चीन ने नौ उपग्रहों के साथ ग्रैविटी-1 रॉकेट लॉन्च किया

विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 23 जुलाई 2026

चीन ने 22 जुलाई 2026 को अपने ग्रैविटी-1 कैरियर रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया और नौ उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित किया। यह प्रक्षेपण बीजिंग समय के अनुसार सुबह 10:54 बजे शंघाई के पूर्व में पूर्वी चीन सागर में स्थित एक समुद्री प्रक्षेपण मंच से हुआ, जो देश के विस्तृत होते वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक और मील का पत्थर है।

ग्रैविटी-1 एक ठोस-ईंधन कैरियर रॉकेट है जिसे निजी चीनी वाणिज्यिक प्रक्षेपण कंपनी ओरिएंसपेस ने विकसित किया है। इसे विश्व का सबसे शक्तिशाली ठोस-ईंधन रॉकेट कहा जाता है और अब इसने अपनी तीसरी सफल उड़ान पूरी कर ली है। ठोस-ईंधन वाहन अपनी सरलता, त्वरित तैयारी तथा लंबे समय तक भंडारण की क्षमता के कारण मूल्यवान माने जाते हैं।

इस मिशन में नौ उपग्रहों का विविध पेलोड था, जिनमें कई डोंगपो उपग्रह (डोंगपो-13, 14, 17, 18, 19 व 20) शामिल थे जो सभी मौसम व चौबीसों घंटे पृथ्वी अवलोकन के लिए बनाए गए हैं, साथ ही शिगुआंग-2 01, तियानयी-49 तथा लिलाक-3 (जिसे ज़िदिंगशियांग-3 भी कहते हैं)। ये उपग्रह खनिज खोज, कृषि, वानिकी, पर्यावरण निगरानी व शहरी नियोजन जैसे अनुप्रयोगों में सहायक हैं, जो इस मिशन को सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) के दायरे में रखते हैं।

यह उड़ान इसलिए उल्लेखनीय रही क्योंकि यह यांग्त्ज़ी नदी डेल्टा क्षेत्र के पूर्वी चीन सागर जल में किसी निजी वाणिज्यिक रॉकेट का पहला दूर-समुद्री प्रक्षेपण था। समुद्र-आधारित प्रक्षेपण मंचों का उपयोग बढ़ रहा है क्योंकि खुले जल में संचालन से गिरते रॉकेट चरणों के लिए व्यापक सुरक्षा गलियारे मिलते हैं और आबादी वाले क्षेत्रों को कम जोखिम होता है।

ग्रैविटी-1 की प्रगति का ठोस रिकॉर्ड रहा है: इसने जनवरी 2024 में अपनी पहली सफल उड़ान और अक्टूबर 2025 में दूसरी उड़ान पूरी की। ओरिएंसपेस अब ग्रैविटी-2 व ग्रैविटी-3 नामक बड़े तरल-ईंधन प्रक्षेपण वाहन विकसित कर रही है, जो भारी-पेलोड खंड में प्रतिस्पर्धा की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

यह प्रक्षेपण निजी अंतरिक्ष उद्योग के सामरिक व आर्थिक महत्व को रेखांकित करता है। चीन के लिए वाणिज्यिक प्रक्षेपण क्षमता का विस्तार उपग्रह-इंटरनेट समूहों, पृथ्वी-अवलोकन नेटवर्कों तथा कक्षा तक कम-लागत पहुंच को सहारा देता है। वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से, ओरिएंसपेस जैसी कंपनियों का उदय दर्शाता है कि किस प्रकार निजी पूंजी व स्वदेशी विनिर्माण अंतरिक्ष तक पहुंच के कभी राज्य-एकाधिकार वाले व्यवसाय को नया आकार दे रहे हैं।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

ग्रैविटी-1 ने जनवरी 2024 में पहली और अक्टूबर 2025 में दूसरी सफल उड़ान पूरी की।
ओरिएंसपेस एक निजी चीनी वाणिज्यिक प्रक्षेपण कंपनी है।
ग्रैविटी-1 को विश्व का सबसे शक्तिशाली ठोस-ईंधन रॉकेट कहा जाता है।
22 जुलाई 2026 का प्रक्षेपण पूर्वी चीन सागर में किसी निजी वाणिज्यिक रॉकेट का पहला दूर-समुद्री प्रक्षेपण था।
डोंगपो उपग्रह सभी मौसम व चौबीसों घंटे पृथ्वी अवलोकन के लिए हैं।
ठोस-ईंधन रॉकेट ठोस रूप में प्रणोदक का उपयोग करते हैं, तरल-ईंधन वाहनों से भिन्न।
ओरिएंसपेस ग्रैविटी-2 व ग्रैविटी-3 नामक बड़े तरल-ईंधन रॉकेट विकसित कर रही है।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।

मध्यम स्तर

Q1. ग्रैविटी-1 रॉकेट किस कंपनी ने विकसित किया?

A. स्पेसएक्स
B. ओरिएंसपेस
C. ब्लू ओरिजिन
D. इसरो
उत्तर देखें
उत्तर: B – ओरिएंसपेस
व्याख्या: ग्रैविटी-1 निजी चीनी वाणिज्यिक प्रक्षेपण कंपनी ओरिएंसपेस द्वारा बनाया गया है।
मध्यम स्तर

Q2. जुलाई 2026 के ग्रैविटी-1 मिशन ने कितने उपग्रह कक्षा में स्थापित किए?

A. सात
B. आठ
C. नौ
D. दस
उत्तर देखें
उत्तर: C – नौ
व्याख्या: मिशन ने नौ उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित किया।
मध्यम स्तर

Q3. ग्रैविटी-1 किस प्रकार का विश्व का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है?

A. तरल-ईंधन
B. ठोस-ईंधन
C. परमाणु-चालित
D. आयन-थ्रस्ट
उत्तर देखें
उत्तर: B – ठोस-ईंधन
व्याख्या: इसे विश्व का सबसे शक्तिशाली ठोस-ईंधन कैरियर रॉकेट कहा जाता है।
मध्यम स्तर

Q4. जुलाई 2026 में ग्रैविटी-1 कहाँ से प्रक्षेपित हुआ?

A. एक रेगिस्तानी प्रक्षेपण पैड
B. पूर्वी चीन सागर में एक समुद्री मंच
C. तिब्बत में एक पर्वतीय स्थल
D. एक वायुवाहित मंच
उत्तर देखें
उत्तर: B – पूर्वी चीन सागर में एक समुद्री मंच
व्याख्या: प्रक्षेपण शंघाई के पूर्व में पूर्वी चीन सागर में स्थित समुद्री मंच से हुआ।
मध्यम स्तर

Q5. मिशन के कौन-से उपग्रह सभी मौसम पृथ्वी अवलोकन के लिए हैं?

A. डोंगपो उपग्रह
B. केवल लिलाक-3
C. केवल तियानयी-49
D. कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: A – डोंगपो उपग्रह
व्याख्या: डोंगपो उपग्रह सभी मौसम व चौबीसों घंटे पृथ्वी अवलोकन के लिए बनाए गए हैं।
मध्यम स्तर

Q6. ग्रैविटी-1 की पहली सफल उड़ान कब हुई?

A. जनवरी 2024
B. अक्टूबर 2025
C. जुलाई 2026
D. मार्च 2023
उत्तर देखें
उत्तर: A – जनवरी 2024
व्याख्या: इसकी पहली सफल उड़ान जनवरी 2024 में और दूसरी अक्टूबर 2025 में हुई।
मध्यम स्तर

Q7. ओरिएंसपेस द्वारा विकसित भावी रॉकेट ग्रैविटी-2 व ग्रैविटी-3 किस प्रणोदन का उपयोग करेंगे?

A. ठोस-ईंधन
B. तरल-ईंधन
C. सौर पाल
D. परमाणु
उत्तर देखें
उत्तर: B – तरल-ईंधन
व्याख्या: ग्रैविटी-2 व ग्रैविटी-3 बड़े तरल-ईंधन प्रक्षेपण वाहन के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।
UPSC/RPSC स्तर

Q8. निम्न में से कौन-सा कारण समुद्री प्रक्षेपण मंचों के उपयोग को सबसे अच्छे से समझाता है?

A. ये ईंधन की आवश्यकता समाप्त करते हैं
B. खुले जल प्रक्षेपण व्यापक सुरक्षा गलियारे व प्रक्षेप-पथ लचीलापन देते हैं
C. ये किसी भी भूमि-स्थल से सस्ते हैं
D. ये केवल मानवयुक्त मिशन की अनुमति देते हैं
उत्तर देखें
उत्तर: B – खुले जल प्रक्षेपण व्यापक सुरक्षा गलियारे व प्रक्षेप-पथ लचीलापन देते हैं
व्याख्या: समुद्री प्रक्षेपण आबादी वाले क्षेत्रों को कम जोखिम देते हैं और गिरते चरणों हेतु प्रक्षेप-पथ चुनने में अधिक स्वतंत्रता देते हैं।
UPSC/RPSC स्तर

Q9. उपग्रहों के अनुप्रयोग—खनिज खोज, कृषि व शहरी नियोजन—मिशन को मुख्यतः किस दायरे में रखते हैं?

A. गहन-अंतरिक्ष अन्वेषण
B. सुदूर संवेदन व पृथ्वी अवलोकन
C. मानव अंतरिक्ष उड़ान
D. ग्रहीय रक्षा
उत्तर देखें
उत्तर: B – सुदूर संवेदन व पृथ्वी अवलोकन
व्याख्या: ये उपयोग सुदूर संवेदन व पृथ्वी अवलोकन अनुप्रयोगों के अंतर्गत आते हैं।
UPSC/RPSC स्तर

Q10. ओरिएंसपेस जैसी कंपनियों का विकास वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र की किस प्रवृत्ति को दर्शाता है?

A. प्रक्षेपणों पर पूर्ण राज्य-एकाधिकार
B. अंतरिक्ष पहुंच में निजी वाणिज्यिक कंपनियों की बढ़ती भूमिका
C. पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों का परित्याग
D. ठोस-ईंधन तकनीक का अंत
उत्तर देखें
उत्तर: B – अंतरिक्ष पहुंच में निजी वाणिज्यिक कंपनियों की बढ़ती भूमिका
व्याख्या: यह अंतरिक्ष के वाणिज्यीकरण को दर्शाता है, जिसमें निजी कंपनियां तेजी से प्रक्षेपण सेवाएं दे रही हैं।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

➜ प्रारंभिक परीक्षा: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रॉकेट प्रकार (ठोस बनाम तरल ईंधन), पृथ्वी अवलोकन व सुदूर संवेदन।
➜ मुख्य परीक्षा GS-III: विज्ञान व प्रौद्योगिकी में विकास; अंतरिक्ष क्षेत्र व उसका वाणिज्यीकरण।
➜ विज्ञान व तकनीक: कृषि, पर्यावरण व शहरी नियोजन में उपग्रह अनुप्रयोग।
➜ अंतर्राष्ट्रीय: चीन की विस्तृत वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमता व वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था।

UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

अंतरिक्ष क्षेत्र का वाणिज्यीकरण दुनियाभर में कक्षा तक पहुंच को बदल रहा है। चीन के ग्रैविटी-1 प्रक्षेपण जैसे मिशनों के आलोक में, निजी वाणिज्यिक प्रक्षेपण क्षमताओं के सामरिक व आर्थिक महत्व पर चर्चा कीजिए, और परीक्षण कीजिए कि ये भारत के उभरते निजी अंतरिक्ष तंत्र के लिए क्या सबक रखते हैं।

(250 शब्द, 15 अंक)

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