उच्च समुद्री मत्स्यन प्राधिकरण पत्र कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ

विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 11 जुलाई 2026

9 जुलाई 2026 को भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उच्च समुद्र में सतत मत्स्यन (Sustainable Harnessing of High Seas Fisheries) हेतु प्राधिकरण पत्र (Letters of Authorisation - LoAs) जारी करने का राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। यह पहल भारत की गहरे समुद्र एवं उच्च समुद्री मत्स्यन में ज़िम्मेदार उपस्थिति को नियमित एवं विस्तारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उच्च समुद्र (High Seas) महासागर के वे भाग हैं जो किसी देश के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ)—आमतौर पर तट से 200 समुद्री मील से आगे—के बाहर होते हैं और किसी एक राष्ट्र के अधिकार में नहीं आते। इन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए उचित प्राधिकरण आवश्यक है, ताकि यह वैध, सतत एवं समुद्री पारिस्थितिकी के अनुकूल हो।

LoA कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय मत्स्यन नौकाओं को सतत मत्स्यन प्रथाओं की शर्तों के तहत उच्च समुद्र में संचालन की औपचारिक अनुमति मिलेगी। इससे भारत नए मत्स्य संसाधनों का उपयोग कर सकेगा, नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को बढ़ावा मिलेगा, निर्यात में वृद्धि होगी एवं मछुआरों के लिए आजीविका के नए अवसर बनेंगे।

यह कदम अवैध, गैर-रिपोर्टेड एवं अनियमित (Illegal, Unreported and Unregulated - IUU) मत्स्यन को रोकने तथा समुद्री जैव विविधता की रक्षा के वैश्विक प्रयासों के अनुरूप है। प्राधिकरण को औपचारिक बनाकर भारत अपने उच्च-समुद्री बेड़े पर बेहतर निगरानी रख सकता है एवं अंतरराष्ट्रीय महासागर शासन (ocean governance) में अपनी भूमिका को मज़बूत कर सकता है।

आर्थिक दृष्टि से नीली अर्थव्यवस्था भारत के लिए एक विशाल संभावना है, जिसमें मत्स्यन, समुद्री परिवहन, पर्यटन एवं नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं। उच्च समुद्री मत्स्यन का सतत विस्तार समुद्री खाद्य सुरक्षा एवं तटीय समुदायों की आर्थिक समृद्धि दोनों में योगदान देता है।

पर्यावरणीय दृष्टि से "सतत" शब्द इस कार्यक्रम के केंद्र में है। अत्यधिक मत्स्यन (overfishing) से मछली भंडार समाप्त हो सकते हैं, अतः प्राधिकरण की शर्तें यह सुनिश्चित करती हैं कि संसाधनों का उपयोग भविष्य की पीढ़ियों के लिए संतुलित एवं ज़िम्मेदार तरीके से हो।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

कार्यक्रम: उच्च समुद्री सतत मत्स्यन हेतु प्राधिकरण पत्र (LoAs)

शुभारंभ: 9 जुलाई 2026, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा।

उच्च समुद्र: राष्ट्रीय EEZ के बाहर (~200 समुद्री मील से आगे) के क्षेत्र।

LoA: भारतीय नौकाओं को उच्च समुद्र में औपचारिक संचालन अनुमति

लक्ष्य: सतत गहरे समुद्री मत्स्यन, नीली अर्थव्यवस्था, निर्यात

यह IUU मत्स्यन पर रोक के वैश्विक प्रयासों के अनुरूप है।

भारत की महासागर शासन में भूमिका को मज़बूत करता है।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।

मध्यम स्तर

प्रश्न 1. उच्च समुद्री मत्स्यन प्राधिकरण पत्र कार्यक्रम का शुभारंभ किसने किया?

(A) प्रधानमंत्री
(B) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
(C) राष्ट्रपति
(D) मत्स्य मंत्री
उत्तर देखें

उत्तर: B – उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

व्याख्या: यह कार्यक्रम उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुरू किया।

मध्यम स्तर

प्रश्न 2. LoA का पूर्ण रूप क्या है?

(A) लिस्ट ऑफ एक्टिविटीज़
(B) लेटर्स ऑफ ऑथराइज़ेशन
(C) लॉ ऑफ एग्रीमेंट
(D) लाइसेंस ऑफ एक्सेस
उत्तर देखें

उत्तर: B – लेटर्स ऑफ ऑथराइज़ेशन

व्याख्या: LoA का अर्थ है प्राधिकरण पत्र (Letters of Authorisation)।

मध्यम स्तर

प्रश्न 3. उच्च समुद्र (High Seas) क्या हैं?

(A) तटीय जलक्षेत्र
(B) EEZ के भीतर का क्षेत्र
(C) EEZ के बाहर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र
(D) केवल बंदरगाह क्षेत्र
उत्तर देखें

उत्तर: C – EEZ के बाहर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र

व्याख्या: उच्च समुद्र राष्ट्रीय EEZ के बाहर के महासागरीय क्षेत्र हैं जो किसी एक राष्ट्र के नहीं होते।

मध्यम स्तर

प्रश्न 4. अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) आमतौर पर तट से कितनी दूरी तक फैला होता है?

(A) 12 समुद्री मील
(B) 100 समुद्री मील
(C) 200 समुद्री मील
(D) 500 समुद्री मील
उत्तर देखें

उत्तर: C – 200 समुद्री मील

व्याख्या: EEZ सामान्यतः तट से 200 समुद्री मील तक फैला होता है।

मध्यम स्तर

प्रश्न 5. यह कार्यक्रम किस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है?

(A) नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy)
(B) हरित अर्थव्यवस्था
(C) गिग अर्थव्यवस्था
(D) नकद अर्थव्यवस्था
उत्तर देखें

उत्तर: A – नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy)

व्याख्या: यह कार्यक्रम समुद्री संसाधनों पर आधारित नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।

मध्यम स्तर

प्रश्न 6. IUU मत्स्यन का "U-U" किसे दर्शाता है?

(A) यूनिवर्सल-यूनियन
(B) अनरिपोर्टेड-अनरेगुलेटेड
(C) अंडरवाटर-अपस्ट्रीम
(D) यूज़फुल-अनयूज़्ड
उत्तर देखें

उत्तर: B – अनरिपोर्टेड-अनरेगुलेटेड

व्याख्या: IUU = अवैध (Illegal), गैर-रिपोर्टेड (Unreported) एवं अनियमित (Unregulated) मत्स्यन।

मध्यम स्तर

प्रश्न 7. प्राधिकरण को औपचारिक बनाने से भारत को क्या लाभ होता है?

(A) बेड़े पर निगरानी में कमी
(B) उच्च-समुद्री बेड़े पर बेहतर निगरानी
(C) मत्स्यन पर रोक
(D) निर्यात में कमी
उत्तर देखें

उत्तर: B – उच्च-समुद्री बेड़े पर बेहतर निगरानी

व्याख्या: औपचारिक प्राधिकरण से भारत अपने उच्च-समुद्री बेड़े पर बेहतर नज़र रख सकता है।

UPSC/RPSC स्तर

प्रश्न 8. उच्च समुद्र का शासन मुख्यतः किस अंतरराष्ट्रीय ढाँचे से जुड़ा है?

(A) WTO
(B) समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS)
(C) NATO
(D) G20
उत्तर देखें

उत्तर: B – समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS)

व्याख्या: UNCLOS उच्च समुद्र, EEZ एवं महासागरीय शासन के लिए वैश्विक कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।

UPSC/RPSC स्तर

प्रश्न 9. "सतत मत्स्यन" (sustainable fishing) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) जितनी अधिक हो सके मछली पकड़ना
(B) संसाधनों का संतुलित उपयोग ताकि भविष्य के लिए भंडार बना रहे
(C) मत्स्यन पूर्णतः बंद करना
(D) केवल निर्यात बढ़ाना
उत्तर देखें

उत्तर: B – संसाधनों का संतुलित उपयोग ताकि भविष्य के लिए भंडार बना रहे

व्याख्या: सतत मत्स्यन का उद्देश्य संसाधनों का संतुलित उपयोग है ताकि अत्यधिक मत्स्यन से भंडार समाप्त न हों।

UPSC/RPSC स्तर

प्रश्न 10. नीली अर्थव्यवस्था में निम्न में से कौन-सा क्षेत्र शामिल है?

(A) केवल कृषि
(B) मत्स्यन, समुद्री परिवहन, तटीय पर्यटन
(C) केवल खनन
(D) केवल IT
उत्तर देखें

उत्तर: B – मत्स्यन, समुद्री परिवहन, तटीय पर्यटन

व्याख्या: नीली अर्थव्यवस्था में मत्स्यन, समुद्री परिवहन, पर्यटन एवं समुद्री नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

  • प्रीलिम्स: उच्च समुद्र, EEZ, UNCLOS, नीली अर्थव्यवस्था, IUU मत्स्यन।
  • मेन्स GS-III: अर्थव्यवस्था, मत्स्यन, पर्यावरण, समुद्री संसाधन।
  • मेन्स GS-II: अंतरराष्ट्रीय महासागर शासन, वैश्विक प्रयास।
  • पर्यावरण: सतत मत्स्यन एवं समुद्री जैव विविधता संरक्षण।

UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

नीली अर्थव्यवस्था के विकास एवं समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग के संदर्भ में उच्च समुद्री मत्स्यन प्राधिकरण कार्यक्रम के महत्व की चर्चा कीजिए तथा IUU मत्स्यन रोकने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

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