By Vikas Sir, Founder & Senior Faculty – Cosmo Classes | 10 July 2026
भारत ने स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत 10 मार्गों पर हाइड्रोजन ईंधन परिवहन का पायलट परीक्षण शुरू किया है। 26 मार्च 2025 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत स्वीकृत इस परियोजना में 37 हाइड्रोजन चालित बसें एवं ट्रक शामिल हैं, जिनमें से 15 फ्यूल सेल और 22 हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य भारतीय परिस्थितियों में हाइड्रोजन वाहनों के प्रदर्शन का परीक्षण करना है।
परियोजना के केंद्र में हाइड्रोजन गतिशीलता (Hydrogen Mobility) की अवधारणा है। फ्यूल सेल वाहनों में हाइड्रोजन ऑक्सीजन के साथ विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया द्वारा बिजली उत्पन्न करती है, जिससे इलेक्ट्रिक मोटर चलती है और केवल जलवाष्प उत्सर्जित होती है। हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजनों में पारंपरिक इंजनों को हाइड्रोजन जलाने के लिए संशोधित किया जाता है। हाइड्रोजन सबसे हल्का तत्व (प्रतीक H) है, जो इसे भारी वाहनों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाता है।
10 परीक्षण मार्गों में ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, पुणे-मुंबई, अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत, भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि और NH-16 विशाखापत्तनम-बय्यवरम जैसे कॉरिडोर शामिल हैं। इन मार्गों पर नौ हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएँगे, जो हाइड्रोजन के भंडारण, संपीड़न और वितरण का कार्य करेंगे। विविध मार्गों के चयन से व्यापक स्तर पर विस्तार से पहले प्रदर्शन संबंधी आँकड़े एकत्र किए जा सकेंगे।
इस पायलट की अनुमानित लागत लगभग ₹208 करोड़ है और इसे टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, NTPC, अशोक लीलैंड एवं इंडियन ऑयल जैसे प्रमुख उद्योग साझेदारों के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है। यह पहल भारत के व्यापक राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य देश को हरित हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसकी सफलता से कार्बन उत्सर्जन में कमी, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता में गिरावट और ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि होगी।
परीक्षा तथ्य (Exam Facts)
▶ भारत ने 10 मार्गों पर हाइड्रोजन ईंधन परिवहन पायलट शुरू किया।
▶ परियोजना 26 मार्च 2025 को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत स्वीकृत हुई।
▶ पायलट में 37 वाहन: 15 फ्यूल सेल एवं 22 हाइड्रोजन ICE।
▶ कुल 9 हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित होंगे; लागत ~₹208 करोड़।
▶ साझेदार: टाटा मोटर्स, रिलायंस, NTPC, अशोक लीलैंड, इंडियन ऑयल।
▶ हाइड्रोजन सबसे हल्का तत्व है; हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय बिजली से बनता है।
अभ्यास सेट (10 प्रश्न)
प्र1. हाइड्रोजन परिवहन पायलट किस मिशन के तहत स्वीकृत हुआ?
A. राष्ट्रीय सौर मिशन
B. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
C. फेम इंडिया
D. राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता मिशन
उत्तर देखें
उत्तर: B – राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन।
प्र2. पायलट कितने मार्गों पर शुरू किया गया?
A. 5
B. 8
C. 10
D. 15
उत्तर देखें
उत्तर: C – 10 मार्गों पर।
प्र3. यह पायलट किस मंत्रालय के अधीन है?
A. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
B. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
C. भारी उद्योग मंत्रालय
D. विद्युत मंत्रालय
उत्तर देखें
उत्तर: B – सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय।
प्र4. पायलट में कुल कितने वाहन तैनात हैं?
A. 22
B. 30
C. 37
D. 50
उत्तर देखें
उत्तर: C – 37 वाहन।
प्र5. इनमें से कितने वाहन फ्यूल सेल पर आधारित हैं?
A. 15
B. 22
C. 37
D. 9
उत्तर देखें
उत्तर: A – 15 फ्यूल सेल वाहन।
प्र6. कितने हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित होंगे?
A. 5
B. 7
C. 9
D. 12
उत्तर देखें
उत्तर: C – नौ रीफ्यूलिंग स्टेशन।
प्र7. पायलट परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
A. ₹108 करोड़
B. ₹208 करोड़
C. ₹308 करोड़
D. ₹508 करोड़
उत्तर देखें
उत्तर: B – लगभग ₹208 करोड़।
प्र8. परियोजना किस तिथि को स्वीकृत हुई?
A. 26 मार्च 2025
B. 26 जनवरी 2026
C. 15 अगस्त 2025
D. 2 अक्टूबर 2025
उत्तर देखें
उत्तर: A – 26 मार्च 2025।
प्र9. हरित हाइड्रोजन किस ऊर्जा स्रोत से उत्पन्न होता है?
A. कोयला
B. प्राकृतिक गैस
C. नवीकरणीय बिजली
D. परमाणु विखंडन
उत्तर देखें
उत्तर: C – नवीकरणीय बिजली से।
प्र10. निम्न में से कौन इस पायलट का उद्योग साझेदार नहीं है?
A. टाटा मोटर्स
B. रिलायंस इंडस्ट्रीज
C. महिंद्रा एंड महिंद्रा
D. NTPC
उत्तर देखें
उत्तर: C – महिंद्रा एंड महिंद्रा सूचीबद्ध नहीं है।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- UPSC प्रारंभिक: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (हरित हाइड्रोजन, फ्यूल सेल), सरकारी योजनाएँ।
- UPSC मुख्य – GS पेपर III: ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी।
- RPSC (RAS): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था एवं समसामयिकी।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
प्र. हरित हाइड्रोजन को अक्सर परिवहन क्षेत्र के लिए भविष्य का ईंधन कहा जाता है। भारत के हाइड्रोजन ईंधन परिवहन पायलट के संदर्भ में हाइड्रोजन गतिशीलता के अवसरों एवं चुनौतियों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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