दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे 2026: पीएम मोदी ने 188 किमी हिस्से का उद्घाटन किया
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 18 जुलाई 2026
दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे उत्तर भारत की एक प्रमुख नियंत्रित-पहुँच (access-controlled) परियोजना है, जिसकी कुल योजनाबद्ध लंबाई लगभग 667 किमी है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित कर रहा है। 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके पैकेज 1 से 5 (हरियाणा के जींद क्षेत्र में लगभग 157.92 किमी) तथा पैकेज 6 (पंजाब के जालंधर में 30.9 किमी) का उद्घाटन किया, जो मिलकर 188 किमी से अधिक का हिस्सा बनाते हैं।
यह गलियारा आरंभ में चार-लेन का बनाया गया है, परन्तु भविष्य की यातायात-माँग को देखते हुए इसे आठ-लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। अकेले पैकेज 1 से 5 की अनुमानित लागत लगभग ₹9,680 करोड़ है। पूर्णतः नई (ग्रीनफील्ड) परियोजना होने के कारण यह दिल्ली, अमृतसर एवं कटरा को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से होते हुए जोड़ता है, और इसका एक मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक (GT) रोड यानी NH-44 पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
यात्रा-समय की दृष्टि से इसके लाभ उल्लेखनीय हैं। उद्घाटित खंडों से दिल्ली–कटरा की यात्रा लगभग 14 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे तथा दिल्ली–अमृतसर की यात्रा लगभग 8 घंटे से घटकर करीब 4 घंटे रह जाने की संभावना है। चूँकि कटरा जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी धाम का प्रवेश-द्वार है, इसलिए यह परियोजना प्रतिवर्ष आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
यात्रा-सुविधा के अतिरिक्त यह एक्सप्रेसवे अपने मार्ग पर औद्योगिक विकास, भंडारण और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी गति देगा। तेज़ और भरोसेमंद माल-ढुलाई से किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे इस पूरे क्षेत्र में रोज़गार और आर्थिक अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
रणनीतिक दृष्टि से भी यह गलियारा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीमावर्ती राज्यों तक तीव्र आवागमन सुनिश्चित करता है। नियंत्रित-पहुँच राजमार्गों में केवल सीमित प्रवेश एवं निकास बिंदु होते हैं, जिससे यातायात अधिक सुगम, तेज़ और सुरक्षित बनता है। परीक्षा की दृष्टि से यह विषय अवसंरचना, कनेक्टिविटी और सरकारी योजनाओं को जोड़ता है, जो UPSC, RPSC, SSC एवं राज्य-स्तरीय परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे लगभग 667 किमी लंबा नियंत्रित-पहुँच ग्रीनफील्ड गलियारा है।
◆ इसे NHAI भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित कर रहा है।
◆ 17 जुलाई 2026 को पैकेज 1–5 (157.92 किमी, जींद) एवं पैकेज 6 (30.9 किमी, जालंधर) का उद्घाटन हुआ — कुल 188 किमी से अधिक।
◆ यह चार-लेन सड़क है जिसे आठ-लेन तक विस्तारित किया जा सकता है; पैकेज 1–5 की लागत लगभग ₹9,680 करोड़।
◆ यह दिल्ली–कटरा यात्रा को लगभग 14 घंटे से घटाकर करीब 6 घंटे करता है।
◆ यह कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम से जुड़ता है एवं NH-44 (GT रोड) पर दबाव कम करता है।
◆ यह गलियारा हरियाणा, पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरता है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे किस कार्यक्रम के तहत विकसित हो रहा है?
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उत्तर: (B) भारतमाला परियोजना
व्याख्या: यह ग्रीनफील्ड गलियारा NHAI द्वारा भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, जो देश में आर्थिक गलियारों को जोड़ने की योजना है।
प्रश्न 2. एक्सप्रेसवे की कुल नियोजित लंबाई कितनी है?
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उत्तर: (A) 667 किमी
व्याख्या: पूरे गलियारे की योजनाबद्ध लंबाई 667 किमी है; 17 जुलाई 2026 को इसका 188 किमी से अधिक हिस्सा उद्घाटित हुआ।
प्रश्न 3. गलियारे को कौन-सी एजेंसी विकसित कर रही है?
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उत्तर: (B) NHAI
व्याख्या: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस राजमार्ग गलियारे का क्रियान्वयन निकाय है।
प्रश्न 4. गलियारा कटरा में किस तीर्थ स्थल से जुड़ता है?
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उत्तर: (B) श्री माता वैष्णो देवी धाम
व्याख्या: कटरा जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी धाम का प्रवेश-द्वार है, इसलिए यह गलियारा तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 5. एक्सप्रेसवे किस मौजूदा राजमार्ग पर दबाव कम करने हेतु डिज़ाइन किया गया है?
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उत्तर: (B) NH-44 (GT रोड)
व्याख्या: यह ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक (GT) रोड यानी NH-44 पर यातायात का भार कम करने के लिए बनाया गया है।
प्रश्न 6. उद्घाटित खंड दिल्ली–कटरा यात्रा-समय को घटाकर लगभग कितना करते हैं?
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उत्तर: (B) 6 घंटे
व्याख्या: नए खंडों से दिल्ली–कटरा यात्रा लगभग 14 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है।
प्रश्न 7. एक्सप्रेसवे आरंभ में चार-लेन है, कितनी लेन तक विस्तार योग्य है?
उत्तर देखें
उत्तर: (B) आठ
व्याख्या: इसे चार-लेन के रूप में बनाया गया है परन्तु भविष्य की माँग के अनुसार आठ-लेन तक विस्तार का प्रावधान रखा गया है।
प्रश्न 8. निम्नलिखित पर विचार करें: 1) पैकेज 1–5 हरियाणा के जींद में 157.92 किमी कवर करते हैं। 2) पैकेज 6 पंजाब के जालंधर में 30.9 किमी कवर करता है। 3) गलियारा हरियाणा, पंजाब एवं J&K से गुज़रता है। कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 1, 2 और 3
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं — पैकेज 1–5 (157.92 किमी, जींद) और पैकेज 6 (30.9 किमी, जालंधर) उद्घाटित हुए, और गलियारा तीनों क्षेत्रों से होकर गुजरता है।
प्रश्न 9. नियंत्रित-पहुँच राजमार्गों के संदर्भ में विचार करें: 1) ये सीमित प्रवेश-निकास बिंदुओं की अनुमति देते हैं। 2) ये सुगम यातायात प्रवाह देते हैं। 3) दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे एक ग्रीनफील्ड परियोजना है। कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: (D) 1, 2 और 3
व्याख्या: नियंत्रित-पहुँच (access-controlled) राजमार्गों में सीमित प्रवेश-निकास होते हैं जिससे यातायात तेज़ व सुरक्षित रहता है; यह गलियारा पूर्णतः नई ग्रीनफील्ड परियोजना है — अतः तीनों कथन सही हैं।
प्रश्न 10. एक्सप्रेसवे के पैकेज 1 से 5 की लागत लगभग कितनी है?
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ₹9,680 करोड़
व्याख्या: अकेले पैकेज 1 से 5 की अनुमानित लागत लगभग ₹9,680 करोड़ है, जो इस बड़े ग्रीनफील्ड निवेश के पैमाने को दर्शाती है।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
➜ प्रीलिम्स: भारतमाला परियोजना, NHAI, एक्सप्रेसवे की लंबाई, NH-44/GT रोड।
➜ मेन्स GS-III: अवसंरचना, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स एवं क्षेत्रीय आर्थिक विकास।
➜ अर्थव्यवस्था/सुरक्षा: सीमावर्ती कनेक्टिविटी एवं औद्योगिक-लॉजिस्टिक्स विकास।
➜ भूगोल: हरियाणा, पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर का मार्ग; कटरा से तीर्थ कनेक्टिविटी।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
"ग्रीनफील्ड नियंत्रित-पहुँच एक्सप्रेसवे भारत के लॉजिस्टिक्स भूगोल एवं तीर्थ कनेक्टिविटी दोनों को पुनर्आकार दे रहे हैं।" दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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