AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर हेतु सहायता
AH-64E अपाचे विश्व के सर्वाधिक उन्नत अटैक हेलीकॉप्टरों में से एक है। बोइंग द्वारा विकसित यह ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर एंटी-आर्मर अभियान, टोही मिशन एवं क्लोज एयर सपोर्ट में उपयोग होता है। भारत की अपाचे क्षमता बनाए रखने हेतु लगभग 198.2 मिलियन डॉलर का पैकेज स्वीकृत हुआ, जिसमें स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, फील्ड सर्विस प्रतिनिधि एवं डिपो-स्तरीय रखरखाव शामिल हैं।
M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर हेतु समर्थन
M777A2 एक 155 मिमी टो होवित्जर है, जो लंबी दूरी की तोपखाना सहायता देती है। इसकी विशेषता टाइटेनियम निर्माण के कारण हल्का वजन है, जिससे इसे पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इसके लिए लगभग 230 मिलियन डॉलर के पैकेज में स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत, प्रशिक्षण एवं डिपो-स्तरीय समर्थन शामिल हैं, जो भारत की तोपखाना क्षमता को दीर्घकालिक मजबूती देंगे।
अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) प्रक्रिया
अमेरिका रक्षा उपकरणों के अंतरराष्ट्रीय हस्तांतरण हेतु विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) प्रणाली का उपयोग करता है। मई 2026 में अमेरिकी विदेश विभाग ने इन प्रस्तावों की जानकारी कांग्रेस को दी एवं 17 जून 2026 को रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने संघीय रजिस्टर में औपचारिक अधिसूचना जारी की। यह प्रक्रिया मित्र देशों को रक्षा सामग्री के पारदर्शी हस्तांतरण को सुनिश्चित करती है।
भारत-अमेरिका रक्षा संबंध: विस्तृत जानकारी
- प्रमुख ठेकेदार: M777 — BAE सिस्टम्स; अपाचे — बोइंग एवं लॉकहीड मार्टिन।
- मूलभूत रक्षा समझौते: LEMOA (2016), COMCASA (2018) एवं BECA (2020) — भारत-अमेरिका रक्षा अंतर-संचालनीयता के स्तंभ।
- "मेजर डिफेंस पार्टनर": 2016 में अमेरिका ने भारत को यह दर्जा दिया।
- 2+2 वार्ता: दोनों देशों के विदेश एवं रक्षा मंत्रियों के बीच नियमित रणनीतिक संवाद।
- QUAD: भारत, अमेरिका, जापान एवं ऑस्ट्रेलिया का इंडो-पैसिफिक समूह।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- कुल पैकेज मूल्य: 482.2 मिलियन डॉलर (अपाचे ~198.2 मि. + M777 ~230 मि.)।
- यह नए हथियार नहीं, मौजूदा प्रणालियों का रखरखाव-समर्थन है।
- AH-64E अपाचे — बोइंग; M777A2 — टाइटेनियम, 155 मिमी, BAE सिस्टम्स।
- DSCA ने 17 जून 2026 को FMS अधिसूचना जारी की।
- मूलभूत समझौते: LEMOA, COMCASA, BECA।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्र.1: भारत-अमेरिका के तीन "मूलभूत" रक्षा समझौते कौन-से हैं एवं उनका महत्व क्या है?
उत्तर: LEMOA (2016) पारस्परिक रसद समर्थन, COMCASA (2018) सुरक्षित संचार एवं BECA (2020) भू-स्थानिक खुफिया साझाकरण को सक्षम बनाते हैं। ये तीनों समझौते दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता, सूचना-साझाकरण एवं संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करते हैं।
प्र.2: रखरखाव-केंद्रित रक्षा सहायता पैकेज का सामरिक महत्व क्या है?
उत्तर: ऐसे पैकेज मौजूदा प्लेटफॉर्मों की परिचालन तत्परता एवं जीवन-चक्र को बनाए रखते हैं, जिससे बिना नई खरीद के युद्धक क्षमता निरंतर बनी रहती है। यह लागत-प्रभावी ढंग से रक्षा तैयारी सुनिश्चित कर रणनीतिक साझेदारी को गहरा करता है।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- कुल सहायता पैकेज का मूल्य कितना है? (A) 230 मि. डॉलर (B) 482.2 मि. डॉलर (C) 198.2 मि. डॉलर (D) 1 अरब डॉलर — उत्तर: (B) 482.2 मिलियन डॉलर
- AH-64E अपाचे का निर्माता कौन है? (A) BAE (B) लॉकहीड (C) बोइंग (D) रेथियॉन — उत्तर: (C) बोइंग
- M777A2 होवित्जर का कैलिबर क्या है? (A) 105 मिमी (B) 155 मिमी (C) 130 मिमी (D) 203 मिमी — उत्तर: (B) 155 मिमी
- FMS अधिसूचना किस एजेंसी ने जारी की? (A) पेंटागन (B) CIA (C) DSCA (D) NSA — उत्तर: (C) DSCA
- निम्न में कौन भारत-अमेरिका मूलभूत समझौता नहीं है? (A) LEMOA (B) COMCASA (C) BECA (D) CAATSA — उत्तर: (D) CAATSA