लेट्स फिक्स आवर फूड कंसोर्टियम ने बाल पोषण नीति जारी की

विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 23 जुलाई 2026

ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) के नेतृत्व वाले ‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कंसोर्टियम ने 22 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण नीति दस्तावेज़ जारी किया। ‘भारत में बच्चों एवं किशोरों के लिए स्वस्थ आहार व खाद्य वातावरण को बढ़ावा देने हेतु प्राथमिकता नीति कार्रवाई’ शीर्षक वाला यह दस्तावेज़ देशभर के युवाओं के आहार व खाद्य परिवेश को बेहतर बनाने हेतु साक्ष्य-आधारित सिफारिशें प्रस्तुत करता है।

यह नीति सीधे बाल व किशोर पोषण पर केंद्रित है — स्वस्थ आहार, स्वस्थ खाद्य वातावरण तथा युवाओं हेतु संबंधित उपाय। यह आहार-संबंधी गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग के बढ़ते बोझ का जवाब देती है, जो भारत व दुनियाभर में एक प्रमुख सार्वजनिक-स्वास्थ्य चिंता बन गए हैं और तेजी से कम आयु समूहों को प्रभावित कर रहे हैं।

कंसोर्टियम ICMR-NIN के नेतृत्व वाला एक बहु-संस्थागत मंच है, जो कई अग्रणी राष्ट्रीय व वैश्विक निकायों को एक साथ लाता है। इसके भागीदारों में यूनिसेफ इंडिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, रिज़ॉल्व टू सेव लाइव्स तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम शामिल हैं। यह व्यापक गठबंधन दस्तावेज़ को तकनीकी गहराई व अंतर-क्षेत्रीय विश्वसनीयता प्रदान करता है।

सामग्री की दृष्टि से, नीति उपायों का एक पैकेज सुझाती है: स्वस्थ विद्यालय खाद्य वातावरण, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबलिंग, बच्चों को अस्वस्थ खाद्य पदार्थों के विपणन का नियमन, तथा वसा, नमक व शर्करा में उच्च (HFSS) खाद्य पदार्थों पर कराधान। ये उपकरण मिलकर विकल्पों को प्रोत्साहित करने, हानिकारक विपणन को रोकने तथा स्वस्थ विकल्पों को युवा उपभोक्ताओं के लिए आसान डिफ़ॉल्ट बनाने का लक्ष्य रखते हैं।

कंसोर्टियम ने क्रियान्वयन में सहायता हेतु कई व्यावहारिक संसाधन भी शुरू किए। इनमें एक समर्पित वेबसाइट, स्कूलों के लिए न्यूट्रिशन एनवायरनमेंट असेसमेंट टूलकिट (NEAT-S), खाद्य लेबल पढ़ने पर एक ई-लर्निंग मॉड्यूल तथा वसा, शर्करा व नमक पर शैक्षिक सामग्री शामिल हैं। ऐसे उपकरण नीति की मंशा को कक्षा-स्तर व घरेलू-स्तर की कार्रवाई में बदलते हैं।

व्यापक महत्व रोकथाम में निहित है। बचपन की आहार आदतें जीवनभर के स्वास्थ्य को आकार देती हैं, और अस्वस्थ खाद्य वातावरण सीधे उस NCD बोझ में योगदान करता है जो भारत की स्वास्थ्य प्रणाली व अर्थव्यवस्था पर दबाव डालता है। लगभग तीन वर्षों के शोध, परामर्श व नीति संवाद के बाद तैयार यह दस्तावेज़ निवारक, साक्ष्य-आधारित पोषण शासन की ओर बदलाव दर्शाता है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य में बड़े दीर्घकालिक लाभ दे सकता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

ICMR-NIN का अर्थ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान है।
फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबलिंग पैकेज्ड खाद्य के आगे पोषण जानकारी प्रदान करती है।
HFSS वसा, नमक व शर्करा में उच्च खाद्य पदार्थों को संदर्भित करता है।
आहार-संबंधी NCDs में मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग शामिल हैं।
कंसोर्टियम के भागीदारों में यूनिसेफ इंडिया, WHO, FSSAI, PHFI, रिज़ॉल्व टू सेव लाइव्स व WFP शामिल हैं।
कंसोर्टियम ने NEAT-S, स्कूलों के लिए न्यूट्रिशन एनवायरनमेंट असेसमेंट टूलकिट शुरू किया।
यह नीति दस्तावेज़ लगभग तीन वर्षों के बहु-विषयक शोध व परामर्श के बाद तैयार किया गया।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।

मध्यम स्तर

Q1. ‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कंसोर्टियम का नेतृत्व कौन-सा निकाय करता है?

A. नीति आयोग
B. ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान
C. इसरो
D. यूजीसी
उत्तर देखें
उत्तर: B – ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान
व्याख्या: कंसोर्टियम का नेतृत्व ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) करता है।
मध्यम स्तर

Q2. नीति दस्तावेज़ मुख्यतः किस पर केंद्रित है?

A. वयस्क मानसिक स्वास्थ्य
B. बाल व किशोर पोषण
C. अंतरिक्ष अनुसंधान
D. राजमार्ग सुरक्षा
उत्तर देखें
उत्तर: B – बाल व किशोर पोषण
व्याख्या: यह बच्चों व किशोरों के आहार व खाद्य वातावरण को बेहतर बनाने की सिफारिशें प्रस्तुत करता है।
मध्यम स्तर

Q3. HFSS का पूरा नाम क्या है?

A. हाई फाइबर एंड सॉल्युबल सॉल्ट
B. वसा, नमक व शर्करा में उच्च खाद्य
C. हेल्थ एंड फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स
D. होम फूड सप्लाई स्कीम
उत्तर देखें
उत्तर: B – वसा, नमक व शर्करा में उच्च खाद्य
व्याख्या: HFSS वसा, नमक व शर्करा में उच्च खाद्य पदार्थों को संदर्भित करता है।
मध्यम स्तर

Q4. इनमें से कौन-सा दस्तावेज़ में सुझाया गया नीति उपाय है?

A. फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबलिंग
B. सभी विद्यालय भोजन पर रोक
C. FSSAI हटाना
D. पोषण अनुसंधान समाप्त करना
उत्तर देखें
उत्तर: A – फ्रंट-ऑफ-पैक पोषण लेबलिंग
व्याख्या: फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग सुझाए गए उपायों में से एक है, साथ ही HFSS कराधान व विपणन नियमन।
मध्यम स्तर

Q5. कंसोर्टियम द्वारा शुरू किया गया NEAT-S किसके लिए एक टूलकिट है?

A. यातायात प्रबंधन
B. स्कूलों में पोषण वातावरण का आकलन
C. मौसम पूर्वानुमान
D. बैंकिंग सेवाएं
उत्तर देखें
उत्तर: B – स्कूलों में पोषण वातावरण का आकलन
व्याख्या: NEAT-S स्कूलों के लिए न्यूट्रिशन एनवायरनमेंट असेसमेंट टूलकिट है।
मध्यम स्तर

Q6. कौन-सा अंतर्राष्ट्रीय निकाय कंसोर्टियम का भागीदार है?

A. नाटो
B. विश्व स्वास्थ्य संगठन
C. आईएमएफ
D. ओपेक
उत्तर देखें
उत्तर: B – विश्व स्वास्थ्य संगठन
व्याख्या: WHO कंसोर्टियम के भागीदारों में है, साथ ही यूनिसेफ इंडिया, FSSAI व अन्य।
मध्यम स्तर

Q7. आहार-संबंधी गैर-संचारी रोगों में शामिल हैं:

A. मलेरिया व डेंगू
B. मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग
C. तपेदिक व हैजा
D. खसरा व पोलियो
उत्तर देखें
उत्तर: B – मोटापा, मधुमेह व हृदय रोग
व्याख्या: ये मुख्य आहार-संबंधी NCDs हैं जिन्हें नीति संबोधित करना चाहती है।
UPSC/RPSC स्तर

Q8. HFSS खाद्य पदार्थों पर कराधान मुख्यतः किस प्रकार काम करता है?

A. उनकी खपत बढ़ाकर
B. उच्च कीमतों से अस्वस्थ विकल्पों को हतोत्साहित करके
C. सभी पैकेज्ड खाद्य पर रोक लगाकर
D. जंक फूड पर सब्सिडी देकर
उत्तर देखें
उत्तर: B – उच्च कीमतों से अस्वस्थ विकल्पों को हतोत्साहित करके
व्याख्या: HFSS कराधान जैसा राजकोषीय उपाय कीमतें बढ़ाकर उपभोक्ताओं को अस्वस्थ खाद्य से दूर करता है।
UPSC/RPSC स्तर

Q9. कई संस्थाओं के सहयोग वाला कंसोर्टियम मॉडल किस शासन दृष्टिकोण को सबसे अच्छे से दर्शाता है?

A. एकल-एजेंसी नियंत्रण
B. बहु-हितधारक, साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण
C. पूर्ण निजीकरण
D. नियमन हटाना
उत्तर देखें
उत्तर: B – बहु-हितधारक, साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण
व्याख्या: अनुसंधान, UN व नियामक निकायों का गठबंधन बहु-हितधारक, साक्ष्य-आधारित शासन दर्शाता है।
UPSC/RPSC स्तर

Q10. खाद्य वातावरण व लेबलिंग पर दस्तावेज़ का जोर किस व्यापक बदलाव को दर्शाता है?

A. केवल उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवा
B. निवारक, मांग-आकार देने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति
C. पोषण कार्यक्रम घटाना
D. बाल स्वास्थ्य की अनदेखी
उत्तर देखें
उत्तर: B – निवारक, मांग-आकार देने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति
व्याख्या: यह जीवन के आरंभ में स्वस्थ खाद्य वातावरण व विकल्पों को आकार देकर NCDs रोकने की ओर बदलाव दर्शाता है।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

➜ प्रारंभिक परीक्षा: ICMR-NIN, FSSAI, HFSS, फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग, स्वास्थ्य संस्थान व रिपोर्ट।
➜ मुख्य परीक्षा GS-II: स्वास्थ्य, पोषण व सामाजिक क्षेत्र प्रबंधन से जुड़े मुद्दे।
➜ शासन: बहु-हितधारक, साक्ष्य-आधारित व निवारक सार्वजनिक-स्वास्थ्य नीति।
➜ समाज/अर्थव्यवस्था: गैर-संचारी रोग व स्वास्थ्य प्रणालियों पर उनका प्रभाव।

UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

भारत आहार-संबंधी गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ का सामना कर रहा है, जो तेजी से बच्चों व किशोरों को प्रभावित कर रहा है। ‘लेट्स फिक्स आवर फूड’ कंसोर्टियम की नीति सिफारिशों के आलोक में, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग, HFSS कराधान व स्वस्थ विद्यालय खाद्य वातावरण जैसे निवारक पोषण उपायों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

(250 शब्द, 15 अंक)

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