डिजिटल भविष्य की नींव: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंज़ूर की डेटा सेंटर नीति 2026
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 6 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने एआई-रेडी और हरित (green) डेटा सेंटरों पर केंद्रित डेटा सेंटर नीति 2026 को स्वीकृति दी है। इस नीति का लक्ष्य राज्य में 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त क्षमता विकसित करना और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना है, जिससे उत्तर प्रदेश देश के डिजिटल-अवसंरचना केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।
6 जुलाई 2026 को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह नीति मंज़ूर की गई। यह नई नीति डेटा सेंटर नीति 2021 का स्थान लेती है, जो 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुकी थी। डेटा सेंटर वे सुविधाएँ हैं जो सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्क उपकरणों के माध्यम से डिजिटल डेटा को संग्रहीत, संसाधित और वितरित करती हैं।
2026 की नीति एआई-रेडी और हरित डेटा सेंटरों पर केंद्रित है, जिसमें जीपीयू-आधारित अवसंरचना, ऊर्जा दक्षता और सतत संचालन पर विशेष बल है। नीति में 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त क्षमता और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश का लक्ष्य रखा गया है, ताकि राज्य डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बन सके।
निवेश आकर्षित करने के लिए नीति में पूँजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी तथा भूमि, स्टांप शुल्क और बिजली शुल्क में रियायतें दी गई हैं, साथ ही अवसंरचना सहायता का प्रावधान है। टियर-3 व टियर-4 डेटा सेंटरों, एआई कंप्यूट बूस्टर तथा हरित व सतत संचालन के लिए विशेष प्रोत्साहन रखे गए हैं। पूर्व नीति (2021) के तहत लगभग 21,343 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ स्वीकृत हुई थीं (644 मेगावाट क्षमता), जिनमें से सात परियोजनाएँ चालू हो चुकी हैं।
क्षेत्रीय संतुलन के लिए नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे पिछड़े क्षेत्रों हेतु विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे संतुलित विकास को बढ़ावा मिले। अनुमान है कि इससे लगभग 7,500 दीर्घकालिक रोज़गार सृजित होंगे तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में सहायक अवसर उत्पन्न होंगे।
व्यापक परिप्रेक्ष्य में डेटा सेंटर आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं — ये डेटा-स्थानीयकरण, क्लाउड सेवाओं, एआई और साइबर-सुरक्षा के लिए अनिवार्य अवसंरचना उपलब्ध कराते हैं। हरित डेटा सेंटरों पर बल जलवायु-लक्ष्यों के अनुरूप है, जबकि निवेश व रोज़गार सृजन राज्य के आर्थिक सशक्तिकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
- ◆ नीति: उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026; स्वीकृति 6 जुलाई 2026 (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता)।
- ◆ यह नीति 2021 की नीति का स्थान लेती है (जो 27 जनवरी 2026 को समाप्त हुई)।
- ◆ लक्ष्य: 2 गीगावाट+ अतिरिक्त क्षमता एवं 2 लाख करोड़+ रुपये निवेश।
- ◆ केंद्रित क्षेत्र: एआई-रेडी व हरित डेटा सेंटर, जीपीयू-आधारित अवसंरचना।
- ◆ प्रोत्साहन: पूँजीगत/ब्याज सब्सिडी, भूमि, स्टांप व बिजली शुल्क रियायतें।
- ◆ पूर्व नीति (2021): ~21,343 करोड़ की परियोजनाएँ, 644 मेगावाट, 7 चालू।
- ◆ क्षेत्रीय फोकस: बुंदेलखंड व पूर्वांचल; ~7,500 दीर्घकालिक रोज़गार का अनुमान।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 को कब मंज़ूरी दी गई?
उत्तर देखें
उत्तर: (B) 6 जुलाई 2026
व्याख्या: 6 जुलाई 2026 को कैबिनेट बैठक में नीति को स्वीकृति दी गई।
यह नई नीति किस पुरानी नीति का स्थान लेती है?
उत्तर देखें
उत्तर: (B) डेटा सेंटर नीति 2021
व्याख्या: 2021 की नीति 27 जनवरी 2026 को समाप्त हुई थी; उसका स्थान 2026 की नीति लेती है।
नीति का निवेश लक्ष्य क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 2 लाख करोड़+
व्याख्या: नीति 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखती है।
नीति में अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य कितना है?
उत्तर देखें
उत्तर: (C) 2 गीगावाट+
व्याख्या: 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
2026 की नीति किन दो पहलुओं पर विशेष रूप से केंद्रित है?
उत्तर देखें
उत्तर: (A) एआई-रेडी व हरित डेटा सेंटर
व्याख्या: नीति एआई-रेडी व हरित (ऊर्जा-दक्ष, सतत) डेटा सेंटरों पर केंद्रित है।
नीति में किन पिछड़े क्षेत्रों हेतु विशेष प्रोत्साहन हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: (A) बुंदेलखंड व पूर्वांचल
व्याख्या: क्षेत्रीय संतुलन हेतु बुंदेलखंड व पूर्वांचल को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं।
डेटा सेंटर मूलतः क्या कार्य करते हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: (B) डिजिटल डेटा का संग्रहण, संसाधन व वितरण
व्याख्या: डेटा सेंटर सर्वर, स्टोरेज व नेटवर्क के माध्यम से डेटा संग्रहीत, संसाधित व वितरित करते हैं।
"हरित डेटा सेंटर" पर बल किस व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है?
उत्तर देखें
उत्तर: (A) जलवायु/सततता लक्ष्यों
व्याख्या: ऊर्जा-दक्ष हरित डेटा सेंटर जलवायु व सततता लक्ष्यों के अनुरूप होते हैं।
डेटा-स्थानीयकरण (Data Localisation) के संदर्भ में डेटा सेंटरों के महत्व पर सर्वाधिक उपयुक्त कथन कौन-सा है?
उत्तर देखें
उत्तर: (B) ये देश के भीतर डेटा भंडारण व साइबर-सुरक्षा को सुदृढ़ करते हैं
व्याख्या: घरेलू डेटा सेंटर डेटा-स्थानीयकरण, संप्रभुता व साइबर-सुरक्षा को मज़बूत करते हैं।
राज्य-स्तरीय क्षेत्रीय नीतियों में पिछड़े क्षेत्रों हेतु विशेष प्रोत्साहन के औचित्य के बारे में सर्वाधिक उपयुक्त कथन कौन-सा है?
उत्तर देखें
उत्तर: (A) यह संतुलित क्षेत्रीय विकास व असमानता में कमी को बढ़ावा देता है
व्याख्या: लक्षित प्रोत्साहन पिछड़े क्षेत्रों में निवेश खींचकर क्षेत्रीय असमानता कम करते हैं।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ डिजिटल अर्थव्यवस्था, डेटा सेंटर एवं डेटा-स्थानीयकरण (GS-3 अर्थव्यवस्था/विज्ञान-प्रौद्योगिकी)।
- ➜ हरित/ऊर्जा-दक्ष अवसंरचना एवं सततता लक्ष्य (GS-3 पर्यावरण)।
- ➜ राज्य निवेश-प्रोत्साहन नीतियाँ एवं संतुलित क्षेत्रीय विकास (GS-3)।
- ➜ एआई अवसंरचना, साइबर-सुरक्षा एवं डेटा-संप्रभुता (GS-3 विज्ञान-प्रौद्योगिकी)।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
डेटा सेंटर आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारभूत अवसंरचना हैं। उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 के आलोक में राज्य-स्तरीय नीतियों की भूमिका एवं हरित व एआई-रेडी अवसंरचना के महत्व की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)