जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी: यूपी कैबिनेट का निर्णय 2026 — प्रक्रिया व महत्व

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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शाहजहाँपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने को मंज़ूरी दे दी है। यह निर्णय 6 जुलाई 2026 को लिया गया और इसके साथ ही स्थानीय नगर निकाय भी अब परशुरामपुरी नगर पालिका परिषद के नाम से जाना जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी।

नया नाम ‘परशुरामपुरी’ इस स्थानीय मान्यता से जुड़ा है कि यह कस्बा भगवान परशुराम का जन्मस्थान है, जिन्हें हिंदू परंपरा में भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। इस प्रकार नाम परिवर्तन सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है।

भारत में किसी कस्बे या शहर का नाम बदलना एक बहु-स्तरीय प्रक्रिया है, जिसमें राज्य सरकार, केंद्र सरकार और विशेष रूप से गृह मंत्रालय के बीच समन्वय आवश्यक होता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि नाम परिवर्तन सरकारी रिकॉर्ड, नक्शों, डाक पतों तथा नगरपालिका अधिसूचनाओं को प्रभावित करता है।

इस मामले में स्थानीय नगर परिषद ने पहले 2018 और फिर 2023 में नाम परिवर्तन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए। उत्तर प्रदेश सरकार को यह प्रस्ताव 24 अप्रैल 2025 को प्राप्त हुआ, जिसके बाद उसने 27 जून 2025 को केंद्र से अनुमति माँगी।

गृह मंत्रालय ने विभिन्न एजेंसियों — जैसे भारतीय सर्वेक्षण विभाग, रेलवे और डाक विभाग — से समन्वय के बाद 19 अगस्त 2025 को अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी किया। इस NOC के आधार पर ही राज्य कैबिनेट ने अंतिम मंज़ूरी दी, जिससे यह पूरी संवैधानिक व प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूर्ण हुई।

स्थानों के नाम बदलने का मुद्दा प्रायः सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक स्मृति और स्थानीय भावनाओं से जुड़ा होता है। परीक्षा की दृष्टि से यह विषय संघीय ढाँचे में केंद्र-राज्य समन्वय, गृह मंत्रालय की भूमिका तथा प्रशासनिक अधिसूचना-प्रक्रिया को समझने का अच्छा उदाहरण है।

📌 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

  • पुराना नाम: जलालाबाद (शाहजहाँपुर जिला, उत्तर प्रदेश)।
  • नया नाम: परशुरामपुरी; नगर निकाय — परशुरामपुरी नगर पालिका परिषद।
  • कैबिनेट मंज़ूरी: 6 जुलाई 2026 (सर्वसम्मति से)।
  • घोषणा: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा।
  • स्थानीय प्रस्ताव: 2018 व 2023 में नगर परिषद द्वारा पारित।
  • गृह मंत्रालय द्वारा NOC: 19 अगस्त 2025 को जारी।
  • नाम का आधार: कस्बे को भगवान परशुराम (विष्णु के छठे अवतार) का जन्मस्थान मानने की मान्यता।

📝 अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।

मध्यम स्तर

प्रश्न 1. यूपी कैबिनेट ने किस कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने को मंज़ूरी दी?

(अ) जलालाबाद
(ब) जलालपुर
(स) जहाँगीराबाद
(द) जौनपुर
उत्तर देखें

उत्तर: (अ) जलालाबाद

व्याख्या: शाहजहाँपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया।

मध्यम स्तर

प्रश्न 2. जलालाबाद किस जिले में स्थित है?

(अ) बरेली
(ब) शाहजहाँपुर
(स) हरदोई
(द) सीतापुर
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) शाहजहाँपुर

व्याख्या: जलालाबाद उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले का कस्बा है।

मध्यम स्तर

प्रश्न 3. कैबिनेट की मंज़ूरी की घोषणा किसने की?

(अ) मुख्यमंत्री
(ब) वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना
(स) गृह मंत्री
(द) नगर विकास मंत्री
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना

व्याख्या: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सर्वसम्मत स्वीकृति की जानकारी दी।

मध्यम स्तर

प्रश्न 4. नया नाम ‘परशुरामपुरी’ किस मान्यता से जुड़ा है?

(अ) एक स्वतंत्रता सेनानी
(ब) भगवान परशुराम का जन्मस्थान
(स) एक प्राचीन किला
(द) एक नदी का नाम
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) भगवान परशुराम का जन्मस्थान

व्याख्या: स्थानीय मान्यता के अनुसार यह कस्बा भगवान परशुराम का जन्मस्थान माना जाता है।

मध्यम स्तर

प्रश्न 5. भगवान परशुराम को विष्णु का कौन-सा अवतार माना जाता है?

(अ) पाँचवाँ
(ब) छठा
(स) सातवाँ
(द) आठवाँ
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) छठा

व्याख्या: हिंदू परंपरा में परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना जाता है।

मध्यम स्तर

प्रश्न 6. नगर परिषद ने नाम परिवर्तन के समर्थन में प्रस्ताव किन वर्षों में पारित किए?

(अ) 2015 व 2020
(ब) 2018 व 2023
(स) 2019 व 2022
(द) 2016 व 2021
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) 2018 व 2023

व्याख्या: स्थानीय नगर परिषद ने 2018 और फिर 2023 में प्रस्ताव पारित किए।

मध्यम स्तर

प्रश्न 7. गृह मंत्रालय ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) कब जारी किया?

(अ) 24 अप्रैल 2025
(ब) 27 जून 2025
(स) 19 अगस्त 2025
(द) 6 जुलाई 2026
उत्तर देखें

उत्तर: (स) 19 अगस्त 2025

व्याख्या: गृह मंत्रालय ने 19 अगस्त 2025 को NOC जारी की।

UPSC/RPSC स्तर

प्रश्न 8. भारत में स्थानों के नाम बदलने में केंद्र की ओर से मुख्य समन्वयक कौन है?

(अ) नीति आयोग
(ब) गृह मंत्रालय
(स) संस्कृति मंत्रालय
(द) चुनाव आयोग
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) गृह मंत्रालय

व्याख्या: नाम परिवर्तन में गृह मंत्रालय विभिन्न एजेंसियों से समन्वय कर NOC देता है।

UPSC/RPSC स्तर

प्रश्न 9. नाम परिवर्तन के लिए NOC देने से पहले गृह मंत्रालय किन एजेंसियों से समन्वय करता है?

(अ) केवल राज्य पुलिस
(ब) सर्वेक्षण विभाग, रेलवे व डाक विभाग
(स) केवल नीति आयोग
(द) केवल जनगणना विभाग
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) सर्वेक्षण विभाग, रेलवे व डाक विभाग

व्याख्या: नाम परिवर्तन नक्शों, डाक पतों व रेल रिकॉर्ड को प्रभावित करता है, अतः इनसे समन्वय आवश्यक है।

UPSC/RPSC स्तर

प्रश्न 10. स्थानों के नाम बदलने का मुद्दा मुख्यतः किससे जुड़ा माना जाता है?

(अ) केवल राजस्व
(ब) सांस्कृतिक पहचान व ऐतिहासिक स्मृति
(स) केवल पर्यटन
(द) केवल कृषि
उत्तर देखें

उत्तर: (ब) सांस्कृतिक पहचान व ऐतिहासिक स्मृति

व्याख्या: नाम परिवर्तन प्रायः सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक स्मृति व स्थानीय भावनाओं से जुड़ा होता है।

🎯 UPSC / RPSC प्रासंगिकता

  • राजव्यवस्था (GS-II): संघीय ढाँचे में केंद्र-राज्य समन्वय एवं गृह मंत्रालय की भूमिका।
  • शासन प्रक्रिया: स्थानों के नाम बदलने की चरणबद्ध प्रशासनिक व अधिसूचना-प्रक्रिया।
  • RPSC/UPPSC: उत्तर प्रदेश समसामयिकी एवं स्थानीय प्रशासनिक निर्णय।
  • निबंध: सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक स्मृति एवं स्थान-नाम परिवर्तन की राजनीति।

✍️ UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

भारत में स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकारों की भूमिका की विवेचना कीजिए। ऐसे निर्णयों के सांस्कृतिक तथा प्रशासनिक निहितार्थों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)