NABARD ने 28 नए उत्पादों के लिए GI पंजीकरण सुविधा प्रदान की
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 11 जुलाई 2026
10 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने देश भर के 28 नए उत्पादों के लिए भौगोलिक संकेतक (GI) पंजीकरण की सुविधा प्रदान की। इन नए जुड़ावों के साथ NABARD द्वारा समर्थित GI उत्पादों की कुल संख्या 176 हो गई है, जिससे पारंपरिक एवं क्षेत्र-विशिष्ट वस्तुओं की कानूनी सुरक्षा और मजबूत हुई है।
भौगोलिक संकेतक (GI) किसी वस्तु पर प्रयुक्त एक चिह्न है जिसका एक विशिष्ट भौगोलिक मूल होता है, तथा जिसके गुण, प्रतिष्ठा या विशेषताएँ उसी भौगोलिक मूल से जुड़ी होती हैं। भारत में GI पंजीकरण भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 द्वारा शासित होता है और इसका प्रशासन पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेड मार्क महानियंत्रक के अधीन GI रजिस्ट्री द्वारा किया जाता है।
28 नए पंजीकृत उत्पादों में नालंदा बावनबूटी (बिहार), कुचाई सिल्क (झारखंड), अरुणाचल वुड कार्विंग क्राफ्ट एवं खजुराहो मेटल क्राफ्ट (मध्य प्रदेश) जैसे विविध हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद संबंधित क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं कारीगरी को दर्शाते हैं।
NABARD, EDII अहमदाबाद, बिहार कृषि विश्वविद्यालय एवं MABIF तमिलनाडु में स्थित GI सुविधा केंद्रों के माध्यम से GI पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करता है। इसके अतिरिक्त, यह अइहोल, कर्नाटक में एक समर्पित GI स्टोर भी संचालित करता है, जहाँ GI-पंजीकृत उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराया जाता है।
आर्थिक एवं रोजगार के दृष्टिकोण से NABARD की GI-आधारित पहलों ने 13,000 से अधिक कारीगरों को उच्च-मूल्य वाले बाज़ारों से जोड़ा है और संबद्ध मूल्य श्रृंखलाओं के माध्यम से 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित किए हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाता है एवं पारंपरिक कौशल को संरक्षित करता है।
व्यापक दृष्टि से GI टैग न केवल उत्पादकों को नकल एवं अनुचित प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि निर्यात क्षमता को भी बढ़ाते हैं। ये स्थानीय समुदायों की आजीविका, सांस्कृतिक पहचान एवं "वोकल फॉर लोकल" जैसे राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ 10 जुलाई 2026 को NABARD ने 28 नए उत्पादों के लिए GI पंजीकरण सुविधा दी।
◆ NABARD-समर्थित GI उत्पादों की कुल संख्या 176 हुई।
◆ भारत में GI पंजीकरण GI (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 द्वारा शासित।
◆ GI रजिस्ट्री पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेड मार्क महानियंत्रक के अधीन कार्य करती है।
◆ उदाहरण: नालंदा बावनबूटी (बिहार), कुचाई सिल्क (झारखंड)।
◆ NABARD अइहोल, कर्नाटक में समर्पित GI स्टोर संचालित करता है।
◆ NABARD का मुख्यालय मुंबई में; स्थापना 1982 में हुई।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. जुलाई 2026 में NABARD ने कितने नए उत्पादों के लिए GI पंजीकरण सुविधा दी?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 28
व्याख्या: 10 जुलाई 2026 को NABARD ने 28 नए उत्पादों के लिए GI पंजीकरण सुविधा प्रदान की।
प्रश्न 2. इन जुड़ावों के बाद NABARD-समर्थित GI उत्पादों की कुल संख्या कितनी हुई?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 176
व्याख्या: नए 28 उत्पादों के साथ कुल संख्या 176 हो गई।
प्रश्न 3. भारत में GI पंजीकरण किस अधिनियम द्वारा शासित होता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – GI (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999
व्याख्या: भारत में GI पंजीकरण इसी अधिनियम द्वारा शासित होता है।
प्रश्न 4. GI रजिस्ट्री किसके अधीन कार्य करती है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेड मार्क महानियंत्रक
व्याख्या: GI रजिस्ट्री महानियंत्रक (CGPDTM) के अधीन कार्य करती है।
प्रश्न 5. नालंदा बावनबूटी किस राज्य से संबंधित GI उत्पाद है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – बिहार
व्याख्या: नालंदा बावनबूटी बिहार से संबंधित GI उत्पाद है।
प्रश्न 6. NABARD का समर्पित GI स्टोर कहाँ स्थित है?
उत्तर देखें
उत्तर: A – अइहोल, कर्नाटक
व्याख्या: NABARD अइहोल, कर्नाटक में एक समर्पित GI स्टोर संचालित करता है।
प्रश्न 7. NABARD का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – मुंबई
व्याख्या: NABARD का मुख्यालय मुंबई में है; इसकी स्थापना 1982 में हुई।
प्रश्न 8. GI टैग मुख्यतः किस प्रकार का बौद्धिक संपदा अधिकार है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – सामूहिक/सामुदायिक अधिकार से जुड़ा भौगोलिक संकेतक
व्याख्या: GI एक सामूहिक अधिकार है जो किसी क्षेत्र के उत्पादकों को सामुदायिक रूप से प्राप्त होता है।
प्रश्न 9. GI पंजीकरण से कारीगरों को मुख्यतः क्या लाभ होता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – नकल से सुरक्षा एवं उच्च-मूल्य बाज़ार तक पहुँच
व्याख्या: GI उत्पादकों को नकल से सुरक्षा देता है एवं उन्हें उच्च-मूल्य वाले बाज़ारों से जोड़ता है।
प्रश्न 10. NABARD की GI-आधारित पहलों का ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – कारीगरों को बाज़ार से जोड़कर आजीविका एवं रोजगार सृजन
व्याख्या: इन पहलों ने 13,000+ कारीगरों को जोड़ा एवं 50,000+ प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित किए।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रीलिम्स: GI अधिनियम 1999, GI रजिस्ट्री, NABARD (1982, मुंबई), GI उदाहरण।
- ➜ मेन्स GS-III: कृषि, ग्रामीण विकास, बौद्धिक संपदा, आजीविका।
- ➜ अर्थव्यवस्था: ग्रामीण अर्थव्यवस्था, निर्यात, वोकल फॉर लोकल।
- ➜ संस्कृति: पारंपरिक हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक विरासत संरक्षण।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
भौगोलिक संकेतक (GI) टैग किस प्रकार पारंपरिक उत्पादों की सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान देते हैं? NABARD जैसी संस्थाओं की GI पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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