PM-KISAN योजना क्या है?
PM-KISAN एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (100% केंद्र वित्तपोषित) है, जिसे फरवरी 2019 में शुरू किया गया। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) में सीधे DBT से दिए जाते हैं। उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों की आय में स्थिरता लाना है। पात्रता सत्यापन हेतु आधार सीडिंग, ई-केवाईसी और भूमि अभिलेख आवश्यक हैं।
23वीं किस्त का वितरण
23वीं किस्त के तहत लगभग 18,880 करोड़ रुपये 9.44 करोड़+ किसानों को भेजे जाएँगे; कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में होगा। इसका लाभ 2.18 करोड़+ महिला किसानों को भी मिलेगा। प. बंगाल में 45.35 लाख+ किसानों को 907 करोड़ रुपये+ मिलेंगे। इस किस्त के बाद 2019 से कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रुपये+ हो जाएगा।
फसल बीमा योजनाओं की शुरुआत
इसी अवसर पर पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) का शुभारंभ होगा, जिनके लिए लगभग 12,200 करोड़ रुपये का संयुक्त प्रावधान है। PMFBY (2016) प्राकृतिक आपदा, कीट व रोग से सुरक्षा देती है, जबकि RWBCIS वर्षा/तापमान/आर्द्रता जैसे मौसमी जोखिमों के विरुद्ध बीमा प्रदान करती है।
2026-27 के लिए कवरेज लक्ष्य
सरकार ने 2026-27 में लगभग 1.10 करोड़ किसानों को फसल बीमा देने तथा 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य रखा है; बीमित फसलों का अनुमानित मूल्य लगभग 28,140 करोड़ रुपये है।
किसान कल्याण की संबंधित योजनाएं: एक नज़र
PM-KISAN के साथ अन्य प्रमुख कृषि योजनाएँ: PM किसान मानधन योजना (60 वर्ष बाद ₹3,000/माह पेंशन), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) (सस्ता ऋण), e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाज़ार), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और PM-KUSUM (सौर सिंचाई)। PM-KISAN दुनिया की सबसे बड़ी DBT-आधारित आय-सहायता योजनाओं में से एक है। संविधान में कृषि राज्य सूची का विषय है। ये योजनाएँ "किसानों की आय दोगुनी करने" (अशोक दलवई समिति) के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा हैं।
📌 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Things to Remember)
- PM-KISAN 23वीं किस्त: 18,880 करोड़ रुपये, 9.44 करोड़+ किसानों को।
- स्थल: तारकेश्वर, हुगली (प. बंगाल); 2.18 करोड़+ महिला किसान।
- PM-KISAN: केंद्रीय क्षेत्र योजना, फरवरी 2019; ₹6,000/वर्ष।
- 2019 से कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रुपये+।
- PMFBY (2016) व RWBCIS शुभारंभ; प्रावधान ₹12,200 करोड़।
- 2026-27 लक्ष्य: 1.10 करोड़ किसान, 30 लाख हेक्टेयर।
🎯 UPSC स्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1: PM-KISAN जैसी प्रत्यक्ष आय-सहायता योजनाएँ कृषि सब्सिडी की तुलना में किस प्रकार अधिक प्रभावी हो सकती हैं?
उत्तर: प्रत्यक्ष आय अंतरण लक्षित, पारदर्शी एवं रिसाव-मुक्त होता है तथा किसान को व्यय की स्वतंत्रता देता है। इसके विपरीत मूल्य/इनपुट सब्सिडी अक्सर बड़े किसानों को अधिक लाभ देती है और पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न करती है। अतः DBT-आधारित आय-सहायता अधिक समावेशी एवं कुशल है।
प्रश्न 2: फसल बीमा योजनाएँ भारतीय कृषि में जोखिम प्रबंधन को किस प्रकार सशक्त करती हैं?
उत्तर: PMFBY व RWBCIS किसानों को आपदा, कीट, रोग एवं मौसमी जोखिमों से सुरक्षा देती हैं, ऋण-पुनर्भुगतान क्षमता बनाए रखती हैं तथा किसानों को नवीन तकनीक अपनाने हेतु प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करती हैं।
📝 वन डे एग्जाम हेतु 5 MCQs
- PM-KISAN योजना कब शुरू हुई?
(a) 2016 (b) फरवरी 2019 (c) 2020 (d) 2014
उत्तर: (b) फरवरी 2019 - PM-KISAN के तहत प्रति वर्ष कितनी सहायता मिलती है?
(a) 4,000 (b) 6,000 (c) 8,000 (d) 10,000
उत्तर: (b) 6,000 रुपये - 23वीं किस्त किस स्थान से जारी होगी?
(a) लखनऊ (b) तारकेश्वर, हुगली (c) पटना (d) भोपाल
उत्तर: (b) तारकेश्वर, हुगली - PMFBY कब शुरू की गई थी?
(a) 2014 (b) 2016 (c) 2018 (d) 2019
उत्तर: (b) 2016 - PM-KISAN किस प्रकार की योजना है?
(a) केंद्र प्रायोजित (b) राज्य योजना (c) केंद्रीय क्षेत्र योजना (d) निजी
उत्तर: (c) केंद्रीय क्षेत्र योजना