भारत 2033 तक पाँच स्वदेशी लघु मॉड्यूलर रिएक्टर बनाने की योजना
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 24 जुलाई 2026
भारत ने 2033 तक कम-से-कम पाँच स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) विकसित एवं संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) तीन रिएक्टर प्रकार डिज़ाइन कर रहा है — 220-MWe भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR), 55-MWe SMR, एवं 5-MWth तक उच्च-तापमान गैस-कूल्ड रिएक्टर (HTGR)।
लघु मॉड्यूलर रिएक्टर पारंपरिक बड़े रिएक्टरों की तुलना में कम विद्युत उत्पादन वाले परमाणु रिएक्टर हैं। इनका प्रमुख लाभ मॉड्यूलर निर्माण है, जो प्रमुख घटकों के कारखाना-आधारित निर्माण एवं विभिन्न स्थलों पर चरणबद्ध तैनाती की अनुमति देता है। इससे निर्माण समय, प्रारंभिक लागत एवं वित्तपोषण जोखिम कम होता है।
भारत SMR एवं SMR-55 दोनों दाबित जल रिएक्टर (PWR) प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं, जो शीतलक एवं मॉडरेटर के रूप में उच्च दबाव में पानी का उपयोग करती है और वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा में सबसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले डिज़ाइनों में से एक है। ये दोनों रिएक्टर तारापुर, महाराष्ट्र में विकास हेतु नियोजित हैं, जो भारत के सबसे प्रारंभिक परमाणु ऊर्जा स्थलों में से एक है।
उच्च-तापमान गैस-कूल्ड रिएक्टर विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश हेतु नियोजित है। इसे एक परमाणु ऊष्मा स्रोत के रूप में डिज़ाइन किया गया है और इसे हाइड्रोजन उत्पादन हेतु थर्मोकेमिकल चक्र से जोड़ा जाएगा। परमाणु प्रौद्योगिकी हेतु SMR एवं हाइड्रोजन पहल अधिनियम, 2025 ने परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी, निवेश एवं प्रौद्योगिकी विकास हेतु खोल दिया है।
यह प्रयास भारत के स्वच्छ-ऊर्जा एवं रणनीतिक लक्ष्यों के लिए केंद्रीय है। भारत का परमाणु ऊर्जा मिशन 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है, जिसमें 2031-32 तक लगभग 22 GW शामिल है। SMR उद्योग को डीकार्बोनाइज़ कर सकते हैं, दूरस्थ एवं ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों को बिजली दे सकते हैं, पुराने थर्मल संयंत्रों को प्रतिस्थापित कर सकते हैं, उच्च-कौशल रोजगार सृजित कर सकते हैं एवं जीवाश्म-ईंधन आयात घटा सकते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
- ◆ भारत का लक्ष्य 2033 तक कम-से-कम पाँच स्वदेशी SMR संचालित करना है।
- ◆ BARC तीन रिएक्टर प्रकार डिज़ाइन कर रहा है: 220-MWe BSMR, 55-MWe SMR एवं 5-MWth HTGR।
- ◆ भारत SMR एवं SMR-55 दाबित जल रिएक्टर प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं।
- ◆ BSMR एवं SMR-55 तारापुर, महाराष्ट्र में नियोजित हैं।
- ◆ HTGR विशाखापत्तनम में नियोजित है एवं हाइड्रोजन उत्पादन से जुड़ा है।
- ◆ SMR एवं हाइड्रोजन पहल अधिनियम, 2025 ने परमाणु को निजी भागीदारी हेतु खोला।
- ◆ भारत का परमाणु ऊर्जा मिशन 2047 तक 100 GW (2031-32 तक लगभग 22 GW) लक्ष्य रखता है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. भारत किस वर्ष तक कम-से-कम पाँच स्वदेशी SMR संचालित करने की योजना रखता है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – 2033
व्याख्या: भारत ने 2033 तक कम-से-कम पाँच स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर विकसित एवं संचालित करने का लक्ष्य रखा है।
प्रश्न 2. भारत के लघु मॉड्यूलर रिएक्टर कौन-सा संस्थान डिज़ाइन कर रहा है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – BARC
व्याख्या: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) भारत के लिए तीन SMR प्रकार डिज़ाइन कर रहा है।
प्रश्न 3. भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR) की विद्युत क्षमता कितनी है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 220 MWe
व्याख्या: भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर को 220-MWe क्षमता के साथ डिज़ाइन किया गया है।
प्रश्न 4. भारत SMR एवं SMR-55 किस रिएक्टर प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: B – दाबित जल रिएक्टर
व्याख्या: भारत SMR एवं SMR-55 दोनों दाबित जल रिएक्टर (PWR) प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं।
प्रश्न 5. भारत SMR एवं SMR-55 किस स्थान पर विकास हेतु नियोजित हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: B – तारापुर
व्याख्या: BSMR एवं SMR-55 तारापुर, महाराष्ट्र में नियोजित हैं, जो एक प्रारंभिक भारतीय परमाणु ऊर्जा स्थल है।
प्रश्न 6. उच्च-तापमान गैस-कूल्ड रिएक्टर किसके उत्पादन हेतु थर्मोकेमिकल चक्र से जोड़ा जाएगा?
उत्तर देखें
उत्तर: B – हाइड्रोजन
व्याख्या: विशाखापत्तनम में HTGR को हाइड्रोजन उत्पादन हेतु थर्मोकेमिकल चक्र से जुड़े ऊष्मा स्रोत के रूप में डिज़ाइन किया गया है।
प्रश्न 7. भारत का परमाणु ऊर्जा मिशन 2047 तक कितनी परमाणु क्षमता तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 100 GW
व्याख्या: परमाणु ऊर्जा मिशन 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है।
प्रश्न 8. SMR में मॉड्यूलर निर्माण का प्रमुख लाभ क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – कारखाना निर्माण एवं चरणबद्ध तैनाती जिससे लागत एवं समय कम हो
व्याख्या: मॉड्यूलर निर्माण घटकों के कारखाना-आधारित निर्माण एवं चरणबद्ध तैनाती की अनुमति देता है, जिससे निर्माण समय, लागत एवं वित्तपोषण जोखिम कम होता है।
प्रश्न 9. SMR एवं हाइड्रोजन पहल अधिनियम, 2025 इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह:
उत्तर देखें
उत्तर: B – परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी हेतु खोलता है
व्याख्या: 2025 अधिनियम ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी, निवेश एवं प्रौद्योगिकी विकास हेतु खोल दिया।
प्रश्न 10. SMR भारत की सबसे प्रत्यक्ष रूप से किस प्रकार मदद कर सकते हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: B – उद्योग को डीकार्बोनाइज़ कर एवं दूरस्थ/ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों को बिजली देकर
व्याख्या: SMR उद्योग को डीकार्बोनाइज़ कर सकते हैं, दूरस्थ एवं ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों को बिजली दे सकते हैं, पुराने थर्मल संयंत्रों को प्रतिस्थापित कर सकते हैं एवं जीवाश्म-ईंधन आयात घटा सकते हैं।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रारंभिक परीक्षा: SMR, BARC, दाबित जल रिएक्टर, परमाणु ऊर्जा मिशन।
- ➜ मुख्य परीक्षा GS-III: ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण एवं स्वदेशी प्रौद्योगिकी।
- ➜ अर्थव्यवस्था / उद्योग: परमाणु में निजी भागीदारी, रोजगार एवं विनिर्माण।
- ➜ पर्यावरण / विज्ञान-प्रौद्योगिकी: कम-कार्बन ऊर्जा, हाइड्रोजन उत्पादन एवं नेट-ज़ीरो लक्ष्य।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों को भारत के स्वच्छ-ऊर्जा संक्रमण का एक प्रमुख भाग माना जा रहा है। 2033 तक स्वदेशी SMR विकसित करने की भारत की योजना के महत्व की उसकी ऊर्जा सुरक्षा एवं नेट-ज़ीरो लक्ष्यों हेतु, तथा निजी भागीदारी की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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