राष्ट्रीय पुल स्वास्थ्य निगरानी सॉफ्टवेयर: IIT मद्रास व C-DAC संभालेंगे
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 11 जुलाई 2026
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय पुल स्वास्थ्य निगरानी सॉफ्टवेयर को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास एवं उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (C-DAC) के सहयोग से केंद्रीकृत करने का निर्णय लिया है। 9 जुलाई 2026 को सामने आए इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के हज़ारों पुलों की निगरानी को एक ही मज़बूत डिजिटल मंच के अंतर्गत लाना है।
पुल स्वास्थ्य निगरानी (Bridge Health Monitoring) का अर्थ है सेंसर, डेटा विश्लेषण एवं नियमित निरीक्षण के माध्यम से पुलों की संरचनात्मक स्थिति पर नज़र रखना—दरार, जंग, तनाव आदि को खतरनाक बनने से पहले पहचानना। केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर देशभर के पुलों से रीयल-टाइम डेटा एकत्र, विश्लेषित एवं उपयोग में लाने की सुविधा प्रदान करता है।
इस साझेदारी में IIT मद्रास के पास गहन इंजीनियरिंग एवं शोध विशेषज्ञता है, जबकि C-DAC—जो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन एक स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है—उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग एवं सॉफ्टवेयर विकास क्षमता प्रदान करता है। दोनों मिलकर इस मंच को अधिक विश्वसनीय, स्केलेबल एवं सुरक्षित बनाएँगे।
भारत में विश्व के सबसे बड़े सड़क नेटवर्कों में से एक है एवं हज़ारों पुल दशकों पुराने हैं। संरचनात्मक विफलता से बड़ी जनहानि हो सकती है। एक मज़बूत, केंद्रीकृत पुल स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली निवारक रखरखाव (preventive maintenance), मरम्मत के लिए बेहतर बजट नियोजन एवं जन सुरक्षा को बढ़ावा देती है।
तकनीकी दृष्टि से यह पहल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के अवसंरचना प्रबंधन में उपयोग को दर्शाती है। सेंसर से प्राप्त डेटा का AI-आधारित विश्लेषण संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाकर समय रहते हस्तक्षेप संभव बनाता है।
आर्थिक दृष्टि से निवारक रखरखाव दीर्घकाल में आपातकालीन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की भारी लागत को घटाता है। साथ ही, यह पहल स्वदेशी तकनीकी क्षमता एवं शैक्षणिक-सरकारी सहयोग को प्रोत्साहित करती है, जो आत्मनिर्भर भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ पहल: राष्ट्रीय पुल स्वास्थ्य निगरानी सॉफ्टवेयर का केंद्रीकरण।
◆ संबंधित मंत्रालय: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)।
◆ शामिल संस्थान: IIT मद्रास एवं C-DAC।
◆ C-DAC का मूल मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)।
◆ तिथि: यह कदम 9 जुलाई 2026 को सामने आया।
◆ उद्देश्य: पुलों की संरचनात्मक निगरानी—सुरक्षा एवं निवारक रखरखाव।
◆ तकनीक: सेंसर, रीयल-टाइम डेटा विश्लेषण से संरचनात्मक जोखिम की पहचान।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. राष्ट्रीय पुल स्वास्थ्य निगरानी सॉफ्टवेयर का केंद्रीकरण किन दो संस्थानों के साथ होगा?
उत्तर देखें
उत्तर: B – IIT मद्रास व C-DAC
व्याख्या: यह सॉफ्टवेयर IIT मद्रास एवं C-DAC के सहयोग से केंद्रीकृत किया जाएगा।
प्रश्न 2. यह पहल किस मंत्रालय से संबंधित है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)
व्याख्या: यह पहल MoRTH से संबंधित है।
प्रश्न 3. C-DAC किस मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – MeitY
व्याख्या: C-DAC इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन है।
प्रश्न 4. पुल स्वास्थ्य निगरानी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – पुलों की संरचनात्मक स्थिति की निगरानी
व्याख्या: इसका उद्देश्य दरार, जंग एवं तनाव जैसी समस्याओं को खतरनाक बनने से पहले पहचानना है।
प्रश्न 5. C-DAC किस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग एवं सॉफ्टवेयर
व्याख्या: C-DAC उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग एवं सॉफ्टवेयर विकास में विशेषज्ञ है।
प्रश्न 6. केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली किस प्रकार के रखरखाव को बढ़ावा देती है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – निवारक (preventive) रखरखाव
व्याख्या: यह समस्याओं की समय-पूर्व पहचान कर निवारक रखरखाव को बढ़ावा देती है।
प्रश्न 7. पुल स्वास्थ्य निगरानी में किस उपकरण का प्रमुख उपयोग होता है?
उत्तर देखें
उत्तर: A – सेंसर
व्याख्या: सेंसर पुलों की संरचनात्मक स्थिति पर रीयल-टाइम डेटा प्रदान करते हैं।
प्रश्न 8. यह पहल किन आधुनिक तकनीकों के अवसंरचना प्रबंधन में उपयोग को दर्शाती है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – IoT, बिग डेटा एवं AI
व्याख्या: सेंसर डेटा का AI-आधारित विश्लेषण संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान संभव बनाता है।
प्रश्न 9. निवारक रखरखाव का दीर्घकालिक आर्थिक लाभ क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – आपातकालीन मरम्मत/पुनर्निर्माण की भारी लागत में कमी
व्याख्या: समय रहते हस्तक्षेप दीर्घकाल में महँगी आपातकालीन मरम्मत को रोकता है।
प्रश्न 10. शैक्षणिक संस्थान (IIT) एवं सरकारी संस्था (C-DAC) का सहयोग किस दृष्टिकोण को दर्शाता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – स्वदेशी तकनीकी क्षमता एवं आत्मनिर्भर भारत
व्याख्या: यह सहयोग स्वदेशी तकनीकी क्षमता एवं आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रीलिम्स: C-DAC (MeitY), IIT मद्रास, MoRTH, पुल स्वास्थ्य निगरानी।
- ➜ मेन्स GS-III: बुनियादी ढाँचा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन।
- ➜ तकनीक: IoT, बिग डेटा, AI का अवसंरचना में उपयोग।
- ➜ शासन: जन सुरक्षा, निवारक रखरखाव, शैक्षणिक-सरकारी सहयोग।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा एवं दीर्घायु सुनिश्चित करने में IoT एवं AI-आधारित निगरानी प्रणालियों की भूमिका की चर्चा कीजिए तथा राष्ट्रीय पुल स्वास्थ्य निगरानी सॉफ्टवेयर जैसे प्रयासों के महत्व का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
📚 Cosmo Classes की अन्य महत्वपूर्ण कैटेगरी
परीक्षा की तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए Cosmo Classes की इन महत्वपूर्ण कैटेगरी को भी अवश्य देखें: