UGC NET अर्थशास्त्र सिलेबस 2026 (हिंदी)
सभी 10 यूनिट, परीक्षा पैटर्न, मार्किंग स्कीम, यूनिट-वाइज वेटेज और बेस्ट बुक्स — JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर की तैयारी के लिए पूरी गाइड।
अर्थशास्त्र UGC NET के सबसे विश्लेषणात्मक विषयों में से एक है, जिसमें सूक्ष्म अर्थशास्त्र, समष्टि अर्थशास्त्र, अर्थमिति, गणितीय अर्थशास्त्र से लेकर भारतीय अर्थव्यवस्था तक शामिल है। पेपर 2 का सिलेबस राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा 10 यूनिट में बाँटा गया है। हर यूनिट को साफ़-साफ़ समझना और सही क्रम में पढ़ना ही अच्छे स्कोर की कुंजी है। यहाँ पूरा सिलेबस आसान, परीक्षा-केंद्रित भाषा में समझाया गया है।
सिलेबस हाइलाइट्स — एक नज़र में
UGC NET अर्थशास्त्र परीक्षा पैटर्न 2026
परीक्षा एक ही 3-घंटे के सत्र में दो पेपर के रूप में होती है। पेपर 1 सभी विषयों के लिए समान (शिक्षण एवं शोध अभिरुचि) होता है, जबकि पेपर 2 पूरी तरह अर्थशास्त्र पर आधारित है।
पेपर 1 (सामान्य योग्यता) के मुख्य विषय: शिक्षण योग्यता, शोध योग्यता, कॉम्प्रिहेंशन, संचार, गणितीय तर्क, लॉजिकल रीज़निंग, डेटा व्याख्या, ICT, लोग एवं पर्यावरण, और उच्च शिक्षा प्रणाली। पेपर 1 सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है।
Paper 2: अर्थशास्त्र Syllabus — All 10 Units
नीचे पूरा यूनिट-वाइज विवरण दिया गया है। हर कार्ड में मुख्य टॉपिक बुलेट पॉइंट में दिए गए हैं ताकि रिवीज़न आसान हो।
यूनिट 1 • सूक्ष्म अर्थशास्त्र (Microeconomics)
व्यक्तियों के निर्णय, उपभोक्ता एवं उत्पादक व्यवहार, बाजार दक्षता और कल्याण से संबंधित।
- उपभोक्ता व्यवहार का सिद्धांत
- उत्पादन और लागत का सिद्धांत
- अनिश्चितता के तहत निर्णय एवं जोखिम वरीयता
- खेल सिद्धांत (गैर-सहयोगात्मक खेल)
- बाजार संरचना (प्रतिस्पर्धी एवं गैर-प्रतिस्पर्धी बाजार)
- फैक्टर प्राइसिंग एवं सामान्य संतुलन विश्लेषण
- दक्षता मानदंड: पैरेटो इष्टतमता, काल्डोर-हिक्स
- कल्याणकारी अर्थशास्त्र एवं सामाजिक कल्याण फलन
- असममित सूचना: प्रतिकूल चयन एवं नैतिक जोखिम
यूनिट 2 • समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics)
समग्र अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय आय, रोजगार, मौद्रिक-राजकोषीय नीति और आर्थिक उतार-चढ़ाव।
- राष्ट्रीय आय: अवधारणाएँ एवं माप
- उत्पादन और रोजगार: शास्त्रीय एवं कीनेसियन दृष्टिकोण
- उपभोग एवं निवेश फलन, गुणक और त्वरक
- मुद्रा की मांग एवं आपूर्ति
- IS-LM फ्रेमवर्क
- मुद्रास्फीति एवं फिलिप्स वक्र
- व्यापार चक्र
- मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति
- तर्कसंगत अपेक्षा परिकल्पना
यूनिट 3 • सांख्यिकी एवं अर्थमिति (Statistics & Econometrics)
आर्थिक विश्लेषण में प्रयुक्त सांख्यिकीय एवं अर्थमितीय विधियों एवं उपकरणों का परिचय।
- प्रायिकता सिद्धांत, वितरण एवं CLT
- वर्णनात्मक सांख्यिकी एवं सूचकांक संख्याएँ
- नमूनाकरण एवं परिकल्पना परीक्षण
- लीनियर रिग्रेशन मॉडल एवं BLUE
- पहचान समस्या एवं एक साथ समीकरण विधियाँ
- समय श्रृंखला (Time Series)
यूनिट 4 • गणितीय अर्थशास्त्र (Mathematical Economics)
अर्थशास्त्र में गणित — कैलकुलस, बीजगणित, अनुकूलन और मॉडलिंग।
- समुच्चय, फलन एवं निरंतरता
- विभेदक कैलकुलस
- लीनियर अलजेब्रा
- अनुकूलन (Optimization) समस्याएँ
- इनपुट-आउटपुट मॉडल एवं रैखिक प्रोग्रामिंग
- अवकल एवं अंतर समीकरण
यूनिट 5 • अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र (International Economics)
अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विनिमय दर, व्यापार नीतियाँ एवं अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संगठन।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सिद्धांत (शास्त्रीय एवं आधुनिक)
- अपूर्ण प्रतिस्पर्धा के अंतर्गत व्यापार
- व्यापार में बाधाएँ
- भुगतान संतुलन (Balance of Payments)
- विनिमय दर एवं विदेशी मुद्रा बाजार
- टैरिफ, कोटा एवं डंपिंग
- WTO, GATT एवं व्यापार नीतियाँ
- IMF, विश्व बैंक एवं क्षेत्रीय व्यापार गुट
यूनिट 6 • सार्वजनिक अर्थशास्त्र (Public Economics)
अर्थव्यवस्था में सरकार की भूमिका, कराधान, सार्वजनिक व्यय, ऋण एवं राजकोषीय नीति।
- बाजार की विफलता: सार्वजनिक वस्तुएँ एवं बाह्य प्रभाव
- कराधान — प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष
- सार्वजनिक व्यय एवं सार्वजनिक ऋण
- बजट एवं राजकोषीय नीति
यूनिट 7 • मुद्रा और बैंकिंग (Money & Banking)
मौद्रिक प्रणाली, केंद्रीय एवं वाणिज्यिक बैंकिंग, मौद्रिक नीति उपकरण एवं वित्तीय संस्थान।
- मुद्रा आपूर्ति के घटक
- केंद्रीय एवं वाणिज्यिक बैंकिंग
- मौद्रिक नीति उपकरण
- पूंजी बाजार एवं गैर-वित्तीय कंपनियाँ
यूनिट 8 • वृद्धि एवं विकास अर्थशास्त्र (Growth & Development)
विकास के सिद्धांत, विकास संकेतक, गरीबी एवं असमानता।
- वृद्धि एवं विकास की अवधारणा
- सिद्धांत: स्मिथ, रिकार्डो, मार्क्स, शुम्पीटर, रोस्टोव, बिग पुश
- विकास मॉडल: हैरोड-डोमर, सोलो एवं काल्डोर
- तकनीकी परिवर्तन एवं अंतर्जात विकास सिद्धांत
- गरीबी, असमानता एवं विकास संकेतक (HDI, PQLI, SDG)
यूनिट 9 • पर्यावरण अर्थशास्त्र एवं जनसांख्यिकी (Environmental Economics & Demography)
पर्यावरण अर्थशास्त्र एवं जनसांख्यिकी के मुद्दे, सतत विकास एवं मूल्यांकन।
- पर्यावरण एक विशुद्ध सार्वजनिक हित के रूप में
- कोज़ प्रमेय एवं लागत-लाभ विश्लेषण
- जनसंख्या के सिद्धांत
- प्रजनन क्षमता, मृत्यु दर एवं प्रवासन
- जनसांख्यिकीय विभाजन (Demographic Dividend)
यूनिट 10 • भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy)
भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना, विकास स्वरूप एवं प्रमुख समस्याएँ।
- संरचना, विकास का स्वरूप एवं परिवर्तन
- कृषि, उद्योग एवं सेवाएँ
- ग्रामीण एवं शहरी विकास
- विदेशी व्यापार एवं भुगतान संतुलन
- अवसंरचना एवं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP)
- भूमि, श्रम एवं पूंजी में बाजार सुधार
- वित्त आयोग एवं FRBM
- गरीबी, असमानता एवं बेरोजगारी
सबसे अधिक वेटेज वाली यूनिट
हर यूनिट महत्वपूर्ण है, पर पिछले वर्षों के पैटर्न के अनुसार ये यूनिट परीक्षा में लगातार अधिक भार रखती हैं। पहले इन पर मजबूत पकड़ बनाएँ।
⭐ सबसे महत्वपूर्ण विषय
सूक्ष्म अर्थशास्त्र, समष्टि अर्थशास्त्र, अर्थमिति, गणितीय अर्थशास्त्र, अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र, वृद्धि एवं विकास अर्थशास्त्र, और भारतीय अर्थव्यवस्था — ये बार-बार पूछे जाने वाले हाई-यील्ड विषय हैं।
बेस्ट बुक्स — UGC NET अर्थशास्त्र
- सूक्ष्म अर्थशास्त्र — एच.एल. आहूजा / कौत्सोयानिस
- मैक्रोइकॉनॉमिक्स — एन. ग्रेगरी मैनकिव / डोर्नबुश एवं फिशर
- सांख्यिकी एवं अर्थमिति — दामोदर एन. गुजराती / जी.एस. मड्डाला
- गणितीय अर्थशास्त्र — अल्फा सी. चियांग
- अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र — पॉल क्रुगमैन / सोडरस्टेन एवं रीड
- भारतीय अर्थव्यवस्था — रमेश सिंह / मिश्रा एवं पुरी
📌 तैयारी की स्मार्ट रणनीति
सिलेबस को 10 यूनिट में बाँटें, कठिन यूनिट (अर्थमिति एवं गणितीय अर्थशास्त्र) से शुरुआत करें, हर यूनिट के छोटे नोट्स बनाएँ, फॉर्मूला एवं ग्राफ रोज़ दोहराएँ, पिछले वर्ष के प्रश्न हल करें और साप्ताहिक मॉक टेस्ट दें। ज्यादातर उम्मीदवार 4–6 महीने में सिलेबस पूरा कर लेते हैं।
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UGC NET अर्थशास्त्र 2026 क्रैक करने के लिए तैयार हैं?
ऊपर दी गई यूनिट-वाइज योजना का पालन करें, नियमित रिवीज़न करें और मॉक टेस्ट से अभ्यास करते रहें। शुभकामनाएँ!