यमुना नदी के जल बंटवारे को लेकर हरियाणा और राजस्थान ने 29 जून 2026 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत अपर यमुना बेसिन से जुड़े राज्यों के बीच यमुना नदी के जल का आवंटन और राजस्थान तक उसके हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

अपर यमुना नदी बोर्ड समझौता क्या है?

अपर यमुना नदी बोर्ड समझौता 12 मई 1994 को यमुना बेसिन से जुड़े पांच राज्यों के बीच किया गया था, जिनमें हरियाणा और राजस्थान भी शामिल हैं। इस समझौते का उद्देश्य यमुना नदी के सतही जल (Surface Flow) का विभिन्न सहभागी राज्यों के बीच निर्धारित अनुपात में वितरण सुनिश्चित करना है। इसी समझौते के क्रियान्वयन के लिए अपर यमुना नदी बोर्ड का गठन किया गया, जो राज्यों के बीच जल आवंटन और समन्वय का कार्य करता है। वर्तमान समझौता ज्ञापन इसी व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यमुना वाटर प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं

राजस्थान को उसके हिस्से का यमुना जल उपलब्ध कराने के लिए यमुना वाटर प्रोजेक्ट के तहत 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये है। भूमिगत पाइपलाइन के उपयोग से जल की हानि को कम किया जा सकेगा, क्योंकि खुली नहरों की तुलना में इस प्रणाली में वाष्पीकरण और रिसाव की संभावना काफी कम होती है। इससे जल संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा तथा शुष्क क्षेत्रों में सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति को बल मिलेगा।

📌 खबर से जुड़े महत्वपूर्ण जीके तथ्य

  • यमुना नदी उत्तर भारत की प्रमुख नदियों में से एक है और गंगा नदी की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी मानी जाती है।
  • अपर यमुना नदी बोर्ड का गठन यमुना बेसिन राज्यों के बीच जल आवंटन के प्रबंधन के लिए किया गया था।
  • भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली जल हस्तांतरण परियोजनाओं में जल हानि को कम करने के लिए उपयोग की जाती है।
  • समझौता ज्ञापन (MoU) राज्यों के बीच प्रशासनिक एवं सहयोगात्मक व्यवस्थाओं के लिए व्यापक रूप से उपयोग होने वाला दस्तावेज़ है।

सहमति और संस्थागत प्रक्रिया

इस जल बंटवारे की व्यवस्था पर अंतिम सहमति 23 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बनी थी। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने की थी। इसके अलावा, नवंबर 2025 में आयोजित अपर यमुना समीक्षा समिति की नौवीं बैठक में भी राजस्थान के हिस्से के यमुना जल के हस्तांतरण संबंधी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई थी। इन बैठकों के बाद दोनों राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

अंतरराज्यीय सहयोग को मिलेगी मजबूती

यह समझौता केवल जल बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहे। यह दर्शाता है कि केंद्र और दोनों राज्य सरकारें इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहती हैं।

निष्कर्ष

हरियाणा और राजस्थान के बीच हुआ यह समझौता यमुना नदी के जल प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से यह परियोजना जल संसाधनों के संतुलित उपयोग, कृषि विकास और क्षेत्रीय जल सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह विषय परीक्षा की दृष्टि से भूगोल, राजव्यवस्था एवं करेंट अफेयर्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

📝 अभ्यास हेतु 10 महत्वपूर्ण MCQs

1हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल समझौता (MoU) कब हुआ?

  • (A) 12 मई 1994
  • (B) 23 जून 2026
  • (C) 29 जून 2026
  • (D) नवंबर 2025
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✔ सही उत्तर: (C) 29 जून 2026

व्याख्या: यमुना जल बंटवारे का समझौता ज्ञापन 29 जून 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ।

2अपर यमुना नदी बोर्ड समझौता मूलतः किस वर्ष किया गया था?

  • (A) 1994
  • (B) 2004
  • (C) 1985
  • (D) 2010
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✔ सही उत्तर: (A) 1994

व्याख्या: अपर यमुना नदी बोर्ड समझौता 12 मई 1994 को पांच यमुना बेसिन राज्यों के बीच हुआ था।

3यमुना वाटर प्रोजेक्ट के तहत कितनी लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी?

  • (A) 195.5 किमी
  • (B) 250 किमी
  • (C) 295.5 किमी
  • (D) 350 किमी
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✔ सही उत्तर: (C) 295.5 किमी

व्याख्या: राजस्थान को यमुना जल पहुंचाने हेतु 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

4यमुना वाटर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत कितनी है?

  • (A) 24,102 करोड़ रुपये
  • (B) 34,102 करोड़ रुपये
  • (C) 14,102 करोड़ रुपये
  • (D) 44,102 करोड़ रुपये
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✔ सही उत्तर: (B) 34,102 करोड़ रुपये

व्याख्या: परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये है।

5यमुना नदी किस नदी की प्रमुख सहायक नदी है?

  • (A) सिंधु
  • (B) ब्रह्मपुत्र
  • (C) गंगा
  • (D) नर्मदा
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✔ सही उत्तर: (C) गंगा

व्याख्या: यमुना नदी गंगा नदी की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी मानी जाती है।

623 जून 2026 की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  • (A) अमित शाह
  • (B) सी. आर. पाटिल
  • (C) नायब सिंह सैनी
  • (D) भजनलाल शर्मा
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✔ सही उत्तर: (B) सी. आर. पाटिल

व्याख्या: बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने की थी।

7भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली का प्रमुख लाभ क्या है?

  • (A) लागत बढ़ाना
  • (B) वाष्पीकरण व रिसाव से जल हानि कम करना
  • (C) नहरों को बढ़ावा देना
  • (D) जल प्रदूषण बढ़ाना
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✔ सही उत्तर: (B) वाष्पीकरण व रिसाव से जल हानि कम करना

व्याख्या: भूमिगत पाइपलाइन से वाष्पीकरण और रिसाव की संभावना कम होती है, जिससे जल हानि घटती है।

8अपर यमुना समीक्षा समिति की नौवीं बैठक कब आयोजित हुई थी?

  • (A) जून 2026
  • (B) नवंबर 2025
  • (C) मई 1994
  • (D) जनवरी 2026
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✔ सही उत्तर: (B) नवंबर 2025

व्याख्या: अपर यमुना समीक्षा समिति की नौवीं बैठक नवंबर 2025 में आयोजित हुई थी।

9समझौता ज्ञापन समारोह में निम्न में से कौन उपस्थित नहीं था?

  • (A) अमित शाह
  • (B) नायब सिंह सैनी
  • (C) भजनलाल शर्मा
  • (D) नरेंद्र मोदी
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✔ सही उत्तर: (D) नरेंद्र मोदी

व्याख्या: समारोह में अमित शाह, नायब सिंह सैनी तथा भजनलाल शर्मा उपस्थित रहे; प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख नहीं है।

10अपर यमुना नदी बोर्ड समझौता मूलतः कितने राज्यों के बीच हुआ था?

  • (A) तीन
  • (B) चार
  • (C) पांच
  • (D) छह
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✔ सही उत्तर: (C) पांच

व्याख्या: अपर यमुना नदी बोर्ड समझौता यमुना बेसिन से जुड़े पांच राज्यों के बीच हुआ था।

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