के किस प्रसिद्ध लोक नृत्य-नाटक (Folk Theatre) में 'गौलन' (Gaulan) और 'लवणी' (Lavani) दो मुख्य खंड होते हैं, और इसकी शुरुआत 'गण' (गणेश वंदना) से होती है?

A.तमाशा (Tamasha)
B.दशावतार
C.गोंधळ
D.पोवाड़ा

उत्तर: A. तमाशा (Tamasha)

व्याख्या: तमाशा महाराष्ट्र का एक बेहद लोकप्रिय लोक रंगमंच है। इसमें ढोलकी और मंजीरे की थाप पर सबसे पहले गणेश स्तुति (गण) होती है, फिर कृष्ण और गोपियों की नोकझोंक (गौलन) दिखाई जाती है, और अंत में बेहद ऊर्जावान और श्रृंगार रस से भरपूर 'लावणी' नृत्य की प्रस्तुति होती है।

165

तमिलनाडु का 'करगाम' या 'करकट्टम' (Karakattam) लोक नृत्य मुख्य रूप से किस वर्षा की देवी को प्रसन्न करने के लिए सिर पर सजे हुए मटके को संतुलित करके किया जाता है?

A.देवी मारियम्मन (Goddess Mariamman)
B.देवी मीनाक्षी
C.देवी कामाक्षी
D.देवी दुर्गा

उत्तर: A. देवी मारियम्मन (Goddess Mariamman)

व्याख्या: करकट्टम तमिलनाडु का एक प्राचीन लोक नृत्य है। इसमें नर्तक अपने सिर पर पीतल के बर्तन या मिट्टी के घड़े को संतुलित करते हैं, जिसके ऊपर कागज़ के फूलों और एक नकली तोते से सजा शंक्वाकार ढांचा होता है। यह मुख्य रूप से स्वास्थ्य और वर्षा की देवी 'मारी अम्मन' की पूजा के समय किया जाता है।

166

प्रसिद्ध कत्थक नर्तक 'राजा चक्रधर सिंह' (Raja Chakradhar Singh) किस भूतपूर्व रियासत के राजा थे, जिन्होंने कत्थक के एक नए घराने (रायगढ़ घराने) की स्थापना की थी?

A.रायगढ़ रियासत (Raigarh State, Chhattisgarh)
B.बस्तर रियासत
C.रीवा रियासत
D.ग्वालियर रियासत

उत्तर: A. रायगढ़ रियासत (Raigarh State, Chhattisgarh)

व्याख्या: छत्तीसगढ़ की रायगढ़ रियासत के राजा चक्रधर सिंह स्वयं एक अद्भुत कत्थक नर्तक, तबला वादक और संगीतकार थे। उन्होंने अपने दरबार में देश भर के नर्तकों को बुलाया और कत्थक की एक नई शैली विकसित की जो अपनी बेहद जटिल और तेज़ तालियों व गतियों (परन और टुकड़ों) के लिए जानी जाती है।

167

जम्मू-कश्मीर की महिलाओं द्वारा खरीफ फसलों की कटाई के समय सामूहिक रूप से किया जाने वाला वह कौन सा लोक नृत्य है जिसमें महिलाएँ दो पंक्तियों में एक-दूसरे के गले में हाथ डालकर नाचती हैं?

A.रऊफ या रौफ़ नृत्य (Rouf Dance)
B.हिकात नृत्य
C.कुद नृत्य
D.चकरी नृत्य

उत्तर: A. रऊफ या रौफ़ नृत्य (Rouf Dance)

व्याख्या: रौफ़ कश्मीर घाटी का सबसे प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह मुख्य रूप से ईद और वसंत ऋतु में फसलों की कटाई के दौरान कश्मीरी महिलाओं द्वारा पारंपरिक फिरन पहनकर किया जाता है। इसमें पैर आगे-पीछे करने की एक विशेष कोमल लय होती है।

168

झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में प्रचलित 'सरायकेला', 'मयूरभंज' और 'पुरुलिया' छऊ के बीच सबसे बड़ा तकनीकी अंतर क्या है?

A.संगीत पूरी तरह बदल जाता है।
B.मयूरभंज छऊ में मुखौटे (Masks) का प्रयोग नहीं होता, जबकि सरायकेला और पुरुलिया में मुखौटे अनिवार्य हैं।
C.पुरुलिया छऊ केवल महिलाएँ करती हैं।
D.सरायकेला छऊ में केवल सूफी गीतों का प्रयोग होता है।

उत्तर: B. मयूरभंज छऊ में मुखौटे (Masks) का प्रयोग नहीं होता, जबकि सरायकेला और पुरुलिया में मुखौटे अनिवार्य हैं।

व्याख्या: यह छऊ नृत्य का सबसे महत्वपूर्ण बारीक अंतर है। सरायकेला (झारखंड) और पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) छऊ में नर्तक भारी और खूबसूरत मुखौटे पहनते हैं जिससे चेहरे के भाव छिप जाते हैं और पूरा अभिनय शरीर की गतियों से होता है। जबकि मयूरभंज (ओडिशा) छऊ में नर्तक मुखौटा नहीं पहनते, जिससे उनके चेहरे के भाव साफ दिखाई देते हैं।

169

प्रसिद्ध भरतनाट्यम गुरु और कोरियोग्राफर 'लीला सैमसन' (Leela Samson) किस प्रसिद्ध राष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्थान की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और कलाक्षेत्र की छात्रा रही हैं?

A.संगीत नाटक अकादमी और कलाक्षेत्र फाउंडेशन (Sangeet Natak Akademi)
B.ललित कला अकादमी
C.राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD)
D.आईसीसीआर (ICCR)

उत्तर: A. संगीत नाटक अकादमी और कलाक्षेत्र फाउंडेशन (Sangeet Natak Akademi)

व्याख्या: लीला सैमसन भरतनाट्यम की एक बेहद प्रतिष्ठित नृत्यांगना और शिक्षिका हैं। वे रुक्मिणी देवी अरुंडेल की शिष्या रही हैं और उन्होंने चेन्नई के प्रसिद्ध संस्थान 'कलाक्षेत्र' की निदेशक के साथ-साथ संगीत नाटक अकादमी और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाली है।

170

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में तलवार और ढाल के साथ पुरुषों द्वारा किया जाने वाला कौन सा पारंपरिक मार्शल लोक नृत्य है जो शादियों और युद्ध विजय के अवसरों पर किया जाता है?

A.छोलिया नृत्य (Choliya Dance)
B.झोरा नृत्य
C.छपेली नृत्य
D.गढ़वाली चौंफला

उत्तर: A. छोलिया नृत्य (Choliya Dance)

व्याख्या: छोलिया कुमाऊं क्षेत्र का एक अत्यंत पुराना और राजसी लोक नृत्य है, जिसका इतिहास कत्यूरी और चंद राजाओं के समय से जुड़ा है। इसमें नर्तक पारंपरिक युद्ध पोशाक पहनते हैं और ढोल-दमाऊ की तेज़ आवाज़ पर युद्ध के पैंतरे और तलवारबाजी का सजीव प्रदर्शन करते हैं।

171

केरल के 'थिय्याम' (Theyyam) नृत्य के संदर्भ में, कलाकार को क्या माना जाता है और इस नृत्य की क्या अनूठी धार्मिक विशेषता है?

A.वह केवल एक आम नर्तक होता है।
B.नृत्य के दौरान जब कलाकार भारी श्रृंगार और वेशभूषा धारण करके चरम सीमा (Trance) पर पहुँचता है, तो माना जाता है कि उसमें स्वयं देवता या आदि शक्ति प्रवेश कर चुकी हैं और वह लोगों को आशीर्वाद देता है (Living God)।
C.यह केवल मनोरंजन के लिए थियेटर में किया जाता है।
D.यह बौद्ध भिक्षुओं का मौन व्रत है।

उत्तर: B. नृत्य के दौरान जब कलाकार भारी श्रृंगार और वेशभूषा धारण करके चरम सीमा (Trance) पर पहुँचता है, तो माना जाता है कि उसमें स्वयं देवता या आदि शक्ति प्रवेश कर चुकी हैं और वह लोगों को आशीर्वाद देता है (Living God)।

व्याख्या: थिय्याम केरल के मालाबार क्षेत्र का एक अत्यंत शक्तिशाली सामाजिक-धार्मिक अनुष्ठान नृत्य है। 'थिय्याम' शब्द 'दैवम' (भगवान) का ही अपभ्रंश है। इसमें कलाकार का मेकअप और मुकुट विशाल होते हैं। चरम नृत्य के समय लोग नर्तक को साक्षात भगवान मानकर अपनी समस्याएँ बताते हैं और नर्तक दैवीय आवाज में उनका समाधान बताता है।

172

गोवा का वह कौन सा प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो केवल कोंकणी महिलाओं द्वारा गणेशोत्सव और दीवाली के समय बहुत तेज़ गति से ताली बजाते हुए और गोलाकार घेरे में घूमते हुए किया जाता है?

A.फुगड़ी नृत्य (Fugdi / Dhalo)
B.तरंगमेल
C.देखनी नृत्य
D.जगोर

उत्तर: A. फुगड़ी नृत्य (Fugdi / Dhalo)

व्याख्या: फुगड़ी गोवा और महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र का एक बहुत ही लोकप्रिय लोक नृत्य है। महिलाएँ बिना किसी वाद्ययंत्र के, केवल अपनी तालियों और पैरों की थाप से गति बढ़ाती हैं। अंत में वे दो-दो के जोड़े में एक-दूसरे के हाथ पकड़कर बेहद तेज़ गति से गोल-गोल घूमती हैं (जैसे कीकली)।

173

प्रसिद्ध कत्थक नर्तक 'पंडित राजेंद्र गंगानी' कत्थक के किस विशिष्ट घराने के शीर्ष प्रतिपादक माने जाते हैं, जो अपनी बेहद कठिन 'लयकारी' और पैरों के काम के लिए प्रसिद्ध है?

A.जयपुर घराना (Jaipur Gharana)
B.लखनऊ घराना
C.बनारस घराना
D.रायगढ़ घराना

उत्तर: A. जयपुर घराना (Jaipur Gharana)

व्याख्या: पंडित राजेंद्र गंगानी जयपुर घराने के समकालीन कत्थक सम्राट हैं। जयपुर घराना कत्थक के तांडव पक्ष, बेहद तेज़ गति के चक्करों, विभिन्न प्रकार के 'कवित्त' और क्लिष्ट ताल चक्रों (Complex rhythmic structures) पर नियंत्रण के लिए जाना जाता है।

174

ओडिशा का 'डंडा नाटा' (Danda Nata) या डंडा जात्रा नृत्य मुख्य रूप से किस हिंदू महीने में किया जाता है और इसमें शरीर को कष्ट देकर किस देवता की कठोर तपस्या की जाती है?

A.चैत्र का महीना - भगवान शिव और देवी काली (Month of Chaitra - Shiva & Kali)
B.सावन का महीना - भगवान कृष्ण
C.कार्तिक का महीना - भगवान विष्णु
D.माघ का महीना - सूर्य देव

उत्तर: A. चैत्र का महीना - भगवान शिव और देवी काली (Month of Chaitra - Shiva & Kali)

व्याख्या: डंडा नाटा ओडिशा के सबसे प्राचीन पारंपरिक अनुष्ठानिक नृत्यों में से एक है। 'डंडा' का अर्थ होता है लाठी या दंड। इसमें भाग लेने वाले भक्तों को 'भक्ता' कहा जाता है। वे जलती धूप में गर्म रेत पर नाचते हैं, पानी में तैरते हैं और कांटेदार झाड़ियों पर कूदते हैं। यह शिव और शक्ति के प्रति परम श्रद्धा दिखाने का एक तरीका है।

175

कुचिपुड़ी नृत्य की एक प्रसिद्ध मुद्रा 'तरंगम' (Tarangam) में नर्तक के पैरों के नीचे क्या होता है और वह सिर पर क्या संतुलित करता है?

A.वह पानी के ऊपर तैरता है।
B.वह एक पीतल की थाली के किनारों (Rims of a brass plate) पर पैर रखकर खड़ा होता है और सिर पर पानी से भरा घड़ा संतुलित करता है।
C.वह जलते हुए अंगारों पर खड़ा होता है।
D.वह एक पतली रस्सी पर चलता है।

उत्तर: B. वह एक पीतल की थाली के किनारों (Rims of a brass plate) पर पैर रखकर खड़ा होता है और सिर पर पानी से भरा घड़ा संतुलित करता है।

व्याख्या: तरंगम कुचिपुड़ी प्रदर्शन का सबसे मंत्रमुग्ध कर देने वाला और कठिन हिस्सा होता है। नर्तक भगवान कृष्ण की लीलाओं पर थिरकते हुए अपने दोनों पैरों को पीतल की थाली की तीखी कोरों पर टिकाता है और बिना थाली को छुए या देखे, बेहद तेज़ गति से पूरे मंच पर चक्कर काटता है।

176

मिजोरम का कौन सा लोक नृत्य 'बांस नृत्य' (Bamboo Dance) के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर है, जिसमें जमीन पर बैठे लोग बांस की थपकियों से ताल उत्पन्न करते हैं?

A.चेराव नृत्य (Cheraw Dance)
B.खुआल्लम नृत्य
C.चाई नृत्य
D.सोलाकिया नृत्य

उत्तर: A. चेराव नृत्य (Cheraw Dance)

व्याख्या: चेराव नृत्य मिजोरम का सबसे पुराना और पारंपरिक नृत्य है। इसमें 6 से 8 लोग आमने-सामने बैठकर बांस की बल्लियों को जमीन पर और एक-दूसरे से टकराकर एक निश्चित लय बनाते हैं, और रंग-बिरंगे वस्त्र पहने नर्तक उन हिलते हुए बांसों के बीच बेहद फुर्ती से पैर अंदर-बाहर करते हुए नाचते हैं।

177

मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में कुंवारी लड़कियों द्वारा ग्रामीण इलाकों में गोबर से दीवार पर आकृतियाँ बनाकर कौन सा पारंपरिक लोक नृत्य किया जाता है?

A.मटकी नृत्य
B.आड़ा-खड़ा नृत्य
C.नोराता या मामुलिया नृत्य (Norata / Sanjha)
D.भगोरिया नृत्य

उत्तर: C. नोराता या मामुलिया नृत्य (Norata / Sanjha)

व्याख्या: नोराता नृत्य नवरात्र के समय मालवा और बुंदेलखंड में कुंवारी लड़कियों द्वारा अच्छे वर और सुख-समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है। लड़कियाँ आँगन में 'संझा' या नोराता की आकृतियाँ बनाती हैं और शाम को उसके चारों ओर ताली बजाकर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए नृत्य करती हैं।

178

प्रसिद्ध भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्यांगना 'सोनल मानसिंह' को किस वर्ष भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया था, और वे यह सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की नर्तिका बनी थीं?

A.1992
B.2003
C.2011
D.2019

उत्तर: B. 2003

व्याख्या: सोनल मानसिंह भारत की एक महान सांस्कृतिक दूत हैं। उन्हें 1992 में पद्म भूषण और वर्ष 2003 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था। वे नृत्य के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के साथ-साथ वर्तमान में राज्यसभा की मनोनीत सदस्य भी रही हैं।

179

तेलंगाना का 'पेरिनी शिवतांडवम' (Perini Shivatandavam) लोक नृत्य इतिहास में किस प्राचीन राजवंश के सैनिकों द्वारा युद्ध के मैदान में जाने से पहले भगवान शिव के सामने किया जाता था?

A.काकतीय राजवंश (Kakatiya Dynasty)
B.चोल राजवंश
C.राष्ट्रकूट राजवंश
D.चालुक्य राजवंश

उत्तर: A. काकतीय राजवंश (Kakatiya Dynasty)

व्याख्या: पेरिनी शिवतांडवम को 'पेरिनी थांडवम' या 'सैनिकों का नृत्य' भी कहा जाता है। यह 12वीं-13वीं शताब्दी में काकतीय राजाओं (जैसे गणपति देव और रुद्रमा देवी) के समय फला-फूला। वारंगल के 'रामप्पा मंदिर' की मूर्तियों में इस नृत्य की मुद्राएं आज भी खुदी हुई हैं। इसे गुरु नटराज रामकृष्ण ने पुनर्जीवित किया था।

180

मेघालय का प्रसिद्ध 'वांगला' (Wangla) त्योहार नृत्य मुख्य रूप से किस जनजाति द्वारा 'सौ ड्रम के त्योहार' (Festival of 100 Drums) के रूप में सूर्य देवता 'सालजोंग' के सम्मान में किया जाता है?

A.गारो जनजाति (Garo Tribe)
B.खासी जनजाति
C.जयंतिया जनजाति
D.कुकी जनजाति

उत्तर: A. गारो जनजाति (Garo Tribe)

व्याख्या: वांगला त्योहार गारो जनजाति का सबसे बड़ा फसल कटाई उत्सव है। इसमें पुरुष 'आदूरी' नाम के लंबे ड्रम बजाते हैं और महिलाएँ उनके सामने कतारों में बहुत ही सुंदर कदमताल करती हैं। एक साथ कई ड्रम बजने के कारण इसे 'हंड्रेड ड्रम्स फेस्टिवल' कहा जाता है।

181

भरतनाट्यम के प्रदर्शन के अंतिम खंड को क्या कहा जाता है, जो पूरी तरह से तेज़ लय, आनंद और कठिन शारीरिक गतियों (Dynamic pure dance) पर आधारित होता है?

A.वर्णम
B.शब्दम
C.तिल्लाना (Tillana)
D.पदम

उत्तर: C. तिल्लाना (Tillana)

व्याख्या: 'तिल्लाना' भरतनाट्यम प्रस्तुति का भव्य समापन खंड होता है। इसमें कत्थक के 'तराना' की तरह ही शब्दों के बजाय 'ताना, दीम, तदारे' जैसे अमूर्त बोलों का प्रयोग होता है। नर्तक बेहद ऊर्जावान फुटवर्क, सुंदर प्रतिमा जैसी मुद्राओं (Statuesque poses) के साथ अपनी कला को चरम पर ले जाकर समाप्त करता है।

182

बिहार का कौन सा लोक नृत्य वर्षा ऋतु में अकाल या सूखे की स्थिति में केवल महिलाओं द्वारा खेतों में रात के समय मिट्टी के बर्तन (घड़े) में दीपक जलाकर बारिश के देवता को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है?

A.जट-जटिन
B.झिझिया नृत्य (Jhijhiya Dance)
C.कजरी नृत्य
D.सोहर नृत्य

उत्तर: B. झिझिया नृत्य (Jhijhiya Dance)

व्याख्या: झिझिया बिहार (विशेषकर मिथिलांचल) का एक अत्यंत प्रसिद्ध और लोकविश्वास से जुड़ा नृत्य है। जब बारिश नहीं होती, तो महिलाएँ अपने सिर पर एक ऐसा घड़ा रखती हैं जिसमें कई छेद होते हैं और उसके अंदर एक दीया जल रहा होता है। वे राजा चित्रसेन और उनकी रानी के गीतों के माध्यम से इंद्र देव से बारिश की गुहार लगाती हैं।

183

प्रसिद्ध मणिपुरी नर्तक 'गुरु अमूबी सिंह' (Guru Amubi Singh) को मणिपुरी नृत्य के इतिहास में किस विशेष कार्य के लिए जाना जाता है, जिसके लिए उन्हें पहला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला था?

A.उन्होंने मणिपुरी नृत्य को सिनेमा और आधुनिक एकल (Solo theater performance) रंगमंच के अनुकूल ढाला।
B.उन्होंने थांग-ता मार्शल आर्ट को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था।
C.वे तबला बजाने वाले पहले मणिपुरी कलाकार थे।
D.उन्होंने ओडिसी और मणिपुरी का मिश्रण तैयार किया।

उत्तर: A. उन्होंने मणिपुरी नृत्य को सिनेमा और आधुनिक एकल (Solo theater performance) रंगमंच के अनुकूल ढाला।

व्याख्या: गुरु अमूबी सिंह मणिपुरी नृत्य के आधुनिक युग के प्रणेता माने जाते हैं। उन्होंने पारंपरिक रूप से केवल मंदिरों और रासमंडलियों में सामूहिक रूप से होने वाले इस नृत्य के व्याकरण को परिष्कृत किया और इसे एकल प्रदर्शन (Solo presentation) के रूप में थियेटर के स्टेज पर पेश करने का मार्ग प्रशस्त किया।

184

प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना 'मल्लिका साराभाई' (Mallika Sarabhai) जो भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी दोनों शैलियों की प्रख्यात प्रतिपादक हैं, वे भारत के किस महान वैज्ञानिक की पुत्री हैं?

A.डॉ. विक्रम साराभाई (Dr. Vikram Sarabhai)
B.डॉ. होमी जहांगीर भाभा
C.डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
D.डॉ. सतीश धवन

उत्तर: A. डॉ. विक्रम साराभाई (Dr. Vikram Sarabhai)

व्याख्या: मल्लिका साराभाई भारत के प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई और महान नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई की पुत्री हैं। वे स्वयं एक बेहतरीन नर्तकी, सामाजिक कार्यकर्ता और अहमदाबाद स्थित 'दर्पण एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स' की निदेशक हैं।

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भारतीय लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य एवं कलाकारों का विस्तृत अध्ययन — नाट्यशास्त्र, 8 शास्त्रीय नृत्य, क्षेत्रवार लोक नृत्य एवं प्रमुख कलाकारों का योगदान।

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भारतीय लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य एवं कलाकार (Indian Folk & Classical Dances and Artists)

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