सरकार ने प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्ज़ों पर सीमा शुल्क समाप्त किया
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 11 जुलाई 2026
9 जुलाई 2026 को भारत सरकार ने डिस्प्ले असेंबली, लिथियम-आयन सेल एवं इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल के निर्माण में प्रयुक्त वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty - BCD) समाप्त कर दिया। इस छूट का प्रमुख उद्देश्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं की इनपुट लागत घटाना एवं स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना है।
मूल सीमा शुल्क (BCD) भारत में आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला एक कर है। जब प्रमुख कच्चे माल एवं कलपुर्ज़ों पर BCD हटा दिया जाता है, तो निर्माता इन इनपुट को सस्ते में आयात कर सकते हैं, जिससे देश के भीतर स्मार्टफोन, लैपटॉप एवं बैटरी जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन की कुल लागत घट जाती है।
तीनों लक्षित क्षेत्र सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हैं: डिस्प्ले असेंबली फोन एवं टीवी की स्क्रीन में प्रयुक्त होती है; लिथियम-आयन सेल फोन, लैपटॉप एवं इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को शक्ति देती है; तथा इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल इलेक्ट्रॉनिक परिपथों के आवश्यक निष्क्रिय घटक हैं। इन तक सस्ती पहुँच से इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य शृंखला मज़बूत होती है।
यह कदम घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने की सरकार की व्यापक पहलों—मेक इन इंडिया एवं उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना—का समर्थन करता है। इसका लक्ष्य आयात निर्भरता घटाना, निवेश आकर्षित करना, स्थानीय मूल्यवर्धन को गहरा करना एवं भारत को एक वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाना है।
आर्थिक दृष्टि से इनपुट लागत में कमी भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाती है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, घरेलू विनिर्माण में वृद्धि रोजगार सृजन एवं संबद्ध MSME क्षेत्र के विकास में योगदान देती है, जो अर्थव्यवस्था के व्यापक हित में है।
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स एवं बैटरी घटकों के लिए आयात पर निर्भरता कम करना आपूर्ति-शृंखला सुरक्षा (supply-chain security) की दृष्टि से आवश्यक है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों एवं ऊर्जा भंडारण की बढ़ती माँग को देखते हुए, लिथियम-आयन सेल का घरेलू पारिस्थितिकी तंत्र भारत के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी होगा।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ 9 जुलाई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स इनपुट पर मूल सीमा शुल्क (BCD) समाप्त।
◆ शामिल कलपुर्ज़े: डिस्प्ले असेंबली, लिथियम-आयन सेल, इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल।
◆ उद्देश्य: इनपुट लागत घटाना एवं घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा।
◆ BCD: भारत में आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला कर।
◆ संबंधित पहलें: मेक इन इंडिया एवं PLI योजना।
◆ लिथियम-आयन सेल: फोन, लैपटॉप एवं EV बैटरियों में प्रयुक्त।
◆ लक्ष्य: आयात निर्भरता घटाना एवं भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाना।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्ज़ों पर सीमा शुल्क किस तारीख को समाप्त किया?
उत्तर देखें
उत्तर: B – 9 जुलाई 2026
व्याख्या: 9 जुलाई 2026 को यह छूट लागू की गई।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किस पर सीमा शुल्क समाप्त नहीं किया गया?
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उत्तर: D – सौर पैनल ग्लास
व्याख्या: छूट डिस्प्ले असेंबली, लिथियम-आयन सेल एवं इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल इनपुट पर दी गई।
प्रश्न 3. BCD का पूरा नाम क्या है?
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उत्तर: A – बेसिक कस्टम्स ड्यूटी
व्याख्या: BCD का अर्थ है मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty)।
प्रश्न 4. लिथियम-आयन सेल मुख्यतः किसमें प्रयुक्त होती है?
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उत्तर: B – फोन/लैपटॉप/EV बैटरी
व्याख्या: लिथियम-आयन सेल फोन, लैपटॉप एवं इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को शक्ति देती है।
प्रश्न 5. BCD हटाने का निर्माताओं पर सीधा प्रभाव क्या होता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – इनपुट लागत घटती है
व्याख्या: BCD हटाने से निर्माता इनपुट सस्ते में आयात कर सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत घटती है।
प्रश्न 6. यह कदम किस सरकारी योजना का समर्थन करता है?
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उत्तर: B – मेक इन इंडिया एवं PLI योजना
व्याख्या: यह मेक इन इंडिया एवं PLI योजना जैसी विनिर्माण-प्रोत्साहन पहलों का समर्थन करता है।
प्रश्न 7. डिस्प्ले असेंबली किस उत्पाद में प्रयुक्त होती है?
उत्तर देखें
उत्तर: A – फोन एवं टीवी की स्क्रीन
व्याख्या: डिस्प्ले असेंबली फोन एवं टीवी की स्क्रीन में प्रयुक्त होती है।
प्रश्न 8. इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में किस प्रकार का घटक है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – आवश्यक निष्क्रिय (passive) घटक
व्याख्या: इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल इलेक्ट्रॉनिक परिपथों का एक आवश्यक निष्क्रिय घटक है।
प्रश्न 9. इनपुट लागत में कमी भारतीय उत्पादों को किस दृष्टि से लाभ देती है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता एवं निर्यात संभावना
व्याख्या: कम लागत भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाती है।
प्रश्न 10. महत्वपूर्ण बैटरी/इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों में आत्मनिर्भरता किस दृष्टि से महत्वपूर्ण है?
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उत्तर: B – आपूर्ति-शृंखला सुरक्षा
व्याख्या: घरेलू पारिस्थितिकी तंत्र आपूर्ति-शृंखला सुरक्षा एवं EV/ऊर्जा भंडारण की माँग के लिए महत्वपूर्ण है।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रीलिम्स: मूल सीमा शुल्क (BCD), PLI योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक।
- ➜ मेन्स GS-III: अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, आत्मनिर्भर भारत, आपूर्ति-शृंखला।
- ➜ रणनीतिक: महत्वपूर्ण घटक, आयात निर्भरता में कमी।
- ➜ रोजगार: घरेलू विनिर्माण, MSME एवं रोजगार सृजन।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने में शुल्क युक्तिकरण एवं PLI जैसी योजनाओं की भूमिका की चर्चा कीजिए तथा भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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