अमूल बनाएगा दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट, पश्चिम बंगाल के हावड़ा फूड पार्क में परियोजना
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 21 जुलाई 2026
भारत की डेयरी दिग्गज अमूल ने पश्चिम बंगाल में एक महत्वाकांक्षी एकीकृत डेयरी परियोजना पर काम शुरू कर दिया है जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा दही (दधि) निर्माण संयंत्र होगा। यह संयंत्र कोलकाता महानगर क्षेत्र के अंतर्गत हावड़ा फूड पार्क, सांक्राइल, हावड़ा ज़िले में बन रहा है, और इसका शिलान्यास न्यू टाउन, कोलकाता स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में हुआ। दूध उत्पादकों के विशाल आधार वाले राज्य के लिए यह पूर्वी भारत में संगठित, मूल्यवर्धित डेयरी प्रसंस्करण का बड़ा विस्तार है।
परियोजना का पैमाना उल्लेखनीय है। इसमें लगभग Rs 700 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और पूर्ण क्षमता पर यह प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका दही और कल्चर्ड उत्पाद उत्पादन लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगा, जिसके कारण इसे दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट कहा जा रहा है।
यह एकल-उत्पाद संयंत्र नहीं बल्कि वास्तविक बहु-उत्पाद डेयरी इकाई होगी। दही के साथ इसकी उत्पाद श्रेणी में पनीर, घी, मिठाई, फ्लेवर्ड मिल्क और आइसक्रीम शामिल होंगे। इस प्रकार के एकीकृत डेयरी संयंत्र दूध ग्रहण, पाश्चुरीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और कोल्ड-चेन प्रबंधन को एक ही परिसर में जोड़ते हैं, जिससे दक्षता बढ़ती है और गुणवत्ता एकसमान रहती है।
यह परियोजना उस सहकारी डेयरी मॉडल को भी मज़बूत करती है जिसके लिए भारत विश्व-प्रसिद्ध है। अमूल गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) का ब्रांड है, जो देश के सबसे सफल डेयरी सहकारी नेटवर्कों में से एक है। डेयरी सहकारी समितियाँ दूध उत्पादकों को संग्रह केंद्रों, प्रसंस्करण संयंत्रों और संगठित विपणन से जोड़ती हैं।
आर्थिक और सामाजिक रूप से यह संयंत्र बड़े लाभ का वादा करता है। यह खरीद, प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और खुदरा में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा कर सकता है, साथ ही बंगाल के डेयरी किसानों को उनके दूध के लिए एक विशाल, विश्वसनीय खरीदार देगा। अधिक संगठित प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाता है, संकट-बिक्री रोकता है और कोल्ड-चेन अवसंरचना को गहरा करता है।
रणनीतिक रूप से यह कदम भारत की श्वेत क्रांति की सफलता के पूर्व की ओर विस्तार का संकेत है। पश्चिम बंगाल में विश्व-स्तरीय सुविधा स्थापित कर अमूल अपनी उत्पादन भौगोलिकता में विविधता लाता है, पूर्वी बाज़ारों के लिए आपूर्ति शृंखला छोटी करता है और खाद्य प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन तथा ग्रामीण समृद्धि की सरकारी पहल को समर्थन देता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
- ◆ अमूल गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) का ब्रांड है।
- ◆ यह संयंत्र दुनिया का सबसे बड़ा दही (दधि) निर्माण संयंत्र होगा।
- ◆ स्थान: हावड़ा फूड पार्क, सांक्राइल, हावड़ा ज़िला, पश्चिम बंगाल।
- ◆ शिलान्यास: बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर, न्यू टाउन, कोलकाता।
- ◆ निवेश: लगभग Rs 700 करोड़; दूध प्रसंस्करण क्षमता 30 लाख लीटर प्रतिदिन।
- ◆ दही/कल्चर्ड उत्पाद उत्पादन: लगभग 1,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन।
- ◆ उत्पाद श्रेणी: दही, पनीर, घी, मिठाई, फ्लेवर्ड मिल्क और आइसक्रीम।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्र1. अमूल किस सहकारी संघ का ब्रांड है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF)
व्याख्या: अमूल का विपणन GCMMF करता है, जो भारत के सबसे सफल डेयरी सहकारी नेटवर्कों में से एक है।
प्र2. दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट किस राज्य में बन रहा है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – पश्चिम बंगाल
व्याख्या: अमूल की एकीकृत डेयरी परियोजना, जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट है, पश्चिम बंगाल में बन रही है।
प्र3. अमूल डेयरी संयंत्र किस स्थल पर स्थित है?
उत्तर देखें
उत्तर: A – सांक्राइल, हावड़ा फूड पार्क
व्याख्या: संयंत्र कोलकाता महानगर क्षेत्र में हावड़ा ज़िले के सांक्राइल स्थित हावड़ा फूड पार्क में है।
प्र4. अमूल एकीकृत डेयरी परियोजना में अनुमानित निवेश कितना है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – Rs 700 करोड़
व्याख्या: परियोजना में लगभग Rs 700 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
प्र5. संयंत्र की प्रस्तावित दैनिक दूध प्रसंस्करण क्षमता क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 30 लाख लीटर
व्याख्या: पूर्ण क्षमता पर परिसर प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्र6. परियोजना का शिलान्यास किस स्थल पर हुआ?
उत्तर देखें
उत्तर: B – बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर, न्यू टाउन
व्याख्या: शिलान्यास न्यू टाउन, कोलकाता स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में हुआ।
प्र7. दही किस प्रकार का उत्पाद है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – किण्वित (fermented) डेयरी उत्पाद
व्याख्या: दही दूध के जीवाणु किण्वन से बना एक किण्वित डेयरी उत्पाद है।
प्र8. कथन: 1) संयंत्र एकल-उत्पाद इकाई है। 2) उत्पादों में पनीर, घी और आइसक्रीम शामिल हैं। 3) अमूल सहकारी मॉडल का पालन करता है। कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: B – केवल 2 और 3
व्याख्या: यह बहु-उत्पाद इकाई है (अतः कथन 1 गलत); यह पनीर, घी, आइसक्रीम आदि बनाती है और अमूल सहकारी डेयरी मॉडल का पालन करता है।
प्र9. संयंत्र का दैनिक दही/कल्चर्ड उत्पाद उत्पादन लगभग कितना है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 1,000 मीट्रिक टन
व्याख्या: सुविधा प्रतिदिन लगभग 1,000 मीट्रिक टन दही और कल्चर्ड डेयरी उत्पाद बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।
प्र10. एकीकृत डेयरी संयंत्र किसानों को सबसे अधिक कैसे लाभ पहुँचाता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – एक विशाल, विश्वसनीय संगठित खरीदार देकर और कोल्ड-चेन मज़बूत करके
व्याख्या: विश्व-स्तरीय संगठित संयंत्र डेयरी किसानों को स्थिर खरीदार देता है, संकट-बिक्री रोकता है और कोल्ड-चेन गहरा कर आय बढ़ाता है।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ अर्थव्यवस्था (GS पेपर 3): खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी सहकारिता और मूल्यवर्धन प्रमुख परीक्षा विषय हैं।
- ➜ कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र: श्वेत क्रांति, पशुपालन और ग्रामीण आय अक्सर पूछे जाते हैं।
- ➜ Places in News: हावड़ा फूड पार्क, सांक्राइल और बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर प्रमुख मानचित्र-आधारित तथ्य हैं।
- ➜ संस्थान: भारत की दूध अर्थव्यवस्था में GCMMF (अमूल) और डेयरी सहकारिता की भूमिका।
- ➜ प्रीलिम्स तथ्य: Rs 700 करोड़, 30 लाख लीटर/दिन, 1,000 मीट्रिक टन दही/दिन तैयार वन-लाइनर हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
"एकीकृत डेयरी संयंत्रों और सहकारी संघों ने भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाया है।" जाँच कीजिए कि अमूल की पश्चिम बंगाल परियोजना जैसी बड़े पैमाने की परियोजनाएँ ग्रामीण आय और खाद्य प्रसंस्करण को कैसे मज़बूत कर सकती हैं, तथा इसमें आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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